यात्रा में सीएम योगी मस्त आम लोग त्रस्त

सैकड़ों लोगों की छूटी ट्रेन,सिस्टम हुआ फेल

सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पदयात्रा आम लोगों के लिए अशुभ साबित हो गया। गाजियाबाद से दिल्ली को जोड़ने वाली सड़कें पूरी तरह से बंद कर दी गई। इस कारण दिवाली और छठ को लेकर ट्रेन से घर जाने वाले सैकड़ों लोगों की ट्रेन छूट गई। गुस्साए लोग जगह-जगह प्रशासन और सरकार के खिलाफ गाली-गलौज करते रहे।

गाजियाबाद में बृहस्पतिवार को यागी आदित्यनाथ की पदयात्रा हुई। इसको देखते हुए गाजियबाद से दिल्ली को जोड़ने वाली ज्यादातर सड़कों पर आम ट्रैफिक को पूरी तरह से रोक दिया गया। वैकल्पिक मार्गों की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने हर रास्ते को बैरिकेटिंग से बंद कर दिया था। पुलिस वालों को भी पता नहीं था कि किस रूट से दिल्ली की तरफ जाया जा सकता है। ऐसे में वह सिर्फ वाहनों को यू टर्न करा कर अपनी ड्यूटी की इतिश्री कर रहे थे।

दिल्ली और गाजियबाद के रेलवे स्टेशनों की तरफ जाने वाले लोग फंसे रहे। इधर से उधर भटकते रहे। लोगो दफ्तर नहीं पहुंच सके। जो लोग दिवाली पर खरीदारी के लिए निकल रहे थे वह भी जाम में फंसे रहे। राजनगर एक्सटेंशन में रहने वाले विनय अपनी पत्नी के साथ खरीदारी के लिए दिल्ली जा रहे थे। तीन घंटे तक अपनी कार में इधर से उधर भटकने के बाद वह वापस अपने घर लौट गए। विनय की पत्नी ने तंज कसते हुए कहा कि रामलीला मैदान में राहुल गांधी की रैली के समय यह तर्क दिया गया कि दिवाली में दुकानदारों को भारी नुकसान होगा। अब क्या हुआ।

समीर मोहन का कहना है कि वह अपनी पत्नी और मां को नई दिल्ली स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। जाम की वजह से ट्रेन छूट गई। कई महीने पहले टिकट लिया था। अब टिकट के पैसे डूबे सो अलग और दिवाली पर उनकी पत्नी और मां के घर जाने का सपना टूटा सो अलग। जाम की वजह से ऑफिस के लिए लेट होने की वजह से बॉस की डाट खाने वाले धनराज का कहना है कि आखिर मुख्यमंत्री ने कैसा सलाहकार रखा हुआ है। जिसे यह तक पता नहीं कि त्यौहारों के समय सीएम की पदयात्रा निकलवाते हैं। क्या सीएम खुद अपने विवेक का इस्तेमाल नहीं करते हैं। त्यौहार के समय वह भी कार्यदिवस के दिन     और वह भी व्यस्त समय में पदयात्रा?