15 मई 2026, नई दिल्ली/ लखीमपुर खीरी: ऋतिक मिश्रा के परिवार के मुताबिक, छात्र लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था और NEET परीक्षा को लेकर बेहद गंभीर था। परीक्षा रद्द होने की खबर मिलने के बाद वह लगातार परेशान रहने लगा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि भविष्य को लेकर चिंता और मानसिक दबाव ने उसे तोड़ दिया।
घटना के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और परीक्षा प्रणाली पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि “सिस्टम द्वारा की गई हत्या” है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
घटना को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। नेताओं का कहना है कि बार-बार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और अनिश्चितता के कारण लाखों छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं। वहीं प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस छात्र की मौत के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
इस बीच शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े फैसलों का छात्रों की मानसिक स्थिति पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और पारदर्शी सूचना व्यवस्था बेहद जरूरी है।




