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केजरीवाल इतनी जल्दी में क्यों हैं?
पिछले कुछ दिनों से आम आदमी पार्टी के बार-बार बयान आ रहे हैं कि दिल्ली की विधान सभा भंग होनी चाहिए...

अन्य स्टोरी
फिर मंडल की हांडी

लालू प्रसाद यादव फिर मंडलवादी राजनीति के सहारे बड़ा और आखिरी दांव खेलना चाहते हैं. जिन नीतीश कुमार के साथ वे इस राह चलना चाहते हैं उन्होंने इस पर मौन साधा हुआ है. क्या आज के बिहार में मंडल कार्ड से राजनीतिक मुनाफे की फसल काटना मुमकिन है?  

पार्टी, परिवार, अखबार और भ्रष्टाचार

नेशनल हेरल्ड विवाद गांधी परिवार के गले की हड्डी बन सकता है.  

तहलका हिन्दी पत्रिका
  • 10394033_792862637412168_20 वर्ष 6, अंक 14 21 July 2014
  • Vol-6-Issue13 वर्ष 6, अंक 13 15 July 2014
  • 01 वर्ष 6, अंक 12 30 June 2014
  • Cover-15-May वर्ष 6, अंक 11 4 June 2014
  • cover वर्ष 6, अंक 10 23 May 2014
  • Cover वर्ष 6, अंक 9 5 May 2014
  • cover_8 वर्ष 6, अंक 8 28 April 2014
  • Cover-15-April वर्ष 6, अंक 7 14 April 2014
  • 5 वर्ष 6, अंक 6 31 March 2014
  • Cover वर्ष 6, अंक 5 4 March 2014
  • Cover-28-Feb वर्ष 6, अंक 4 24 February 2014
  • Cover वर्ष 6, अंक 3 10 February 2014
  • 2 वर्ष 6, अंक 2 31 January 2014
  • 1 वर्ष 6, अंक 1 15 January 2014

आवरण कथा More >

  • मीडिया मजूरी
    मीडिया मजूरी

    क्या भारत में समाचार चैनलों की क्रांति अब इतिहास बनने के रास्ते पर है?  

  • क्यों छोड़े कोई आतंकवाद?
    क्यों छोड़े कोई आतंकवाद?

    पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लेने गए घाटी के नौजवानों के साथ यह एक बड़ा धोखा था. यह बात समझने के बाद जब वे पुनर्वास के वादे पर कश्मीर आए तो यहां उससे बड़े धोखे का शिकार हो गए.  

  • केदारनाथ यात्रा-2014: एक खतरनाक चुनावी स्टंट
    केदारनाथ यात्रा-2014: एक खतरनाक चुनावी स्टंट

    क्योंकि इतनी विराट त्रासदी के बाद जो होना चाहिए था उसमें से ज्यादातर नहीं हुआ और जो हो रहा है उसमें सिर्फ तात्कालिक हित साधने की मंशा दिखती है.  

  • प्रियंका गांधी: देश में लिंगभेद का सबसे बड़ा प्रतीक?
    प्रियंका गांधी: देश में लिंगभेद का सबसे बड़ा प्रतीक?

    बात तकरीबन 27 साल पुरानी है. नाइजीरिया के एक स्कूल ने क्लास मॉनीटर बनाने के लिए यह नियम बनाया कि क्लास में फर्स्ट आने वाले बच्चे को ही मॉनीटर चुना जाएगा. खड़े होकर अपने सहपाठियों की निगरानी करना और शोर मचाने वालों के नाम ब्लैक बोर्ड पर लिखना नौ साल  

  • नरेंद्र मोदी
    नरेंद्र मोदी

    भाजपा को दक्षिणपंथी रुझान वाली एक ऐसी स्वतंत्र पार्टी बना सकते हैं जिसकी देश के हर वर्ग और क्षेत्र में पैठ हो.  

  • हर कीमत पर जो प्रधानमंत्री बनने को आतुर रहे
    हर कीमत पर जो प्रधानमंत्री बनने को आतुर रहे

      येन केन प्रकारेण सफल रहे | जो रह गए | जिन्होंने सोचा न था… नरेंद्र मोदी: अग्रतम, व्यग्रतम पिछले साल 15 अगस्त को जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह परंपरा के मुताबिक लाल किले से अपना भाषण देने वाले थे तो उससे एक दिन पहले भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री पद के  

राज्यवार More >

  • एक डॉक्टर की आत्म ’हत्या’
    एक डॉक्टर की आत्म ’हत्या’

    जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन डॉ डीके साकल्ये फर्जी तरीके से कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जांच कर रहे थे. ऐसे में उनकी कथित आत्महत्या पर कई सवाल उठ रहे हैं?  

  • गुरबत में गूजर
    गुरबत में गूजर

    सरकार की उपेक्षा के चलते उत्तराखंड में हजारों गूजर आदिम हालात में जिंदगी बसर करने को मजबूर हैं.  

  • अवैध भरती की धरती!
    अवैध भरती की धरती!

    मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले में हो रहे नित नए खुलासों से प्रदेश की राजनीति तो क्या सारी व्यवस्था के ही बुरी तरह हिल जाने का खतरा खड़ा हो गया है  

  • बड़ा इम्तिहान
    बड़ा इम्तिहान

    विधानसभा उपचुनाव में उत्तराखंड के मुखिया हरीश रावत के सामने अपनी सीट के अलावा बाकी दो सीटें भी पार्टी की झोली में डालने की बड़ी चुनौती है.  

  • अगर-मगर के बीच!
    अगर-मगर के बीच!

    लोकसभा चुनाव के बाद बिहार में नीतीश कुमार के हाशिये पर जाने की भविष्यवाणी करते आकलनों और अनुमानों में कितना दम है?  

  • चुनावी रण के समीकरण
    चुनावी रण के समीकरण

    उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस को जहां बीते साल की भयंकर आपदा से उपजा रोष परेशान कर रहा है वहीं राज्य की सभी लोकसभा सीटों पर जीत तय मानकर चल रही भाजपा को आखिरी वक्त में बदले कुछ समीकरणों ने परेशान कर दिया है  

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  • प्यार पूंजीवादी नहीं चाहिए…
    प्यार पूंजीवादी नहीं चाहिए…

    हमारी फिल्मी प्रेम कहानियों में, ज्यादातर में, परतें नहीं होती, परत-दर-परत खुलते-बनते-बिगड़ते-सिसकते रिश्ते नहीं होते. वे सतह पर ही टहलती हैं, वहीं बिखरे पड़े पॉपकार्न खाने में व्यस्त रहती हैं. हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया, जो अपने कुछ हिस्सों में मजेदार है, प्यार को पूंजीवाद का शिकार बना देती है, ऐसा  

  • एलबमः किक
    एलबमः किक

    चूंकि हम किक के गीतों को छोड़ कई तरह की बेजा बातें करेंगे, इसलिए यह जानना जरूरी है कि हम चार के चौदह किए गीतों की बात क्यों नहीं करेंगे. जब सलमान ने अपना पहला गाना गाया, ‘चांदी की डाल पर सोने का मोर’, यार-रकीबों ने कहा था, ‘भाई ने  

  • चाट मसाला
    चाट मसाला

    फिल्मी दुनिया की चटपटी खबरें  

  • ‘अपने भीतर का कायर मार देना चाहिए’
    ‘अपने भीतर का कायर मार देना चाहिए’

    लेखक शोधार्थी हैं और गांधीनगर (गुजरात) में रहते हैं  

  • पत्थरों की कथाएं
    पत्थरों की कथाएं

    अभी दूसरा पत्थर जवाब देता कि ठक! से एक आवाज हुई. सड़क के बीचोबीच पड़ा हुआ पत्थर लुढ़कता हुआ किनारे आ गया. अब एक इस पार तो दूसरा उस पार था.  

  • एलबमः हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया
    एलबमः हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया

    हंप्टी शर्मा की दुल्हनिया ‘गर्मी की छुट्टियों’ का एलबम है. एलबम के सभी गाने, उनको लिखनेवाले, गानेवाले, संगीत देनेवाले, गानों का इंपोर्ट-एक्सपोर्ट करनेवाले, सब, गर्मी की छुट्टियों में हरहरे-छरहरे होने गए हैं, जिनके जीवन में गर्मियों की छुट्टियां इतनी लंबी नहीं हैं, उनकी गर्मियां बासी बोरियत की नक्काशी से सजे