
नई दिल्ली। रिपोर्ट: स्नेहलता
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर 10 बिंदुओं में अपनी बात रखी। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ के फैसले को सही कदम बताया, लेकिन साथ ही उनके और आकाश आनंद के बीच पारिवारिक संबंधों को लेकर भी कई सवाल उठाए।
मायावती ने कहा कि अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा देर से की है। उनके मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ और आकाश आनंद को यह फैसला काफी पहले ही ले लेना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी और बहुजन मूवमेंट के व्यापक हित के बजाय निजी और पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी गई।
मायावती ने अपने पोस्ट में बहुजन समाज पार्टी की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के पदों पर रहने वाले लोगों से त्याग, तपस्या, संघर्ष और कुर्बानी की उम्मीद की जाती है। उनके अनुसार, पार्टी से जुड़े लोगों को निजी और पारिवारिक स्वार्थ से ऊपर उठकर काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीएसपी में आगे बढ़ने के लिए निजी और पारिवारिक स्वार्थ तथा पद की लालसा से ऊपर उठना जरूरी है। मायावती ने दावा किया कि तभी शोषित, पीड़ित और उपेक्षित बहुजन समाज का ‘मसीहा’ बनने की उम्मीद की जा सकती है।
आकाश आनंद पर भी उठाए सवाल
मायावती ने आकाश आनंद को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद ने अपने करियर से ज्यादा अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रति लगाव दिखाया। मायावती के मुताबिक, आकाश आनंद द्वारा अशोक सिद्धार्थ से जुड़े एक पोस्ट को रिपोर्ट करना भी उचित नहीं था, हालांकि उन्होंने इसे आकाश आनंद की भलाई के लिए बताया।
मायावती ने यह भी कहा कि यदि आकाश आनंद का ध्यान पार्टी और मूवमेंट के व्यापक हित पर होता तो उनके द्वारा किए गए कुछ फैसले अलग हो सकते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर निजी और पारिवारिक हित पार्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, तो ऐसे में आकाश आनंद पार्टी और मूवमेंट का भला कैसे कर सकते हैं?
मायावती ने बताया कि 3 सितंबर 2026 को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारियों से आकाश आनंद को मुक्त किया गया था। उन्होंने कहा कि अब आकाश आनंद पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
मायावती ने अंत में बीएसपी कार्यकर्ताओं से विरोधियों के दबाव और षड्यंत्रों का सामना करते हुए बहुजन हित और सर्वजन सुखाय के लिए काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं का लक्ष्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के हितों के लिए संघर्ष करना होना चाहिए।


