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महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण का कांग्रेस से इस्तीफा

मुंबई:महाराष्ट्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है।पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।पिछले कुछ दिनों में यह तीसरा बड़ा नाम है जिसने पार्टी से इस्तीफा दिया।इससे पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता- बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को चव्हाण ने महाराष्ट्र के एआईसीसी प्रभारी रमेश चेन्निथला से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनकी पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।

 

कांग्रेस पार्टी ने अपनी विचारधारा को बहुत पहले छोड़ दिया

खालिद सलीम

मुसलमान कांग्रेस पार्टी से दूर होते चले गए, इसके बावजूद के हिंदुस्तान का विभाजन मजहब की बुनियाद पर हुआ था और मिस्टर मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान को मजहब की बुनियाद पर हासिल किया था फिर भी हिंदुस्तान में डॉ भीमराव अंबेडकर ने जो कानून बनाया वह मजहब के नाम पर नहीं बना बल्कि उसकी बुनियाद सेकुलरिज्म पर रखी और हिंदुस्तान के हर नागरिक को बराबरी का दर्जा दिया आजादी के बाद कई दहाईयों तक कांग्रेस ही हिंदुस्तान के सत्ता पर काबिज रही नेहरू पटेल मौलाना अबुल कलाम आजाद रफी अहमद किदवई शास्त्री जी जैसे महान लीडरों की वे कांग्रेस जिसने हिंदुस्तान को आजाद कराया था आहिस्ता आहिस्ता सेकुलरिज्म के अपने विचारों से दूर होती चली गई वह अपने उन उसूलों पर क्राइम नहीं रह सकी जिन उसूलों को उसके महान लीडरों ने इसकी बुनियाद का पत्थर बना दिया था ,
मुसलमान का मानना है कि बाबरी मस्जिद का विवाद कांग्रेस की देन है 1949 में बाबरी मस्जिद के अंदर जो मूर्तियां रखी गई थी वहीं से कांग्रेस के सेकुलरिज्म पर सवालिया निशान लग गया था फिर आहिस्ता आहिस्ता वे ताकते जो हिंदुस्तान में मुसलमान को बर्दाश्त करने के लिए किसी भी तरह तैयार नहीं थी और जो पाकिस्तान के बनने में हिंदतानी मुसलमान पर इल्जाम लगाती आ रही है उनको ताकत मिलती चली गई मुसलमान यह समझते हैं कि हिंदुत्व को बढ़ाने में कांग्रेस का सबसे बड़ा हाथ है इसके सबूत में मुसलमानो का दावा है की 6 दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद को ताकत के जोर पर ढा दिया गया और नरसिम्हा राव की कांग्रेस हुकूमत ने बाबरी मस्जिद को ढाई जाने मेंआ हम रूल अदा किया है मुसलमानौ का यह इल्जाम गलत भी नहीं है एक तरह से देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी ने अपनी उस विचारधारा को जो नेहरू पटेल मौलाना अब्ल कलाम आजाद रफी अहमद और शास्त्री जी जैसे महान लीडरों ने बहुत मेहनत से बनाई थी और जिस पर यह सब लोग डटे हुए थे कांग्रेस पार्टी ने आहिस्ता आहिस्ता अपनी उस विचारधारा से पीछा छुड़ा लिया और कांग्रेस पार्टी को यह लगने लगा कि अगर वह उन्ही उसूलों पर और उन्ही विचारों पर चलती रही तो वह हिंदुओं की हिमायत से महरूम हो जाएगी हालांकि यह बात बिल्कुल गलत है आज भी हिंदुस्तान में हिंदुओं की 80% आबादी सेकुलरिज्म पर यकीन रखती है हिंदुओं और मुसलमान और यहां की दूसरी अल्पसंख्यकों के साथ हिंदुओं के अपने जो तालुकात हौ वह बहुत ही बिरादराना और भाईचारे के ताल्लुकात हैं हिंदुस्तान का जो कानून है हिंदुओं की बहु संख्यक इस कानून पर अमल कर रही है और इस पर यकीन भी रखती है लेकिन कांग्रेस के लीडरों को न जाने किस तरह और कब यह पता लगा कि अगर वह नरम हिंदुत्व की पॉलिसी पर नहीं चलेगे तो सत्ता से दूर हो जाएगै सेक्युलरिज्म से दूरी इंदिरा गांधी ने शुरू की थी उनके बाद राजीव गांधी सेकुलरिज्म से दूर होते चले गए उन्होंने कितने ही ऐसे काम किय जो मुसलमानो और सेकुलरिज्म के खिलाफ थे उसके बाद नरसिंह राऊ आए और उन्होंने बहुत सारी ऐसी नीतियो को अपनाया जिनकी वजह से अंदाजा होने लगा कि अब वह कांग्रेस अपनी उस विचारधारा से बहुत पीछे हटती चली जा रही है जिसकी बुनियाद गांधी जी ने नेहरू जी ने पटेल जी ने मौलाना अब्ल कलाम आजाद ने और ऐसे ही दूसरे महान लीडरों ने रखी थी और जिनका मानना था कि हिंदुस्तान एक ऐसा गुलदस्ता है जहां पर तरह-तरह के फूल है और यह फूल सब खिलकर अपनी अपनी खुशबू बखैर रहे हैं और हिंदुस्तान को महका रहे हैं
कांग्रेस पार्टी का अलमिया यह है कि वह अपने दोनों हाथों में लड्डू रखना चाहती है लेकिन उसके दोनों हाथ खाली है जैसा की शायर ने कहा था की ना खुद ही मिला ना विसाल ए सनम ना इधर के रहे ना उधर के रहे ,बाबरी मस्जिद के ढाई जाने के बाद मुसलमान उससे बहुत दूर होते चले गए और यूपी में जहां वह हमेशा सत्ता में रहती थी बाबरी मस्जिद के बाद सता उसके हाथ से ऐसा छिनि के उसकी यूपी में वापसी नहीं हो पाई है और ऐसे ही दूसरी स्टेट से उसको बेदखल होना पड़ा है कांग्रेस के ब्रांड लीडर राहुल गांधी पूरी कोशिश में है कि कांग्रेस के उसी दोर को वापस लाएं जब वह पूरे हिंदुस्तान पर हुकूमत करती थी इस काम के लिए राहुल गांधी बड़ी मेहनत कर रहे हैं मगर उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है हालांकि वही,कांग्रेस में ऐसे मात्र ऐसे लीडर है जो मोदी जी और आर ऐसे ऐस के विचारों के खिलाफ डटकर बोलते हैं इनके अलावा कांग्रेस में कोई भी ऐसा लीडर नहीं है जो की बीजेपी के हिंदुत्व का मुकाबला करने की पोजीशन में हो अब सवाल यह पैदा होता है की क्या सिर्फ राहुल गांधी कांग्रेस की नैया को पर लगा सकते हैं और क्या वह मौजूदा हिंदुस्तान के हालात में जो फिर का प्रस्तुति और हिंदुत्व की सख्त विचारधारा आगे बढ़ रही है क्या राहुल गांधी उस विचारधारा का और बीजेपी की ताकत का मुकाबला करने के लिए अकेले काफी है और क्या वह हिंदुस्तान की अल्पसंख्यकों को यह यकीन दिला सकते हैं कि कांग्रेस पार्टी उनके हितों का उनकी मान्यताओं का उनके मजहब का और उनके उन तमाम अधिकारों का पालन कर सकते हैं जो उनको हिंदुस्तान का कानून आता करता है हमें लगता है कि अकेले राहुल गांधी के यह बस की बात नहीं है क्योंकि हिंदुस्तान के जो मौजूदा हालात हैं और जिस तरह से यहां अल्पसंख्यकों को खासतौर से मुसलमान को टारगेट बनाया जा रहा है उसमें राहुल गांधी अकेले कुछ नहीं कर पाएंगे चाहे वह कितनी ही भारत जोड़ो यात्राएं कर लें कितने ही वह न्याय यात्राएं निकाल़ले जब तक पूरी कांग्रेस पार्टी अपनी उस विचारधारा को वापस नहीं लाती और खुलकर उन ताकतों का मुकाबला नहीं करती जो हिंदुस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मोर्चा बंद है तब तक मुसलमान या दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं आएंगे इसलिए कांग्रेस पार्टी को हमारा मशवरा है कि वह खुलकर सेक्युलरिज्म का दामन थाम ले और फिर अपनी उन विचार धाराओं को अपना ले जो उसकी बुनियाद में रखे गए थे दोनों हाथों में लड्डू रखने की पॉलिसी को खत्म कर दे ताकि हिंदुस्तान में फिर से सेकुलरिज्म और भाई चेहरे को बढ़ावा मिल सके

पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का हुआ घोषणा

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन भारत रत्न दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर इस बाबत जानकारी देते हुए कहा कि इन तीनों लोगों को भारत रत्न दिया जाएगा। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है।
पीएम मोदी ने लिखा कि उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।
वहीं पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की बड़े पैमाने पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधान मंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों द्वारा चिह्नित किया गया था जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।
वहीं डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का एलन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “यह बेहद खुशी की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए।
पीएम मोदी ने कहा, “हम एक अन्वेषक और संरक्षक के रूप में और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाले उनके अमूल्य काम को भी पहचानते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैं हमेशा उनकी अंतर्दृष्टि और इनपुट को महत्व देता था।

हल्द्वानी के वनभूलपुरा में तनावपूर्ण माहौल, 4 की मौत, 100 से अधिक घायल

उत्तराखंड: हल्द्वानी के वनभूलपुरा में अवैध मस्जिद और मदरसे के निर्माण ढाहने के खिलाफ प्रशासन और पुलिस के साथ हुए झड़प के बाद, वहां एक समुदाय के लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों पर हमला करके तनावपूर्ण माहौल बना दिया है। इस दौरान हिंसा भड़कने से चार लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं। प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं रोक दी है और कर्फ्यू लगाया गया है। उपद्रोंकारियों को देखते ही गोली मारने का निर्देश जारी किया है।

उत्तराखंड एडीजी कानून एवं व्यवस्था एसपी अंशुमान ने बताया कि हलद्वानी हिंसा प्रभावित बनभूलपुरा में चार लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आदेश दिया है और हाई अलर्ट जारी किया गया है।

हलद्वानी के वनभूलपुरा में अवैध मस्जिद और मदरसे को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप एक समुदाय के लोगों ने हमला किया। हुई घटना में चार लोगों की मौत हो गई है और अब प्रशासन ने स्थानीयता को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

उत्तराखंड सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आदेश दिया है। घटना के बाद पुलिस ने अलर्ट मोड पर होने वाले किसी भी संघर्ष को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

वनभूलपुरा में हिंसा प्रभावित इलाके में स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए कड़ी नजर रखी है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने बचावी के लिए हर संभावना का ध्यान रखते हुए बचाव कार्रवाई की जा रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सुरक्षित राह पर चलने के लिए समर्थन मांगा है।
**जिला मगिस्ट्रेट का बयान:**

जिला मगिस्ट्रेट ने बताया कि एक समुदाय के बीच टेंशन को शांति के साथ सुलझाने के लिए सक्रिय पहलू अड़चनें हो रहीं हैं। सभी प्रशासनिक उपायों के साथ हम कोई भी दुर्घटना नहीं होने देंगे और सुरक्षितता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से आग्रह है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन के साथ मिलकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने बताया कि उपद्रोंकारियों ने पुलिस कर्मियों को जलाने का प्रयास किया है।अब उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।

पेपरलीक पर नकेल कसने का बिल लोकसभा से पास

नई दिल्ली:कुछ फैसले राजनीति से ऊपर होते हैं, जिसका लाभ समाज के सभी वर्ग के लोगों को मिलता है। ऐसी ही एक बड़ी खबर आ रही है, सरकारी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक तथा फर्जी वेबसाइट जैसी अनियमितताओं के खिलाफ तीन साल से 10 साल तक की जेल और न्यूनतम एक करोड़ रुपये के जुर्माने के प्रावधान वाले ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक, 2024′ को मंगलवार को लोकसभा ने पारित कर दिया।
लोकसभा में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी या अभ्यर्थी इस कानून के दायरे में नहीं आते और ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि इसके माध्यम से उम्मीदवारों का उत्पीड़न होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह कानून उन लोगों के विरुद्ध लाया गया है जो इस परीक्षा प्रणाली के साथ छेड़छाड़ करते हैं।”जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक राजनीति से ऊपर है और देश के बेटे-बेटियों के भविष्य से जुड़ा है। मंत्री के जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को पारित कर दिया। सिंह ने अनियमितता के कारण परीक्षा रद्द होने पर पुनर्परीक्षा के लिए समय-सीमा तय करने के कुछ सदस्यों के सुझाव पर कहा कि इस तरह के मामलों में सीबीआई जांच और अन्य तरह की प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं।इसलिए सीमारेखा तय करना संभव नहीं, लेकिन सरकार का प्रयास इन्हें समय पर कराना होगा। उन्होंने द्रविण मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के सदस्य कथिर आनंद के सदन में चर्चा के दौरान दिए बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि तमिलनाडु के सांसद ने सरकार पर आरोप लगाया कि भाषा के कारण छात्रों के साथ भेदभाव होता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी), संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और अन्य परीक्षाओं को तमिल समेत 13 भाषाओं में कराना शुरू किया है और उम्मीद है कि आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराई जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि द्रमुक पार्टी जब संप्रग सरकार में थी तब भी ऐसा नहीं हुआ।परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ अलग सख्त कानून की जरूरत पर कुछ विपक्षी सदस्यों के सवाल उठाए जाने पर सिंह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता में अलग से इस तरह के प्रावधानों का उल्लेख नहीं है, इसलिए अलग से कानून लाया गया है। उन्होंने कहा कि कानून के नियम बनाते समय सरकार की योजना विशेषज्ञों की एक ऐसी समिति बनाने की है जो प्रौद्येागिकी के आधार पर इसे समय समय पर अद्यतन करे और जानकारी बढ़ाएं।सिंह ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के आत्महत्या के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि योग्यता, प्रतिभा और परिश्रम के आधार पर उन्हें अवसर मिलने चाहिए और नई शिक्षा नीति के तहत उन्हें हर तरह के विषय पढ़ने और करियर के विकल्प चुनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी माता-पिता और बच्चों से अपील है कि बदलते नये युग में प्रधानमंत्री की दूरदृष्टि के अनुरूप ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान करने के लिए समर्पित हों।”
विधेयक में कहा गया है, ‘‘”प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी का लीक होना”, “सार्वजनिक परीक्षा में अनधिकृत रूप से किसी भी तरीके से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उम्मीदवार की सहायता करना” और “कंप्यूटर नेटवर्क या कंप्यूटर संसाधन या कंप्यूटर सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करना” किसी व्यक्ति, लोगों के समूह या संस्थानों द्वारा किए गए अपराध हैं।
विधेयक के दायरे में यूपीएससी, एसएससी, रेलवे द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाएं, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित सभी कम्प्यूटर आधारित परीक्षाएं आएंगी। इसमें नकल पर रोकथाम के लिए न्यूनतम तीन साल से पांच साल तक के कारावास और इस तरह के संगठित अपराध में शामिल लोगों को पांच से 10 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है। प्रस्तावित कानून में न्यूनतम एक करोड़ रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।

“पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ED के सवालों का जवाब देने के लिए पांच दिनों की रिमांड, कोर्ट ने दी मंजूरी”

झारखंड:”रांची, में आदिवासी भूमि के अवैध कब्जे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को ईडी के सवालों का जवाब देने के लिए कोर्ट ने पांच दिनों की रिमांड की मंजूरी दी है। कोर्ट के इस आदेश के बाद, हेमंत सोरेन से पूछताछ करने का पूरा अधिकार ED को प्राप्त होगा।

रिमांड की मांग करते हुए ED के विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि इस केस में और जानकारी हासिल करने के लिए और समय की आवश्यकता है। हेमंत सोरेन के अधिवक्ता ने इस रिमांड का विरोध किया है, जिस पर दोनों पक्षों की बहस और दलीलें सुनी गईं।

आदिवासी भूमि के अवैध कब्जे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस के संबंध में और जानकारी हासिल करने के लिए ED ने पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को पांच दिनों तक पूछताछ के लिए बुलाया है।”

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शादी की आज 18वीं सालगिरह, पत्नी ने एक्स पर किया भावुक पोस्ट

झारखंड:पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की शादी की आज 18 वीं सालगिरह है।शादी की 18वीं सालगिरह से ठीक 1 हफ्ते पहले हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी ईडी द्वारा की गई है।जमीन घोटाले में हुई गिरफ्तारी के बाद फिलहाल हेमंत सोरेन से ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं।आज हेमंत सोरेन की रिमांड अवधि का अंतिम दिन भी है। इस बीच शादी की सालगिरह पर हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने उनको भावुक तरीके से याद दिया है।
शादी की सालगिरह पर हेमंत सोरेन के साथ नहीं होने पर उन्होंने दुख भी प्रकट किया है। वो एक्स पर लिखती हैं “आज 18वीं सालगिरह पर हेमंत जी परिवार के बीच नहीं है बच्चों के साथ भी नहीं है विश्वास है वह इस षड्यंत्र से उबरकर विजेता बनकर हम सबके साथ शीघ्र होंगे।” पिछले दिनों ही कल्पना सोरेन ने हेमंत सोरेन के एक्स हैंडल से ट्वीट करते हुए यह जानकारी साझा की थी कि अब जब तक हेमंत सोरेन की वापसी नहीं होती तब तक उनके एक्स हैंडल का इस्तेमाल खुद उनकी पत्नी कल्पना सोरेन करेंगी और आज इस हैंडल से पोस्ट करते हुए कल्पना सोरेन ने अपने 18वें सालगिरह की जानकारी दी है।
कल्पना लिखती हैं कि झारखण्ड के अस्तित्व और अस्मिता की रक्षा के लिए हेमन्त जी ने झुकना स्वीकार नहीं किया। उन्होंने षड्यंत्र से लड़ना और उसे हराने के लिए अपने आप को समर्पित करना बेहतर समझा।
आज हमारी शादी की 18वीं सालगिरह है, पर हेमन्त जी परिवार के बीच नहीं हैं। बच्चों के साथ नहीं हैं। विश्वास है वो इस षड्यंत्र को हरा विजेता बनकर हम सभी के साथ शीघ्र होंगे। मैं एक वीर झारखण्डी योद्धा की जीवन साथी हूं। आज के दिन मैं भावुक नहीं होऊंगी। हेमन्त जी की तरह ही विषम परिस्थितियों में भी मुस्कुराते हुए उनके साहस और संघर्ष की शक्ति बनूंगी।

श्मशान जैसा मंजर, चारों तरफ कराहते मिले जख्मी; ब्लास्ट में पिलर तक उड़े और सड़क पर आ गिरे

मध्य प्रदेश: हरदा जिले की एक पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को भयानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरा क्षेत्र दहल गया। धमाके का असर 40 किलोमीटर दूर तक महसूस किया गया। इसका असर इतना था कि धमाके की आवाज के बाद लोग अपने वाहन छोड़कर भागने लगे। कच्‍चे मकान गिर गए सरकारी अस्पताल के कांच चटक गए। आग की लपटों से पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया।

इस हादसे को लेकर एक स्थानीय व्यक्ति संतोष कसदे ने आंखों देखा हाल बताया। संतोष ने कहा कि वह सुबह 11.30 बजे पटाखा फैक्‍ट्री से करीब 800 मीटर दूर घंटाघर बाजार में खड़ा था। इसी समय पटाखा फैक्‍ट्री में विस्फोट हुआ। विस्फोट की आवाज सुनकर कुछ लोग मदद के लिए फैक्ट्री की ओर भागे, लेकिन 11.40 पर फैक्ट्री में एक बड़ा विस्फोट हुआ और मौके पर चीख-पुकार मच गई। जो लोग मदद के लिए गए थे, वे लोग भी वापस भागने लगे।

मध्य प्रदेश के हरदा में पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स में हादसे में 11 लोगों की मौत बताई जा रही है। CMHO (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) डॉ. एचपी सिंह ने 9 लोगों के मौत की पुष्टि की है। कई घायलों की स्थिति गंभीर है।

चंपई सोरेन ने झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली

झारखंड : मनोनीत मुख्यमंत्री चंपई सोरेन राजभवन पहुंच गये हैं। साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आलमगीर आलम, राजद के इकलौते विधायक सत्यानंद भोक्ता और सीता सोरेन भी पहुंची हैं। अब से थोड़ी देर में राजभवन के दरबार हॉल में शपथ ग्रहण शुरू हुआ।चंपई सोरेन के साथ शपथ ग्रहण करने वाले मंत्रियों के परिवार वाले भी समारोह में पहुंचे हैं।12 बजकर 20 मिनट में दरबार हॉल में बैठे सभी लोगों राष्ट्रगान गाया। इसके बाद 12 बजकर 21 मिनट में राष्टपति से परमिशन लेने के बाद शपथ समारोह कार्यक्रम शुरू हुआ।

मॉडल और बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे का सर्वाइकल कैंसर से निधन

यूपी: महज 32 साल की उम्र में मशहूर मॉडल और बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम पांडे का सर्वाइकल कैंसर से निधन हो गया है। पूनम पांडे सर्वाइकल कैंसर के चौथे स्टेज में थी। उन्हें इसकी जानकारी हाल के दिनों में ही हुई थी। पूनम पांडे के मैनेजर ने ये खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी की रात को सर्वाइकल कैंसर से जंग के बाद उन्होंने दम तोड़ा दिया। उन्होंने अपनी आखिरी सांसें अपने गृहनगर कानपुर में लीं। पूनम पांडे की आकस्मिक मौत की खबर से उनके फैंस सदमे में हैं।