
Gen Z और Gen Alpha के आंदोलनों के बाद सरकार का कदम
मध्यप्रदेश में जेन जी और जेन अल्फा के स्कूलों में सुधारके लिये किये जा रहे आंदोलनों ने मोहन यादव सरकार को अपने “सांदीपनि” विद्यालयों को बंद करके इनके बजट से सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने पर मजबूर कर दिया है l
इस बहुत बड़े फैसले पर उच्च अधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया है।
CM Rise से सांदीपनि विद्यालय तक
गौरतलब है कि पहले सीएम राइज के नाम वाले इन स्कूलों को मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद “सांदीपनि”नाम दिया l
सांदीपनि” उज्जैन में प्राचीन काल में वो गुरुकुल था जिसमें श्री कृष्ण ने शिक्षा प्राप्त की थी l
370 विद्यालय और प्रत्येक पर ₹40 करोड़ का खर्च
इस प्रत्येक विद्यालय पर इस समय 40 करोड़ का खर्च आता है l प्रदेश में 370 सांदीपनि” विद्यालय चल रहे हैं l
उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बच्चों का संपूर्ण विकास और उच्च गुणवत्ता वाली आधुनिक शिक्षा सुनिश्चित करना है।
मुफ्त पाठ्यपुस्तक, गणवेश और छात्रवृत्ति की सुविधा
विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, छात्रवृत्ति और पात्रतानुसार परिवहन सुविधा (जैसे साइकिल या अन्य व्यवस्था) दी जाती है l ऐसे 9000 विद्यालय बनाने का लक्ष्य था l अब कल मोहन यादव सरकार ने इस भारी भरकम खर्चे वाली योजना को ठंडे बस्ते में डालने का निर्णय ले लिया है l
30,000 सरकारी स्कूलों के बंद होने का मुद्दा
इसका बड़ा कारण राज्य में 30,000 सरकारी स्कूलों के बंद होना है जिसको लेकर विपक्ष सहित कई एक्टिविस्ट प्रदर्शन कर रहे हैं l



