
भाजपा वरिष्ठ नेताओं का खुलासा: वाजपेयी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था ‘राजधर्म निभाना चाहिए’, मोदी बोले ‘वही तो निभा रहा हूं साहिब’; एयरपोर्ट पर बोले ‘तुम्हारे कहने पर नहीं भी आते हैं’
नई दिल्ली । 16 सितंबर, 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी को लेकर कई दिलचस्प किस्से हैं। हालांकि सबसे चर्चित ‘राजधर्म’ वाला किस्सा है। लेकिन पीएम मोदी (तब गुजरात के सीएम) के विरोधियों ने वाजपेयी के इस बयान को आधा-अधूरा अपनी सुविधा के मुताबिक प्रचारित और प्रसारित करते रहे।
वाजपेयी ने कहा ‘राजधर्म निभाना चाहिए’, मोदी बोले ‘वही तो निभा रहा हूं’
यह बात सच है कि वाजपेयी गुजरात दंगों से व्यथित हो। उन्होंने संवाददादा सम्मेलन में जब यह बात कही कि राजधर्म निभाना चाहिए तो नरेंद्र मोदी उनके बगल में बैठे थे। वाजपेयी ने जैसे ही कहा कि राजधर्म निभाना चाहिए, मोदी बोल पड़े ‘वही तो निभा रहा हूं साहिब।’ मोदी के ऐसा बोलते ही वाजपेयी ने भी कहा कि, ‘नरेंद्र भाई वही (राजधर्म) निभा रहे हैं।’
इस वाकये से वाकिफ भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि, वाजपेयी के आधे-अधूरे बात को लेकर पूरी तरह से यह भ्रम फैलाया गया कि वाजपेयी मोदी को लेकर खुश नहीं रहते हैं। इसी बीच एक और वाकया हुआ, जिससे इस बात को बल मिली कि वाजपेयी और मोदी दोनों में सबकुछ सामान्य नहीं है।
एयरपोर्ट पर वाजपेयी का मजाकिया अंदाज
वाजपेयी सरकार में मंत्री रह चुके एक वरिष्ठ नेता का कहना कि गुजरात दंगों के बाद राज्य में हुए चुनाव में एक सभा को संबोधित करने वाजपेयी प्रधानमंत्री के रूप में पहुंचे थे। सभा में भीड़ कम थी जबकि सीएम मोदी की सभा में खूब भीड़ जुट रही थी। वाजपेयी को उनके स्टाफ में से किसी ने यह बात बताई। इसके बाद एक सभा को संबोधित कर जब वाजपेयी दिल्ली वापस लौट रहे थे तो प्रोटोकॉल के तहत नरेंद्र मोदी उन्हे एयरपोर्ट पर विदा करने आए थे। वाजपेयी विमान में सवार होने ही वाले थे कि अचानक से वह रुक गए। इसके बाद वाजपेयी ने अपने अंदाज में मोदी से कहा था ‘नरेंद्र भाई, हमने सुना था लोग तुम्हारे कहने पर आते (रैली में) आते हैं। आज पता चला तुम्हारे कहने पर नहीं (रैली में) भी आते हैं।’ यह कह कर वाजपेयी विमान में सवार हो गए थे। यह बात भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय हमेशा रहा जिससे यह बात एक आम धारणा में बदलती गई कि वाजपेयी मोदी से सहज नहीं थे।



