सुप्रीम कोर्ट में कोरोना मामले पर सुनवाई अब 27 को; देश में 24 घंटे में  2,263 मरीजों की मौत

देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों, देश भर में आक्सीजन और बिस्तरों की भयंकर कमी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार को सुनवाई हुई और यह 27 अप्रैल को जारी रहेगी। सर्वोच्च अदालत ने इस मामले का खुद संज्ञान लिया है और गुरूवार को केंद्र को नोटिस जारी करते हुए उसने देश में मेडिकल इमरजेंसी जैसी हालत बताई थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र से इस मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। अब इस मामले में मंगलवार को सुनावी होगी। उधर वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने खुद को केस से अलग कर लिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कोविड स्थिति पर सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि ऑक्सीजन की कमी से देश में लोग मर रहे हैं। तीन जजों – चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एल नागेश्वर राव और एस रविंद्र भट ने मामले पर सुनवाई की।  सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जरूरी सप्लाई और सेवाओं के वितरण मामले में जवाब दाखिल करने का समय दिया है। कोर्ट ने कुछ वरिष्ठ वकीलों को फटकार लगाते हुए कहा कि ‘हाई कोर्ट से केस ट्रांसफर नहीं किए गए हैं और इसलिए जो आलोचना इस मुद्दे पर की जा रही थी, उसका कोई आधार नहीं था।
उधर सर्वोच्च अदालत ने 22 अप्रैल को हरीश साल्वे को केस में मदद करने के लिए नियुक्त किया था, लेकिन आज साल्वे ने खुद को इससे अलग करने की मांग की, जिसे कोर्ट ने मान लिया। साल्वे ने खुद को केस से हटाने पर कहा, ‘मैं नहीं चाहता कि इस मामले को एक शैडो के तहत सुना जाए कि मुझे सीजेआई के साथ दोस्ती के कारण नियुक्त किया गया था।’