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तमिलनाडु, पुड्डुचेरी कल चक्रवाती तूफान ‘निवार’ को लेकर हाई अलर्ट

तमिलनाडु, पुड्डुचेरी कल चक्रवाती तूफान ‘निवार’ को लेकर हाई अलर्ट

बंगाल की खाड़ी पर कम दबाव वाला क्षेत्र दक्षिण पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान निवार में बदलेगा और बुधवार शाम पांच बजे तक तमिलनाडु, पुड्डुचेरी के कराईकाल व मल्लापुरम तटों से गुजरेगा। इससे तटीय इलाकों में भारी तबाही की आशंका जताई गई है। लोगों से तट पर नहीं जाने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा तमिलनाडु और पुड्डुचेरी के तटों पर मंगलवार रात से ही धारा 144 लगा दी गई।
इस बीच, मंगलवार को तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी बारिश हुई। इससे कई शहरों में जनजीवन अस्त व्यवस्त हो गया है। राज्य सरकारों ने पुलिस बलों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी समुद्र के पास न जा सके। साथ ही सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं, ताकि वे दफ्तर में रहकर लोगों के कॉल का जवाब दे सकें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंगलवार को तमिलनाडु व पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बात कर तैयारियों का जायजा लिया। पीएम ने साथ ही दोनों राज्यों को चक्रवाती तूफान निवार से निपटने के लिए केंद्र की तरफ से हर संभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया। नौसेना, पांच बाढ़ राहत टीमें और गोताखोरों की टीम अलर्ट मोड पर हैं। राज्य सरकारों ने भी अपनी तरफ से तैयारी की हैं। एनडीआरएफ महानिदेशक एनएन प्रधान ने बताया कि 1200 राहत कर्मियों को आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में तैनात किया गया है। वहीं 18 राहत टीमों को स्टैंड बाई पर रखा गया है।

नौसेना भी अलर्ट
भारतीय नौसेना ने मंगलवार को बताया कि वह अलर्ट मोड पर है। नागापट्टिनम, रामेश्वरम के नौसैन्य अड्डों पर एक-एक बाढ़ राहत टीम तैनात है। वहीं तमिलनाडु और पुड्डूचेरी तट पर आईएनएस परुंदू और आईएनएस ज्योति को तैनात किया गया है।

मराठी फिल्मों की एक्ट्रेस के साथ ‘हाथरस कांड’ दोहराने की धमकी देने वाला गिरफ्तार

मुंबई की ओशिवारा पुलिस ने उस शख्स को गिरफ्तार कर लिया है जो मराठी फिल्मों की एक्ट्रेस दीपाली सैयद भोसले के साथ ‘हाथरस कांड’ को दोहराने की धमकी दे रहा था। पुलिस ने आरोपी संदीप वाघ को अहमदनगर से अरेस्ट किया है।

दीपाली सैयद भोसले ने ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दर्ज कंप्लेंट में आरोप लगाए कि संदीप वाघ नामक शख्स ने उन्हें अहमदनगर में शो करने के लिए कॉल किया था,लेकिन बाद में वो उनसे अश्लील बातें करने लगा और जब उन्होंने कॉल काट दिया तो उसने दोबारा कॉल किया और उनके साथ हाथरस कांड जैसी हैवानियत को अंजाम देने की धमकी देने लगा।

तहलका से बात करते हुए दीपाली सैयद भोसले ने कहा,” मैं उसकी धमकी से बहुत ज्यादा डर गयी और मेरी आँखों के सामने हाथरस की विक्टिम की तस्वीर घूमने लगी।”

दीपाली सैयद भोसले ने ड्यूटी पर तैनात ओशिवारा पुलिस स्टेशन के ऑफिसर अमर पाटिल को पूरी बात बताई जिसके बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 353 (31), 354 (3), 509, and 506 (2) के तहत केस रजिस्टर किया।

ओशिवारा पुलिस ने आरोपी संदीप वाघ का फ़ोन ट्रेस किया और अहमदनगर से गिरफ्तार कर लिया। इन्वेस्टीगेशन में यह खुलासा हुआ कि आरोपी संदीप वाघ ने दीपाली भोसले का नंबर उस वक़्त उनसे लिया था जब साल 2019 में दीपाली स्थानीय निवासियों की मांगों को लेकर आंदोलन के सिलसिले में अहमदनगर गयी थीं।

शिवसेना से जुड़ी दीपाली महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर संवेंदनशील सामाजिक मुद्दों से जुड़े मोरचे में काफी एक्टिव रहीं हैँ।

दीपाली ने 2014 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर अहमदनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। इसमें वह हार गई थीं।

दीपाली का नाम पिछले साल हुए इलेक्शन में उस वक्त चर्चा में आया जब वह शिवसेना की तरफ से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गढ मुंब्रा- कलवा से जितेंद्र अव्हाड़ के खिलाफ खड़ी हुई थी उन पर आरोप था कि वह हिंदू बहुल इलाके में हिंदू नाम और मुस्लिम बाहुल्य इलाके में अपने मुस्लिम नाम से प्रचार कर रही है। हालांकि वह इलेक्शन नहीं जीत पाई लेकिन महाराष्ट्र में सरकार शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस की है।

मराठी फिल्मों की हीरोइन दीपाली सैयद का मूल नाम दीपाली भोंसले है। शादी के बाद उन्होंने अपना नाम सोफिया रख लिया। हालांकि, उन्होंने दीपाली सैयद नाम से ही नामांकन किया था।

फिलहाल दीपाली को धमकी देने वाले के बाबत इन्वेस्टीगेशन में पुलिस को पता चला कि संदीप वाघ अहमदनगर का हिस्ट्री शीटर है और उसके खिलाफ कई पुलिस थानों में संगीन आरोप दर्ज हैं।

भाजपा ने मनाया जश्न और कहा कि ये तो अभी झांकी है और काशी, मथुरा बाकी है

बाबारी मस्जिद विध्वंस मामले में आज सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी , मुरली मनोहर जोशी , कल्याण सिंह , विनय कटियार और उमा भारती सहित 32 नेताओं को प्रबल साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया। अदालत के फैसले के आते ही विश्व हिन्दू परिषद , भाजपा नेताओं और हिन्दू नेताओं ने जमकर दिल्ली में मिठाईयां बांटी और कहा कि आज का दिन भगवान राम का दिन है। दिल्ली में जयश्री राम के नारों के साथ जमकर लोग झूमें और कहा कि अब मथुरा और कांशी बाकी है। लालकृष्ण आडवाणी के निवास स्थान पर भाजपा नेताओँ का बधांई देने वालों का तांता लगा रहा।

भाजपा के नेता व केन्द्रीय फिल्म बोर्ड के सदस्य राजकुमार सिंह ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। देश के सभी नागरिकों को अब राम मंदिर के भव्य निर्माण बनने में सहयोग करना चाहिये। राजकुमार सिंह ने कहा कि अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को ढहाये गये विवादित ढांचे के मामले में 28 साल से चला आ रहा विवाद अब समाप्त हो गया है।

भाजपा नेता जे के मिश्रा ने फैसला आने के बाद 14 पंत मार्ग भाजपा कार्यालय दिल्ली के बाहर जश्न मनाते हुये  कहा  है कि देश में कई ऐसे मामले है जिनका निपटारा होना चाहिये जैसे मथुरा और काशी का मामला है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर एक ऐसा माहौल बनाया गया था कि जैसे राम मंदिर अयोध्या में हो ही नहीं । लेकिन अब वो भी दिन आने वाला है जब राममंदिर बनकर तैयार होने वाला है। भाजपा नेता डाँ एम सी शर्मा ने कहा कि अभी तो ये झांकी है, काशी ,मथुरा बाकी है।

विपक्ष के आगे झुकी सरकार, अब आधे घंटे का प्रश्न काल करने का फैसला किया

संसद के 14 अप्रैल से शुरू हो रहे मानसून सत्र में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले प्रश्न काल को नहीं करने के अपने पहले के फैसले से सरकार विपक्ष के गुस्से को देखते हुए पलट गयी है। विपक्ष के आगे झुकते हुए अब उसने प्रश्न काल आधा घंटा तक करने का फैसला किया गया है और इसमें सिर्फ लिखित प्रश्न होंगे।

इसे पहले सरकार के प्रश्न काल नहीं करने के फैसले से विपक्ष सख्त नाराज हो गया था। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र ही हत्या करार दिया था। इसके अलावा शून्य काल का समय भी आधा किये जाने की संभावना है। कांग्रेस और टीएमसी ने इस मसले पर सरकार पर जबरदस्त प्रहार किया था।

प्रश्न काल को लेकर कांग्रेस सदस्य शशि थरूर ने ट्वीट में कहा था – ”मैंने चार महीने पहले कहा था कि मजबूत नेता महामारी को लोकतंत्र को खत्म करने के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। संसद सत्र का नोटिफिकेशन ये बता रहा है कि इस बार प्रश्नकाल नहीं होगा। हमें सुरक्षित रखने के नाम पर ये कितना सही है ?”

एक और ट्वीट में थरूर ने कहा – ”संसदीय लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना एक ऑक्सीजन की तरह है। लेकिन ये सरकार संसद को एक नोटिस बोर्ड की तरह बनाना चाहती है और अपने बहुमत को रबर स्टांप के तौर पर इस्तेमाल कर रही है। जिस एक तरीके से जबावदेही तय हो रही थी, उसे भी किनारे किया जा रहा है।”

प्रश्न काल लोकसभा और राज्य सभा की कार्यवाही का सबसे जरूरी हिस्सा माना जाता है जिसमें विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेर सकता है। लोकतंत्रिक प्रणाली में प्रश्नकाल को हमेशा से बहुत जरूरी माना जाता है, लेकिन सरकार ने इस बार इसे रद्द कर दिया है। सरकार ने अपने फैसले के लिए कोरोना का हवाला दिया है।

बता दें मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर पहली अक्टूबर तक चलेगा। इसमें कोई अवकाश नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए जो शेड्यूल है उसके मुताबिक इसमें  प्रश्नकाल को रद्द कर दिया गया है। इसके बाद नाराज विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। टीएमसी के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार महामारी की आड़ में लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

शेड्यूल में प्राइवेट मेंबर बिल को लेकर किसी भी खास दिन का चयन नहीं किया गया है। सत्र के दौरान कुछ दिन प्राइवेट मेंबर बिल के लिए पहले से तय किए जाते हैं। शून्य काल को लेकर कहा जा रहा है कि इसका समय आधा किया जा सकता है। विपक्ष संसद के भीतर अपने मजबूत हथियार प्रश्न काल को रद्द करने से बहुत नाराज है। जिस तरह से विपक्ष इस मुद्दे पर आंदोलित हुआ है, उससे 14 सितंबर से शुरू होने वाले सत्र को लेकर विपक्ष की भूमिका पर अभी से कयास लगने शुरू हो गए हैं।

इस मसले पर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने कहा – ”सांसदों को 15 दिन पहले ही प्रश्न काल के लिए अपने प्रश्न सब्मिट करना आवश्यक है। सत्र की शुरुआत 14 सितंबर से हो रही है, तो क्या प्रश्न काल कैंसिल हो गया? 1950 से पहली बार विपक्ष के सांसद क्या सरकार से सवाल पूछने का अधिकार खो बैठे। जब संसद के समग्र कामकाजी घंटे समान हैं तो फिर प्रश्न काल को क्यों रद्द किया गया? लोकतंत्र की हत्या के लिए महामारी का बहाना बनाया जा रहा है।”

कोरोना काल में किन्नर से छेड़छाड़, पेटीएम से ली रिश्वत

यूं तो खाकी का घूस से रिश्ता कोई नया नहीं है, पर इनके दिलचस्प किस्से समय-समय पर आते रहते हैं। समय और बदलते दौर के साथ पुलिस वाले किसी को भी नहीं बख्श रहे और तो और रिश्वत भी डिजिटल मोड में लेने लगे हैं। हरियाणा पुलिस ने छेड़खानी के मामले में एक किन्नर से रिश्वत ली वो भी बिना छुए यानी पेटीएम से।
हरियाणा में खट्टर सरकार खाकी वर्दी फिर दागदार हुई है। यहां पुलिसकर्मी ने घूस के पैसे पेटीएम से लिए। आरोप है कि कोरोना संकट के काल में सोनीपत पुलिस बिना नोटों और आरोपियों को छुए यानी डिजिटल मोड से फायदा उठा रही है। इसके लिए उसने चीनी कंपनी के शेयर वाले पेटीएम से पेमेंट किया जाना कुबूल लिया है।
दरअसल, यह मामला हरियाणा के सोनीपत का है, जहां एक किन्नर के साथ छेड़खानी के मामले में रिश्वत मांगी थी। घूस लेने के आरोप रणवीर नामक पुलिसकर्मी पर लगे हैं।
आरोपी पुलिसकर्मी रणवीर ने पेटीएम से दो हजार रुपये की रिश्वत ली। खुलासा होने के बाद डीएसपी के पास पूरा मामला पहुंच गया। डीएसपी का कहना है कि मामले में गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गांवों के स्कूलों पर ध्यान दें सरकार ताकि बच्चों को मिले बेहत्तर शिक्षा

सरकार किसी भी संस्था का नाम बदलकर ना जानें किस बात का गर्व महसूस करती है । ये तो जनमानस को पता नहीं । मानव संशाधन विकास मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया है। इससे भी देश वासियों को कोई आपत्ति नहीं है पर देश की शिक्षा प्रणाली दिन व दिन ध्वस्त होती जा रही है  । उस पर सरकार अगर गौर करती तो निश्चित तौर पर देश की शिक्षा प्रणाली से सकारात्मक बदलाव आता उससे जरूर पढने वाले छात्रों को काफी लाभ होता और उनका भविष्य सुधरता । भले ही सरकार के नाम बदलने की कार्यप्रणाली को लेकर जो भी सियायत हो रही है। उस देश के शिक्षकों का कहना है कि शिक्षा के नाम पर गांव से लेकर शहरों तक कार्पोरेट स्कूल खोले जा रहे है । उसमें गरीब के बच्चों को एडमिशन मिलना काफी मुश्किल होता है।सरकारी स्कूलों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। देश में नर्सरी से लेकर काँलेज, यूनिवर्सिटी, लाँ काँलेज सहित तमाम संस्थान ऐसे है जहां पर पैसे के ही दम पर एडमिशन मिलता है। महानगर में नर्सरी में एसमिशन अभिभावकों के लिये तो एक समस्या होती है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के पूर्व शिक्षक प्रो जगदीश शर्मा का कहना है कि आज देश कोरोना काल से जूझ रहा है। कोरोना के कारण जो आर्थिक व्यवस्था लडखडायी है उससे भी देश में बेरोजगारी बढी है। ऐसे में सरकार का ये भी दायित्व बनता है कि इन पर काबू पाते । शिक्षक सुरेन्द्र सिंह का कहना है कि सरकार से उम्मीद करते है कि कोरोना काल में जो स्कूलों के बंद होने के कारण स्कूलों बच्चों को जो दिक्कत आयी है उसको दूर करने का प्रयास करें। देश में सरकारी स्कूल जो है उनमें व्यापक सुधार करें ताकि गरीब का बच्चा आसानी से बेहत्तर शिक्षा ग्रहण कर सकें अन्यथा गां का बच्चा बेहत्तर शिक्षा ग्रहण करने से वंचित रह जायेगा।क्योंकि यू पी , बिहार और राजस्थान और उडीसा की पिछडती शिक्षा प्रणाली किसी से छिपी नहीं है।ऐसे में सरकार को शिक्षा  मंत्रालय के तहत सरकारी स्कूलों को बेहत्तर बनाने का प्रयास करना चाहिये ताकि गांव –गांव का बच्चा पढ सकें। क्योंकि आज भी देश के सरकारी स्कूलों में पंखे तक नहीं लगे है।कई में तो बिजली के कनेक्शन नहीं है । स्कूली बच्चों को पीने का पानी तक स्वच्छ नहीं मिलता है। ऐसे में संशाधनों के अभाव में पढनें वाले बच्चों को बुनियादी जरूरतों से दो-चार होना पडता है।

देश की दो पोस्टर गल्र्स

केंद्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के िखलाफ 8 जनवरी को पूरे देश में बन्द रहा। इसके अलावा देश के कई हिस्सों में युवा लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जामिया के बाद जेएनयू में जिस तरह की बर्बर कार्रवाई की गई, उसके विरोध में देश भर में युवाओं में उबाल आ गया है। इन्हीं विरोध प्रदर्शनों के बीच में पिछले दिनों दो युवतियों के पोस्टरों ने देश में हलचल पैदा कर खूब सुॢखयाँ बटोरी। पहला पोस्टर- सबसे •यादा चर्चित और विवादित रहा; यह पोस्टर देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई के गेटवे ऑफ इंडिया में 6 जनवरी को एक युवती का था, जिसमें लिखा था-‘फ्री कश्मीर’। जबकि दूसरा विरोध-प्रदर्शन का बैनर देश की राजधानी नई दिल्ली के लाजपत नगर इलाके का है, जहाँ पर 5 जनवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह विधानसभा चुनाव के लिए कैंपेन करने निकले, तो उनको एक युवती ने घर की बालकनी पर ही इसे लटकाया था। यह अलग बात है कि मुम्बई में प्रदर्शन करने वाली युवती के िखलाफ देशद्रोह का केस दर्ज किया गया है, जबकि लाजपत नगर के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के उग्र रवैये के चलते मकान मालिक ने उसी रात को ही युवा वकील से घर करवा लिया जो अपने दोस्त के साथ रह रही थीं।

शाह को बैनर दिखाने वाली पेशे से वकील

देश के गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह लाजपत नगर कॉलोनी में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जागरूकता अभियान चलाने को निकले थे। इसी बीच महिला ने विरोध जताने को अपनी बालकनी में सीएए और एनआरसी के िखलाफ बैनर लटका रखा था। यह लडक़ी पेशे से वकील सूर्या राजप्पन है। राजप्पन पर हिंसक भीड़ ने घर में घुसकर हमला करने की कोशिश की थी। सूर्या का मानना है कि उसका विरोध आइडिया ऑफ इंडिया के लिए, जिसमें हम सब पले बढ़े हैं। वह कहती हैं कि अपने स्कूल के दिनों में 2020 के लिए जिस भारत की कल्पना की थी, वो ये नहीं है।

दिल्ली हाई कोर्ट में वकील 27 वर्षीय सूर्या कहती हैं, अगर मुझे लगता है कि सरकार कुछ गलत कर रही, तो यह मेरा संवैधानिक अधिकार है कि मैं उसका विरोध करूँ। सूर्या और उनकी दोस्त ने एक बेडशीट पर गुलाबी स्प्रे से पेंट करके बैनर तैयार किया था। हालाँकि इसके लिए उन्होंने बहुत मशक्कत नहीं की थी। यह विरोध अमित शाह के िखलाफ नहीं था, फिर भी उग्र भीड़ ने जिस तरह से बैनर फाड़ा, उसे कतई उचित नहीं ठहरा सकते। सूर्या का मानना है कि देश के हालात से वो नाउम्मीद होती जा रही थीं, पर अब विरोध प्रदर्शनों से एक उम्मीद जगी है।

महक कश्मीरी नहीं, मराठी लडक़ी

दूसरी युवती जो चर्चा में रही वह है- मुम्बई के गेटवे ऑफ इंडिया पर ‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर लहराने वाली महक मिर्जा प्रभु है। इंस्टाग्राम पर महक ने वीडियो के ज़रिये बताया- ‘गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन के दौरान एक पोस्टर उठाया था। यह पोस्टर वहीं पर पड़ा था। उसने इसे सिर्फ इसलिए उठाया था; क्योंकि मैं कश्मीर में इंटरनेट और मोबाइल सेवा बहाल किये जाने की बात का समर्थन करना चाह रही थी। महक ने स्पष्ट किया कि वह कश्मीरी नहीं, बल्कि मुम्बई की रहने वाली है। वह किसी गैंग का हिस्सा नहीं है।’

‘फ्री कश्मीर’ का पोस्टर गर्ल खुद बताती हैं कि वह मुम्बई में रहती हैं और लेखिका हैं। पोस्टर को गलत नज़रिये से देखा जा रहा है। मुम्बई में जेएनयू के छात्रों के समर्थन के साथ ही सीएए और एनआरसी के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच बहुत से पोस्टर वहाँ पड़े थे, उन्हीं में से एक यह प्ले कार्ड था जिस पर फ्री कश्मीर लिखा था। महक प्रभु बताती हैं कि उनके प्लेकार्ड को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।

1982 में जन्मी महक मूलत: मुम्बई की रहने वाली हैं। वे टेड टॉक जैसे प्लेटफॉर्म पर अपने विचार रख चुकी हैं। उनका वीडियो ‘अम्मी का मोबाइल फोन’ भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चित रहा था। महक ब्लॉग के ज़रिये सामाजिक मुद्दे उठाती रही हैं। स्टोरी टेलिंग का एक ऑनलाइन स्कूल भी चलाती हैं। यू-ट्यूब पर भी चर्चित हैं, जहाँ पर उनके वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं।

Delhi Assembly polls: BJP releases first list of 57 candidates

 

The Bharatiya Janata Party (BJP) on Friday released its first list of 57 candidates for the upcoming Delhi Assembly Elections.

Delhi BJP president Manoj Tiwari made the announcement at a press briefing in New Delhi.

Out of the 57 names, 11 are from Scheduled Caste (SC) community, while four are women. The remaining 13 candidates will be announced later, Tiwari said.

Among the prominent names in the list of candidates are Vijender Gupta from Rohini, Kapil Mishra from Model Town

The Congress is also likely to release its list of candidates later in the day.

The Aam Aadmi Party (AAP) on Tuesday released the list of 70 candidates for Delhi Assembly polls.

Chief Minister Arvind Kejriwal will contest again from New Delhi and his Deputy Manish Sisodia to contest from Patparganj.

Voting for the 70 Assembly seats in Delhi will take place on February 8 and the counting of votes is scheduled on February 11.

2019 में कैमरे की नज़र से

नये साल का आगाज़हो चुका है, ‘तहलका’ फोटो डेस्क ने देश और दुनिया में 2019 में राजनीति, कारोबार, सिनेमा, खेल और अन्य घटनाओं को अपनी नज़र देखा, तो पाया कि राजनीति और चुनाव दोनों ही टॉप पर रहे। उस साल के सबसे चर्चित घटनाओं में शुमार रहीं-पुलवामा आतंकी हमला, विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान, कश्मीर से अनुच्छेद हटाना, मिशन चंद्रयान-2, नागरिकता संशोधन अधिनियम और महिला सुरक्षा। इनमें से कई अहम फैसले रहे, जिनके विरोध में लोग सडक़ों पर उतरे।

2019 लगभग हर क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण का वर्ष था। जबकि खेल में भी महिलाओं ने अपना पदक जीतकर रिकॉर्ड बनाये, तो विज्ञान के क्षेत्र में भी दमदार काम किया साथ ही सशस्त्र बलों में भी अपनी उपास्थिति दर्ज कराकर इतिहास में नाम दर्ज किया। इस बीच भारतीय राजनीति ने पिछले साल हुए लोक सभा चुनाव 78 महिला सांसद चुनकर आयीं। कुल मिलाकर अब तक का सबसे बड़ा संकेत है कि वे साँचे को तोड़ रही हैं और किसी भी जोखिम को उठाने से पीछे नहीं हटती हैं।

भारत के ई कॉमर्स उद्योग के लिए वर्ष 2019 की शुरुआत नये सरकारी नियमों के साथ हुई थी, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र को कारगर बनाना था, उसकी प्रतिक्रिया मिश्रित रही। इसमें मंदी का भी दौर रहा; लेकिन ई कॉमर्स ने देश ग्रामीण इलाके तक में पहुँच बनायी। सरकार द्वारा ऑनलाइन मार्केट प्लेस के लिए पेश किये गये नये एफडीआई नियम पहले की नीति के लगभग उलट थे, जहाँ उन्हें उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष सौदों में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। इससे भी महत्त्वपूर्ण बात, ऑनलाइन मार्केट प्लेस एक वेंडर से उनकी आपूर्ति के 25 प्रतिशत से अधिक का स्रोत नहीं बना सके। काफी छूट पर अंकुश लगाने के लिए भी कदम उठाये गये।

याहू इंडिया के अध्ययन के अनुसार, साइबर स्पेस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 में लगातार दूसरी बार भारत में ऑनलाइन सर्च की गयी शिख्सयत रहे। क्रिकेटर एमएस धोनी और अभिनेता प्रियंका चोपड़ा जोनस जैसी हस्तियाँ भी इस सूची में शामिल रहीं। अभिनंदन वर्धमान ने शीर्ष 10 में रहे; क्योंकि पाकिस्तान ने अपने कब्ज़े में लेने के बाद महज़कुछ घंटों के बाद ही उसे रिलीज करना पड़ा। वयोवृद्ध भाजपा नेता अरुण जेटली भी इस सूची में शामिल रहे, जिनकी असामयिक मृत्यु पर हर राजनीतिक दल के नेताओं ने शोक जताया।

भारत ने पिछले साल कई दिग्गजों को खो दिया। सुषमा स्वराज, जो पाँच साल विदेश मंत्री रहीं, उनका निधान अगस्त में हुआ। केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली भी नहीं रहे। प्रख्यात वकील और राजनीतिज्ञ राम जेठमलानी का भी पिछले साल निधन हो गया। सीसीडी के मालिक वीजी सिद्धार्थ की संदिग्ध हालात में मौत हो गयी। 2019 में इस दुनिया को छोडक़र जाने वालों में वशिष्ठ नारायण सिंह जैसे महान् गणितज्ञ शामिल थे, जिन्होंने आइंस्टीन के सिद्धांत को चुनौती दी थी; टीएन सेशन, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त; तीन बार की दिल्ली की सीएम रहीं शीला दीक्षित; गोवा के मुख्यमंत्री व पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, बिहार के पूर्व सीएम जगन्नाथ मिश्रा और पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस। नौकरशाहों में देश ने पूर्व विदेश सचिव केपीएस मेनन (जूनियर) और भारत की पहली महिला डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य भी दुनिया को अलविदा कह गयीं। इनके अलावा साहित्यकार नबनीता देव सेन, साहित्य अकादमी विजेता लेखक और हिन्दी की मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती भी पंचतत्त्व में विलीन हो गयी। िफल्मी जगत की बात करें तो देश के िफल्म ‘शोले’ के कालिया विजू खोटे, जाने-माने संगीतकार खय्याम; अभिनेता श्रीराम लागू; अनुभवी अभिनेत्री विद्या सिन्हा; अभिनेत्री-निर्देशक विजया निर्मला; दिग्गज फिल्म और थिएटर व्यक्तित्व गिरीश कर्नाड और दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता और लेखक कादर खान भी पिछले साल अलविदा कह गये।

भारतीय हॉकी : अभी उम्मीद है बाकी

विश्व के खेल मानचित्र पर यदि भारत को पहचान मिली, तो यह पहचान हॉकी ने दिलवायी। 1928 से लेकर 1956 तक भारत ने ओलंपिक खेलों में लगातार छ: स्वर्ण पदक जीते। यदि दूसरे विश्व युद्ध के कारण 1936 से 1948 के बीच दो ओलंपिक खेल और हो गये होते, तो निश्चित ही भारत के स्वर्ण पदकों की गिनती कहीं अधिक होती। पर आज भी ओलंपिक हॉकी में आठ स्वर्ण पदक जीतने वाला भारत के अलावा दूसरा कोई देश नहीं है।

महिला हॉकी की कहानी कुछ अलग है। भारत ने अब तक केवल दो ओलंपिक खेलों में भाग लिया है। सबसे पहले 1980 में मास्को ओलंपिक में जहाँ पहली बार महिला हॉकी को इन खेलों में शामिल किया गया था और दूसरी बार 36 साल बाद 2016 में रियो ओलंपिक में। मास्को में भारत चौथे स्थान पर रहा था, जबकि रियो में वह छठा स्थान पा सका। देश के लिए खुशी की बात यह है कि भारतीय महिला टीम अगले साल (2020) टोक्यो में होने वाले ओलंपिक खेलों के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी है। देखना है कि रानी रामपाल के नेतृत्त्व में वहाँ जा रही यह युवा टीम कैसा प्रदर्शन करती है?

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला टीम को पूल-ए में रखा गया है। यह पूल काफी कठिन माना जा रहा है। इसमें भारत के साथ पिछले चैंपियन ब्रिटेन और विश्व की नम्बर एक टीम नीदरलैंड की टीमों को रखा गया है। इसके अलावा इस पूल में जर्मनी, आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें भी हैं। भारत को विश्व महिला हॉकी में नौवीं रैंकिंग मिली है। पूल-बी में आस्ट्रेलिया, स्पेन, चीन, जापान, न्यूजीलैंड और अर्जेंटीना की टीमें हैं।

भारतीय पुरुष टीम को पूल-ए में पिछले चैंपियन अर्जेंटीना और विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया के साथ स्थान दिया गया है। इनके अलावा पूल में स्पेन, न्यूजीलैंड और मेजमान जापान की टीमें हैं। भारतीय टीम को विश्व में पाँचवीं वरीयता प्राप्त है। पूल-बी में बेल्जियम, नीदरलैंडस, जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा और दक्षिण अफ्रीका की टीमें हैं।

भारत को दोनों ही टीमों को ओलंपिक में स्थान बनाने के लिए क्वालीफाइंग मैच खेलने पड़े। पुरुषों ने रूस को दो मैचों की शृंखला में कुल 11-3 से परास्त किया, जबकि महिलाओं को अमेरिका पर 6-5 से संघर्षपूर्ण जीत दर्ज करना पड़ी।

यदि पूल मैचों पर नज़र डालें, तो लगता है कि भारत अन्तिम आठ में स्थान बना लेगा। दोनों पूलों से चार-चार टीमें अगले दौर में जगह बनायेगी। भारत का पूल थोड़ा आसान इसलिए है कि यूरोपीय हॉकी की प्रमुख टीमें जर्मनी, नीदरलैंडस और बैल्जियम दूसरे पूल में हैं। भारत के लिए कठिन मैच आस्ट्रेलिया के साथ ही माना जा रहा है। इसके अलावा स्पेन की टीम भी भारत को टक्कर दे सकती है। हालाँकि अर्जेंटीना पिछला चैंपियन है; पर उसके िखलाफ भारत का रिकॉर्ड अच्छा है। पिछले ओलंपिक में भी भारत ने उसे परास्त किया था। इस स्तर के मुकाबलों में किसी भी टीम को कम नहीं माना जा सकता। न्यूजीलैंड भी विश्व की किसी भी टीम को हराने में सक्षम है। कनाडा और जापान ऐसी टीमें हैं, जिन पर जीत दर्ज करने में भारत को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। हालाँकि मेज़बान जापान एशियाई चैंपियन है, पर भारत ने उसे जकार्ता में 8-0 से और एफआईएच सीरीज में 7-2 से हरा है। यदि भारत ने पूल मैचों में पहला या दूसरा स्थान पा सकता है। इस तरह उसका क्वार्टर फाइनल में पहुँचना लगभग तय माना जा सकता है।

महिला वर्ग

महिलाओं की राह आसान नहीं होगी। उनके पूल में नीदरलैंडस और जर्मनी जैसी बहुत शक्तिशाली टीमें हैं। इनके अलावा ब्रिटेन भी काफी मज़बूत हैं। इन टीमों पर जीत हासिल करना यदि भारत के लिए असम्भव नहीं, तो कठिन अवश्य है। अब रह जाती हैं आयरलैंड और दक्षिण अफ्रीका की टीमें। दक्षिण अफ्रीका यहाँ सबसे कमज़ोर टीम मानी जाती है। इस कारण उस पर जीत दर्ज करने में भारत को कोई बड़ी कठिनाई नहीं होनी चाहिए। भारत के भाग्य का फैसला भारत और आयरलैंड का मैच करेगा। पहले तीन स्थान तो नीदरलैड्स, जर्मनी और ब्रिटेन की टीमें ले जाएगी, पर चौथे स्थान के लिए असली टक्कर भारत और आयरलैंड के बीच होगी। यदि भारत यह मैच जीत जाता है, तो वह क्वार्टरफाइनल में अपनी जगहत बना लेगा।

ओलंपिक का हॉकी कार्यक्रम

पुरुष वर्ग

25 जुलाई, 2020     सायं   भारत बनाम स्पेन

26 जुलाई, 2020     सायं   भारत बनाम जापान

28 जुलाई, 2020     सुबह  भारत बनाम आस्ट्रेलिया

29 जुलाई, 2020     सायं   भारत बनाम न्यूजीलैंड

31 जुलाई, 2020     सुबह  भारत बनाम अर्जेंटीना

02 अगस्त, 2020     क्वार्टरफाइनल मैच

04 अगस्त, 2020     सेमीफाइनल मैच

06 अगस्त, 2020     सुबह  कांस्य पदक का मैच

06 अगस्त, 2020     सायं फाइनल

महिला वर्ग

26 जुलाई, 2020     सुबह  भारत बनाम जर्मनी

27 जुलाई, 2020     सायं   भारत बनाम नीदरलैंड

29 जुलाई, 2020     सुबह  भारत बनाम आयरलैंड

30 जुलाई, 2020     सायं   भारत बनाम ब्रिटेन

01 अगस्त, 2020     सायं   भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका

03 अगस्त, 2020     क्वार्टरफाइनल मैच

05 अगस्त, 2020     सेमीफाइनल मैच

07 अगस्त, 2020     सुबह  कांस्य पदक का मैच

07 अगस्त, 2020     सायं फाइनल