ड्रग्स तस्करों की कार के फ्यूल टैंक में 25 पैकेट, ट्रक के गुप्त चैंबर से भी ड्रग्स; ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ में 18.64 किलो हेरोइन जब्त

सीबीएन ने ऑपरेशन ब्लैक हॉक में 18.64 किलो हेरोइन जब्त की, कार के फ्यूल टैंक और ट्रक के गुप्त चैंबर में छिपाया गया था
सीबीएन की टीम ने कार के फ्यूल टैंक में छिपाई 16.46 किलो हेरोइन बरामद की।

नई दिल्ली, 24 अगस्त: | M. Riyaz Hashmi

लखनऊ पहुंच रही थी हेरोइन की खेप, टंकी और ट्रक के गुप्त चैंबर में छिपाया माल: ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ में 18.64 किलो जब्त, 3 गिरफ्तार

उत्तर-पूर्व से उत्तर प्रदेश तक हेरोइन पहुंचाने वाले अंतरराज्यीय नेटवर्क ने पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए वाहनों को ही तस्करी का गुप्त ठिकाना बना रखा है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश इकाइयों ने ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ के तहत लखनऊ के आसपास लगातार दो कार्रवाइयों में कुल 18.64 किलो कच्ची हेरोइन जब्त की है। इस मामले में नेटवर्क से जुड़े तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीबीएन के मुताबिक, नशीले पदार्थ की खेप उत्तर-पूर्वी राज्य से उत्तर प्रदेश में खपाने के लिए लाई जा रही थी।

सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई को उत्तर-पूर्व से लखनऊ की ओर मादक पदार्थ पहुंचाए जाने की सटीक सूचना, 20-21 अगस्त की रात सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर घेराबंदी

सीबीएन की मध्य प्रदेश इकाई को उत्तर-पूर्व से लखनऊ की ओर मादक पदार्थ पहुंचाए जाने की सटीक सूचना मिली थी। इसके बाद मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की संयुक्त टीमों ने 20-21 अगस्त की दरम्यानी रात सुल्तानपुर-लखनऊ हाईवे पर घेराबंदी की। अधिकारियों ने अलग-अलग टोल प्लाजाओं पर संदिग्ध वाहन की लगातार निगरानी की। 21 अगस्त को लखनऊ के पास असम नंबर की एक हुंडई क्रेटा को रोका गया। शुरुआती जांच में वाहन खाली मिला और उसमें सवार लोगों ने तस्करी में शामिल होने से इनकार किया। लेकिन पूछताछ के दौरान एक बात ने अधिकारियों को संदेह में डाल दिया। उन्होंने बताया कि करीब 500 किलोमीटर की यात्रा में वाहन में चार बार ईंधन भराया गया था।

टंकी को ठोंकने पर खोखली ध्वनि सुनाई दी, तकनीकी सहायता से खोला गया तो मिला विशेष रूप से तैयार गुप्त चैंबर, 25 वाटरप्रूफ पैकेट में 16.46 किलो हेरोइन

इसके बाद अधिकारियों ने ईंधन टंकी की भौतिक जांच की। टंकी को ठोंकने पर सामान्य धातु की आवाज के बजाय एक अलग तरह की खोखली ध्वनि सुनाई दी। वाहन को लखनऊ स्थित सीबीएन कार्यालय लाया गया और तकनीकी सहायता से ईंधन टंकी को खोला गया। अंदर बाकायदा एक विशेष रूप से तैयार गुप्त चैंबर मिला। इस में 25 वाटरप्रूफ पैकेट रखे थे, जिनमें कुल 16.46 किलो कच्ची हेरोइन थी। कार में सवार दोनों लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। वाहन भी जब्त कर लिया गया। यह तरीका इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। तस्करों ने हेरोइन को किसी बैग या सामान्य सामान में रखने के बजाय वाहन की मूल संरचना में बदलाव कर छिपाया था। इसका उद्देश्य सामान्य तलाशी में नशीले पदार्थों तक पहुंच को मुश्किल बनाना था।

दूसरी सूचना पर सिलिगुड़ी-लखनऊ कॉरिडोर पर ट्रक को ट्रैक किया, बाराबंकी के पास रोका, बॉडी फ्रेम में बनाया गया गुप्त चैंबर मिला, 2.16 किलो हेरोइन बरामद

पहली कार्रवाई के बाद सीबीएन की उत्तर प्रदेश इकाई को दूसरी सूचना मिली। इसमें सिलिगुड़ी-लखनऊ कॉरिडोर पर एक भारी ट्रक के जरिए मादक पदार्थ ले जाए जाने की जानकारी थी। टीम ने ट्रक को कई टोल प्लाजाओं पर ट्रैक किया और बाराबंकी के पास उसे रोक लिया। सामान्य तलाशी से आगे बढ़ते हुए अधिकारियों ने ट्रक के बॉडी फ्रेम की व्यवस्थित जांच की। इसमें एक विशेष रूप से बनाया गया गुप्त चैंबर मिला। उसके अंदर से 2.16 किलो कच्ची हेरोइन बरामद हुई। इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। दोनों कार्रवाइयों को जोड़ने पर कुल 18.64 किलो कच्ची हेरोइन जब्त हुई और तीन संदिग्ध गिरफ्तार किए गए। दोनों परिवहन वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट), 1985 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सीबीएन अब वित्तीय और लॉजिस्टिक जांच कर रहा है, उत्तर-पूर्व में बैठे आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचना और यूपी में वितरण नेटवर्क तोड़ना लक्ष्य

सीबीएन अब वित्तीय और लॉजिस्टिक जांच कर रहा है। एजेंसी का लक्ष्य उत्तर-पूर्व में बैठे उन आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचना है, जहां से खेप चली थी, और उत्तर प्रदेश में इसके आगे के वितरण नेटवर्क को तोड़ना है। यानी ‘ऑपरेशन ब्लैक हॉक’ में पकड़े गए तीन लोग इस नेटवर्क की आखिरी कड़ी हैं या इसके प्रमुख हिस्से- यह जांच का अगला महत्वपूर्ण सवाल है। अगर एजेंसी वित्तीय लेनदेन, वाहन मालिकों, फर्जी दस्तावेजों, टोल प्लाजा के आवागमन और उत्तर-पूर्व से लखनऊ तक संपर्कों को जोड़ पाती है, तो इस कार्रवाई से सिर्फ 18.64 किलो हेरोइन की बरामदगी नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क का नक्शा सामने आ सकता है।