
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने एक बार फिर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्ष पर सीधा निशाना साधा है। उनका कहना है कि जो दल संसद में इस कानून का विरोध कर रहे थे, उन्हें अब चुनावी नतीजों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जनता ने उन पार्टियों को जवाब दे दिया है जो महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़ी थीं।
सीएम रेखा गुप्ता ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हालिया चुनाव परिणामों का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की जनता ने यह दिखा दिया है कि वे महिलाओं के अधिकारों के साथ खड़ी हैं। उनके मुताबिक, नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करना जनता को पसंद नहीं आया और इसका असर सीधे चुनावी नतीजों में दिखा।
उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं ने बिना किसी डर के वोट दिया और बदलाव के लिए आगे आईं। उनके अनुसार, यह सिर्फ एक राजनीतिक जीत नहीं बल्कि महिलाओं की जीत है। उन्होंने इसे देश के विकास और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
सीआर पार्क स्थित मां काली मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बात करते हुए रेखा गुप्ता ने कहा कि यह जीत आस्था, विश्वास और जनता के समर्थन का नतीजा है। उन्होंने दावा किया कि अब पश्चिम बंगाल में एक नई सरकार बनने जा रही है जो सुशासन और विकास को आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने इस कानून का विरोध किया, उन्हें अब जनता के सामने जवाब देना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में यह संदेश देने की कोशिश की कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं के भविष्य और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।



