“एकता का संदेश देने वाले गुरुदेव”—ममता ने रवीन्द्रनाथ टैगोर को दी श्रद्धांजलि

रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती के मौके पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने का काम कर रहे हैं।

Rabindranath Tagore. | Image Source: India.Com
Rabindranath Tagore. | Image Source: India.Com

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने टैगोर को मानवता के लिए एकता का संदेश देने वाला एक ऐसा व्यक्तित्व बताया, जिनके विचार आज भी लोगों को दिशा दिखाते हैं।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि टैगोर सिर्फ एक कवि नहीं थे, बल्कि वह एक ऐसे विचारक थे, जिन्होंने समाज को जोड़ने और आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाया। उनके मुताबिक, टैगोर का दर्शन बांग्ला भाषा, संस्कृति और विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि टैगोर के विचार आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने लोगों को यह सिखाया कि असली ताकत एकता में है, न कि विभाजन में। ममता ने कहा कि उनका जीवन-दर्शन हर दिन हमारे लिए एक मार्गदर्शक की तरह काम करता है।

ममता बनर्जी ने यह भी जोर देकर कहा कि टैगोर उग्र राष्ट्रवाद से ऊपर उठकर पूरी दुनिया को एकता और मानवता का संदेश देने वाले महान व्यक्तित्व थे। उनके अनुसार, टैगोर की सोच सीमाओं से परे थी और वह पूरी मानवता को एक नजर से देखते थे।

उन्होंने उम्मीद जताई कि टैगोर के आदर्श, उनकी सोच और उनकी रचनात्मकता आने वाले समय में भी लोगों को प्रेरित करती रहेगी। उनके विचार दुनिया भर में लोगों के दिलों में और मजबूत होंगे।

हर साल की तरह इस बार भी रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर देशभर में उन्हें याद किया गया। खासतौर पर कोलकाता और पश्चिम बंगाल में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां लोगों ने गुरुदेव के योगदान को याद किया और उन्हें नमन किया।

टैगोर की रचनाएं और उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और सही दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। यही वजह है कि उनकी जयंती हर साल सिर्फ एक याद नहीं, बल्कि एक प्रेरणा बनकर सामने आती है।