
तहलका ब्यूरो।
नई दिल्ली। केरल विधानसभा चुनावों में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की शानदार सफलता के बाद अब सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। सत्ता की इस चाबी को लेकर जारी कशमकश के बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता के. मुरलीधरन ने संकेत दिए हैं कि अगले 24 घंटों के भीतर मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग सकती है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और के.सी. वेणुगोपाल के रूप में तीन कद्दावर दावेदार मैदान में हैं, जिनके समर्थकों ने अपने-अपने नेताओं के पक्ष में लामबंदी तेज कर दी है।
मुरलीधरन ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में नेतृत्व के स्तर पर विचार-विमर्श अंतिम चरण में है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सड़कों पर लगने वाले फ्लेक्स बोर्ड या रैलियों के आधार पर नेतृत्व का चयन नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, कांग्रेस आलाकमान के लिए नवनिर्वाचित विधायकों की पसंद और गठबंधन सहयोगियों की सहमति सर्वोपरि होगी।
चूंकि यूडीएफ एक गठबंधन है, इसलिए किसी भी निर्णय पर पहुंचने से पहले सहयोगी दलों के विश्वास को जीतना अनिवार्य है। मुरलीधरन ने स्वयं अपनी राय आलाकमान के प्रतिनिधियों को सौंप दी है, जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनभावनाओं को प्रमुखता से रखा है।
राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वरिष्ठता के साथ-साथ वर्तमान राजनीतिक समीकरण और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर ही फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, वी.डी. सतीशन के पक्ष में जमीन पर काफी उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन चेन्निथला और वेणुगोपाल का अनुभव और दिल्ली में उनकी पैठ भी मजबूत दावेदारी पेश कर रही है।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पहले ही मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपी जा चुकी है। अब गेंद पूरी तरह से आलाकमान के पाले में है, जिसके चलते केरल के तमाम दिग्गज नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। शनिवार का दिन केरल की भावी राजनीति के लिए निर्णायक साबित होने वाला है।



