PM पर टिप्पणी से मचा सियासी बवाल: BJP का प्रतिनिधिमंडल EC पहुंचा, कार्रवाई की मांग

तमिलनाडु में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के प्रधानमंत्री को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद सियासत गरमा गई है। बीजेपी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया है।

BJP का प्रतिनिधिमंडल EC पहुंचा... | Photo Credit: Naveen Bansal
BJP का प्रतिनिधिमंडल EC पहुंचा... | Photo Credit: Naveen Bansal

नई दिल्ली: तमिलनाडु में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के उस बयान पर जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर कथित तौर पर “Terrorist” शब्द का इस्तेमाल किया जिससेराजनीतिक माहौल गरमा गया। इसी मामले को लेकरबीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन पहुंचा।

प्रतिनिधिमंडल में Arjun Ram Meghwal, Kiren Rijiju, Nirmala Sitharaman और Arun Singh शामिल रहे। नेताओं ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर इस बयान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

निर्वाचन सदन से बाहर आकर केंद्रीय मंत्री Kiren Rijiju ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ किसी एक पार्टी के नहीं, बल्कि पूरे देश के प्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतंत्र और देश का अपमान है।

साथ हीउन्होंने यह भी कहा कि देश की 140 करोड़ की आवादी वाली जनता ने प्रधानमंत्री को अपना समर्थन देकर चुना है, ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना जनता के जनादेश का भी अपमान है।

इसके अलावा वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का एक पैटर्न बना लिया है और वे अपनी इस सोच को बदल नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी पूरे देश का अपमान है, क्योंकि प्रधानमंत्री पूरे देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।

अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का पैटर्न इस्तेमाल करती है कांग्रेस…- Nirmala Sitharaman | Photo Credit: Naveen Bansal

निर्मला सीतारमण ने साफ किया कि बीजेपी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और हर जरूरी कदम उठाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग से इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की गई है, ताकि ऐसी भाषा के इस्तेमाल पर रोक लग सके।

फिलहाल, इस बयान को लेकर सियासी घमासान जारी है। दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।