राहुल गांधी ने पंजाब में कांग्रेस के चुनावी अभियान का किया आगाज

रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह, पार्टी के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट और कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें प्रताप सिंह बाजवा, विजय इंदर सिंगला, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, राजिंदर कौर भट्ठल और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग शामिल थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रचार अभियान का आगाज करते हुए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। संगरूर जिले के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह क्षेत्र फग्गूवाला गांव में आयोजित कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने राज्य में नशे की समस्या, गैंगस्टर हिंसा, किसानों की परेशानियों और चुनावी वादे पूरे न करने को लेकर आप  सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब की सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है और राज्य की जनता के हितों की अनदेखी हो रही है।

अपने भाषण में ‘चिट्टा’ (मिलावटी हेरोइन) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आप  सरकार के नशा खत्म करने के दावों के बावजूद पंजाब में यह समस्या गंभीर बनी हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि कई साल पहले भी उन्होंने पंजाब में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन उस समय भाजपा और शिरोमणि अकाली दल ने उनकी बात को खारिज कर दिया था।

राहुल गांधी ने कहा, “कई साल पहले मैंने कहा था कि पंजाब में नशा फैल रहा है। उस समय भाजपा और अकाली दल ने कहा था कि राहुल गांधी को पंजाब के बारे में कुछ नहीं पता। आज हर दूसरे दिन नशे से जुड़ा कोई अपराध सामने आता है और पंजाब सरकार इस समस्या पर काबू पाने में नाकाम है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि आप  ने सत्ता में आने के लिए जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया।

मुख्यमंत्री भगवंत मान पर सीधा निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने संसद में उनके साथ बिताए समय का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में साथ बैठने के दौरान मान के मुंह से शराब की गंध आती थी।

राहुल गांधी ने कहा, “लोकसभा में वह हमारे साथ बैठकर मजाक किया करते थे। सुबह 11 बजे उनके मुंह से शराब की गंध आती थी। मैं यह नहीं कह रहा कि भगवंत मान को शराब नहीं पीनी चाहिए, यह उनका निजी मामला है। लेकिन अगर आप नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री हर शाम नशे में नहीं रह सकता।”

आप सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने जनता से पूछा कि पार्टी ने अपने चुनावी वादों में से कौन-सा वादा पूरा किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा, “पंजाब को ऐसी सरकार की जरूरत है जो राज्य के लिए काम करे, न कि ऐसी सरकार की जिसे दिल्ली से चलाया जाए।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आप  के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल दिल्ली से पंजाब सरकार को नियंत्रित कर रहे हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वतंत्र रूप से फैसले नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब का शासन राज्य के लोगों की जवाबदेही के तहत चलना चाहिए, न कि किसी बाहरी नेतृत्व के निर्देशों पर।

कांग्रेस नेता ने किसानों के मुद्दे पर भी आप  सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है और राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि पंजाब के भविष्य के लिए कृषि और उद्योग दोनों महत्वपूर्ण हैं। राज्य में रोजगार बढ़ाने और आर्थिक आधार मजबूत करने वाली नीतियों की जरूरत है।

सिद्धू मूसेवाला से मुलाकात को किया याद

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत रैली में मौजूद लोगों से उनका जोश पूछकर की। हालांकि, उन्होंने कहा कि दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह से मुलाकात के बाद उन्होंने अपना भाषण बदलने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, “मैंने अपने भाषण की योजना बनाई थी, लेकिन कुछ मिनट पहले सिद्धू मूसेवाला के पिता मुझसे मिलने आए। इसलिए मैं अपना भाषण बदल रहा हूं।”

सिद्धू मूसेवाला के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि कई साल पहले गायक उनसे उनके कार्यालय में मिलने आए थे। उस समय वह उनके संगीत से ज्यादा परिचित नहीं थे। उन्होंने मूसेवाला को एक प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा बताया, जो कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे।

राहुल गांधी ने कहा, “उनके शरीर पर एक टैटू था। मैंने उस समय उनके गाने नहीं सुने थे। मुझे बताया गया कि वह एक अच्छे इंसान और संगीतकार हैं तथा कांग्रेस में शामिल होना चाहते हैं। वह बेहद प्रतिभाशाली और ऊर्जावान युवा थे। हमने उन्हें पार्टी में शामिल कराया।”

उन्होंने कहा कि राजनीति में नए होने के कारण वह चाहते थे कि मूसेवाला सहज महसूस करें। उन्हें लगता था कि वह राजनीति में भी अपनी अलग पहचान बना सकते थे।

राहुल गांधी ने कहा, “उनके गानों में पंजाब की आवाज सुनाई देती थी। मैंने बाद में उनके गाने सुने।”

उन्होंने आरोप लगाया कि मूसेवाला की सुरक्षा हटाई गई और एक दिन उनकी सरेआम हत्या कर दी गई।

सिद्धू मूसेवाला का वास्तविक नाम शुभदीप सिंह सिद्धू था। 29 मई, 2022 को मानसा जिले में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राहुल गांधी ने बताया कि बाद में जब वह मूसेवाला के घर गए थे तो उनके पिता ने उनसे कहा था कि बेटे को खोने से बड़ा दर्द किसी माता-पिता के लिए नहीं हो सकता।

मोदी को राष्ट्रविरोधी होने के आरोप पर बहस की चुनौती

भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी होने के आरोपों को लेकर खुली बहस की चुनौती दी।

उन्होंने कहा, “कहीं भी आइए, मेरे साथ बैठिए और बहस कीजिए।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष को अपनी बात रखने का उचित मौका नहीं दिया जाता और उनका माइक्रोफोन बार-बार बंद कर दिया जाता है।

उन्होंने कहा, “वे कहते हैं कि संसद में चर्चा कीजिए, लेकिन आप मेरा माइक बंद कर देते हैं और मुझे संसद में बोलने नहीं देते।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रभावित हैं और दावा किया कि वह पांच मिनट में अपने आरोप को साबित कर सकते हैं।

राहुल गांधी की यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान के एक दिन बाद आई, जिसमें उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की सरकार की तैयारी जताई थी और विपक्ष को बहस में शामिल होने की चुनौती दी थी।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने भरोसा जताया कि पंजाब में कांग्रेस दोबारा सत्ता में लौटेगी। इस रैली के साथ ही कांग्रेस ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की औपचारिक शुरुआत कर दी।