कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, लखनऊ को मिली नई रफ्तार और एलिवेटेड कॉरिडोर की सौगात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश को रविवार को बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना की सौगात मिली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 63 किलोमीटर लंबे कानपुर-लखनऊ छह लेन एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। करीब ₹4,200 करोड़ की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाएगा।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कानपुर से लखनऊ तक हाईवे के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने इस परियोजना को तत्काल स्वीकृति देने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि गडकरी ने प्रदेश के विकास के लिए हमेशा उदारता से सहयोग किया है और भविष्य में भी वे नई परियोजनाओं को मंजूरी देने में पीछे नहीं हटेंगे।

अपने संबोधन के दौरान राजनाथ सिंह ने लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक जाम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से एयरपोर्ट जाने वाले लोगों को भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए उन्होंने लखनऊ एयरपोर्ट से आउटर रिंग रोड तक शहीद पथ पर लगभग 23 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का अनुरोध किया।

रक्षा मंत्री ने बताया कि नितिन गडकरी ने मंच से ही इस परियोजना को मंजूरी दे दी। इतना ही नहीं, राजनाथ सिंह ने एलिवेटेड कॉरिडोर के ऊपर मेट्रो लाइन बनाने का भी सुझाव दिया ताकि भविष्य में लखनऊवासियों को बेहतर और निर्बाध सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को भी केंद्रीय मंत्री ने तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी।

कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम होगा। साथ ही नई एलिवेटेड रोड और प्रस्तावित मेट्रो परियोजना से लखनऊ में ट्रैफिक दबाव कम होने, एयरपोर्ट तक आवागमन आसान बनने और शहर के बुनियादी ढांचे को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।