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बिहार पुलिस ने 100 किलो डोडा के साथ 54 किलो गांजा पकड़ा

बिहार:चौपारण में फैले गैर कानूनी धंधा को जड़ से उखाड़ने को लेकर अपने ही स्टाइल से आगे बढ़ रहे थाना प्रभारी दीपक सिंह आज जनता के चहेते बन बैठे है। हर दिन एक बड़ा खुलासा कर सभी को चौकाने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक को मिले गुप्त सूचना पर डीएसपी सुरजीत कुमार, थाना प्रभारी दीपक सिंह ने छापेमारी टीम बनाकर दुरागड़ा गाँव में छापामारी कर 107.4 किलोग्राम डोडा व 54.1 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। डोडा व गांजा का सरकारी दर लगभग 47 लाख के आसपास है।

थाना प्रभारी ने बताया कि दुरागड़ा गाँव निवासी कैलाश सिंह व बिट्टू सिंह अपने अपने घरों में डोडा व गांजा छिपाकर तस्करी के लिए रखा गया था। जब पुलिस पकड़ने गई तो दोनों अपने-अपने घर से निकालकर बाहर फेंक रहे थे। पुलिस को आता देख एक तस्कर भागने में सफल रहा है, वहीं पुलिस ने कैलाश सिंह को मौके पर से गिरफ्तार किया है। इस अभियान में अवर निरीक्षक नीलेश कुमार रंजन, संजय सिंह, बिंदेश्वर महतो शामिल थे।

उम्र की सीमा को तोड़ते हौसले

सतीश सिंह

प्रसिद्ध शायर दुष्यंत कुमार ने ए के सिंह, जिनका पूरा नाम अवधेश कुमार सिंह के लिये ही कभी लिखा था, “कौन कहता है, आसमान में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों”। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, अहमदाबाद, गुजरात में पदस्थापित क्षेत्रीय आयुक्त-1, श्री सिंह ने इस कथन को सही मायनों में चरितार्थ किया है।

पूर्व में 50 वर्ष आयु वर्ग और अब 55 वर्ष आयु वर्ग में श्री सिंह मैराथन में देश के उभरते सितारे हैं। मूल रूप से बिहार के पखनपुर, थाना हिलसा, जिला नालंदा के रहने वाले श्री सिंह की पृष्ठभूमि खेल की नहीं रही है। पूर्व में उन्होंने स्कूल या कॉलेज या फिर जीवन के किसी भी कालखंड में कभी भी किसी भी खेल में हिस्सा नहीं लिया है।     

श्री सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी प्रभावशाली रही है। कुछ प्रतियोगी परीक्षाओं में तो वे ऑल इंडिया टॉपर रहे हैं। कई सरकारी नौकरियाँ कर चुके हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा 1998 में आयोजित सहायक आयुक्त, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की परीक्षा में श्री सिंह का मेरिट लिस्ट में 22वां स्थान रहा था।

2015 में कोलकाता पदस्थपाना के दौरान श्री सिंह ने मैराथन के बारे में पढ़ा। साथ में यह भी जाना कि जो भी प्रतिभागी दौड़ को पूरा करते हैं उन्हें पदक दिया जाता है। चूंकि, श्री सिंह नियमित रूप से सैर करते थे, इसलिए, उन्हें लगा कि वे भी मैराथन दौड़ सकते हैं और उन्होंने बिना देर किए  एयरटेल दिल्ली मैराथन, बड़ौदा अल्ट्रा मैराथन और 25 किलोमीटर के कोलकाता मैराथन के लिए अपना नामांकन करवा लिया। 

श्री सिंह ने पहली बार 2015 में 45 वर्ष से अधिक उम्र संवर्ग में बड़ौदा अल्ट्रा हॉफ मैराथन में हिस्सा लिया और 23वां स्थान हासिल किया। पहले प्रयास में सम्मानजनक स्थान हासिल करने से उनके आत्मविश्वास में अभूतपूर्व इजाफा हुआ। इसके बाद, 2015 में ही श्री सिंह ने दिल्ली और कोलकात्ता हॉफ मैराथन में हिस्सा लिया। कोलकात्ता हॉफ मैराथन में श्री सिंह ने 19वां स्थान हासिल किया तो दिल्ली हॉफ मैराथन में 153वां। तीनों उपलब्धियां, श्री सिंह ने बिना किसी प्रशिक्षण के हासिल की, जिससे उनके हौसले में अभूतपूर्व इजाफा हुआ। उन्हें लगा कि यदि मैराथन का पेशेवर प्रशिक्षण लिया जाये तो आसानी से वे अपने आयु वर्ग में गोल्ड मेडल जीत सकते हैं।       

संयोग से, नवंबर, 2015 में ही, श्री सिंह का तबादला पंजाब के लुधियाना शहर में हो गया। वे जानते थे कि खेल के मामले में पंजाब देश में अव्वल है। इसलिए, उन्हें यहाँ एक अच्छा कोच मिल सकता है। इस दौरान श्री सिंह ने ओ पी जैयशा के जीवन के बारे में लेख पढ़ा। लेख, जैयशा के जीवन संघर्ष के बारे में था, मसलन, जैयशा प्रतिकूल परिस्थितियों में भी कैसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुँची। उसी लेख में, श्री सिंह को जैयशा के पति और एथलीट के कोच श्री गुरमीत सिंह जी के बारे में जानकारी मिली।

यह भी पता चला कि जैयशा को सफलता के शिखर तक पहुंचाने में सबसे महत्वपूर्ण योगदान श्री गुरमीत जी का रहा है। लेख में बताया गया था कि श्री गुरमीत लुधियाना से हैं। श्री सिंह ने श्री गुरमीत जी से उन्हें प्रशिक्षित करने का आग्रह किया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।     

महज 6 महीनों के पेशेवर प्रशिक्षण के बाद, श्री सिंह ने जुलाई, 2016 में चंडीगढ़ के 21 किलोमीटर हॉफ मैराथन, रन द नाइट ग्लो में हिस्सा लिया और अपने आयु वर्ग में गोल्ड मेडल जीता। इस प्रतियोगिता में, श्री सिंह को ओवर ऑल 12वां स्थान हासिल हुआ। श्री सिंह ने अगस्त, 2016 में मुंबई में हुए आईडीबीआई हॉफ मैराथन में छठा स्थान प्राप्त किया तो अक्टूबर, 16 में आयोजित बड़ौदा अल्ट्रा हाफ मैराथन में चौथा स्थान। दिसंबर, 2016 को टाटा स्टील द्वारा आयोजित की जाने वाली कोलकात्ता हॉफ मैराथन में श्री सिंह ने तीसरा स्थान हासिल किया।     

20 नवंबर, 2016 को दिल्ली में आयोजित एयरटेल डेल्ही हॉफ मैराथन में श्री सिंह ने 19वां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि उन्होंने चिकनगुनिया से पीड़ित होने के बाद हासिल किया था। श्री सिंह ने इस हॉफ मैराथन को 1 घंटा 38 मिनट में पूरा किया था, जबकि 2015 में इसी दूरी को तय करने में उन्होंने 1 घंटा 55 मिनट का समय लिया था और उनका 153वां स्थान रहा था।

उपलब्धि के दृष्टिकोण से यह एक लंबी छलांग थी। श्री सिंह ने 2016 में हुए आईडीबीआई मुंबई हॉफ मैराथन में छठा स्थान हासिल किया तो 2017 में मुंबई में आयोजित स्टैंडर्ड चार्टर्ड हॉफ मैराथन में चौथा स्थान हासिल किया। 2017 के दिसंबर में पटना में हुए हॉफ मैराथन में श्री सिंह ने दूसरा स्थान हासिल किया।     

श्री सिंह के हॉफ मैराथन का कारवां यूं ही आगे बढ़ रहा था। इसी बीच, उन्हें बोस्टन मैराथन के बारे में पता चला। लोगों ने कहा कि बिना बोस्टन मैराथन दौड़े आपके मैराथन दौड़ने का सफर अधूरा है। चूँकि, बोस्टन मैराथन फुल यानी 42 किलोमीटर का होता है। इसलिये, श्री सिंह ने हॉफ मैराथन की जगह फुल मैराथन दौड़ना शुरू कर दिया।  

फिर, 2017 में ही लॉन्गफोर्ड, आयरलैंड में अगस्त महीने में हुए फुल मैराथन में श्री सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। फिर भी, वे बोस्टन मैराथन के लिये पात्रता हासिल नहीं कर सके। पुनश्च: 2017 में हुए आईडीबीआई दिल्ली फुल मैराथन में उन्होंने 13वां स्थान हासिल किया, लेकिन अपने लक्ष्य को हासिल करने से चूक गये। वर्ष 2018 में हुए आईडीबीआई दिल्ली फुल मैराथन में श्री सिंह ने 9वां स्थान हासिल करते हुए बोस्टन मैराथन की पात्रता हासिल कर ली। यह दूरी श्री सिंह ने 3 घंटे 24 मिनट में पूरी की।

श्री सिंह ने 2019 में बोस्टन मैराथन में हिस्सा लिया। यह श्री सिंह के सपने के साकार होने जैसा था, क्योंकि बोस्टन मैराथन को दुनिया भर में मैराथन का मक्का-मदीना माना जाता है। उसके बाद, अप्रैल, 2018 में चंडीगढ़ में आयोजित डेली वर्ल्ड फुल मैराथन को 3 घंटे 32 मिनट में पूरी करते हुए गोल्ड मेडल जीतने का गौरव हासिल किया। श्री सिंह डेली वर्ल्ड मैराथन के ब्रांड एमबेस्डर भी रहे हैं।

श्री सिंह 2017 एवं 2018 में पंजाब मास्टर एथलेटिक्स के 400 व 800 मीटर में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। श्री सिंह ने 2019 में गुंटूर में संपन्न हुए राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पंजाब का प्रतिनिधित्व करते 800 मीटर संवर्ग में कांस्य पदक भी जीत चुके हैं। वैसे, श्री सिंह स्वर्ण पदक के हकदार थे, लेकिन फिनिशिंग लाइन से कुछ मीटर पहले गिर जाने की वजह से उन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

श्री सिंह 2019 में मलेशिया की राजधानी क्वालालांपुर में आयोजित की गई एशियाई खेल में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए 800 मीटर संवर्ग में 2.25 मिनट का समय लेकर 5वां स्थान प्राप्त कर चुके हैं। आम तौर पर मैराथन दौड़ने वाले 400 या 800 मीटर जैसी कम दूरी की स्पर्धाओं में भाग नहीं लेते हैं। यह श्री सिंह की विलक्षण प्रतिभा ही है कि वे मैराथन और छोटी दूरी की स्पर्धाओं में साथ-साथ अपनी जीत का परचम लहरा रहे हैं।   

2020 में कोरोना के आक्रमण से दुनिया थम सी गई थी। हर जगह डर और खौफ का माहौल था। ऐसे आपातकाल में श्री सिंह का मैराथन दौड़ना भी बंद हो गया, लेकिन जैसे ही महामारी का प्रकोप कम हुआ, श्री सिंह ने सितंबर 2021 में आयोजित की गई शिवालिक हिल्स हॉफ मैराथन में हिस्सा लिया और बिना अभ्यास के चौथा स्थान हासिल किया।

2022 और 2023 के सितंबर महीने तक पारिवारिक कारणों से श्री सिंह अभ्यास एवं मैराथन दोनों से दूर रहे, लेकिन 15 अक्तूबर को दिल्ली में आयोजित वेदांता हॉफ मैराथन में बिना तैयारी के 26वां स्थान हासिल किया। श्री सिंह ने पुनः 26 नवंबर 2023 को अहमदाबाद में आयोजित किये गये अडानी फुल मैराथन में 3 घंटे, 55 मिनट और 57 सेकेंड समय के साथ सातवाँ स्थान हासिल किया। फिर, चंडीगढ़ में 18 फरवरी 2024 को आयोजित सीएफएम फुल मैराथन में श्री सिंह ने 3 घंटे 32 मिनट और 1 सेकेंड समय के साथ ओवरऑल 16वां रैंक हासिल किया। साथ ही, बोस्टन एवं शिकागो मैराथन में हिस्सा लेने की पात्रता भी हासिल कर ली। अडानी मैराथन की तुलना में चंडीगढ़ मैराथन में श्री सिंह की टाइमिंग में काफी सुधार आया, जो दर्शाता है कि श्री फिर से ट्रैक पर आ चुके हैं और जल्द ही कुछ और शानदार उपलब्धियां श्री सिंह के खाते में आने वाली हैं।

सतीश सिंह-अहमदाबाद स्थित वरिष्ठ स्तंभकार हैं,विचार व्यक्तिगत हैं

ट्रक और मिनी बस की टक्कर में मां वैष्णो देवी के 7 श्रद्धालुओं की मौत

हरियाणा : अंबाला जिले में देररात भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें मां वैष्णो देवी 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 15 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिन्हें सिविल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। अंबाला कैंट सिविल अस्पताल के डॉ. कौशल कुमार के अनुसार, घायलों की हालत खतरे से बाहर है।
मृतकों में 6 महीने की बच्ची भी शामिल है। राहगीर और पुलिस की टीमें घायलों को लेकर अस्पताल पहुंची। हादसा अंबाला-दिल्ली-जम्मू नेशनल हाईवे पर ट्रैवलर (मिनी बस) और ट्रक की टक्कर से हुआ। वहीं हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। अंबाला पुलिस ने क्षतिग्रस्त मिनी बस और शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, हादसा हाईवे पर गांव मोहड़ा के पास हुआ। मिनी बस में करीब 25 लोग सवार थे, जिनमें से 7 लोगों की जान गई है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी लोग मां वैष्णा देवी के दर्शन करने लिए निकले थे की हादसे का शिकार हो गए । टक्कर इतनी जोरदार थी कि मिनी बस का आगे का हिस्सा बुरी तरह डैमेज हो गया।

टक्कर लगते ही सभी लोग मिनी बस से निकलकर इधर-उधर गिर गए। सड़क पर सिर लगने से लोगों की जान गई। राहगीरों ने बचाव अभियान चलाते हुए डैमेज मिनी बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। हादसे की सूचना भी राहगीरों ने ही पुलिस को दी। हादसे की जानकारी मिलते ही मोहड़ पुलिस टीम ने मौके पर आकर शवों को कब्जे में लिया।
मरने वाले और घायल एक ही परिवार के लोग
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में घायल हुए और मरने वाले लोग एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान सोनीपत में जखौली गांव निवासी 52 वर्षीय विनोद, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के गांव ककौड़ निवासी मनोज (42 वर्षीय), गुड्डी, गांव हसनपुर निवासी बुजुर्ग महेर चंद, गांव ककौड़ निवासी सतबीर (46 वर्षीय) और 6 महीने की दीप्ति के रूप में हुई है। एक अन्य की पहचान नहीं हुई है।

घायलों में बुलंदशहर निवासी राजिंद्र (50 वर्षीय ), कविता (37 वर्षीय), वंश (15 वर्षीय), सुमित (20 वर्षीय), सोनीपत के गांव जखौली निवासी सरोज (40 वर्षीय), दिल्ली के मगुलपुरी निवासी नवीन (15 वर्षीय), लालता प्रसाद (50 वर्षीय), मुगलपुरी निवासी अनुराधा (42 वर्षीय), बुलंदशहर के गांव टकोर निवासी शिवानी (23 वर्षीय), आदर्श (4 वर्षीय) आदि शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, घायलों से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा तेज स्पीड के कारण हुआ। आगे चल रहे ट्रक के आगे अचानक कोई वाहन आ गया, जिससे बचने के चक्कर में ट्रक वाले ने ब्रेक लगाई। पीछे आ रही मिनी बस का ड्राइवर स्पीड कंट्रोल नहीं कर पाया और पीछे से ट्रक से भिड़ गया।

मुठभेड़ में 7 नक्सली मारे गए, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

छत्तीसगढ़ : नारायणपुर जिले में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ में सात नक्सली मारे गए हैं। इस एनकाउंटर में सुरक्षाबलों के जवानों के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि मुठभेड़ सुबह करीब 11 बजे तब शुरू हुई जब सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी।

मुठभेड़ के बाद, घटनास्थल से सात नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। इस नक्सल विरोधी ऑपरेशन में दंतेवाड़ा, नारायणपुर और बस्तर जिलों के जिला रिजर्व गार्ड, बस्तर फाइटर्स और स्पेशल टास्क फोर्स के जवान शामिल थे। पुलिस को जंगल में नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह छापेमारी की गई।

इस घटना के साथ ही इस साल राज्य में सुरक्षाबलों के साथ अलग-अलग मुठभेड़ों में अब तक 107 नक्सली मारे जा चुके हैं। इस सफलता से नक्सल विरोधी अभियानों में लगे सुरक्षाबलों का मनोबल और बढ़ा है।

ठाणे की केमिकल फैक्ट्री में हादसा; 6 की मौत ,56 घायल

महाराष्ट्र: ठाणे जिले के डोंबिवली में एक केमिकल फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट की घटना हुई है, जिससे 6 लोगों की मौत हो गई है और 56 लोग घायल हो गए हैं। हादसे के बाद, स्थानीय लोगों की सुरंग में बीच रात तक भीड़ लगी रही।

सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीरों में दिखाई गई तोड़ी हुई खिड़कियों और चरम प्रदूषण की तस्वीरें भारी हैं। स्थानीय अस्पतालों में इलाज जारी है और सरकार ने घायलों की देखभाल के लिए तत्परता दिखाई है।

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि सरकार ने केमिकल फैक्ट्रियों को रहवासी इलाकों से बाहर शिफ्ट करने का एलान किया है। उप मुख्यमंत्री ने दुखद घटना के पीड़ितों के परिवारों को संवेदना व्यक्त की है और उन्हें सहायता के लिए तैयारी की गारंटी दी है।

कोलकाता में मिला बंग्लादेश के सांसद का शव, हत्या की आशंका

पश्चिम बंगाल : सांसद अनवारुल आजिम अनार का पश्चिम बंगाल के कोलकाता में शव मिला है। बांग्लादेश के सांसद अनवारुल आजिम अनार पिछले 9 दिनों से लापता थे।उनकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। अनवारुल आजिम बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी के सांसद थे।वह इलाज के लिए भारत आए थे।जानकारी के मुताबिक, अजीम 18 मई से लापता थे।बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार के अनुसार गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने अजीम की हत्या की पुष्टि की है।
उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस हत्या के पीछे लंबी साजिश हो सकती है।सासंद अनवारुल आजिम का शव अभी तक बरामद नहीं हुआ है।गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने कहा कि उनकी हत्या हुई है और इसमें बांग्लादेशी लोग शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।सांसद अनवारुल का शव कोलकाता के न्यूटाउन इलाके में मिला है।
अनवारुल आजिम 11 मई को इलाज के लिए भारत आए थे।13 मई से उनसे संपर्क टूट गया था।सांसद के पीए अब्दुर रऊफ ने बताया कि दो दिन तक उनका अपने परिवार और पार्टी के सदस्यों के साथ संपर्क रहा था। बांग्लादेशी सांसद की बेटी मुमताहिन फिरदौस डोरिन ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की जासूस शाखा (Detective Branch) से अपने पिता और सांसद को खोजने की अपील की थी।
सांसद अनवारुल अजीम 12 मई को दर्शना-गेडे सीमा के जरिए भारत में एंट्री की थी। वहां गोपाल नाम के व्यक्ति के घर रुके थे।अगले दिन वो नाश्ता करने के बाद घर से निकल गए थे।उन्हें शाम को घर लौटना था, लेकिन वो लौटे नहीं।इसके बाद से उनसे संपर्क नहीं हो रहा था।सांसद की बेटी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना को इसकी जानकारी दी थी। फिलहाल कोलकाता पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हत्यारें सांसद का मारकर उनका मोबाइल लेकर भागे गए।

विराट कोहली को मिली धमकी, RCB ने रद्द किया मैच !

गुजरात : एलिमिनेटर मैच से पहले विराट कोहली को अहमदाबाद में धमकी मिली जिसकी वजह से आरसीबी ने अपना एकमात्र प्रैक्टिस मैच रद्द कर दिया। इसके अलावा मैच से पहले कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस भी नहीं हुई। इसका खुलासा एक रिपोर्ट में हुआ। दरअसल, आईपीएल 2024 का एलिमिनेटर मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स के बीच 22 मई को खेला जाएगा। इस मैच में हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी जबकि दूसरी टीम क्वालिफायर-2 में सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी।
इस मुकाबले से पहले आनंदबाजार पत्रिका की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, विराट कोहली को धमकी मिली थी जिसकी वजह से आरसीबी ने प्रैक्टिस मैच और प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दिया। जानकारी के अनुसार, गुजरात पुलिस ने सोमवार रात को अहमदाबाद एयरपोर्ट से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। हालांकि, अब तक दोनों टीमों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इस मामले में पुलिस अधिकारी विजय सिंह ज्वाला ने कहा, “अहमदाबाद पहुंचने के बाद विराट कोहली को गिरफ्तारियों के बारे में पता चला। उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। आरसीबी जोखिम नहीं लेना चाहता था। उन्होंने हमें सूचित किया कि कोई अभ्यास सत्र नहीं होगा। राजस्थान रॉयल्स को भी इसके बारे में सूचित किया गया था, लेकिन उन्हें अपने अभ्यास को आगे बढ़ाने में कोई समस्या नहीं थी।”
राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मुकाबले से पहले आरसीबी के पूर्व मालिक ने विराट कोहली को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किंग कोहली की तारीफ की। उन्होंने लिखा, “जब मैने आरसीबी टीम के लिए बोली लगाई और विराट के लिए बोली लगाई तो मेरी अंतरात्मा ने कहा कि इससे बेहतर पसंद नहीं हो सकती।’’ इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि आरसीबी इस बार आईपीएल जीत सकती है। माल्या ने आगे लिखा ,‘‘मेरी अंतरात्मा कह रही है कि आरसीबी इस साल आईपीएल जीत सकती है। शुभकामनाएं।

टर्बुलेंस में फंसी लंदन से सिंगापुर जा रही फ्लाइट; 1 यात्री की मौत, कई घायल

नई दिल्ली: लंदन से आ रही सिंगापुर एयरलाइंस की एक फ्लाइट को गंभीर टर्बुलेंस के चलते मंगलवार को बैंकॉक में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।इसमें एक यात्री की मौत हो गई और कई घायल हो गए।एयरलाइन ने इसकी जानकारी दी है। प्लेन 211 यात्री और 18 चालक दल के सदस्यों के साथ लंदन से सिंगापुर जा रहा था।
हालांकि सिंगापुर एयरलाइंस ने यह नहीं बताया कि कितने लोग घायल हुए हैं लेकिन कई थाई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 30 लोग घायल हुए हैं। एयरलाइन ने एक बयान में कहा कि बोइंग 777-300ER प्लेन सिंगापुर जा रहा था, जिसमें 211 यात्री और 18 क्रू मेम्बर्स सवार थे, लेकिन बैंकॉक में इसकी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी।
बैंकॉक के सुवर्णभूमि एयरपोर्ट के एक प्रवक्ता ने कहा कि मेडिकल टीम स्टैंडबाय पर थी। एयरलाइन ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल को हर संभव मदद मुहैया करना है।हम आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए थाईलैंड में स्थानीय अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं। सिंगापुर एयरलाइंस के प्लेन ने 20 मई 2024 को लंदन के हीथ्रो से सिंगापुर के लिए उड़ान भरी थी।रास्ते में गंभीर टर्बुलेंस के चलते इसे बैंकॉक की ओर मोड़ दिया गया और 21 मई 2024 को प्लेन स्थानीय समयानुसार दोपहर 3:45 बजे लैंड हुआ।विमानन के क्षेत्र में, टर्बुलेंस शब्द काफी इस्तेमाल होता है।यह ऐसी घटना है जिससे हर पायलट बचना चाहता है। हर यात्री के लिए ये बेहद खराब अनुभव होता है।टर्बुलेंस असल में एयर फ्लो में दबाव और रफ्तार में आया अचानक परिवर्तन होता है, जिससे विमान को धक्का लगता है। विमान चलते-चलते ऊपर-नीचे हिलने लगता है, जिसे Aircraft Shaking कहते हैं। टर्बुलेंस की वजह से मामूली झटकों से लेकर तेज और लंबे झटके महसूस किए जा सकते हैं। जिसके नतीजे बेहद भयावह भी हो सकते हैं। हवा की स्थिरता के आधार पर टर्बुलेंस को हल्के, मध्यम, गंभीर या एक्सट्रीम टर्बुलेंस में बांटा जाता है।

सऊदी अरब में पहली बार हुआ फैशन शो का आयोजन स्विमसूट में हंसिनाओं ने बिखेरा जलवा

रियाद:सऊदी अरब में जो कभी नहीं हुआवो अब हुआ है बताते चलें कि सऊदी अरब में पहली बार फैशन शो का आयोजन किया गया जिसमें हसीनाओं ने स्विमसूट के साथ अपने हुस्न का जलवा बिखेरा बताते चलें की शुक्रवार को हुए पूल साइड शो में मोरक्को के डिज़ाइनर यासमीना खान के डिजाइन किए हुए स्विम सूट मॉडल से पहने और फिर रैंप वॉक किया ज्यादातर मॉडल्स के सूट लाल बैच और नीले रंग के वन पीस थे सऊदी अरब में यह होना काफी बड़ी बात है और इसे महिला स्वतंत्रता से जोड़कर देखा जा रहा है|
इसलिये बेहद खास है फैशन शो
रूढ़िवादियों को मानने वाले इस्लामिक देश सऊदी अरब में स्विमसूट फैशन शो का होना बेहद खास है इसका कारण यह है कि कुछ समय पहले यहाँ महिलाओं को शरीर को ढके बिना घर से बाहर निकलने तक की इजाजत नहीं थी इसके अलावा महिलाओं को ड्राइविंग करने से लेकर कई तरह की चीजों पर बंदिश लगाई गई थी लेकिन फैशन शो होने के बाद भी यह समझ में आ रहा है कि अब यह देश अपनी रूढ़िवादी सोच से ऊपर उठ रहा है|
फैशन शो सेंट रेजिस रेट सी रिजॉर्ट में रेट सी फैशन वीक के दूसरे दिन आयोजित हुआ यह रिजॉर्ट रेट सी ग्लोबल का हिस्सा था जो कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की देखरेख में सऊदी अरब के विजन 2030 में शामिल एक गीगा परियोजनाओं में से मुख्य है खासतौर पर यहाँ पर हसीनाओं को देखकर सब हैरान हो गए और देश और दुनिया में इसकी चर्चा हो रही है|

चारधाम यात्रा में 29 श्रद्धालुओं की मौत !

*भारी तादाद में दर्शन के लिए पहुंच रहे लोग

उत्तराखंड: इस बार भी उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालुओं की मौत का सिलसिला शुरू हो गया है। एक दिन में 9 लोगों की मौत के साथ ही यात्रा के 9 दिनों में मृतकों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। 10 मई से शुरू हुई इस यात्रा का आंकड़ा अगले 9 दिनों तक का है। दो दिन पहले शनिवार को बद्रीनाथ में एक और यमुनोत्री में 2 श्रद्धालुओं की मौत के साथ ही मरने वालों की संख्या में इजाफा हो गया।

इनमें से 2 गुजरात के और एक पुणे, महाराष्ट्र के निवासी थे। वहीं केदारनाथ में 6 लोगों की मौत हुई। श्रद्धालुओं की भारी तादाद तीर्थस्थलों पर उमड़ रही है। भारी भीड़ के कारण तीर्थस्थलों पर लोगों को परेशानी हो रही है। गुजरात के सूरत निवासी 49 साल के शशिकांत बद्रीनाथ धाम में कार्डियक अरेस्ट की वजह से मर गए। वहीं यमुनोत्री में गुजरात निवासी 53 साल के कमलेश भाई पटेल रास्ते में ही गिर पड़े। पास के हेल्थ सेंटर में ले जाने पर उन्हें मृत घोषित किया गया।
वहीं यमुनोत्री दर्शन को आईं पुणे की 54 वर्षीय रोहिणी दलवी उत्तरकाशी के खराड़ी गांव में अपने होटल में मृत पाई गईं। उत्तराकाशी के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बी एस रावत ने बताया कि यमुनोत्री में 11 लोगों की और गंगोत्री में 2 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं रुद्रप्रयाग प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक केदारनाथ में इस बार अभी तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। बाकी मृतकों के आंकड़े बद्रीनाथ धाम के हैं।
तीर्थयात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को लेकर बड़ी बात सामने आई है। बिना स्वास्थ्य की जांच कराए तीर्थयात्रा पर आने का मामला सामने आया है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार ने तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य की जांच कराकर तीर्थयात्रा पर आने की अपील की है। स्वास्थ्य की ठीक से जांच ठीक से नहीं कराने के मामले के सामने आने के कारण तीर्थस्थलों पर लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।