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सवारी एसी बस की

गर्मी और पसीना दोनों का चोली दामन का साथ है। समय बदला सरकारें बदली, नेता बदले और सुना की विकास की बायर बहने लगी। पर हम तो सामान ढोते रह गए। फिर एक दिन पता चला कि हमारे अच्छे दिन आ रहे हैं। हमारी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गर्मी से निजात पाने की एक उम्मीद जगी। यह भी बताया गया कि अब हमारी बिरादरी के लोगों को भी एसी बसों में भी यात्रा करने का अवसर मिलेगा। हमने सरकार का कोटि-कोटि आभार जताया। सोचा इस बार बच्चों से मिलने एसी बस में ही जांएगे। लग गए तैयारी में। अपने मालिक धोबी से बात कर चार दिन की छुट्टी ले ली।

 दूसरे दिन बस अड्डे जा पहुंचे। लोग हमें अजीब नज़रों से देख रहे थे। उन्हें हम खलनायक नज़र आ रहे थे। एसी बस कांऊटर पर जा हमने दिल्ली की टिकट मांग ली। हमने बताया कि अब हम भी उसमें यात्रा के अधिकारी हैं। वहां बैठे बाबू ने झट से कहा- अपना आधार कार्ड लाओ। ”आधार कार्ड”? हम चैंके -” यह क्या होता है।”? हमने पूछा। वह बोला- ”बिना कार्ड के कैसे पता चलेगा कि आप गधे हो भी कि नहीं”। ”हमारी हरकतों से पता नहीं चलता कि हम क्या है”? हमने प्रश्न किया। वह बोला- ”हमें तो तुम्हारे जैसे ही मिलते हैं, क्या पता चले कौन क्या है हो”? हमने बात खत्म करने के लहजे से पूछा-” यह आधार कार्ड कहां मिलेगा”? वह चकराया- ” अरे, मिलेगा नहीं बनेगा”। फिर उस आधार कार्ड को तुम्हारे बैंक के खाते से लिंक करेंगे। उसके बाद तुम्हारा एसी बस में बैठने का सपना पूरा होगा।

खैर, एक दो हफ्ते की जदोजहद और क्षेत्र के विधायक व मंत्री की सिफारिश के बाद हमारा आधार कार्ड बन गया। खुशी थी कि ‘एसी’ बस में सफर करेंगे। पहुंच गए बस अड्डे। वही सज्जन बैठे थे जो पहले मिले थे। हमने अपनी छाती फुलाकर कहा-” बन गया आधार कार्ड। अब टिकट दो एसी बस का”। वह मुस्कुराया और बोला,” दिखाओ कार्ड।” हमने उसे कार्ड थमा दिया। वह बोला,” तुम्हारे फिंगर प्रिंट इस से मैच होने पर टिकट मिलेगा।” हमने कहा हमारा फोटो तो लगा है इस पर, फिर फिंगर प्रिंटस क्यों? वह बोला,” तुम्हारी सब की शक्लें तो एक जैसी ही होती हैं, पहचान कैसे होगी”? हमने अपना ‘खुर’ आगे बढ़ाया और कहा,” ले लो फिंगर प्रिंट”। ” अरे पैर नही हाथ दिखाओं” वह बोला। ”हमारे तो हाथ भी यही है और पैर भी यही”। हमने सफाई दी। वह बोला फिर तो ‘खुर’ के प्रिंट लेने होंगे। हमने कहा,” साहब हमारे सबके खुर एक जैसे होते हैं”।

 काफी बहस के बाद वह हमें टिकट देने पर सहमत हो गया। पैसे ले कर हमें टिकट दिया। सीट नंबर दिया ‘दो’। नंबर देख कर हमारी हंसी निकल पड़ी। वह बोला,’क्यों हंस रहा है’? कुछ खास नहीं बस ‘नंबर दो’ की याद आ गई। हमारे देश में कुछ नंबर खास हंै। जिन्हें कोई लेना नहीं चाहता। जैसे 420, या नंबर 10 और नंबर दो। खैर हम दो नंबरी बन कर सीट पर बैठने का प्रयास करने लगे। वहां कही हमारी टांगे न फंसे न खुर। असल में यह सीट चालक महोदय के कैबिन के बिल्कुल पीछे थी। आगे कैबिन पीछे सीट की बैक। जांए तो जांए कहां। इस पर तुर्रा यह कि वहां ‘एसी’ का कोई असर दिख ही नहीं रहा था। पिछली सीटों पर एसी की हवा थी पर हमें पीछे खाली पड़ी सीटों पर बैठने की मनाही थी। हमारी हालत कुछ ऐसी ही थी जैसे आरक्षण मिले किसी भी बुजुर्ग या दलित की होती है। सुविधा मिलती है, पर देने वाले के तेवर ऐसे होते हैं- जैसे उसका बस चले तो गोली मार दे।

 लोग एसी का आनंद ले रहे थे और हम पसीने से तर बतर हो कर सोच रहे थे , काश साधारण बस में बैठते कम से कम खिड़की का शीशा तो खोल लेते। पर यहां तो संास लेने के भी लाले थे। कंडक्टर हमें ऐसे देख रहा था जैसे कह रहा हो- ‘बेटा आज तो बैठ गया फिर कभी बैठने की हिम्मत न करना”। दो घंटे तक भ_ी में जलने के बाद जब बाहर निकले तो वहां की ‘लू’ भी हमें बर्फानी हवा लगने लगी। सांस भी ठीक से चलने लगी। कुछ होश सा आया।कसम खा ली, किसी भी बस में सफर कर लें पर एसी बस में नहीं करेंगे।

अमित शाह और नीतीश कुमार ने एक दूसरे को किया प्रसन्न

बिहार में महागठबंधन की सरकार के पतन और राजग की सरकार बनने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पहली बार दो दिन के (12-13 जुलाई) पटना दौरे पर आए। वे अपनी पार्टी और जद (एकी) अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में राजनीतिक माहौल बना गए। दोनों नेताओं ने बंद कमरे में बैठक की और प्रसन्न बाहर आए। ऐसे समय में अमित शाह पटना आए और नीतीश कुमार से बातचीत की जब लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर शक शुबहा का दौर चल रहा है। दोनों नेताओं की ओर से यही जताया गया कि उनके लिए यह कोई समस्या नहीं है और समय पर मिल बैठ सीटों का बंटवारा कर लेंगे। उनका इस बार भी जोर था कि राजग के सभी घटकों की एकता मजबूत है। सूबे में लोकसभा की सभी 40 सीटों पर राजग की ही जीत होगी।

भाजपा के नेताओं-कार्यकताओं ने अपने अध्यक्ष का स्वागत करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। असल में उन्हें अपना उत्साह और ताकत, दोनों दिखाना था। अमित शाह ने बंद हाल (गांधी सभागार) में राज्य भर के तकरीबन दस हजार नेताओं-कार्यकर्ताओं को पार्टी, संगठन, सरकार, चुनाव संबंधी तमाम महत्वपूर्ण बातें बताई। उनका संकेत था कि लोकसभा चुनाव में ऐसी तैयारी हो कि सभी सीट पर जीत हो। केंंद्र सरकार सूबे के विकास के लिए बहुत कुछ कर रही है। इसका श्रेय लेना चाहिए और प्रचार करना चाहिए। आम लोगों तक अपनी बात पहुंचे। घूमा फिरा कर लोकसभा चुनाव की तैयारी और जीत पर ही उनका जोर था। उन्होंने अपने नेताओं-कार्यकताओं को गौरवान्वित करने के मकसद से यह जिक्र किया कि भाजपा हर परिस्थतियों का मुकाबला कर सकती है। विरोधियों से निपट सकती है। राजग के घटकों को साथ लेकर बखूबी आगे चल सकती है। उन्होंने अपने नेताओं-कार्यकताओं को यह कह कर भी आश्वस्त किया कि अपने साथियों को संभालना आता है। मतलब यह कि लोकसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर किसी घटक की मांग न मानने लायक होगी तो उसे मना लिया जाएगा। यह कोई संकट नहीं है। राजग की स्थिति सबसे अधिक मजबूत है। अमित शाह ने अपने नेताओं और कार्यकताओं को यह एहसास करा दिया कि अध्यक्ष हो तो ऐसा ही हो। वे अतिथिशाला में अपनी पार्टी के नेताओं से भी मिलेजुले। पटना से रवाना होने के पहले जयप्रकाश निवास के दर्शन करने भी गए। अमित शाह के दौरे के मौके पर भाजपा की ओर से पूरी तरह यह दर्शाया गया कि वह सत्ता में है और सत्ता का उपयोग कर सकती है। गांधी सभागार का उपयोग और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के निवास के दर्शन के पीछे खास रणनीति ही है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने नीतीश कुमार की ऐसी प्रशंसा की कि उसका खास अर्थ निकलता है। शाह ने कहा कि नीतीश कुमार भ्रष्टाचार के साथ नहीं रह सकते। एक तरह से यह लालू प्रसाद या उनके परिवार या राजग पर हमला था। दूसरे यह भी नीतीश कुमार फिर भाजपा के साथी बन गए यानी भाजपा भी भ्रष्टाचार के खिलाफ है। कहने के लिए तो शाह का पटना दौरा था लेकिन एक तरह से यह नीतीश कुमार आमंत्रण को साकार करना था। उन्होंने पटना आने के बाद नीतीश कुमार के साथ नाश्ता किया और फिर रात में भोजन। राजनीतिकों को यह याद है कि नीतीश कुमार ने कभी नरेंद्र मोदी को भोजन पर न्यौता था और ऐन मौके पर भोजन का कार्यक्रम रद्द कर दिया। उस समय भी नीतीश कुमार राजग में थे और उनकी सरकार थी। नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। जिस दिन नीतीश कुमार ने मोदी को न्यौता था उस दिन भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की पटना में बैठक थी। उसके बाद तो नीतीश कुमार और भाजपा में इतना मनमुटाव बढ़ा कि भाजपा से संबंध ही टूट गया। अब जुड़ गया है और नीतीश कुमार व भाजपा साथ-साथ हैं। कहते तो है कि नीतीश कुमार ने अमित शाह को खुश करने में कोई कमी नहीं रहने दी है। फिर अमित शाह भी नीतीश कुमार की मंशा का पूरा-पूरा ख्याल रखेंगे, यह भी साफ हो गया है। वे सूबे में नीतीश कुमार की लोकप्रियता और महत्ता, दोनों समझते हैं।

राजनीतिकों के मुताबिक अमित शाह सूबे में नीतीश कुमार की अगुवाई में राजग की स्थिति मजबूत करना चाहते हैं और केंद्र में भाजपा की अगुवाई में राजग की स्थिति मजबूत करने में नीतीश कुमार को मददगार बनाना चाहते हैं।  यों कहें केंद्र में भाजपा और सूबे में नीतीश कुमार का राज कायम रहे। बीच का यह रास्ता फलदायक हो सकता है।

सलीम को मारने वाले ३ आतंकवादी मौत के घाट उतारे

प्रशिक्षु कांस्टेबल मोहम्मद सलीम शाह को अगवा कर उसकी जान लेने वाले ३ आतंकवादियों को सुरक्षा बालों ने २४ घंटे के भीतर खोज कर मौत के घाट उतार दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में पुलिस कांस्टेबल का अपहरण कर उसकी हत्या करने वाले तीनों आतंकवादी रविवार सुबह सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए। जम्मू कश्मीर के पुलिस प्रमुख एसपी वैद ने बताया कि दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के मुतलहामा इलाके से शुक्रवार को कांस्टेबल सलीम शाह का अपहरण किया गया था। उनका शव कल बरामद किया गया था। उनके शरीर पर प्रताड़ना के निशान थे।

एक वीडिओ भी सामने आया है जिसमें आतंकवादी सलीम को टॉर्चर करते दिख रहे हैं। इसमें सलीम से आतंकवादी कुछ सवाल पूछ रहे हैं। इसमें सलीम बहुत बहादुरी से जवाब देते दिख रहे हैं।खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के खुदवानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। आतंकवादियों के सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाने के बाद तलाशी अभियान मुठभेड़ में बदल गया , जिसमें तीन आतंकवादी ढेर हो गए हैं।
इस बीच डीजीपी वैद वैद ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा – ‘‘मुठभेड़ की जगह से अभी तक तीन हथियारों के साथ तीन शव बरामद किए गए हैं। हमारे कलीग मोहम्मद सलीम को प्रताड़ित कर उसकी क्रूरता से हत्या करने वाले आतंकवादियों को मार गिराया गया है। इस आपरेशन में सीआरपीएफ, सेना और पुलिस ने साझी कार्रवाई की।” वैद के मुताबिक मारे गए आतंकवादियों में एक पाकिस्तानी है।

जौनपुर में ट्रक ने ६ लोगों को कुचल डाला

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में रविवार को ६ लोगों को की एक ट्रक से कुचल कर मौत हो गयी। इस हादसे में ४ लोग घायल हो गए हैं। हादसे में लोगों की मौत से गुस्साए लोगों ने हंगामा कर दिया और ट्रक को आग लगाकर जला डाला। घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक घटना जौनपुर के जलालपुर बाजार में बयालसी कॉलेज के पास की है जब एक बेकाबू ट्रक इन लोगों पर जा चढ़ा। घटना से गुस्साए गांव वालों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया। यह रिपोर्ट लिखे जाने तक गाँव के लोग शव साथ सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस मौके पर पहुँच गयी और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रही थी। पुलिस फिलहाल भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश में लगी हुई थी। पुलिस ने ही ट्रक में लगी आग को बुझाया।

जानकारी के मुताबिक ट्रक चालक पहले तो वहां से गुजर रही बाइक पर बैठे लोगों को रौंदा और खुद को बचाने के लिए भागने की कोशिश में सड़क पर गुजर् रही एक साईकिल पर बैठे लोगों को भी कुचल डाला। हादसे में ६ लोगों की मौत हो गयी और ४ घायल हो गए।

पुलिस के ने मुताबिक लखनऊ-वाराणसी नेशनल हाईवे पर रविवार की सुबह नौ-सवा नौ बजे यह हादसा एक ट्रक के असंतुलन खो जाने से हुआ। पुलिस ने बताया कि जलालपुर बाजार में लोग खड़े थे। इस बीच एक ट्रक ने असन्तुलित होकर सड़क के किनारे खड़े कई लोगों को अपने चपेट में ले लिया। ट्रक के पीछे से मोटरसाइकिल सवार तीन युवक भी टकरा गए। कुल 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जिनमें से दो अजय सिंह (४०) नेवादा, जलालपुर और अनवर (५१) बीभनमउ, जलालपुर के निवासी हैं। अन्य की शिनाख्त अभी नहीं हुई है।

सैनिटरी नैपकिन हुआ टैक्स फ्री; कुछ चीज़ें हुईं सस्ती

वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अगुवाई में हुई जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक के दौरान पूरा जोर महिलाओं और घरेलू इस्तेमाल वाली चीजों को सस्ता करने पर रहा।

पहले 30-40 सामानों पर ही जीएसटी की दरों को कम करने पर विचार हो रहा था, लेकिन बैठक के दौरान अचानक 80 से भी अधिक वस्तुओं पर कर की दरें घटा दी गईं।

एसटी काउंसिल ने फ़ैसला लिया है कि सैनिटरी नैपकिन को जीएसटी से बाहर कर दिया जाए यानी सैनिटरी नैपकिन पर जीएसटी की दर को शून्य कर दिया गया है।  अब तक सैनिटरी नैपकिन पर 12 फ़ीसदी जीएसटी लगाया जा रहा था.

जीएसटी के दायरे से बाहर होने वाली चीजों में शामिल हैं राखियां (बहुमूल्यों रत्नों से न बनी हो); संगमरमर से बनी मूर्तियां; झाड़ू बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल; साल के पत्ते।

जिन चीज़ों पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दी गयी वो  हैं हैंडलूम दरी; फास्फोरिक एसिड युक्त उर्वरक और  बुनी हुई टोपियां (1000 रुपये से कम कीमत की) ।

जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया इन वस्तुओँ पर लिथियम आयन बैटरी; वैक्यूम क्लीनर; फूड ग्राइंडर, मिक्सर; शेवर्स, हेयर क्लिपर्स; हैंड ड्रायर्स;

वाटर कूलर्स; आइसक्रीम फ्रीज़र; रेफ्रिज़रेटर; कॉस्मेटिक्स; परफ्यूम और सेंट; पेंट और वार्निश।

इसके अलावा तेल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल और डीज़ल में मिलाने के लिए दिया जाने वाले इथेनॉल पर जीएसटी की दर 18 फ़ीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है।

बैठक के बाद जब वित्त मंत्री से पूछा गया कि इस कदम से सरकार को आमदनी में कितना घाटा होगा तो उन्होंने साफ कहा कि सरकार को उम्मीद है कि दरें घटने से जो बिक्री बढ़ेगी, उससे होने वाले घाटे की भरपाई की जा सकेगी। इसके बाद भी अगर घाटा होता है तो वो बेहद मामूली या न के बराबर होगा।

जीएसटी परिषद ने इससे पहले भी दो बार कर की दरों में बड़ा बदलाव किया था। परिषद ने नवंबर 2017 को हुई बैठक में 213 सामानों पर जीएसटी स्लैब में संशोधन का फैसला किया था, जबकि जनवरी 2018 में 54 सेवाओं और 29 वस्तुओं पर टैक्स घटाते हुए उसे सस्ता किया था।

120 महिलाओं से दुष्कर्म करने वाला ढोंगी बाबा गिरफ्तार

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में बाबा बालकनाथ मंदिर के शातिर तांत्र‍िक बाबा अमरपुरी नागा उर्फ बिल्लू की 100 से अधिक महिलाओं से संबंध बनाने के वीडियो सामने आने के बाद पर क़ानूनी शिकंजा कसता नज़र आ रहा है।

पुलिस ने बिल्लू को 120 महिलाओं के साथ जबरन संबंध बनाने का आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

बाबा पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला भी खुलकर सामने आई है और सरकार से मांग की है कि उसे न्याय दिलवाया जाए तथा बाबा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

महिला ने बताया कि उसने 13 अक्तूबर 2017 को बाबा पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। बाबा पर केस भी दर्ज हो गया, लेकिन बाद में उसे धमकियां दी जाने लगी।

उसने बताया कि बाबा ने उसके पति को जान से मारने की धमकी दी थी और धोखे से उसे रुपये देकर ब्लैकमेलिंग के केस में फंसा दिया। इसके बाद बाबा की दबंगई से डरकर वह सामने नहीं आई।

पुलिस के अनुसार आरोपी अमरपुरी उर्फ बिल्लू बाबा प्रेतबाधा के नाम पर महिलाओं को फंसाता था और तंत्र विद्या के दौरान उन्हें नशीली दवा देकर उनके साथ रेप करता था।

यह ढोंगी तांत्रिक महिलाओं का अश्लील वीडियो भी बना लेता था और उनको ब्लैकमेल कर उनका शारीरिक और आर्थ‍िक रूप से शोषण करता था ।

कुछ महीने पहले इस तांत्र‍िक का महिलाओं से शारीरिक संबंध बनाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। जो पुलिस के हरकत में आने का कारण बना।

पुलिस ने उसके खिलाफ बलात्कार, आईटी एक्ट और ब्लैकमेलिंग की धाराओं समेत कई आरोपों में केस दर्ज किया गया।

जब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके ठिकानों की छानबीन की तो उसके कब्जे से 120 वीडियो बरामद हुए  जिनमें फर्जी बाबा महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए दिख रहा है।

पुलिस को उसके पूजा पाठ वाले कमरे से नशीली गोलियां और तंत्र-मंत्र का सामान भी मिला है।

अगवा कांस्टेबल की हत्या की आतंवादियों ने

आतंवादियों ने पिछले कल अगवा किये जम्मू कश्मीर के प्रशिक्षु कांस्टेबल की आतंवादियों ने हत्या कर दी है। पिछले एक महीने इस तरह की यह तीसरी घटना है जिसमें आतंकवादियों ने अगवा करके जवान की हत्या की है। इस कांस्टेबल सलीम का शव मिल गया है।

जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में संदिग्ध आतंवादियों ने एक प्रशिक्षु कांस्टेबल को शुक्रवार को अगवा कर लिया था। यह घटना कुलगाम जिले के मोटेलहामा गाँव की थी जब आतंवादियों ने इस कांस्टेबल को उसके घर से अगवा कर लिया था। अगवा किये गए कांस्टेबल का नाम मोहम्मद सलीम शाह था। रिपोर्ट के मुताबिक उसे शुक्रवार रात उसक घर से अगवा किया गया था। जानकारी के मुताबिक यह कांस्टेबल जम्मू संभाग के कठुआ में प्रशिक्षण ले रहा था। जब उसे अगवा किया गया तो वह छूती पर अपने घर आया हुआ था। कांस्टेबल के अगवा होने की खबर मिलते ही उसी तलाश में अभियान छेड़ा गया था।

पिछले महीने अगवा किये गए सैनिकों की आतंकवादियों ने हत्या भी कर दी थी जिनमें से एक औरंगजेब भी था। इसके बाद ही भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी थी। राज्यपाल शासन में किसी सुरक्षा बल या पुलिस जवान के अगवा होने की यह दूसरी घटना है।

जम्मू कश्मीर में आतंवादियों ने प्रशिक्षु कांस्टेबल अगवा किया

पिछले एक महीने इस तरह की तीसरी घटना में जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में संदिग्ध आतंवादियों ने एक प्रशिक्षु कांस्टेबल को अगवा कर लिया है। घटना शुक्रवार रात की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना कुलगाम जिले के मोटेलहामा गाँव की है जब संदिग्ध आतंवादियों ने इस कांस्टेबल को उसके घर से अगवा कर लिया। अगवा किये गए कांस्टेबल का नाम मोहम्मद सलीम शाह बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक उसे शुक्रवार रात उसक घर से अगवा किया गया। जानकारी के मुताबिक यह कांस्टेबल जम्मू संभाग के कठुआ में प्रशिक्षण ले रहा था। जब उसे अगवा किया गया तो वह छूती पर अपने घर आया हुआ था। कांस्टेबल के अगवा होने की खबर मिलते ही उसी तलाश में अभियान छेड़ा गया है हालाँकि अभी तक उसका कोइ पता नहीं चल पाया है।

पिछले महीने अगवा किये गए सैनिकों की आतंकवादियों ने हत्या भी कर दी थी जिनमें से एक औरंगजेब भी था। इसके बाद ही भाजपा ने पीडीपी से समर्थन वापस लेकर सरकार गिरा दी थी। राज्यपाल शासन में किसी सुरक्षा बल या पुलिस जवान के अगवा होने की यह दूसरी घटना है।

पचास साल पहले लापता वायुसेना विमान के टुकड़े, सैनिकों के अवशेष मिले

पचास साल पहले १९६८ में लापता हो गए भारतीय वायुसेना के एएन-12 विमान के टुकड़े और सैनिकों के अवशेष हिमाचल प्रदेश की लाहुल घाटी में मिले हैं। कुछ साल पहले भी ऐसे ही एक जहाज़ और एक सैनिक के अवशेष मिले थे।

एजेंसियों के मुताबिक सैनिक और जहाज़ के ये अवशेष और टुकड़े माउंटेनरिंग कैंपेन में जुटे आहोरकों को हादसे के 50 साल बाद मिले हैं। 1968 में चंडीगढ़ से लेह जा रहे इस एयर क्राप्ट में 102 लोग सवार थे। ये अवशेष पहली जुलाई के चंद्रभागा- 13 चोटी के ”क्लीन अप अभियान” पर गई पर्वतारोहियों की टीम को मिले हैं। इस टीम के नेता राजीव रावत ने बताया है कि उन्हें पहले विमान के कुछ हिस्से मिले। कुछ ही दूरी पर एक सैनिक का शरीर दिखा। उनका कहना है कि टीम ने इन सब की तस्वीरें ली और 16 जुलाई को सेना के ऑल्टीट्यूट वॉर स्कूल को सतर्क किया। इसके बाद इस क्षेत्र में खोज अभियान शुरू किया गया।

पचास साल पहले इस विमान के लापता होने के वक्त कई सवाल उठे थे। बताया गया था कि खराब मौसम के चलते पायलट ने लेह के पास आने के बाद वापस लौटने का फैसला किया था। लेकिन इसके बाद विमान का कोई पता नहीं चला था। इससे पहले 2003 में एबीवी इस्टीट्यूट माउंटेनरिंग एंड अलाइड स्पोर्ट्स मनाली ने दक्षिण ढाका के ग्लेशियर में विमान के मलबे की खोज की थी और कुछ साल पहले भी ऐसा ही एक विमान और उसके टुकड़ों के अलावा एक सेंक का शव मिला था।

चार दिन तक ४० लोगों ने किया गैंगरेप, पंचकूला का मामला

हरियाणा के पंचकूला के मोरनी स्थित गेस्ट हाउस में नौकरी का झांसा देकर 22 साल की एक महिला से गैंगरेप का मामला पुलिस ने दर्ज़ किया है। मनीमाजरा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

आरोप है कि इस बेहद शर्मनाक घटना में इस महिला से करीब 40 लोगों के दुष्कर्म किया। पीड़िता के आरोप के मुताबिक रायपुररानी-मोरनी मार्ग पर कंबवाला गांव के एक गेस्ट हाउस में चार दिन तक बंधक बनाकर 40 लोगों ने उसके साथ गैंगरेप किया। मामला अब पंचकूला पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है । मीडिया में रिपोर्ट छपने के बाद मामला बड़े अधिकारियों की नजर में आया जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। शुक्रवार को मोरनी चौकी इंचार्ज, महिला थाने की एएसआई और इलाके के सिक्योरिटी एजेंट को निलंबित कर दिया गया।

महिला ले आरोप के मुताबिक उसे खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर आरोपी उससे दुष्कर्म करते रहे। चार दिन के बाद जाकर महिला किसी तरह आरोपियों के चंगुल से भागी और घर पहुंचकर पति को घटना की जानकारी दी। आरोप है कि जब महिला पति के साथ पंचकूला पुलिस को शिकायत देने गयी तो पुलिस ने उसकी नहीं सुनी। बाद में महिला ने मनीमाजरा थाने में शिकायत दर्ज कराई।

इस बीच पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे छताछ की जा रही है। डीसीपी आरके मीणा ने मीडिया को बताया कि मामले की जांच के लिए एएसपी अंशु सिंगला के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन कर दिया है।

जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक महिला के पति को आरोपियों ने झांसा दिया था कि वह उसकी पत्नी की 12 हजार रुपये माह पर गेस्ट हाउस में नौकरी लगवा देंगे। झांसे में फंसकर महिला का पति 15 जुलाई को पत्नी को बाइक पर बैठाकर उसे रामगढ़ ले गया। रामगढ़ में आरोपी एक सफेद रंग की कार में मिले और यहां से महिला को अपने साथ ले गए जबकि उसका पति वापस लौट आया। पति को उन लोगों ने बताया कि उसकी पत्नी हफ्ते में एक बार छुट्टी पर घर आया करेगी ।

पति ने जब अगले दिन पत्नी को फोन किया तो जवाब ठीक तरह से नहीं मिला। उधर, गेस्ट हाउस ले जाकर आरोपियों ने महिला को बंधक बना लिया और विरोध करने पर उसे नशे की दवा देकर बेसुध कर दिया और उससे दुष्कर्म करते रहे। अब महिला ने बताया है कि उसे नहीं मालूम था कि नौकरी के बहाने वे उसकी इज्जत से खिलवाड़ करेंगे। वह तो गरीबी के कारण नौकरी के लिए गयी थी।