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‘चौदह साल के कठिन परिश्रम का फल रियो ओलंपिक के टिकट के रूप में अब मिला’

पहली कक्षा में पढ़ने वाली छह साल की वह मासूम तब एथलीट शब्द का मतलब तक नहीं समझती थी जबकि उसकी खुद की बड़ी बहन एक एथलीट थी. वह तो बस स्कूल की दौड़ प्रतियोगिता में पहला स्थान पाना चाहती थी. एक दिन उसकी एथलीट बहन ने उससे बोला, ‘तू  

अनिल कुंबले : चुनौतियां ज्यादा, समय कम

अनिल कुंबले के नाम के जिक्र के साथ ही उनसे जुड़ी उपलब्धियां आंखों के सामने तैर जाती हैं. यह पूर्व लेग स्पिनर भारत का सर्वकालिक सफल गेंदबाज है. इंग्लैंड के जिम लेकर के बाद वे पारी के सभी दस विकेट चटकाने का अद्भुत कारनामा करने वाले विश्व के दूसरे और  

इस क्रिकेट के साथ खेल क्यों ?

वर्ष 2012 में भारत और पाकिस्तान के बीच बंगलुरु में पहले ब्लाइंड टी-20 विश्वकप का फाइनल खेला जा रहा था. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के तीन बल्लेबाज 42 रन तक पैवेलियन लौट चुके थे. यहां से केतनभाई पटेल ने भारतीय पारी को संभाला और 43 गेंदों पर 98 रन  

क्या होगा अगर क्रिकेट में सट्टेबाजी पर लग जाए मुहर?

हर धर्म में कुरीतियां होती हैं. भारत का एक धर्म क्रिकेट भी है. इस धर्म में भी एक कुरीति है- सट्टेबाजी. भारत क्रिकेट में सट्टेबाजी का विश्व का सबसे बड़ा बाजार है. सट्टेबाजी के इस शास्त्र ने भारतीय क्रिकेट को कई ऐसे जख्म दिए हैं जो कभी भरे नहीं जा  

प्रेम-पैसा-प्रसारण

‘ओवर की आखिरी गेंद… सचिन ने फाइन लेग की तरफ खेल दिया है … और इस एक रन के साथ ही सचिन का शतक पूरा..’ कमेंटटेर की आवाज के बीच अचानक से टीवी पर क्रिकेट प्रसारण रुक जाता है. फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन आने लगता है. दो मिनट बाद प्रसारण  

लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, बदल जाएगा क्रिकेट का चेहरा

‘जस्टिस लोढ़ा समिति की सिफारिशें देश में केवल क्रिकेट ही नहीं, अन्य खेलों के लिए भी नजीर पेश करने वाली हैं. जितनी गहराई में वे गए हैं, उतनी गहराई से भारतीय क्रिकेट का पोस्टमार्टम कभी नहीं हुआ’ ये शब्द पूर्व भारतीय क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी के हैं, जो क्रिकेट में  

पिच फिक्सिंग

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई पांच एकदिवसीय मैचों की सीरीज के अंतिम और निर्णायक मुकाबले के लिए तैयार था. इससे पहले खेले चार मुकाबलों में दो-दो जीत के साथ दोनों टीमें बराबरी पर थीं. इसलिए निर्णायक मुकाबले में कांटे की टक्कर होने की  

बीसीसीआई : खेल में फेल

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) धीरे-धीरे क्रिकेट के बजाय गड़बड़ियों और अव्यवस्थाओं का बोर्ड बनता जा रहा है. कारण स्वाभाविक हैं. क्रिकेट के मामलों में अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने का कोई भी मौका मुश्किल से ही छोड़ने वाला बीसीसीआई अपनी संस्थागत परेशानियों से जूझ रहा है. बोर्ड की  

डालमिया को मुकुट और श्रीनिवासन को राज

बीसीसीआई अध्यक्ष के तौर पर जगमोहन डालमिया की वापसी के साथ क्रिकेट की सत्ता एक बार फिर से ईडन गार्डेन पहुंच गई है  

टेस्ट को टाटा

महेंद्र सिंह धोनी छोटे शहरों और मध्यवर्गीय समाज की कुलांचे मारती महत्वाकांक्षा के प्रतिबिंब हैं. पारस पत्थर सरीखी छवि वाले धोनी ने क्रिकेट के तीनों संस्करणों में स्वप्निल सफलता हासिल की, टेस्ट क्रिकेट से उनके संन्यास के मायने