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एयर इंडिया की 100 अरब डॉलर से 500
नए विमान खरीदने के सौदे पर मुहर  

देश में इंडिगो के बाद दूसरी सबसे बड़ी एरलाइंस एयर इंडिया ने 500 नए प्लेन खरीदने की तैयारी कर ली है। एयर इंडिया ने सूचीबद्ध कीमतों पर 100 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के करीब 500 नए विमानों की इस डील पर मुहर लगा दी है।  इनमें A320neo, A350s और 737 MAX नैरो बॉडी जेट्स और एयरबस शामिल हैं।

इसे किसी भी एयरलाइन का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रांस के एयरबस और प्रतिद्वंद्वी बोइंग के बीच यह सौदा समान रूप से विभाजित है। इसी महीने इस सौद्दे के आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है।

एयर इंडिया 250 एयरबस विमान खरीदने के लिए सहमत हुई है जिसमें 210 सिंगल-आइजल A320neo और 40 वाइड बॉडी A350s के बीच विभाजित है। इसके अलावा 220 बोइंगों विमान में 737 MAX नैरो बॉडी जेट्स के 190, 787 वाइडबॉडी के 20 और  777Xs के 10 विमान शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरबस और एयर इंडिया ने शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। वहीं बोइंग ने 27 जनवरी को एयरलाइन के साथ अपने समझौते पर सहमति व्यक्त कर दी थी। टाटा को एयर इंडिया का स्वामित्व लेने के ठीक एक साल बाद यह समझौता हुआ है। टाटा पहले ही विस्तारा और एयर एशिया के एयर इंडिया के साथ मर्जर का फैसला कर चूका है जिसके बाद यह देश की सबसे बड़ी एयरलाईंस बन जाएगी।

याद रहे एयर इंडिया ने 27 जनवरी को कर्मचारियों को भेजे एक नोट में, कहा था कि वह नए विमानों के लिए एक ऐतिहासिक आदेश को अंतिम रूप दे रही है। जाहिर है
400 नैरो बॉडी के लिए किया गया यह सौदा एयर इंडिया को इंडिगो के साथ दोनों मोर्चों पर लड़ाई का मौका देते हुए क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय यातायात और घरेलू बाजार का एक बड़ा हिस्सा कब्जाने में मदद करेगा।

तुर्की के भूकंप में मरने वालों की संख्या 24
हज़ार के पार, देश में भोजन का भारी कमी

तुर्की-सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 24 हज़ार के पार निकल गयी है। लाखों लोग बेघर और घायल हैं और मरने वालों की संख्या और ज्यादा होने की आशंका है। तुर्की की सरकार ने स्वीकार किया है कि भूकंप के बाद डिश के अधिकारी उतनी मुस्तैदी से काम  जितनी ज़रुरत थी।

भूकंप से मरने वालों की संख्या 24,000 से पार जाने के बाद राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने कहा कि अधिकारियों को भूकंप आने के बाद तेजी से काम करना चाहिए था। एर्दोगन ने तुर्की के आदियामान प्रांत का दौरा भी किया और स्वीकार किया कि सरकार की प्रतिक्रिया उतनी तेज नहीं थी, जितनी हो सकती थी।

एर्दोगन ने कहा – ‘हमारे पास अभी दुनिया में सबसे बड़ी राहत और बचाव टीम है। लेकिन यह भी सच है कि राहत और बचाव कार्य उतने तेज नहीं हैं, जितने हम चाहते थे।’ बता दें तुर्की में इसी साल मई में चुनाव होने वाले हैं और एर्दोगन फिर से चुनाव मैदान में उतरे हैं। उनके विरोधी भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य में ढिलाई को लेकर उन पर लगातार हमले कर रहे हैं। वैसे चुनाव वर्तमान हालात में स्थगित भी हो सकते हैं।

कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि भूकंप के कारण लाखों लोग बेघर हो गए हैं और वहां अनाज और खाने की गंभीर कमी है। दर्जनों देशों की टीमों सहित बचावकर्मियों ने मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए रात-दिन कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चेतावनी दी है कि पूरे तुर्की और सीरिया में कम से कम 8,70,000 लोगों को तत्काल गर्म भोजन की आवश्यकता है। अकेले सीरिया में 5.3 मिलियन लोगों बेघर हो सकते हैं।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद सिंगापुर से आज
भारत लौटेंगे आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव

करीब ढाई महीने के बाद आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव शनिवार (आज) भारत लौट रहे हैं। उनका दिसंबर के शुरू में सिंगापुर में किडनी का ट्रांसप्लांट हुआ था जो उन्हें उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने डोनेट किया था।

आचार्य ने एक ट्वीट में पिता के भारत लौटने को लेकर जानकारी साझा की है।
रोहिणी ने ट्वीट में लिखा – ‘आप सबसे एक जरूरी बात कहनी है। यह जरूरी बात हम सबों के नेता आदरणीय लालू जी के स्वास्थ्य को लेकर है और 11 फरवरी को पापा सिंगापुर से भारत जा रहे हैं। मैं एक बेटी के तौर पर अपना फर्ज अदा कर रही हूं।  पापा को स्वस्थ कर आप सब के बीच भेज रही हूं। अब आप लोग पापा का ख्याल रखिएगा।’

लालू का पिछले साल 5 दिसंबर को सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट किया गया था।  उनकी बेटी रोहिणी ने ही अपने पिता को किडनी डोनेट किया है जो उनकी सात बेटियों और दो बेटों में दूसरे नंबर पर हैं।

आरजेडी प्रमुख के भारत लौटने के बाद देश की राजनीति में भी सक्रियता आने की संभावना है उनकी पार्टी पहले ही जेडीयू और नीतीश कुमार के साथ बिहार में सरकार चला रही है। लालू कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए का हिस्सा हैं और आने वाले समय में विपक्ष को एकजुट करने के लिए उनकी कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात हो सकती है।

खरगे का आरोप, सरकार सदनों के  पीठासीन अधिकारियों पर अनुचित दबाव डाल रही

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार संसद के दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों पर अनुचित दबाव डालकर सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) जांच को दबाने की साजिश कर रही है। लेकिन सवाल पूछे जाएंगे, संसद के अंदर भी और देश की “जन संसद” में भी।

उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि, “मोदी जी अब हमारी संसद का इस्तेमाल वॉशिंग मशीन की तरह मित्र के घोटाले धोने के लिए कर रहे है। और हमारी नाराजगी सरकार से है। मेरे भाषण के 6 पॉइंट्स को हटा दिया गया है। जो कि असंसदीय नहीं थे। ”

मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार से कुछ सवाल भी किए है, “क्या अडानी घोटाले की जांच नहीं होनी चाहिए?, क्या अडानी की कंपनियों में निवेश किए गए एलआईसी के पैसे के गिरते मूल्य पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए?, रूपये के बारे में सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए, रूपये के बारे में सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए। एस बीआर्इ और अन्य बैंकों द्वारा अडानी को दिया गया 82,000 करोड़ का श्रृण? सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए कि रुपये क्यों। अडानी के शेयरों में 32 फीसदी से ज्यादा गिरावट के बावजूद अडानी एफपीओ में एलआईसी और एसबीआई के 525 करोड़ का निवेश?, एलआईसी और एसबीआई के शेयरों का मूल्य रुपये से अधिक क्यों गिर गया। शेयर बाजार में एक लाख करोड़ ”

क्या अडानी घोटाले की जाँच नहीं होनी चाहिए ?, क्या LIC का पैसा, जो अडानी की कंपनियों में लगा है, उसकी गिरती कीमतों पर सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए ? ,SBI व दूसरे बैंकों द्वारा अडानी को दिए गए ₹82,000 Cr लोन के बारे में सवाल नहीं पूछा जाना चाहिए।, क्या यह नहीं पूछना चाहिए कि अडानी के शेयरों में 32 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के बावजूद LIC व SBI का 525 करोड़ अडानी FPO में क्यों लगवाया गया ?, क्या यह नहीं पूछा जाना चाहिए कि LIC और SBI के शेयरों की कीमत शेयर बाजार में 1 लाख करोड़ से ज्यादा क्यों गिर गई ?, क्या यह नहीं पूछा जाना चाहिए कि Tax Heavens से अडानी की कंपनियों में आने वाला हजारों करोड़ रुपया किसका है?, क्या मोदी जी ने अडानी के एजेंट के तौर पर श्रीलंका और बांग्लादेश में ठेके दिलवाए? किस-किस और मुल्क में जाकर प्रधानमंत्री ने अडानी की मदद की?, क्या यह सच है कि फ्रांस की “Total Gas” ने अडानी की कंपनी में होने वाले 50 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश को जाँच पूरी होने तक रोक दिया है? 

उन्होंने सवाल करते हुए आगे कहा कि, क्या दुनिया के सबसे बड़े शेयर इन्वेस्टर, Norway Sovereign Fund ने 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर के अडानी के सारे शेयर बेच दिए हैं ? , क्या MSCI ने अडानी की कंपनियों की रैंकिंग गिरा दी है ? , क्या Standard Chartered, City Group, Credit Suisse ने अडानी के डॉलर बॉन्ड्स पर लोन देना बंद कर दिया है ?, क्या Dow Jones ने अडानी की कंपनी को “Sustainability Indices” से हटा दिया है ?, क्या कारण है कि मोदी जी और पूरी सरकार संसद में अडानी शब्द भी नहीं बोलने देती ?, क्या कारण है कि RBI, SEBI, ED, SFIO, Corporate Affairs Ministry, Income Tax, CBI, सबको लकवा मार गया है, और वो अडानी की जांच के नाम पर आँखें मूंदे बैठे हैं। इसके अलावा उन्होंने और भी कई मुद्दे उठाए।

भारत में बीबीसी के काम पर रोक लगाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने किया खारिज कहा- मांग पूरी तरह गलत

हिंदू सेना द्वारा गुजरात दंगों पर बनी ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) द्वारा बनी ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ की डॉक्यूमेंट्री और बीबीसी के काम पर रोक लगाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि याचिका पूरी तरह से गलत हैं।

जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एम एम सुंदरेश की बेंच ने कहा कि हम ऐसा आदेश कैसे दे सकते हैं? इस याचिका में कोर्इ मेरिट नहीं है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वकील पिंकी आनंद ने कहा कि बीबीसी पूरी तरह भारत विरोधी और पीएम मोदी के खिलाफ अभियान चला रहा है। और अदालत के पास इसे बैन करने का अधिकार है।

बता दें, हिंदू सेना ने याचिका को दायर किया था। हिंदू सेना ने भारत में बीबीसी के काम पर रोक लगाने और बीबीसी पर भारत में बैन लगाने की मांग की थी। हिंदू सेना की याचिका में कहा गया था कि बीबीसी द्वारा भारत की एकता और अखंडता तोड़ने की साजिश की जांच एनआईए द्वारा करवार्इ जानी चाहिए व भारत में बीबीसी पर बैन लगाया जाना चाहिए।

आपको बता दें, 3 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2002 के गुजरात दंगों से संबंधित बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को सेंसर करने से रोकने के लिए केंद्र सरकार को निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया था। और सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से तीन हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को बीबीसी वृतचित्र ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन‘ को ब्लॉक करने के अपने फैसले से संबंधित प्रासंगिक रिकॉर्ड पेश करने के लिए कहा है। और मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।

हाईकोर्ट के दो मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और अरविंद कुमार को किया गया सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत

केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट के दो मुख्य न्यायाधीशों को शुक्रवार को दो जजो राजेश बिंदल और अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की मंजूरी दे दी है। और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़कर 34 होने वाली है। ठीक इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में पांच न्यायाधीश नियुक्त किए गए थे।

जस्टिस राजेश बिंदल और अरविंद कुमार

सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने पिछले महीने इन दोनों जजों के नाम की सिफारिश की थी। दोनों जजों की नियुक्ति की जानकारी केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजीजू ने ट्वीट कर दी है। इन दोनों की शपथ लेने के बाद शीर्ष अदालत में न्यायाधीशों की संख्या प्रधान न्यायधीश सहित 34 हो जाएगी, जो की इसकी स्वीकृत अधिकतम संख्या है।

केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजीजू ने ट्वीट कर कहा कि, “भारत के संविधान के प्रावधानों के तहत भारत की माननीय राष्ट्रपति ने इलाहाबाद हार्इ कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और गुजरात हार्इ कोर्ट के चीफ जस्टिस अरविंद कुमार को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया है।”

यूपी ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट: पीएम मोदी ने किया उद्घाटन, कई देशों के उद्यमी होंगे शामिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट का शुक्रवार को उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू होंगी।

उद्घाटन समारोह में रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन मुकेश अंबानी, आदित्य बिरला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिरला और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखर समेत 30 देशों के उद्योग शामिल होंगे।

तीन दिवसीय ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट को लखनऊ के वृंदावन योजना के विशाल मैदान में आयोजित किया जा रहा है। और इससे उत्तर प्रदेश में 27 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आने की उम्मीद भी जताई जा रही है।

पीएम मोदी ने गुरुवार को ट्वीट कर कहा कि, “मैं यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 में भाग लेने के लिए कल, 10 फरवरी को लखनऊ में होने का इंतजार कर रहा हूं। यूपी के विकास के कदमों ने राज्य में कई निवेशकों को आकर्षित किया है। इससे राज्य के युवाओं के लिए अवसर पैदा हुए है। ”

लखनऊ में होने वाले इस समिट में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया समेत केंद्र व राज्य सरकार के कई अन्य मंत्री भी शामिल होंगे।

वहीं समिट में 30 से अधिक देशों के उद्योगपति शामिल हो रहे है। और कई देशों के औद्योगिक विकास मंत्रियों को निमंत्रण भेजा गया है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), जापान, जर्मनी, थार्इलैंड, मैक्सिको, साउथ अफ्रीका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, नीदरलैंड, बेल्जियम, कनाडा एवं अर्जेंटीना भी शामिल है।

ग्लोबल समिट को लेकर यूपी सरकार का कहा है कि इसमें कई देशों के साथ एमओयू साइन हो चुके है। और इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। और समिट से करीब दो करोड़ से भी अधिक रोजगार के रास्ते खुलने की संभावना जताई जा रही है।

देश में पहली बार मिला 59 लाख टन लीथियम का भंडार, मोबाइल और लैपटॉप समेत इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी में होता है उपयोग

जम्मू-कश्मीर में लिथियम का भंडार पाया गया है। यह पहली बार है जब देश में लिथियम का भंडार मिला है। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने इसकी पुष्टि की है। जीएसआई के मुताबिक रियासी जिले के सलाल-है माना इलाके में करीब 59 लाख टन की लिथियम का भंडार मौजूद है।

जीएसआई की रिपोर्ट में 51 खनिज ब्लॉक की जानकारी दी गई है। और बताया गया है कि, जम्मू-कश्मीर में लिथियम के अलावा मैग्नेसाइट, सैफायर, चूना पत्थर, जिप्सम, मार्बल, ग्रेनाइट, बॉक्साइट, कोयला, लिग्नाइट, सलेट, कार्टजाइट, बोरैक्स, डोलोमाइट, चाइना क्ले और ग्रेफाइट भी मौजूद है।

लिथियम का उपयोग मोबाइल और लैपटॉप समेत इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) की चार्जेबल बैटरी बनाने में किया जाता है। भारत में अभी तक लिथियम मौजूद नहीं था। और इसे विदेश से आयात किया जाता था।

आपको बता दें, भारत में बैटरी बनाने के लिए लिथियम को ऑस्ट्रेलिया और अर्जेंटीना से आयात किया जाता है। देश में लिथियम की रियासी में पहली साइट होगी। माइंस सेक्रेटरी विवेक भारद्वाज के अनुसार देश में पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी में लिथियम के भंडार की खोज की गयी है।

पंजाब सीएम भगवंत मान की पत्नी के साथ चलने वाले पुलिस वालों की संख्या बढ़ाकर 15 से की ग 40

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी है। और सुरक्षा में जवानों की संख्या बढ़ाकर 15 से 40 कर दी गई है। यह निर्देश एडीजीपी के द्वार 6 फरवरी को जारी किए गए।

सीएम की पत्नी की सुरक्षा कवर बढ़ाने के निर्देश एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस, स्पेशल प्रोटेक्शन यूनिट (एसपीयू) एके पांडे ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस रेंज के प्रमुखों को निर्देश दिए है।

एडीजीपी पांडे ने कहा है कि, “यह मेरे संज्ञान में लाया गया है कि मुख्यमंत्री की पत्नी गुरप्रीत कौर मान के दौरे के दौरान अक्सर लोगों को सुरक्षा घेरा तोड़कर उनके पास पहुंच जाते हैं। बड़ी संख्या में संरक्षित व्यक्ति की स्पर्श दूरी।”

आपको बता दें, गुरप्रीत कौर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूसरी पत्नी हैं। सीएम मान ने 7 जुलाई 2022 को गुरप्रीत कौर से शादी की थी। डॉ कौर पहले राजपुरा में पेशे से डॉक्टर है। उन्होंने अंबाला के मौलाना मेडिकल कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई की है। लेकिन अब उन्हें राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हुए देखा जा रहा है।

गुरप्रीत कौर कुछ समय पहले पंजाब की महिला आप कार्यकर्ताओं के साथ बैंठके करती नजर आयी थी। और भगवंत मान के साथ कई प्रमुख कार्यक्रमों में भी शिरकत करती देखी जा चुकी है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से की मुलाकात

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार डोभाल ने गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मॉस्को में मुलाकात की है। उन्होंने विभिन्न द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के कार्यान्वयन की दिशा में काम करते रहने पर भी सहमति जताई है।

मॉस्को में भारतीय दूतावास ने गुरुवार को एक ट्वीट कर कहा कि, “एनएसए अजीत डोभाल ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को लागू करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमत हुए।”

एनएसए डोभाल बुधवार को अफगानिस्तान पर सुरक्षा परिषदों के सचिवों/एनएसए की पांचवी बैठक में भाग लेने मॉस्को पहुंचे थे। इस दौरान अपने संबोधन में डोभाल ने कहा कि, कोई भी देश अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंक फैलाने के लिए नही कर सकता। काबुल में समावेशी और प्रतिनिधि व्यवस्था अफगान समाज के व्यापक हित में हैं। अफगानिस्तान के लोगों की भलाई और मानवीय जरूरतें भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।“

डोभाल ने आगे कहा कि, “अफगानिस्तान एक कठिन दौर से गुजर रहा है और जरूरत के समय में भारत अफगान लोगों को कभी नहीं छोड़ेगा। भारत ने अफगानिस्तान में संकट के समय 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं, 60 टन दवाइयां, 5 लाख कोविड वैक्सीन भेजकर मदद की है। आतंकवाद क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बन गया है। लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से निपटने के लिए सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की जरूरत है।”

आपको बता दें, इस बैठक में भारत, रूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, चीन, तजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।