6 घंटे की चेतावनी के बाद एक्शन! अमेरिकी नेवी ने ईरानी जहाज TOUSKA को किया जब्त, बढ़ा ग्लोबल टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। अरब सागर में अमेरिकी नौसेना ने ईरान के एक कार्गो जहाज को रोककर अपने कब्जे में ले लिया, जिससे शांति वार्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

अमेरिकी नौसेना ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज 'TOUSKA' को बीच समंदर में रोककर अपने कब्जे में ले लिया। Photo Credit: Reuters's facebook post
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज 'TOUSKA' को बीच समंदर में रोककर अपने कब्जे में ले लिया। Photo Credit: Reuters's facebook post

नई दिल्ली: अरब सागर में हालात उस वक्त और तनावपूर्ण हो गए जब अमेरिकी नौसेना ने ईरानी झंडे वाले कार्गो जहाज ‘TOUSKA’ को बीच समंदर में रोककर अपने कब्जे में ले लिया। यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, जहाज को करीब 6 घंटे तक रेडियो पर चेतावनी दी गई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब बार-बार की चेतावनियों के बावजूद जब जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने कार्रवाई करते हुए जहाज के इंजन रूम पर सटीक निशाना साधा, जिससे जहाज वहीं रुक गया। इसके बाद 31st मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के कमांडो जहाज पर उतरे और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया।

अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक “नियंत्रित और पेशेवर ऑपरेशन” बताया है। उनका कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा और प्रतिबंधों को लागू करने के तहत उठाया गया।

इस पूरी घटना के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी बयान देते हुए इसे बड़ी कार्रवाई बताया और कहा कि प्रतिबंधों को तोड़ने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वहीं, ईरान की तरफ से इस कार्रवाई का विरोध किया गया है। ईरानी मीडिया में दावा किया गया है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अपनी सैन्य गतिविधियां बढ़ा दी हैं। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि ईरान ने अमेरिकी जहाजों की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए हैं।

यह टकराव ऐसे समय हुआ है जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पहले ही वैश्विक तनाव का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की हलचल का असर सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ता है।