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बिहार के मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत

बिहार में जहरीली शराब ने फिर कहर ढाया है। राज्य के मोतिहारी इलाके में जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मौत हो गयी जबकि 25 लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जहरीली शराब से कई लोगों की आंख की रोशनी चली गयी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अवैध रूप से बनी शराब पीने वालों की संख्या काफी थी। मोतिहारी और मुजफ्फरपुर अस्पताल में चिकित्सकों को पहले डायरिया की आशंका थी लेकिन जब मरीजों ने शराब पीने और आंख से कुछ न दिखने की बात बताई तो डॉक्टरों का शक गहरा गया। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है।

कम से कम 25 लोगों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज किया जा रहा है। इनमें से कुछ की हालत गंभीर है। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा है। पुलिस जांच में जुट गयी है। अस्पताल में भर्ती मरीजों ने स्वीकार किया कि उन्होंने शराब पी थी, इसके बाद उनकी हालत खराब हुई।

प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और बिसरा जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक मोतिहारी के लक्ष्मीपुर पहाड़पुर, हरसिद्धि में जहरीली शराब पीने से इन लोगों की मौत हुई है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव: कांग्रेस ने जारी की 43 उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट

कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी कर दी हैं। तीसरी लिस्ट में कुल 43 उम्मीदवारों को टिकट दी गई है।

खास बात यह है कि भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थामने वाले नेता को तीसरी लिस्ट में नाम है। भाजपा से आए कर्नाटक के पूर्व डिप्टी मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी को अठानी से उम्मीदवार बनाया गया हैं। अठाणी लिंगायत समुदाय के नेता हैं। 

इससे पहले कांग्रेस ने 24 मार्च को जारी की गई अपनी पहली लिस्ट में 124 उम्मीदवार, दूसरी लिस्ट में 42 उम्मीदवार और आज जारी की गई तीसरी लिस्ट में 43 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया हैं।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कुल 224 निर्वाचन क्षेत्र हैं और कांग्रेस ने अभी तक 209 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का नाम साझा किया है और अभी 15 सीटे बाकी हैं।

आपको बता दें, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 10 मई को होना हैं और नतीजा 13 मई को आने हैं

राष्ट्रीय दर्जा खोने के बाद एनसीपी का ऐलान, कर्नाटक चुनाव लड़ेगी पार्टी

एनसीपी के प्रमुख शरद पवार राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ विपक्ष की एकता के प्रयासों के लिए मुलाकातें कर रहे हैं, वहीं उनकी पार्टी ने कहा है कि कर्नाटक के विधानसभा चुनाव में वह अपने उम्मीदवार उतार सकती है। एनसीपी ने हाल में अपना राष्ट्रीय दल का दर्जा खो दिया था और माना जा रहा है कि कर्नाटक में चुनाव लड़ने का उसका फैसला इसी कारण से है।

कर्नाटक के चुनाव में कांग्रेस के उभार की संभावनाएं जताई जा रही हैं। कुछ हलकों में कहा जा रहा है कि हाल में जब पवार जब दिल्ली में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिले थे तो उन्होंने इस बावत उन्हें बताया था।

कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा के चुनाव होने हैं। कहा जा रहा है कि एनसीपी वहां 45 के करीब उम्मीदवार मैदान में उतार सकती है। वहां भाजपा और कांग्रेस में सीधे टक्कर दिख रही है जबकि कुमारस्वामी की जेडीएस भी एक मजबूत पार्टी है।

वैसे एनसीपी का यह फैसला विपक्षी एकता के संकेत नहीं देता है। हाल में एनसीपी अपना राष्ट्रीय कथित तौर पर एनसीपी द्वारा हाल ही में अपना राष्ट्रीय दर्जा खोने के बाद किया गया है। एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि एनसीपी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा फिर हासिल करने के लिए चुनाव लड़ने पड़ेंगे।

महाराष्ट्र में निजी बस खाई में गिरी, 12 लोगों की मौत, 29 लोग घायल

महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़े हादसे में शनिवार को 12 लोगों की मौत हो गयी। हादसा तब हुआ जब एक निजी यात्री बस खाई में जा गिरी। हादसे में काफी लोग घायल भी हुए हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसा पुणे के पुराने मार्ग पर हुआ। खोपोली पुलिस थाना के तहत शिंगरोबा मंदिर के पीछे घाट के पास यह बस खाई में जा गिरी। हादसे में 12 लोगों की जान चली गयी जबकि 29 के है।

पुलिस ने बताया कि यह बस एक पारंपरिक संगीत मंडली के सदस्यों को पुणे से मुंबई ले जा रही थी। तभी तड़के करीब पौने पांच बजे राजमार्ग पर शिंग्रोबा मंदिर के पास खाई में गिर गई। जानकारी के मुताबिक बस में 41 यात्री सवार थे।

घायलों को खोपोली ग्रामीण अस्पताल और एमजीएम अस्पताल कामोठे में भर्ती किया गया है। निजी बस में मुंबई के गोरेगांव से बाजी प्रभु वादक ग्रुप (सिंबल टीम) पुणे में कार्यक्रम खत्म कर गोरेगांव जा रहे थे। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सोमनाथ घार्गे ने कहा कि घायल और मरने वालों में मुंबई के सायन और गोरेगांव और पड़ोसी पालघर जिले के विरार के रहने वाले थे।

एंटीगुआ और बारबुडा हाईकोर्ट से चौकसी को राहत, भारत लाना होगा अभी मुश्किल

भगोड़े कारोबारी मेहुल चौकसी को भारत लाना अब मुश्किल हो सकता है क्योंकि एंटीगुआ और बारबुडा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चोकसी के पक्ष में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैसले में कहा कि चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से बाहर नहीं ले जाया जा सकता।

याद रहे भारत में 13,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में हीरा कारोबारी चौकसी एक वांटेड आरोपी है। कोर्ट से मामला जीतने के बाद चोकसी को भारत लाने में अब मुश्किलें पैदा हो सकती हैं। चौकसी ने अदालत में अपने दीवानी मुकदमे में तर्क दिया कि एंटीगुआ के अटॉर्नी जनरल और पुलिस प्रमुख पर उसके खिलाफ दर्ज मामलों की जांच करने का दायित्व है।

सुनवाई के दौरान एंटीगुआ और बारबुडा हाईकोर्ट में चोकसी ने खुद को राहत देने की मांग करते हुए कहा कि 23 मई, 2021 को एंटीगुआ और बारबुडा से उसके जबरन अपहरण की जांच होनी चाहिए। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आदेश दिया कि कोर्ट के आदेश के बिना एंटीगुआ और बारबुडा की सीमा से मेहुल चोकसी को बाहर नहीं ले जाया जाए।

कोर्ट ने फैसले में ये भी कहा कि डोमिनिकन पुलिस इसकी जांच करे कि इस बारे में सबूत हैं कि चोकसी को उसकी इच्छा के खिलाफ जबरन डोमिनिका ले जाया गया था या नहीं? याद रहे सीबीआई कह चुकी है कि वह आपराधिक न्याय की प्रक्रिया का सामना करने के लिए भगोड़ों और अपराधियों को भारत वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करने से पीछे नहीं हटेगी।

जापान के पीएम किशिदा पर फेंका बम; सुरक्षित बचे, संदिग्ध गिरफ्तार

जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा शनिवार हमले में बाल-बाल बच गए। एक सभा में जब वे भाषण देने की तैयारी में थे तभी उनको टारगेट करके एक बम उनकी तरफ फेंका गया, हालांकि पीएम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। एक संदिग्ध को सुरक्षाकर्मियों ने गिरफ्तार कर लिया है। किशिदा से पहले पिछले साल जुलाई में पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पश्चिमी जापान में एक प्रचार भाषण के दौरान गोली मार दी गई थी।

किशिदा पर वाकायामा प्रान्त में भाषण देते समय स्मोक बम से हमला किया गया। हमले से चारों तरफ धुआं फ़ैल गया। हालांकि, रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पीएम सुरक्षित हैं। पुलिस ने घटनास्थल पर एक व्यक्ति को दबोच लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वाकायामा में मछली पकड़ने के बंदरगाह का दौरा करने के बाद किशिदा ने भाषण देना शुरू ही किया था, तभी यह घटना हुई।

बता दें किशिदा अगले महीने हिरोशिमा में ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाले हैं। जापान में प्रधानमंत्री पर हमला होने वाला यह पहला मामला नहीं है। बीते साल जुलाई में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे को पश्चिमी जापान में एक प्रचार भाषण के दौरान गोली मार दी गई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक फूमियो किशिदा को धमाका होते ही सुरक्षित निकाल लिया गया। एक गैस या पाइप बम उनकी ओर फेंका गया था। वह अपना भाषण शुरू करते उससे पहले ही यह हमला हुआ। सुरक्षाबलों ने हमलावर को पकड़ लिया।

दिल्ली शराब घोटाला मामला: सीबीआई ने अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने समन भेजा है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने पूछताछ के लिए 16 अप्रैल को सुबह 11 बजे बुलाया है। संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि, “अत्याचार का अंत ज़रूर होगा। अरविंद केजरीवाल जी को सीबीआई द्वारा समन किये जाने के मामले में शाम 6 बजे प्रेस वार्ता करूगाँ।“

आपको बता दें, जब वर्ष 2021 में दिल्ली की नई आबकारी नीति लागू की गर्इ थी तब दावा हुआ था कि इससे राजस्व बढ़ेगा किंतु इससे दिल्ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गयी है। इस मामले में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया जेल में बंद है।

दिल्ली में बिजली संकट को लेकर आप सरकार और एलजी एक दूसरे पर लगा रहे आरोप

राजधानी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में ऊर्जा मंत्री आतिशी मरलेना ने दावा किया है कि दिल्ली के 46 लाख से ज्यादा परिवारों को शनिवार से बिजली सब्सिडी नहीं मिलेगी। आतिशी ने कहा कि उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बिजली सब्सिडी की फाइल रोक दी है। बिजली सब्सिडी का बजट विधानसभा से पास होता है लेकिन सब्सिडी की कैबिनेट निर्णय की फाइल उपराज्यपाल ने रखी हुई है।

ऊर्जा मंत्री आतिशी मरलेना का आरोप है कि इस मामले पर उन्होंने उपराज्यपाल से बातचीत के लिए मिलने का 5 मिनट का समय मांगा था किंतु इमरजेंसी स्थिति होने के बावजूद उपराज्यपाल ने समय नहीं दिया। और 24 घंटे बाद भी उपराज्यपाल ने समय नहीं दिया है।

वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर दिल्ली के उपराज्यपाल दफ्तर ने कहा है कि दिल्ली के ऊर्जा मंत्री को बेवजह उपराज्यपाल पर निराधार आरोप लगाने से बचने की सलाह दी जाती है। ऊर्जा मंत्री गलत बयानों से लोगों को गुमराह करना बंद करे। ऊर्जा मंत्री और दिल्ली के मुख्यमंत्री बताएं कि जब हेडलाइंस 15 अप्रैल थी तो उन्होंने सब्सिडी के बारे में फैसला 4 अप्रैल तक पेंडिंग क्यों रखा?

पवार की खरगे, राहुल गांधी के साथ बैठक में हुई विपक्षी एकता पर चर्चा

कांग्रेस सहित विपक्ष के 19 दलों की जेपीसी की मांग को लेकर विपरीत बयान के बाद चर्चा में चल रहे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने गुरुवार शाम कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक की। बैठक के बाद शरद पवार ने कहा कि ‘एक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है। यह सिर्फ शुरुआत है। इसके बाद ममता बनर्जी (टीएमसी) अरविंद केजरीवाल (आप) और अन्य दलों के साथ बातचीत करनी है ताकि इस प्रक्रिया में उन्हें शामिल किया जा सके।’पवार का कहना है कि विपक्षी दलों को साथ लाने का प्रयास किया जाएगा। हाल के उनके बयानों के बाद विपक्ष की एकता को लेकर सवाल उठ रहे थे, हालांकि, अभी भी पवार का जो रुख है उसे देखते हुए कुछ साफ़ नहीं कहा जा सकता है। कल शाम की इस बैठक में नेताओं ने 2024 के आम चुनाव को लेकर चर्चा की जिसके केंद्र में विपक्षी एकता रही।कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक जल्द ही नीतीश कुमार, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, के चंद्रशेखर राव, नवीन पटनायक, जगन रेड्डी और अरविंद केजरीवाल से भी बैठक की जाएंगी।

दिलचस्प यह है कि विपक्ष ने पहली बार नवीन पटनायक के अलावा जगन रेड्डी और किसी राव को बैठकों में शामिल करने की बात की है। इसमें पवार और नीतीश के मुख्य भूमिका निभाने की संभावना है।कल की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई। याद रहे अडानी के मुद्दे पर 19 दलों ने जेपीसी की मांग की थी जिसका पवार ने यह कहकर विरोध किया था कि इससे कुछ हासिल नहीं होगा क्योंकि जेपीसी में ज्यादातर सत्तारुढ़ दल के ही सदस्य रहते हैं।बैठक के बाद खरगे ने कहा – ‘नीतीश जी और तेजस्वी जी इ बातचीत के बाद अब बातचीत हुई है। सभी नेता लोकतंत्र, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बचाने के लिए और महंगाई और युवाओं के लिए मिलकर काम करेंगे। पवार साहब का कहना है कि सबसे मिलकर बात करेंगे और सब एक होने की कोशिश करेंगे। हम सब मिलकर और देशहित में काम करेंगे।’

पायलट को मनाने का जिम्मा कमलनाथ को दिया, दिल्ली में बैठकों का दौर

कांग्रेस राजस्थान चुनाव से कुछ महीने पहले उभरी गहलोत-पायलट के बीच दूरियां ख़त्म करने की तैयारी में जुट गयी है। पायलट दिल्ली में हैं और उनकी गुरूवार शाम पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक हुई है। पार्टी ने इस मसले को हल करने का जिम्मा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता कमलनाथ को सौंपा है जो कल दिल्ली पहुंच गए थे।

जानकारी के मुताबिक कमलनाथ ने वेणुगोपाल से मुलाकात कर इस मसले पर चर्चा की है साथ ही पायलट से मिले हैं। माना जाता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पायलट मामले में किसी तरह का समझौता करना नहीं चयहते और पार्टी वे उन्होंने कहा है कि वे कांग्रेस को राज्य में दोबारा सत्ता में लाने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हैं।

अब कमलनाथ के साथ वेणुगोपाल और पायलट के मुलाकात हुई है और माना जा रहा है कि पार्टी का निर्देश है कि किसी भी सूरत में यह मसला हल किया जाए। कमलनाथ के साथ पायलट के बेहतर रिश्ते रहे हैं और यही कारण है कि उन्हें यह जिम्मा दिया गया है।

प्रियंका गांधी, जो पायलट को राजनीतिक रूप से संरक्षित करती हैं, से भी कमलनाथ बात कर सकते हैं। राहुल गांधी खुद इस मसले पर नजर रखे हुए हैं। हाल में जो ख़बरें आई थीं कि पायलट के खिलाफ अनुशासन की कार्रवाई की जा सकती है, उसे टाल  दिए जाने की पूरी संभावना है। कमलनाथ ने इसे लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन से बात की है।

पायलट को लेकर पार्टी में  उभर आई थी जब कुछ दिन पहले उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री सिंधिया की सरकार के समय हुए कथित भ्रष्टाचार की जान की मांग गहलोत सरकार से की थी क्योंकि उनका कहना था कि सत्ता में आने से पहले यह वादा जनता से किया गया था।