राघवेंद्र द्विवेदी | दिल्ली
भगवान कृष्ण के बारे में बाबा बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के विवादित बयान पर तूफान मचा हुआ है। जगह जगह लोग उनके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। कार्रवाई की मांग की जा रही है।
बिहार के पूर्णिया से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में पहुंच कर धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि वो छोड़ेंगे नहीं, सजा दिलवा कर ही रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वो 100 करोड़ का मानहानि का मुकदमा भी करेंगे।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आग बबूला है। उन्होंने कहा “एक बाबा भगवान श्री कृष्ण को अपमानित कर रहे हैं। सनातनी चुप क्यों हैं ? आखिरकार सनातनी लोगों के बुलडोजर कहां चले गए।”
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए उन्होंने कृष्ण के बारे में कहा था “तु्म्हारे ठाकुर जी हर फोटो में इधर-उधर देखते नजर आते हैं. खड़े भी होते हैं तो तीन जगह से टेढ़े। पांव के ऊपर पांव.. कमर कहीं लचकाएं.. फिर टेढ़ी गर्दन करके बंसी बजाते हैं.. जबकि हमारे वाले तो खड़े भी एकदम सीधे होते हैं.. उनका नाम भी सीधा, दिखते भी सीधे और चलते भी सीधे। तुम्हारे वाले का नाम भी टेढ़ा, दिखते भी टेढ़े और चलते भी टेढ़े”
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘मूर्ख’ बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि वह कब से बाबा बन गए। इस दौरान उनके साथ मौजूद कंप्यूटर बाबा ने भी शास्त्री को राजनीतिक बाबा बताते हुए टिप्पणी की। दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने भी उनके बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने वीडियो जारी कर लोगों से धीरेंद्र शास्त्री का बहिष्कार करने की अपील की।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तीखी टिप्पणी करते हुए धीरेंद्र शास्त्री की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाए और उनकी रेबीज की जांच कराने जैसी टिप्पणी की। उन्होंने देवी-देवताओं के प्रति कथित तौर पर की गई टिप्पणी को लेकर भी सवाल उठाए।
विवाद बढ़ता देख धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो संदेश जारी कर अपने बयान पर सफाई दी, हाथ जोड़ कर माफी भी मांगी लेकिन विवाद थमता नहीं दिख रहा। उन्होंने कहा कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला गया है। वह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं। उनके नाम में भी कृष्ण शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एक संत के प्रचलित पद की व्याख्या कर रहे थे। गोपियों और संतों की तरह भगवान के प्रति प्रेम में उलाहना देने की परंपरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी भी उसी भाव में थी।
शास्त्री ने कहा कि उनका उद्देश्य भगवान राम और श्रीकृष्ण के बीच कोई भेद पैदा करना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी विनोद, जोश या भावावेश में कुछ बातें निकल जाती हैं और उनसे भी चूक हो जाती है।
हालाँकि धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी सफाई में यह भी कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए बाबा बागेश्वर का विरोध करने का चलन बन गया है।




