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‘भाजपा उत्तर प्रदेश में 50 से अधिक सीटें जीतेगी’
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह लखनऊ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. हालांकि अतीत में लखनऊ उनके लिए...

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जो बली उसी की चली

यूक्रेन इसका सबसे नया उदाहरण है कि 21वीं सदी की दुनिया 20वीं सदी में लौट रही है. अंतरराष्ट्रीय कानून हो या आत्मनिर्णय का अधिकार, सही वही है, जिसके पास बाहुबल है.  

यूरोप के अनाथ भारतवंशी

यूरोप के सबसे बड़े जातीय अल्पसंख्यक रोमा और सिंती इस कदर हाशिये पर हैं कि हर जगह दुत्कारे ही जाते हैं. उनके मूल देश भारत ने भी उनसे मुंह फेर लिया है  

रणछोड़!

क्यों सीधे सवालों का सामना करने के बजाय नरेंद्र मोदी भाषणों के जरिये एकतरफा संवाद और पहले से तय सवालों का जवाब देने को तरजीह देते हैं?  

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  • ‘‘हमने देसी किसान पार्टी बनाई है, लेकिन हम पक्के भाजपाई हैं…’’
    ‘‘हमने देसी किसान पार्टी बनाई है, लेकिन हम पक्के भाजपाई हैं…’’

    रणवीर सेना के सुप्रीमो रहे ब्रह्मेश्वर सिंह मुखिया के बेटे व उनके उत्तराधिकारी इंदुभूषण सिंह भी बिहार की पाटलीपुत्र संसदीय सीट से चुनावी मैदान में हैं. रणवीर सेना का गढ़ आरा छोड़कर वे क्यों पाटलीपुत्र आए और उनकी नयी राजनीतिक पार्टी देसी किसान पार्टी क्या रणवीर सेना का राजनीतिक अवतार होगी? इस बातचीत में उन्होंने ऐसे तमाम सवालों का जवाब दिया.  

  • आंकड़ों से आत्मविश्वास!
    आंकड़ों से आत्मविश्वास!

    राजनीति वैसे तो कला का विषय है लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के आंकड़ों से उत्साहित कांग्रेस का गणित कहता है कि वह छत्तीसगढ़ की आधे से ज्यादा सीटें जीतेगी.  

  • महासमुंद का महासमर
    महासमुंद का महासमर

    बड़े-बड़े दिग्गजों को संसद भेज चुके महासमुंद में इस बार भी आमचुनाव के पहले काफी रोचक मुकाबला दिख रहा है.  

  • सबसे बड़ा दांव
    सबसे बड़ा दांव

    राष्ट्रीय राजनीति में नीतीश कुमार की जो महत्वाकांक्षाएं हैं, क्या इस बार के लोकसभा चुनाव में उनका पटाक्षेप हो जाएगा? या पल-पल बदल रहे सियासी समीकरण उनके लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहे हैं?  

  • बारंबार बंटाधार
    बारंबार बंटाधार

    कानपुर में जो हुआ ऐसा पहले भी हो चुका है. जिसने किया वह पहले भी कर चुका है. इससे निपटने का सरकारी रवैया भी बिल्कुल वैसा ही है. तो फिर परिणाम दूसरे कैसे हो सकते थे?  

  • बे-सबक तैयारी का हादसा!
    बे-सबक तैयारी का हादसा!

    छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों पर हालिया माओवादी हमले के पहले दर्जनों बड़े हमले हो चुके हैं. लेकिन हमेशा की तरह इस बार भी खुफिया तंत्र की नाकामयाबी से लेकर सुरक्षा में गंभीर लापरवाही तक की बातें फिर सामने आ रही हैं  

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  • मनुवादी माया?
    मनुवादी माया?

    वे मनुवादी हैं, यह एक ऐसा आरोप है जो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) नेता मायावती ने समय-समय पर तमाम राजनीतिक दलों से लेकर मीडिया तक पर लगाया है. उनके अनुसार दूसरी पार्टियों में दलित समाज के लोगों के लिए जगह नहीं है. मायावती मानती हैं कि बाकी पार्टियां सवर्णवादी हैं  

  • ‘मुख्तार अब्बास नकवी बिना जमीन और बिना जमीर वाले नेता हैं’
    ‘मुख्तार अब्बास नकवी बिना जमीन और बिना जमीर वाले नेता हैं’

    भाजपा में शामिल होने और आपराधिक पृष्ठभूमी के आरोप लगने के बाद तुरंत ही बाहर होने वाले राज्यसभा सांसद साबिर अली, बता रहे हैं कि उनके साथ ऐसा क्यों हुआ  

  • आईआरएस सर्वेक्षण-2013: सर्वे पर सब रुष्ट
    आईआरएस सर्वेक्षण-2013: सर्वे पर सब रुष्ट

    भारतीय रीडरशिप सर्वे के ताजा आंकड़े विश्वास से ज्यादा विवाद की वजह बन गए हैं. अब सवाल यह है कि इस विवाद के हल होने तक ज्यादातर अखबारों और विज्ञापनदाताओं के बीच लेन-देन किस आधार पर होगा.  

  • विरासत विहीन?
    विरासत विहीन?

    अपने राजनीतिक करियर के अस्ताचल पर खड़े मनमोहन सिंह की विरासत को इतिहास कैसे याद करने वाला है?  

  • प्रधानमंत्री मोदी
    प्रधानमंत्री मोदी

    अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो व्यवस्था के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की तस्वीर ऐसी हो सकती है.  

  • नीडो तानिया प्रकरण: नस्लवाद-विवाद
    नीडो तानिया प्रकरण: नस्लवाद-विवाद

    तहलका की पड़ताल बताती है कि नीडो तानिया की मौत की वजह नस्लवाद नहीं था और इस मामले में पुलिस जो कर रही है वह भी जांच नहीं है.  

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  • होली खेले आसफुद्दौला वजीर…
    होली खेले आसफुद्दौला वजीर…

    मिली-जुली तहजीब की शानदार मिसाल है लखनऊ की होली.  

  • शिकागो से शिकोहाबाद तक…
    शिकागो से शिकोहाबाद तक…

    फेसबुक ने अपने पिछले दशक के सफर में आभासी दुनिया को ऐसे बदला है जैसे असल दुनिया एक सदी में बदलती है. लेकिन क्या ऐसा आने वाले दशक के लिए भी कहा जा सकता है?  

  • क्या यह धोनी की विदाई का वक्त है?
    क्या यह धोनी की विदाई का वक्त है?

    लगातार चार टेस्ट सीरीजों में हार, व्याख्या से परे रणनीतियां और मैच जिताऊ आक्रामकता की कमी दिखने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान के बारे में यह सवाल अस्वाभाविक नहीं है  

  • अंतिम विदा
    अंतिम विदा

    भारत के इतिहास में वर्ष 1983 दो वजहों से हमेशा याद रखा जाएगा. उस साल जून में देश ने पहली बार एकदिवसीय क्रिकेट का विश्व कप जीता और ठीक छह महीने बाद दिसंबर में पहली मारुति 800 कार राजधानी दिल्ली की सड़कों पर दौड़ी. क्रिकेट की उस जीत ने जहां  

  • उनके साथ उनके रस्ते पर
    उनके साथ उनके रस्ते पर

    मिश्रा मन ही मन कितना मुदित था, उसे देखकर कोई भी जान सकता था! खुशी चेहरे से एकदम फूटी पड़ रही थी, हालांकि वह इसे उतना प्रकट नहीं होने देना चाहता था. हम जिले के एसपी के साथ उनकी जिप्सी में सवार होकर उस डेंटल कॉलेज जा रहे थे जहां  

  • विश्वशक्ति के देसी खिवैया
    विश्वशक्ति के देसी खिवैया

    माइक्रोसॉफ्ट के मुखिया सत्या नाडेला अमेरिका में भारतीयों की अभूतपूर्व सफलता का सबसे नया उदाहरण हैं. आखिर कौन से कारण हैं जिनके चलते वहां का भारतीय समुदाय बाकी अमेरिकियों के लिए नया आदर्श बन गया है?