
नई दिल्ली: नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक के दौरान और उसके बाद दिल्ली में कई ऐसी तस्वीरें सामने आईं, जिन्होंने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने मुलाकात की।
यह मुलाकातें ऐसे समय में हुई हैं जब प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में नीति आयोग की बैठक में ‘विकसित भारत 2047’ के विजन, रोजगार, कौशल विकास, मानव संसाधन और राज्यों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के मुख्यमंत्री एक मंच पर नजर आए और केंद्र-राज्य सहयोग को लेकर अपने सुझाव भी रखे।
बैठक के बाद सामने आई तस्वीरों और वीडियो में प्रधानमंत्री मोदी विभिन्न मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करते दिखाई दिए। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को 12वीं सदी के महान समाज सुधारक, दार्शनिक और लिंगायत संत जगद्गुरु बसवेश्वर (भगवान बसवन्ना) की चंदन की लकड़ी से निर्मित एक आकर्षक प्रतिमा भेंट की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये तस्वीरें सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) और संवाद की राजनीति का संदेश देती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि मुलाकात करने वाले मुख्यमंत्रियों में भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ कांग्रेस शासित तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी शामिल रहे। इससे यह संदेश गया कि विकास और नीति से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर संवाद जारी है।
नीति आयोग की बैठक को केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। इस बीच, बैठक से अलग हुई इन मुलाकातों ने भी खासा ध्यान आकर्षित किया और इनकी तस्वीरों ने सोशल Media पर खूब सुर्खियां बटोरीं। सत्ता और विपक्ष के नेताओं को एक साथ देखने वाली ये तस्वीरें राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
