हरियाणा में बिजली वितरण के लिए पहला समानांतर लाइसेंस, 8.3 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा विकल्प

दूसरी वितरण कंपनी के प्रवेश के बावजूद बिजली की दरें हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के नियामकीय दायरे में रहेंगी। लाइसेंस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड उपभोक्ताओं के लिए अपनी मर्जी से बिजली की दरें तय कर सकेगी।

हरियाणा के बिजली वितरण क्षेत्र में बड़े बदलाव की दिशा में कदम उठाते हुए हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार को इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जिलों में 25 वर्षों के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस प्रदान किया। इससे दोनों जिलों के 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को भविष्य में दो बिजली वितरण कंपनियों में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने का अवसर मिल सकेगा।

19 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत आयोग ने विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 14 के अंतर्गत कंपनी को मौजूदा बिजली वितरण व्यवस्था के समानांतर अपना नेटवर्क स्थापित करने की अनुमति दी है। हरियाणा में इस तरह का यह पहला लाइसेंस है। इस कदम से बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता, सेवाओं की गुणवत्ता और उपभोक्ता सुविधाओं के मामले में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।

इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड अगले पांच वर्षों में अपने वितरण नेटवर्क के विकास पर 4,717 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है। यह निवेश वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच किया जाएगा, जबकि कंपनी द्वारा बिजली आपूर्ति वित्त वर्ष 2027-28 में शुरू किए जाने की उम्मीद है।

इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन सुनील सचदेवा ने कहा, “यह हमारे लिए गर्व का दिन है और गुरुग्राम तथा नूंह के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। अब उन्हें बिजली वितरक चुनने का विकल्प मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “हम आयोग के समक्ष किए गए वादों को पूरा करेंगे। हमारा लक्ष्य हर श्रेणी के उपभोक्ता को विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, समय पर नए कनेक्शन और मुख्य रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त बिजली उपलब्ध कराना है।”

चरणबद्ध तरीके से विकसित होगा नेटवर्क

कंपनी पांच डिवीजनों—गुरुग्राम सब-अर्बन, गुरुग्राम सिटी, मानेसर, सोहना और नूंह—में चरणबद्ध तरीके से अपना नेटवर्क विकसित करेगी। नूंह को पहले चरण में शामिल करने की योजना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में नेटवर्क का विस्तार अगले पांच वर्षों के दौरान किया जाएगा।

यह लाइसेंस मौजूदा बिजली वितरण कंपनी की जगह नहीं लेगा। वर्तमान वितरक अपने उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति जारी रखेगा। इसी तरह, उपभोक्ता भी तत्काल अपनी बिजली वितरण कंपनी नहीं बदल सकेंगे। उन्हें यह विकल्प तभी उपलब्ध होगा, जब Eleven Power का नेटवर्क उनके क्षेत्रों तक पहुंच जाएगा और नियामक द्वारा मंजूर उपभोक्ता हस्तांतरण संबंधी व्यवस्था लागू हो जाएगी।

आयोग ने कंपनी को आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर पहले चरण की विस्तृत कार्यान्वयन योजना और उन उपभोक्ताओं के लिए प्रक्रिया प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है, जो अपना बिजली वितरक बदलना चाहेंगे।

नवीकरणीय ऊर्जा और स्मार्ट तकनीक पर जोर

इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड अपनी कुल बिजली आवश्यकता का 80 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरा करने की योजना बना रही है। इसके लिए फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी अनुबंधों और ग्रीन डे-अहेड मार्केट जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। शेष 20 प्रतिशत बिजली ताप विद्युत स्रोतों से प्राप्त करने का प्रस्ताव है, ताकि लगातार और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

कंपनी के प्रस्तावित नेटवर्क में स्वचालित ग्रिड निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली, रिंग-मेन कॉन्फिगरेशन और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शामिल होगी।

गुरुग्राम जिले में भूमिगत बिजली केबल बिछाने की योजना है, जबकि नूंह में भूमिगत और ओवरहेड दोनों तरह की लाइनों का इस्तेमाल किया जाएगा। कंपनी स्मार्ट मीटर, डिजिटल बिलिंग प्रणाली और ग्राहक सेवा केंद्र भी स्थापित करेगी।

बिजली की मांग में तेज वृद्धि का अनुमान

गुरुग्राम, मानेसर, सोहना और नूंह में आवासीय परियोजनाओं, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में वितरण नेटवर्क की क्षमता बढ़ाना और आपूर्ति की गुणवत्ता सुधारना महत्वपूर्ण हो गया है।

कंपनी की ओर से आयोग के समक्ष प्रस्तुत अनुमानों के अनुसार, प्रस्तावित लाइसेंस क्षेत्र में सालाना बिजली बिक्री 2024-25 के लगभग 12,220 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2030-31 तक 18,224 मिलियन यूनिट होने की उम्मीद है।

इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड की याचिका में अक्टूबर 2025 तक पूरे हरियाणा में नए बिजली कनेक्शन और मौजूदा कनेक्शनों का लोड बढ़ाने से संबंधित लगभग 1.30 लाख लंबित आवेदनों का भी उल्लेख किया गया है। इन आवेदनों में 2,400 मेगावाट से अधिक का अतिरिक्त लोड शामिल था।

कंपनी का प्रस्तावित निवेश बढ़ती मांग को पूरा करने और बिजली वितरण सेवाओं में सुधार के उद्देश्य से किया जाएगा। हालांकि, उपभोक्ताओं को इसका वास्तविक लाभ कितनी जल्दी मिलेगा, यह नेटवर्क के निर्माण की गति और कंपनी की कार्यान्वयन क्षमता पर निर्भर करेगा।

बिजली दरों पर नियामक आयोग का नियंत्रण रहेगा

दूसरी वितरण कंपनी के प्रवेश के बावजूद बिजली की दरें हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के नियामकीय दायरे में रहेंगी। लाइसेंस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड उपभोक्ताओं के लिए अपनी मर्जी से बिजली की दरें तय कर सकेगी।

विद्युत अधिनियम के तहत एक ही क्षेत्र में एक से अधिक बिजली वितरण कंपनियों को काम करने की अनुमति है। मुंबई सहित देश के कुछ अन्य हिस्सों में यह मॉडल पहले से लागू है। हरियाणा में इसकी शुरुआत से तेजी से विकसित हो रहे गुरुग्राम और नूंह के उपभोक्ताओं को वैकल्पिक बिजली वितरक चुनने का अवसर मिल सकता है। साथ ही, कंपनियों पर आपूर्ति की विश्वसनीयता, समय पर कनेक्शन और ग्राहक सेवाओं में सुधार का दबाव भी बढ़ेगा।

इस पहल की सफलता समय पर बुनियादी ढांचे के विकास, नियामकीय निर्देशों के पालन और उपभोक्ताओं से किए गए वादों को पूरा करने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगी।

गुरुग्राम और नूंह के उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल तत्काल बदलाव नहीं होगा, लेकिन समानांतर बिजली वितरण नेटवर्क विकसित होने के साथ उन्हें भविष्य में अधिक विकल्प मिलने की संभावना है।