‘बेटी को न्याय दिलाने कहां जाऊं?’ प्रेस क्लब में रो पड़ीं अंकिता भंडारी की मां, 24 घंटे का अल्टीमेटम

सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने की मांग, दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर रोक लगाने की अपील; मांगें नहीं मानी गईं तो भूख हड़ताल और प्रदर्शन की चेतावनी

नई दिल्ली | तहलका न्यूज | स्नेहलता
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंकिता के माता-पिता ने केंद्र सरकार से उनकी बेटी की मौत से जुड़े कथित वीआईपी पहलू की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। इस दौरान अंकिता की मां भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने पत्रकारों से सवाल किया कि आखिर वह अपनी बेटी के लिए न्याय मांगने कहां जाएं और इस दर्द के साथ कैसे जिएं।

परिवार ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए मांग की कि दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम के राज्यपाल पद की जिम्मेदारी देने पर तब तक रोक लगाई जाए, जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती। परिवार ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो वे प्रदर्शन और भूख हड़ताल करेंगे।

छह मांगों के साथ सीबीआई जांच पर सवाल

अंकिता के पिता ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मांग की कि जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में हो। उन्होंने कथित वीआईपी से जुड़े पहलू की जांच, संबंधित लोगों के पुराने मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की पड़ताल तथा जरूरत पड़ने पर नार्को टेस्ट कराने की मांग रखी।

परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि वनंतरा रिजॉर्ट को क्यों तोड़ा गया और उसे गिराने का आदेश किसने दिया था। पिता का आरोप है कि जांच में महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने संबंधित आरोपियों और कथित वीआईपी से जुड़े कॉल रिकॉर्ड की जांच की मांग दोहराई। इन आरोपों और आशंकाओं की स्वतंत्र पुष्टि जांच एजेंसियों के निष्कर्षों से ही हो सकेगी।

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति पर क्यों उठा विवाद?

राष्ट्रपति भवन ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त करने की घोषणा की थी। गौतम इससे पहले भाजपा से जुड़े संगठनात्मक और राजनीतिक पदों पर रहे हैं। अंकिता के परिवार ने इस नियुक्ति का विरोध करते हुए कहा है कि कथित वीआईपी पहलू की जांच पूरी होने तक उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए।

यह विवाद वर्ष 2022 में उत्तराखंड के ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में हुई 19 वर्षीय अंकिता की हत्या से जुड़ा है। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। इसके बावजूद परिवार कथित वीआईपी की भूमिका की अलग से जांच की मांग कर रहा है।

राहुल-प्रियंका के पहुंचने के बाद बढ़ा मामला

14 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट के पास अंकिता के माता-पिता के साथ प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके बाद यह मुद्दा फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। रातभर चले धरने के बाद 15 अक्टूबर की सुबह दिल्ली पुलिस ने अंकिता के माता-पिता और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाने के लिए समर्थन जरूरी है। उन्होंने कहा कि परिवार इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहता, बल्कि उसकी मांग है कि जांच निष्पक्ष हो और कथित वीआईपी पहलू का सच सामने आए।

अंकिता की मां ने भावुक होते हुए कहा कि बेटी को खोने के बाद उनका जीवन किस तरह गुजर रहा है, यह वही जानती हैं। परिवार की अपील है कि सिक्किम और देशभर के लोग उनकी न्याय की लड़ाई में साथ दें।