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हल्द्वानी जेल में 44 कैदी मिले एचआईवी से संक्रमित, प्रशासन में मचा हड़कंप

उत्तराखंड के हल्द्वानी जेल में 44 कैदी एचआईवी से संक्रमित पाए गए हैं। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप बच गया है। जो कैदी एचआईवी से संक्रमित बताये गए हैं, उनमें एक महिला कैदी भी शामिल है।

इस जेल में इस समय 1629 पुरुष और 70 महिला कैदी हैं। अब 44 कैदियों के एचआईवी संक्रमित पाए जाने के बाद जेल प्रशासन अन्य कैदियों की नियमित जांच कर रहा है, ताकि एचआईवी संक्रमित कैदियों को समय रहते इलाज दिया जा सके।

इन संक्रमित कैदियों का इलाज कर रहे सुशीला तिवारी अस्पताल के एआरटी केंद्र के प्रभारी डॉक्टर के मुताबिक 44 कैदियों सहित एक महिला कैदी भी एचआईवी पॉजिटिव पाई गई है। उनके मुताबिक एचआईवी संक्रमित कैदियों की संख्या लगातार बढ़ने से जेल प्रशासन में बेचैनी है।

चिकित्सा प्रभारी के मुताबिक रोगियों के लिए एक एआरटी (एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी) केंद्र बनाया गया है, जहां संक्रमितों का इलाज किया जाता है। उनकी टीम लगातार जेल में कैदियों की जांच कर रही है। डॉक्टर ने कहा – ‘जो भी कैदी एचआईवी से संक्रमित होता है, उसे राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) के दिशा-निर्देशों के आधार पर मुफ्त इलाज और दवाएं दी जाती हैं।’

झारखंड में धार्मिक झंडे के अपमान को लेकर पथराव और आगजनी, धारा 144 लागू

झारखंड में जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में रविवार की शाम को एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान के बाद दो गुटों में जमकर लड़ाई हुर्इ। इन दोनों गुटों ने पत्थरबाजी और आगजनी भी की। इस घटना के बाद से ही इलाके में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गर्इ है।

अधिकारियों ने बताया कि, हिंसक भीड़ ने दो दुकानों और एक ऑटो रिक्शा में आग लगा दी। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। साथ ही कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पुलिस ने बताया कि, इलाके में शनिवार रात तब से ही तनाव व्याप्त है जब एक स्थानीय संगठन के सदस्यों ने रामनवमी के झंडे पर मांस का एक टुकड़ा चिपका पाया।

आपको बता दें, ठीक इससे पहले जमशेदपुर में रामनवमी के जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच झड़प के बाद पथराव हुआ था।

कोविड 19 की तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज-कल देशव्यापी मॉक ड्रिल

देश में पिछले 24 घंटे में कोविड 19 के 5,880 नए मामले सामने आए हैं। इस बीच कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच अस्पताल में तैयारियों का जायजा लेने के लिए आज और कल देशव्यापी मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा।

मॉक ड्रिल में सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य केंद्र हिस्सा लेंगे। अधिकारियों के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया मॉक ड्रिल का निरीक्षण करने आज झज्जर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जाएंगे।

इस बीच देश में कोरोना संक्रमण के नए मामलों में 24 घंटे में ही करीब 10 फीसदी का उछाल देखा गया है। बीते 24 घंटों में 5,880 नए मामले सामने आए हैं, इससे एक्टिव मरीजों की संख्या 35,199 हो गई है।  

कोरोना से बचाव के लिए देश में जारी राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अब तक कुल 220.66 करोड़ टीके की खुराक (95.21 करोड़ दूसरी खुराक और 22.87 करोड़ एहतियाती खुराक) दी जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में 205 खुराक दी गई है।

उधर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री कहा है कि सरकार संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक आईसीयू बेड, ऑक्सीजन की आपूर्ति और अन्य महत्वपूर्ण देखभाल की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि तैयारियों की साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। कोविड की संभावित चौथी लहर पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सतर्क रहने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि पिछला कोविड म्यूटेशन ओमिक्रॉन का बीएफ.7 सब-वेरिएंट था, और अब एक्स बीबी1.16 सब-वेरिएंट संक्रमण में वृद्धि का कारण बन रहा है, हालांकि उन्होंने ये सब-वेरिएंट बहुत खतरनाक नहीं हैं। देश के अधिकांश हिस्सों में पिछले कुछ दिनों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, कई राज्यों ने मास्क को फिर से अनिवार्य कर दिया है, जबकि अन्य ने सावधानी बरतने की सलाह दी है।

ट्विटर ने बीबीसी और एनपीआर को ‘सरकार वित्त-पोषित’ श्रेणी में रखा

ट्विटर ने बीबीसी और यूएस रेडियो नेटवर्क एनपीआर को ‘सरकार संबद्ध मीडिया’ बताने के बाद हुए हंगामे के कारण अपने कदम खींचते हुए इन्हें अब ‘सरकार के वित्त-पोषित’ वाली श्रेणी में डाल दिया है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इसके चलते ब्रिटेन के ब्रॉडकास्टर बीबीसी ने ट्विटर से स्पष्टीकरण मांगा है। उधर वाशिंगटन से संचालित नेशनल पब्लिक रेडियो (एनपीआर) की श्रेणी ट्विटर ने शनिवार रात को बदली, और यह बदलाव नेटवर्क के शिकायत किए जाने के बाद किया गया कि ‘सरकार संबद्ध’ कहना अनुचित और अपमानजनक है।

हंगामा होने पर माइक्रो-ब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर ने बिना डेरी के कदम खींचते हुए  अब नेटवर्क को ‘सरकार द्वारा वित्त-पोषित’ श्रेणी में दर्ज किया है। ब्रिटिश नागरिकों के लाइसेंस फीस का भुगतान कर वित्तपोषित किए जाने वाले ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) पर भी एलन मस्क के सोशल मीडिया नेटवर्क ने नया लेबल ‘सरकार द्वारा वित्त-पोषित’ लागू कर दिया है।

ट्विटर की पॉलिसी के तहत इन फ़ैसलों से दोनों कंपनियों के ट्वीट डी-एम्प्लीफाई हो जाएंगे, और मीडिया कंपनियों, जानी-मानी हस्तियों और शीर्ष सरकारी अधिकारियों के लिए अहम टूल बन चुके ट्विटर पर उनकी पहुंच भी सीमित हो जाएगी।

एनपीआर के खिलाफ एलन मस्क के इस कदम से कुछ ही दिन पहले ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ का वेरिफ़ाइड स्टेटस भी ख़त्म कर दिया गया था, जिस पर एनपीआर की ही तरह अक्सर वाम-समर्थित, विशेष रूप से अमेरिकी कंज़रवेटिव, विचारों का साथ देने के आरोप लगते हैं।

ट्विटर ने पिछले सप्ताह एनपीआर को सरकारी स्वामित्व वाले चीनी और रूसी प्लेटफार्मों के समान ही श्रेणी में दर्ज किया था। ट्विटर के इस कदम के विरोध में एनपीआर ने ट्वीट करना बंद कर दिया 88 लाख फॉलोअर वाले अपने मुख्य अकाउंट के ट्विटर बायो में एनपीआर ने यूज़रों से कहा कि वे ख़बरें पढ़ने के लिए एनपीआर को अन्य प्लेटफॉर्मों पर तलाश करें।

एनपीआर के सीईओ जॉन लैन्सिंग का कहना था कि ट्विटर का फ़ैसला ‘अस्वीकार्य’ है, और तभी से एनपीआर के अकाउंट पर कोई अपडेट नहीं किया गया है। एनपीआर के संचालित किए जाने वाले म्यूज़िक और पॉलिटिक्स जैसे अन्य हैंडलों को ‘सरकार संबद्ध मीडिया’ नहीं कहा गया था, इसलिए उन पर लगातार ट्वीट होते रहे हैं।

विजयवर्गीय के लड़कियों को शूर्पणखा वाले बयान पर कांग्रेस ने कहा – महिलाओं का सम्मान करना सीखें

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने जैन समाज के एक कार्यक्रम में लड़कियों के पहनावे को लेकर एक बेतुका बयान दिया था और लड़कियों को सूर्पणखा भी कहा। विजयवर्गीय ने कहा था कि, “लड़कियां इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती है। महिलाओं को हम देवियां कहते हैं, लेकिन उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता।”

इंदौर के एयरपोर्ट रोड स्थित महावीर बाग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मैं आज भी जब निकलता हूं, पढ़े-लिखे नौजवानों, बच्चों को झूमते हुए देखता हूं तो सच में ऐसी इच्छा होती है कि पांच-सात ऐसे दूं कि उनका नशा उतर जाए। सच कह रहा हूं, भगवान की कसम। हनुमान जयंती पर झूठ नहीं बोलूंगा। लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती है कि… अपन महिलाओं को देवी बोलते हैं उनमें देवी का स्वरूप ही नहीं दिखता। बिल्कुल शूर्पणखा लगती है। सच में अच्छा सुंदर भगवान ने शरीर दिया है, जरा अच्छा कपड़ा पहनो यार। बच्चों में आप संस्कार डालिए। मैं बहुत चिंतित हूं।”

कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर महिला कांग्रेस अध्यक्ष नेटा डिसूजा ने कहा कि, “कैलाश विजयवर्गीय जी का बयान इस देश की हर महिला का अपमान है। लेकिन महिला एवं बाल कल्याण मंत्री स्मृति ईरानी जी इस पर मौन रहेंगी, क्या वे इस घटिया बयान पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगी? ”

नेटा ने आगे कहा कि, “कैलाश जी बेटियां देवी का रूप होती है लेकिन आपकी घटिया और विकृत मानसिकता ही आपको कुछ और दिखाती है। लड़कियां क्या पहनेंगी क्या अब ये भी बीजेपी तय करेगी? मध्य प्रदेश में वोटों के लिए लाडली बहना योजना चलाने वाले शिवराज जी क्यों चुप हैं? इन सब से एक ही बात साफ है कि महिलाओं का हर रोज अपमान करना बीजेपी की आदत है। महिलाओं का सम्मान इनकी डिक्शनरी में हैं ही नहीं।“

कांग्रेस नेत्रा ने आगे कहा कि, “महिला आयोग में बैठी बहन खुशबू सुंदर जी आप इस पर अब अपनी चुप्पी तोड़ेंगी क्या? क्या महिला का अपमान ही भाजपा का असली चाल, चरित्र और चेहरा है। देश इस समय महंगाई और बेरोजगारी से परेशान है वहीं बीजेपी के नेता बेटियों के कपड़ो के ताक-झाक में बिजी है। इससे उनकी सोच और प्रायोरिटी साफ नजर आती है। क्या हम तालिबानी राज में रह रहे है? कि लड़कियों को सरकार बताएगी कि क्या पहनना है?  कब घर से निकलना है? क्या खाना है? किससे मिलना है? शर्मनाक है बीजेपी का आचरण। इससे पहले भी कैलाश जी कर्इ ऐसे बयान दे चुके है जिसका ज़िक्र भी करने में मुझे शर्म आती है। कैलाश साब का ये बयान उनकी मानसिकता और उनकी सोच दिखाती है। बात साफ है देश में लड़कियां, माताएं, बहने क्या पहनेंगी इसका फैसला आप नहीं करोगे। दिक्कत लड़कियों के पहनावे में नहीं है आपकी सोच में है। देश की आधी आबादी को अपमानित करने का हक आपको किसने दिया है? आप कौन हैं प्रचार करने वाले? महिलाओं का सम्मान करना सीखिये और फिर बोलिए।“

अमेरिका के ओक्लाहोमा विवि में फायरिंग, छात्रों को सुरक्षित जगह जाने की हिदायत

अमेरिका में गोलीबारी की घटनाएं अक्सर होती रहती है और अब देश के नॉर्मन में ओक्लाहोमा विश्वविद्यालय में कई राउंड फायरिंग की जानकारी अधिकारियों ने दी है। छात्रों को सुरक्षित जगह पर जाने की हिदायत दी गयी है।

शनिवार को एक ट्वीट में ओक्लाहोमा विश्वविद्यालय ने यह जानकारी दी। शूटर अभी नहीं पकड़ा गया है। विश्वविद्यालय ने एक ट्वीट में छात्रों और अन्य से कहा – ‘वान वीलेट ओवल में एक  शूटर है। अभी तुरंत एक्शन लें। भागें, छिपें, लड़ें।’ छात्रों को साउथ ओवल एरिया से बचने और सुरक्षित जगह पर शरण लेने की सलाह दी गई है।

स्थानीय मीडिया के रिपोर्ट्स के मुताबिक विजुअल्स में ओक्लाहोमा विश्वविद्यालय के बाहर कई पुलिस और एसडब्ल्यूएटी सामरिक वाहन दिखाई दे रहे हैं। गन वायलेंस आर्काइव के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अब तक 129 बड़े पैमाने पर गोलीबारी हुई है। ये वैसी घटनाएं हैं, जिनमें चार या अधिक लोगों को गोली मारी गई या हत्या कर दी गई।

यह घटना नैशविले में एक स्कूल में हुई शूटिंग के दौरान नौ साल की दो लड़कियों, नौ साल के एक लड़के, दो शिक्षकों और एक स्कूल संरक्षक की मौत की घटना के कुछ दिनों बाद घटी है।

पीएम आज तेलंगना में 11,300 करोड़ के परोजेक्ट के उद्घाटन-शिलान्यास करेंगे

पीएम नरेंद्र मोदी शनिवार को तेलंगना में जहाँ 11,300 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास करेंगे वहीं हैदराबाद में सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाएंगे।

मोदी हैदराबाद में ‘एम्स’ बीबीनगर और पांच राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के अलावा  सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे। साथी ही रेलवे से संबंधित अन्य विकास परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। वे एक जनसभा में भी हिस्सा लेंगे।

हैदराबाद को भगवान वेंकटेश्वर, तिरुपति के निवास स्थान से जोड़ने वाली सिकंदराबाद-तिरुपति वंदे भारत एक्सप्रेस, तीन महीने की छोटी अवधि के भीतर तेलंगाना से शुरू की जाने वाली दूसरी वंदे भारत ट्रेन है। यह दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को करीब साढ़े तीन घंटे कम कर देगी और जिसका सीधा लाभ तीर्थयात्रियों को मिलेगा।

यात्रा के दौरान, पीएम मोदी हैदराबाद-सिकंदराबाद शहर क्षेत्र के उपनगरीय खंड में 13 नई मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सर्विस (एमएमटीएस) सेवाओं को हरी झंडी दिखाएंगे।

वह सिकंदराबाद-महबूबनगर परियोजना के दोहरीकरण और विद्युतीकरण को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। करीब 1,410 करोड़ रुपये की लागत से 85 किमी से अधिक की दूरी तक फैली परियोजना को पूरा किया गया है। पीएम 7,850 करोड़ रुपये से अधिक की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

जहाज में इमरजेंसी डोर फ्लैप खोलने की कोशिश, यात्री के खिलाफ मामला

दिल्ली से बेंगलुरु की यात्रा कर रहे इंडिगो के एक यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उसपर आरोप है कि उसने कथित तौर पर फ्लाइट के आपातकालीन द्वार के फ्लैप को खोलने की कोशिश की। यह यात्री नशे में धुत्त था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इंडिगो एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा कि ये घटना शुक्रवार सुबह करीब सात बजकर 56 मिनट पर आईजीआई हवाईअड्डे से उड़ान संख्या 6ई 308 में हुई।

इंडिगो ने बयान में कहा – ‘दिल्ली से बेंगलुरु जाने वाली उड़ान 6ई 308 में यात्रा कर रहे एक यात्री ने नशे की हालत में आपातकालीन एग्जिट के फ्लैप को खोलने की कोशिश की। इस उल्लंघन को नोटिस करने पर, बोर्ड पर मौजूद चालक दल ने कप्तान को सतर्क किया और यात्री को सावधान किया गया।

बयान के मुताबिक उड़ान के सुरक्षित संचालन पर कोई समझौता नहीं किया गया। बेंगलुरु पहुंचने पर यात्री को सीआईएसएफ को सौंप दिया गया। उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान प्रभावशाली शख्सियत की लिस्ट में सबसे ऊपर

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने 2023 TIME100 का पोल जीत लिया है। और TIME100 की लिस्ट में शाहरुख खान सबसे प्रभावशाली शख्यिसय बन गए है। पाठको के वोट पर आधारित इस लिस्ट में सबसे ज्यादा वोट शाहरुख खान को मिले है।

बता दें इस पोल में मिशेल योह, एथलीट सेरेना विलियम्स, मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा जैसे कई बड़े सितारों को पछाड़कर शाहरुख खान ने ये रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

इस लिस्ट में दूसरे स्थान पर 22 वर्षीय महसा अमिनी, तीसरा स्थान ससेक्स के ड्यूक और चौथा स्थान डचेस प्रिंस हैरी और मेघन रहे वहीं पांचवा स्थान फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी को मिला है।

आपको बता दें, शाहरुख खान अंतरराष्ट्रीय आइकन है। शाहरुख ने दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे और कुछ-कुछ होता है जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अभिनय करके बॉलीवुड के पसंदीदा रोमांटिक हीरे के रूप में अपनी पहचान बनाई है। शाहरुख कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक भी है।

कोरोना को लेकर चीन के पास अधिक सूचना, हमसे साझा करे: डब्ल्यूएचओ

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने दावा किया है कि उसके पास इस बात की पुख्ता जानकारी है कि कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर चीन के पास अधिक जानकारी है। साथ ही डब्ल्यूएचओ ने चीन से कहा है कि वह इस जानकारी को जल्द से जल्द साझा करे।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि अगर बीजिंग पूरा डाटा दे देता है तो हमें पता चल जाएगा कि क्या हुआ या यह (कोरोना) कैसे शुरू हुआ। डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने जिनेवा में मीडिया से कहा – ‘चीन के पास जो जानकारी है, उसकी पूरा जाने बिना, कोरोना के संबंध में सभी बातें परिकल्पनाएं हैं।’

घेब्येयियस ने कहा कि कोरोना की उत्पत्ति के संबंध में यही डब्ल्यूएचओ की स्थिति है और इसलिए वह चीन से इस पर सहयोग करने के लिए कह रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजिंग के सहयोग करने से ही यह बात सामने आ पाएगी कि वास्तव में कोरोना की उत्पत्ति कैसे और कहाँ से हुई।

उधर डब्ल्यूएचओ की तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव ने मीडिया से कहा – ‘नया डेटा सुराग प्रदान करता है, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, जिसमें जोर देकर कहा गया है कि डेटा जनवरी और फरवरी 2020 में तीन साल से अधिक समय पहले एकत्र किया गया था जिसे बहुत पहले साझा किया जाना चाहिए था।’

केरखोव ने कहा – ‘जानकारी के बिना, उचित आकलन करने के लिए डेटा के बिना, हमारे लिए ठोस जवाब देना बहुत मुश्किल है। वर्तमान समय में, हमारे पास इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं है कि महामारी कैसे शुरू हुई।’ हालांकि, केरखोव ने दावा किया कि ‘चीन के अविश्वसनीय वैज्ञानिकों ने कहीं अधिक अध्ययन किया है और बहुत अधिक डेटा एकत्र किया है जो खोज में प्रासंगिक हो सकता है।’