आतंकवाद रोकने के लिए गठित दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार लोगों को मार्च, 2005 में एक मुठभेड़ के बाद दक्षिण-पश्चिम दिल्ली से गिरफ्तार किया. पुलिस ने दावा किया कि उसने देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी पर एक बड़े आतंकी हमले को टाल दिया है. लेकिन चार साल बाद चारों को अदालत ने निर्दोष मान कर बरी कर दिया.
मानुस पर नए मानस की तलाश
मराठी मानुस की पहचान को लेकर असमंजस में पड़ी शिवसेना अब अपने अतीत के एक हिस्से से पीछा छुड़ाकर नए भविष्य की तरफ जोखिम भरे कदम बढ़ाती लग रही है. विजय सिम्हा की रिपोर्ट...टूहिला की टूटती सांस
विरह-वेदना के स्वर को संगीत देनेवाला आदिकालीन वाद्ययंत्र टूहिला खत्म होने की राह पर है. इसके शायद इकलौते वादक कालीशंकर मुफलिसी में भी इस सांस्कृतिक ...‘भारत-पाकिस्तान बातचीत न हो तो सिर्फ आतंकवादी ही खुश होंगे’
पाकिस्तान की पूर्व सूचना मंत्री शेरी रहमान, शांतनु गुहा रे को बता रही हैं कि यदि भारत और पाकिस्तान बात नहीं करेंगे तो स्थिति फिर ...‘इसलाम आज इतिहास की सबसे बड़ी समस्या है’
डच लेखिका और राजनीतिज्ञ अयान हिरसी अली वाशिंगटन डीसी स्थित अमेरिकन इंटरप्राइज इंस्टीट्यूट की फेलो हैं. उनकी ‘इनफिडेल’ नामक संस्मरणों की किताब काफी चर्चा में ...झूठे सपनों का सौदागर
भारत में हजारों करोड़ रुपए के गैरकानूनी लॉटरी व्यवसाय के बारे में तो बहुत से लोग जानते हैं लेकिन इसे चलाता कौन है यह कम ...‘मैं खुद नहीं चाहता कि दस साल का बच्चा इश्किया देखे’
इश्किया के निर्देशक अभिषेक चौबे से गौरव सोलंकी की बातचीत...-
'हिंदी में हर लेखक को, किसी न किसी स्तर पर, अपने अलक्षित रह जाने का अफ़सोस है'
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है?मेरी कोई पसंदीदा शैली नहीं है. शायद ऐसा होता भी न हो. हर रचना अपनी शैली ख़ुद ले आती है. -
'जब तक किस्सागोई है, किताबें लिखीं और पढ़ी जाएंगी'
आपकी मनपसंद लेखन शैली क्या है?ऐसी कोई भी शैली जिसमें भाषा के प्रयोग का आनंद हो, किस्सागोई हो, कुछ टेढ़ी, महीन बुनावट की कसरत हो,
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कर्मन की गति न्यारी
कर्ज की हमको दवा बताई कर्ज ही थी बीमारी, साधो!कर्मन की गति न्यारी.गेहूं उगे शेयर नगरी में खेतों में बस भूख उग रही मूल्य सूचकांक -
खुशी प्रायोजित की जाएगी
खुशी प्रायोजित की जाएगी ठंडे चूल्हे के पास बैठी हुई एक बीमार औरत मुस्कराएगी लंबी गाड़ी से उतरेगी एक गदराई हुई औरत और बनावटी फूल
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केएम नानावटी मुकदमा
साठ के दशक का ऐसा मामला जिसमें आरोपित के पक्ष में सहानुभूति जुटाने में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई थी -
रविंद्र म्हात्रे हत्याकांड
आतंकवाद की पहली घटना जिसमें भारत के किसी राजनयिक को निशाना बनाया गया था
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‘इस बार मुझे अपना गांव बेगाना सा लगा’
मेरा गांव बिहार के वैशाली जिले में आता है, गांव का नाम है बान्थु. इसका सामाजिक ताना-बाना कुछ ऐसा है कि यहां भूमिहारों का बोलबाला -
‘उस कच्चे पलस्तर में गौतम सर ने कुछ अच्छी लकीरें खींच दी थीं’
उम्र का पलस्तर जब कच्चा होता है तो उसमें पड़ने वाली लकीरें हमेशा के लिए आपमें रह जाती हैं. 1993 की बात है. शिक्षक दिवस
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झूठ पर सच का कब्जा
पिछले 60 साल से गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम कभी भी कुछ ऐसा कहता-सुनता-समझता नजर नहीं आता जो पहले न -
नौटंकियां सरकारी, पात्र हम
दादाजी को जब रिटायरमेंट के बाद नगर पालिका से अपना हिसाब-किताब निपटाने के लिए अपनी दो-तीन चप्पलें-सैंडिल कम पड़ रही थीं तो वे अक्सर कहा
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मातृभाषा
जैसे चींटियां लौटती हैं बिलों में कठफोड़वा लौटता है काठ के पास वायुयान लौटते हैं एक के बाद एक लाल आसमान में डैने पसारे हुए हवाई अड्डे की ओर ओ मेरी भाषा मैं -
मैं बहुत खुश थी अम्मा ! - अंशु मालवीय
ये कविता, तहलका के एक पाठक कुमार मुकेश ने गुजरात पर तहलका के विशेष अंक में लिखे तरुण जी के संपादकीय पर टिप्पणी करते हुए
-  यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
-  ख़ूबसूरत लड़कियां
-  कब जागेंगे हम?
-  आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
-  यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
-  आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
-  कब जागेंगे हम?
-  'मुझे कोई शर्मिंदगी नहीं है'
-  आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
-  यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
-  कब जागेंगे हम?
-   ‘जीवन एक तीर्थयात्रा है.’
Pak Kuran aur Sherta Geeta aalag nahi hai..... Ik hi Sarir Ke Do Baju hai par hamlogo ne aapne swarth ke liye Dono Ko Hi ...
sir
what u have written may be it is true,but i belong to Bihar and i could understand what is common Muslim psychology... over ten lakhs ...
ALL MEN AND WOMEN ARE BIND WITH THE STARS AS PER THE CONDITION OF PLANET AT THE TIME OF BIRTH. HOW MUCH IS ONE ADVACE ...
mai samjhataa hoo. ki sabkuch ho lekin khoonkharaaba nahi hona chahiye, sabko bolne ka mauka milna chahiye kisi ki jameen par jabran kabjaa nahi hona ...






