Home Blog Page 473

कश्मीर में मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने जैश के तीन आतंकी ढेर किये

सुरक्षा बलों ने बुधवार को कश्मीर के कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया। यह सभी आतंकी जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के बताये गए हैं।

सुरक्षा बलों को इन आतकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी, जिसके बाद कुलगाम के अहवाटू क्षेत्र में घेराबंदी कर ली गयी। तलाशी अभियान शुरू होने के बाद सुरक्षा बलों ने आतंकियों को समर्पण करने के लिए कहा लेकिन उन्होंने गोलीबारी शुरु कर दी।
इसके बाद वहां मुठभेड़ शुरू हो गयी। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकी मार गिराए गए। सभी कई आतंकी गतिविधियों में शामिल थे। तलाशी के दौरान उनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं।

हाल के महीनों में दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने सक्रियता बढ़ाई है। वहां शनिवार को आतंकियों ने दो प्रवासी मजदूरों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था।

भाजपा सांसद रवि किशन से 3.25 करोड़ की ठगी, मुंबई में कराया मामला दर्ज

भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से सांसद रवि किशन से 3.25 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया हैं। यह मामला तब सामने आया जब रवि किशन ने मुंबई के कैंट पुलिस स्टेशन में ठगी का मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने जानकारी दी है कि सांसद के जनसंपर्क अधिकारी पवन दुबे ने बताया कि सांसद रवि किशन ने मुंबई के एक व्यापारी द्वारा 3.25 करोड़ रुपये की ठगी की और उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत कैंट थाने में दर्ज करायी हैं।

बता दें पुलिस ने व्यवसायी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। वर्ष 2012 में रवि किशन ने पूर्वी मुंबई निवासी जैन जितेंद्र रमेश नाम के एक व्यक्ति को 3.25 करोड़ रुपये दिए थे और जब उन्होंने उससे पैसे वापस करने के लिए कहा तो उसने 34 लाख के 12 चेक दिए और जब सांसद ने सात दिसंबर 2021 को भारतीय स्टेट बैंक की बैंक रोड गोरखपुर शाखा में 34 लाख का एक चेक जमा कराया तो वह चेक बाउंस हो गया।

आपको बता दें, रवि किशन के उस व्यक्ति से लगातार अपने पैसे मामले के बावजूद व्यवसायी ने जब नहीं दिए तब सांसद ने पुलिस में शिकायत दर्ज करायी।

राजस्थान मामले में गहलोत के करीबी तीन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को नोटिस

कांग्रेस का राजस्थान संकट अभी चल रहा है और पार्टी ने हाल के घटनाक्रम के बाद तीन नेताओं को नोटिस जारी कर दिया है। यह सभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेता हैं। हालांकि, गहलोत को लेकर स्थिति साफ़ नहीं है जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्होंने अध्यक्ष सोनिया गांधी से इस घटनाक्रम को लेकर माफी माँगी है।

यह नोटिस पार्टी महासचिव तारीक अनवर की तरफ से जारी किये गए हैं। इन नेताओं में शांति कुमार धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेन्द्र राठौड़ शामिल हैं। उनपर आरोप है कि उन्होंने केंद्रीय पर्यवेक्षकों के जयपुर आने पर अलग बैठक की जो अनुशासनहीनता है।

कांग्रेस विधायक दल की यह बैठक 25 सितंबर को कांग्रेस आलाकमान के आदेश पर मुख्यमंत्री की अनुमति से बुलाई गई थी। बैठक मुख्यमंत्री निवास पर शाम 7 बजे होनी थी लेकिन इससे ठीक दो घटे पहले शाम 5 बजे केबिनेट मंत्री शांति धारीवाल के घर काफी कांग्रेस विधायकों ने अलग से बैठक शुरू के दी।

बाद में इन विधायकों, जिनकी संख्या 92 होने का दावा किया गया था, ने स्पीकर सीपी जोशी से मिलकर अपने इस्तीफे उन्हें सौंप दिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश प्रभारी अजय माकन और पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा था कि उनका इसमें कोई रोल नहीं है। इस घटनाक्रम के चलते बैठक स्थगित करनी पड़ी थी।

धारीवाल सीएम गहलोत के सबसे वफादार नेताओं में गिने जाते हैं। गहलोत के तीनों कार्यकाल में वो मंत्री बने हैं। मंत्री महेश जोशी भी गहलोत के करीबी हैं। जयपुर शहरी क्षेत्र की हवा महल सीट से विधायक हैं। गहलोत के सबसे विश्वसनीय नेताओं में से एक महेश विधानसभा के मुख्य सचेतक भी हैं। धर्मेन्द्र राठौड़ भी गहलोत के भरोसेमंद हैं। राठौड़ आरटीडीसी के चेयरमैन हैं।

दिल्ली शराब नीति मामले में विजय नायर और समीर महेन्द्रू को गिरफ्तार किया

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली शराब नीति मामले में व्यवसायी और इंडो स्प्रिट्स के एमडी समीर महेन्द्रू को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले ईडी ने ही दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के करीबी माने जाने वाले विजय नायर को भी गिरफ्तार कर लिया था।

ईडी ने कुछ समय पहले ही समीर के आवास और कार्यालय पर छापा मारा था। समर के रूप में आबकारी घोटाले में ये दूसरी गिरफ्तारी की गयी है। इससे पहले सिसोदिया के करीबी विजय नायर को कल गिरफ्तार किया गया था।

विजय नायर सीबीआई की एफआईआर में आरोपी नंबर पांच हैं। विजय एक ईवेंट मैनेजमेंट कंपनी के सीईओ रहे हैं और लंबे समय से आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े हैं। वैसे वे आप में पदाधिकारी नहीं है।

याद रहे सीबीआई शराब नीति मामले में मनीष सिसोदिया और विजय नायर सहित कम से कम 14 अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। दिल्ली के आबकारी मामले में सितंबर के पहले हफ्ते तक सीबीआई ने पांच लोगों से एक बार पूछताछ की थी जिनमें सनी मरवाहा, अमनदीप ढाल,अमित अरोड़ा,समीर महेंद्रू और अरुण रामचन्द्रा पिल्लई शामिल हैं।

यूपी के लखीमपुर में बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 24 घायल

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर इलाके में बुधवार को एक सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गयी जबकि 24 अन्य घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब एक निजी बस और ट्रक में आमने-सामने टक्कर हो गयी।

जानकारी के मुताबिक हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी। हादसे में 24 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना है जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

हादसा लखीमपुर खीरी जिले में ईसानगर थाना क्षेत्र के एरा पुल पर सुबह साढ़े सात बजे हुआ जब धौरहरा से लखनऊ जा रही बस और डीसीएम की आमने सामने की भीषण टक्कर हो गयी। छह लोगों की मौत भी हो गई, हालांकि, मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

हादसे में जो लोग घायल हुए हैं उनमें काफी की हालत गंभीर बताई गयी है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एक-दो की गंभीर बताई जा रही है।

टेरर लिंक आरोप : सरकार का पीएफआई, सहयोगी संगठनों पर 5 साल का प्रतिबंध

केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और उसके सहयोगी संगठनों पर हाल के छापों और गिरफ्तारियों और टेरर लिंक के आरोपों के बाद इसे गैर कानूनी घोषित करते हुए पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया है। पीएफआई सरकार के रडार पर पहली बार तब आया था जब 2012 में उस समय के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएफआई को सिमी का ही दूसरा रूप बताया था और इसके खिलाफ सख्ती के संकेत दिए थे।

हाल में पीएफआई के छापों के दौरान इसके 240 से अधिक नेता और पदाधिकारी ग्रिफ्तार किये गए हैं। केंद्र ने मंगलवार देर शाम संगठन पर पांच साल के लिए प्रतिबंध की घोषणा की। पीएफआई पर टेरर लिंक के आरोप लगते रहे हैं। सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों या मोर्चों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत तत्काल प्रभाव से गैरकानूनी संगठन घोषित कर दिया गया है।

पीएफआई पर स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी), जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के साथ संबंधों का हवाला देते हुए सरकार ने पीएफआई पर यह प्रतिबंध लगाया है। यह माना जाता है कि पीएफआई का देश के 23 राज्यों में प्रभाव है।

सरकार ने पीएफआई के सहयोगी संगठनों ऑल इंडिया इमाम काउंसिल समेत आठ अन्य संगठनों पर भी कार्रवाई की है। अधिसूचना में कहा गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगी गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त हैं, जो देश की अखंडता, संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरनाक हैं। उनके पास सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की क्षमता है।

सरकार की अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगी खुले तौर पर एक सामाजिक-आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक संगठन के रूप में काम करते हैं, लेकिन वे समाज के एक विशेष वर्ग को कट्टरपंथी बनाने के लिए एक गुप्त एजेंडा का पीछा कर रहे हैं।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख को दिया जाएगा दादा साहेब फाल्के सम्मान

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने जानकारी साझा की है कि अभिनेत्री आशा पारेख को दादा साहेब फाल्के सम्मान के लिए चुना गया हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह पुरस्कार 30 सितंबर को आशा पारेख को दिया जाएगा।

अनुराग ठाकुर ने आगे कहा कि दादा साहेब फाल्के कमेटी के सदस्यों में मशहूर गायिका आशा भोंसले, अभिनेत्री हेमा मालिनी, अभिनेत्री पूनम ढिल्लो और गायक उदित नारायण झा शामिल हैं। और इन सभी ने मिलकर कमेटी की बैठक की और उसमें आशा पारेख का नाम चुना गया।

दादा साहेब फाल्के सम्मान फिल्म इंडस्ट्री का सर्वोच्च सम्मान हैं और आशा का इंडस्ट्री में योगदान के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा हैं। आशा पारेख ने 10 साल की उम्र में फिल्मों में काम करना शुरू किया था उनकी पहली फिल्म ‘मां’ थी। उन्होंने 95 से ज्यादा फिल्मों में काम किया हैं। साथ ही उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया जा चुका हैं। उनकी सुपरहिट फिल्मों में ‘जब प्यार किसी से होता हैं’, ‘फिर वही दिल लाया हूं’, ‘तीसरी मंजिल’, ‘बहारों के सपने’, ‘प्यार का मौसम’, ‘कटी पतंग’ और ‘कारवां’ शामिल हैं।

पारेख को वर्ष 1992 में पद्म श्री पुरस्कार, वर्ष 2001 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार और वर्ष 2006 में अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका हैं। आशा वर्ष 1998 से 2001 तक सेंसर बोर्ड की पहली महिला अध्यक्ष भी रह चुकीं हैं।

आपको बता दें, आशा का जन्म 2 अक्टूबर 1942 को बेंगलुरु में एक गुजराती परिवार में हुआ था। उनकी मां ने उन्हें काफी उम्र में ही शास्त्रीय नृत्य की शिक्षा दिलाई और उन्होंने देश-विदेश में कर्इ नृत्य शो भी किए हैं। आशा बचपन में आईएएस अधिकारी बनना चाहती थीं किंतु किस्मत उन्हें फिल्म जगत में ले आर्इ। आशा ने वर्ष 1952 में फिल्म ‘आसमान’ में बाल कलाकार के रूप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी।

पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी के चलते शाहीन बाग सहित अन्य इलाकों में धारा 144 लागू

देश के कई राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के कई ठिकानों पर छापेमारी जारी हैं। रेड में मिले इनपुट के आधार पर दूसरे दौर की छापेमारी जारी हैं। साथ ही छापेमारी में अलग-अलग राज्यों से कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया हैं। छापेमारी में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल, स्पेशल ब्रांच और लोकल पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं।

बता दें, पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी के बाद दिल्ली के जामिया मिलिया विश्वविद्यालय, शाहीन बाग और जामिया नगर इलाके में धारा 144 लगा दी गर्इ है। और इन इलाकों में धरना-प्रदर्शन पर भी रोक हैं। साथ ही सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया हैं।

आपको बता दें, देशभर में पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी के बाद गृह मंत्रालय में उच्च स्तरीय बैठक जारी हैं। इस बैठक में गृह सचिव अजय भल्ला के नेतृत्व में की जा रही हैं। एनआईए, डीजी आईबी, रॉ, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हैं।

आज से सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग होगी शुरू

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को आज से आम जनता लाइव देख सकेगी। आज से संवैधानिक मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की जाएगी। इसकी व्यवस्था संविधान पीठ के सामने लगे मामलों की सुनवाई की लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गयी हैं।

इन मामलों में ईडब्ल्यूएस आरक्षण, महाराष्ट्र शिवसेना विवाद, दिल्ली-केंद्र विवाद शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) यू यू ललित की अगुवाई में फुल कोर्ट मीटिंग में मंगलवार को यह फैसला लिया गया था कि फिलहाल संवैधानिक मामलों की लाइव स्ट्रीमिंग करने का फैसला लिया गया हैं।

आपको बता दें, 26 सितंबर 2018 को कानून के छात्र की एक याचिका पर शीर्ष अदालत के फैसले ने संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों की अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग की अनुमति देते हुए कहा था कि यह खुलापन सूर्य की रोशनी की तरह है जो कि सर्वश्रेष्ठ कीटाणुनाशक हैं।

पीएफआई के दूसरे दौर की छापेमारी में अलग-अलग राज्यों से कई लोग गिरफ्तार

चरमपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के ठिकानों पर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की दूसरे दौरे की छापेमारी चल रही हैं। एनआईए सहित बाकी जांच एजेंसियाों ने 9 राज्यों में पीएफआई के 25 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी जारी हैं।

फिलहाल असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत कई राज्यों में पीएफआई के कार्यकर्ताओं के घर पुलिस की छापेमारी की गयी है साथ ही 21 लोग गिरफ्तार किए गए हैं।

दिल्ली में जामिया, निजामुद्दीन, रोहिणी पर पुलिस की छापेमारी चल रही हैं। और पूर्वी दिल्ली से चार लोगों को भी गिरफ्तार किया गया हैं। साथ ही कर्नाटक के बीदर, कोलार, बागलकोट, विजयपुरा और मैंगलोर में कार्रवाई हुई और 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं। महाराष्ट्र के औरंगाबाद, सोलापुर में छापेमारी के दौरान कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

आपको बता दें, पीएफआई के खिलाफ विभिन्न एजेंसियों की टीम ने 15 राज्यों में लगभग एक साथ छापे में कट्टरपंथी इस्लामी संगठन के 106 नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।

बात करे महाराष्ट्र और कर्नाटक में 20-20 लोगों के साथ तमिलनाडु के 10, असम के 9, उत्तर प्रदेश के 8, आंध्र प्रदेश के 5, मध्य प्रदेश के 4, पुडुचेरी के 3, दिल्ली के 3 और राजस्थान के 2 से भी ज्यादा लोगों की गिरफ्तारियां की गई हैं।