ब्रज की विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की पहल, IAS और BRISEC के बीच हुआ MoU

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आईएएस और बीआरआईएसईसी के बीच एमओयू कार्यक्रम

नई दिल्ली | तहलका न्यूज | Snehlata

ब्रज मंडल की पुरातात्विक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और देश-दुनिया तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी (IAS), नई दिल्ली और BRISEC चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बीच गुरुवार को समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित हुआ।

इस MoU के साथ “Discovering Braj” नाम से एक बहुआयामी पहल की शुरुआत की गई। इस पहल का उद्देश्य ब्रज मंडल की पुरातात्विक, ऐतिहासिक, स्थापत्य, कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत की पहचान करना, उसका दस्तावेजीकरण करना, संरक्षण की दिशा में काम करना और व्यापक स्तर पर उसका प्रचार-प्रसार करना है।

ब्रज की छिपी विरासत को सामने लाने की कोशिश

ब्रज मंडल को आमतौर पर धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र के तौर पर जाना जाता है, लेकिन इसकी पहचान इससे कहीं व्यापक है। यहां मौजूद प्राचीन स्मारक, स्थापत्य कला, पवित्र स्थल, लोककलाएं, परंपराएं और स्थानीय सांस्कृतिक स्मृतियां इस क्षेत्र के समृद्ध इतिहास को दर्शाती हैं।

“Discovering Braj” पहल के जरिए इन विरासत स्थलों और सांस्कृतिक परंपराओं को व्यवस्थित रूप से खोजने और रिकॉर्ड करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही विरासत संरक्षण और जन-जागरूकता से जुड़े प्रयासों को भी आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में ये प्रमुख लोग रहे मौजूद

MoU हस्ताक्षर समारोह में पद्मश्री सम्मानित प्रो. (डॉ.) बी.आर. मणि, उपाध्यक्ष एवं महासचिव, इंडियन आर्कियोलॉजिकल सोसाइटी और डॉ. हरवंश चावला, चेयरमैन, BRISEC चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

इस साझेदारी के जरिए दोनों संस्थाएं ब्रज मंडल की विरासत को शोध, दस्तावेजीकरण और संरक्षण के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में काम करेंगी। पहल के तहत ब्रज के इतिहास और संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को सामने लाने और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने पर जोर रहेगा।