
बीएन हाई स्कूल में बनी ‘आजाद टीम’: तैराकी, कबड्डी, पतंगबाजी, कुश्ती और क्रिकेट में मोदी का कोई मुकाबला नहीं; दोस्तों की टोली में 11-12 सदस्य, शाम को स्कूल में तय होती थी रणनीति
वडनगर । 16 सितंबर, 2026 नरेंद्र मोदी की एक और खासियत यह थी कि स्कूल में कम अनुपस्थित रहते थे। बालक नरेन्द्र की कोशिश यही होती थी कि हर दिन समय पर स्कूल पहुँचे। नरेन्द्र को खेलों से जबरदस्त लगाव था। पीएम ने कहा चार बार शरीर से भरपूर पसीना निकलना चाहिए। उन्होंने समझाया कि खूब खेलना चाहिए, जमकर खेलना चाहिए, मस्ती होनी चाहिए, शरारत होनी चाहिए। नरेंद्र मोदी को खेलों में महारत हासिल थी। तैराकी, कबड्डी, पतंगबाजी, कुश्ती और क्रिकेट आदि में तो नरेन्द्र मोदी का कोई मुकाबला ही नहीं था। नरेन्द्र मोदी को क्रिकेट से बहुत लगाव था।
आजाद टीम के कप्तान सुरेश भाई
नरेन्द्र मोदी के साथ पढ़ने वाले शामलदास माधवलाल मोदी ने बताया कि क्रिकेट में खेल के लिए नरेन्द्र मोदी ने टीम भी बनाई थी। इस टीम का नाम आजाद टीम था। श्यामलदास ने बताया कि इस टीम के कप्तान सुरेश भाई हुआ करते थे, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। नरेन्द्र मोदी वडनगर के बी०एन० हाईस्कूल में पढ़ते थे, तो उनके दोस्तों की (टोली) हुआ करती थी। इस टोली के जरिए मोदी किसी भी बड़े काम को अंजाम देते थे। यानी टोली और संगठन की पहचान नरेन्द्र को बचपन से थी। कोई भी बड़ा काम टोली के साथ ही करता था। वडनगर में नरेन्द्र मोदी के चार दोस्तों ने हमें इस टोली, अन्य लोगों के बारे में विस्तार से बताया। ये सारे लोग मिलकर बचपन में जो खेल और शरारत किया करते थे, उसके बारे में भी जानकारी दी। ईश्वर भाई पी पटेल अब बैंक से रिटायरमेंट के बाद परिवार के साथ अहमदाबाद में रहते हैं। हाल में वडनगर की यात्रा के दौरान पता चला की अब वह परिवार के साथ महाराट्र में रहने लगे है। वडनगर में नरेन्द्र मोदी के साथ पढने वाले उनके डॉक्टर मित्र सुधीर जोशी, अपनी क्लीनिक चलाते हैं। डॉ. नाग जी भाई देसाई, उनके साथ पढ़ाई करने वाले जासूद खान पठान, उनके ऐसे ही मित्र हैं। डॉ० नाग जी भाई भी अपनी डिस्पेंसरी चलाते हैं, जबकि जासूद खान पठान की एक इलेक्ट्रिकल स्टोर की दुकान हैं। इन लोगों ने विस्तार से अपनी टोली के बारे में बताया। खेल, शरारतों के साथ ही यह टोली संगठित होकर, हर किसी की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहती थी। इन लोगों के मुताबिक टोली में ग्यारह-बारह लोग हुआ करते थे।
टोली के 12 सदस्यों के नाम
इसके अलावा ईश्वर भाई पी पटेल जो पीएम नरेन्द्र मोदी के बचपन के दोस्त थे उन्होंने इनके नाम भी बताए जो उस समय मोदी के साथ क्रिकेट के खेल के साथ ही हर काम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया करते थे।
- ईश्वर भाई पी० पटेल
- नागजी भाई देसाई
- सरदार खान पठान
- सुधीर जोशी
- जासूद खान पठान
- गोविन्द भाई मोदी
- मुरली मनोहर पटेल
- आर०एन० पटेल
- मोदी श्यामल दास माधव दास
- नरेन्द्र मोदी
- बाबू लाल
- चन्दू भाई पटेल
- नरेन्द्र कुमार करवटिया
स्कूल में तय होती थी रणनीति, मोदी में निर्णय लेने की गजब क्षमता
मित्रों ने बताया कि वडनगर में तीन चार ऐसी जगहें थीं जहाँ दिन में एकबार हम जरूर मिला करते थे। अगर किसी की मदद करनी होती या खेल में किसी से मुकाबला करना होता या फिर कोई शरारत भी करनी होती तो उसकी रणनीति समूह में ही तय होती थी। इन सब में नरेन्द्र मोदी बहुत प्रभावी भूमिका निभाते थे। दोस्तों ने बताया कि बचपन से ही उनमें निर्णय लेने की गजब की क्षमता थी, जिसका कोई मुकाबला नहीं था।
जब नरेन्द्र कोई काम ठान लेते थे तो फिर यह नहीं सोचते थे कि क्या होगा? उस काम को हर हाल में पूरा कर के ही दम लेते थे। इन्होंने बताया कि हम लोगों का सबसे ज्यादा समय स्कूल में व्यतीत होता था। हम लोग भोजन के अवकाश के समय स्कूल में मिलते थे। क्लास में हम साथ तो होते थे पर वहाँ बहुत ज्यादा बात नहीं कर सकते थे। अगर हम लोगों को किसी बड़े मिशन में लगना होता तो फिर शाम को मिलने का समय स्कूल में ही तय कर लेते थे।



