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न्याय की रक्षक को न्याय की तलाश
एक महिला सब इंस्पेक्टर के यौन उत्पीड़न पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टालमटोल सवालों के घेरे में है


‘नक्सलवाद’  की खूंटी

झारखंड का छोटा-सा जिला जहां नक्सलवाद के नाम पर होने वाली हत्याओं का आंकड़ा सबसे बड़ा है  

पेशेवर आंदोलनकारी

ऐसे लोग जिनका काम ही आंदोलन के मौके तलाशते रहना है  

क्षतिपूर्ति  से हितपूर्ति

हजारों करोड़ रु के जिस कैंपा फंड का मकसद उद्योगों के चलते जंगलों को हुए नुकसान की भरपाई करना है वह छत्तीसगढ़ में जेबें भरने का जरिया बन गया है  

तहलका हिन्दी पत्रिका
  • cover16 वर्ष 7, अंक 16 2 September 2014
  • cover33 वर्ष 6, अंक 15 7 August 2014
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    दिल्ली के मयूर विहार में रहने वाले राजेश कुमार के दिन की शुरुआत अपने स्मार्टफोन पर ताजा खबरें और ईमेल चेक करने के साथ होती है. करीब आधा घंटे यह काम करने और फिर सुबह की दूसरी कवायदों से फारिग होने के बाद वे दफ्तर रवाना होते हैं. इसके बाद  

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    नेशनल हेरल्ड विवाद गांधी परिवार के गले की हड्डी बन सकता है.  

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    अपनी गरीबी, फैक्टरी मालिकों की सीनाजोरी और श्रम विभाग के ढुलमुल रवैये की वजह से दिल्ली के वजीरपुर इलाके में सैकड़ों मजदूर शोषण और अन्याय सहने को मजबूर हैं.  

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    बिहार में जो नए राजनीतिक हालात बने हैं उनमें आगे के सारे समीकरण नीतीश कुमार-लालू प्रसाद यादव के मेल और उनके सामने खड़ी भाजपा के संदर्भ में ही देखे जा रहे हैं. लेकिन भविष्य के इन राजनीतिक समीकरणों में एक तीसरा कोण भी है-वर्तमान मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का  

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    विधानसभा उपचुनावों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भले ही विरोधी पक्ष भाजपा को पटखनी दे दी हो, लेकिन अपने ही दल में बैठे विरोधी पक्ष से वे कैसे निपटेंगे?  

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  • चाट मसाला