
आईटीएलए बनाएगी 10 साल या उससे अधिक की नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान; ₹500 करोड़ से बड़ी परियोजनाओं का करेगी तकनीकी आकलन, एसएमई को मिलेगा इक्विटी ग्रोथ कैपिटल
नई दिल्ली: केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को देश की परिवहन व्यवस्था की दीर्घकालिक और एकीकृत योजना के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (आईटीएलए) स्थापित करने तथा छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड को मंजूरी दी। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के लगातार शासन प्रमुख रहने पर कैबिनेट ने बधाई प्रस्ताव भी पारित किया।
परिवहन योजना के लिए नई संस्था
कैबिनेट ने आईटीएलए को एक स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) के रूप में स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रिसर्च, प्लानिंग, परियोजनाओं के तकनीकी आकलन, निगरानी और उनके प्रभाव का मूल्यांकन करना है। सरकार का कहना है कि अलग-अलग परिवहन मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच बिखरी योजना को एकीकृत करने के लिए यह व्यवस्था बनाई जा रही है। नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान
आईटीएलए एक नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान तैयार करेगी, जिसकी योजना अवधि 10 साल या उससे अधिक होगी। इसमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, नागरिक उड्डयन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को शामिल किया जाएगा। साथ ही करीब पांच साल की क्षेत्रीय योजनाओं और सालाना योजनाओं को भी इस राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप परखा जाएगा।
नई संस्था केंद्र सरकार की ₹500 करोड़ या उससे अधिक लागत वाली परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी आकलन करेगी। हालांकि वित्तीय आकलन मौजूदा व्यवस्था के तहत ही जारी रहेगा।आईटीएलए इन परियोजनाओं की निगरानी और उनके पूरा होने के बाद उनके प्रभाव का भी मूल्यांकन करेगी।
इसके लिए जीएसटीएन के ई-वे बिल, फास्टैग, वाहन, जीपीएस आधारित सिस्टम और शहरी ट्रैफिक प्रबंधन से जुड़े डेटा को एक साथ लाकर नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी तैयार की जाएगी। इसका इस्तेमाल माल की आवाजाही और ओरिजिन-डेस्टिनेशन जैसे विश्लेषणों में किया जाएगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि पीएम गति शक्ति मुख्य रूप से तकनीक और डेटा का प्लेटफॉर्म है, जबकि आईटीएलए एक स्थायी संस्थागत व्यवस्था के तौर पर भविष्य की परिवहन जरूरतों के हिसाब से योजना बनाएगी।
एसएमई को ₹10 हजार करोड़ का इक्विटी फंड
कैबिनेट ने ₹10,000 करोड़ की सरकारी कमिटमेंट के साथ एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित करने को मंजूरी दी है। इसका मकसद ऐसे स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज को ग्रोथ-ओरिएंटेड कैपिटल उपलब्ध कराना है, जिनमें कारोबार बढ़ाने, तकनीक अपनाने, क्षमता विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जाने की क्षमता हो।
यह सामान्य कर्ज योजना नहीं है। सरकार के मुताबिक, फंड के तहत डायरेक्ट इक्विटी इन्वेस्टमेंट के जरिए कंपनियों को लॉन्ग-टर्म ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार की ₹10,000 करोड़ की एग्रीगेट कमिटमेंट इस फंड के तहत स्थापित अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (एआईएफ) को होगी।
फंड का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग-केंद्रित स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा सर्विसेज, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन-आधारित क्षेत्र और रणनीतिक वैल्यू चेन भी इसके दायरे में होंगे। औद्योगिक क्लस्टरों, खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में काम कर रहे एसएमई को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
मोदी के 25 साल पर कैबिनेट का प्रस्ताव
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे करने पर बधाई प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में उनके गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल को विकास, गरीबी उन्मूलन, सशक्तिकरण, सुधार, आत्मनिर्भरता, तकनीक, सुरक्षा और भारत की वैश्विक भूमिका सहित दस प्रमुख बिंदुओं से जोड़ा गया है।
कैबिनेट के प्रस्ताव में करीब 60 करोड़ जनधन खाते, चार करोड़ से अधिक घर और 3.5 करोड़ लखपति दीदियों समेत कई आंकड़ों का उल्लेख किया गया है। इन आंकड़ों को कैबिनेट रेजोल्यूशन के दावे के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित होगा।



