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कथा और पूर्वकथा
बीते 18 अगस्त को गुलज़ार ने अपनी उम्र का अस्सीवां पड़ाव पूरा कर लिया. यहां उनकी एक कहानी है जो समाज में कला की भूमिका को दिखाती है और यह जिस वैचारिक द्वंद से उपजी है वह भी है


पद की पिटी भद

जब तमाम उदाहरण उस मर्यादा के ध्वस्त होने का संकेत दे रहे हों जो संविधान निर्माताओं ने राज्यपाल के लिए बनाई थी तो क्या इस पद का कोई मतलब बचता है?  

‘नक्सलवाद’  की खूंटी

झारखंड का छोटा-सा जिला जहां नक्सलवाद के नाम पर होने वाली हत्याओं का आंकड़ा सबसे बड़ा है  

चिंताकारी चाय

चाय में घुली चीनी की मिठास साफ महसूस होती है. लेकिन इसमें डीडीटी जैसे जहर की कड़वाहट भी घुली हो सकती है जो महसूस नहीं होती  

तहलका हिन्दी पत्रिका
  • cover16 वर्ष 7, अंक 16 2 September 2014
  • cover33 वर्ष 6, अंक 15 7 August 2014
  • 10394033_792862637412168_20 वर्ष 6, अंक 14 21 July 2014
  • Vol-6-Issue13 वर्ष 6, अंक 13 15 July 2014
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  • cover_8 वर्ष 6, अंक 8 28 April 2014
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  • 5 वर्ष 6, अंक 6 31 March 2014
  • Cover वर्ष 6, अंक 5 4 March 2014
  • Cover-28-Feb वर्ष 6, अंक 4 24 February 2014
  • Cover वर्ष 6, अंक 3 10 February 2014
  • 2 वर्ष 6, अंक 2 31 January 2014
  • 1 वर्ष 6, अंक 1 15 January 2014

आवरण कथा More >

  • पेशेवर आंदोलनकारी
    पेशेवर आंदोलनकारी

    ऐसे लोग जिनका काम ही आंदोलन के मौके तलाशते रहना है  

  • गूगल: सबका मालिक एक
    गूगल: सबका मालिक एक

    दिल्ली के मयूर विहार में रहने वाले राजेश कुमार के दिन की शुरुआत अपने स्मार्टफोन पर ताजा खबरें और ईमेल चेक करने के साथ होती है. करीब आधा घंटे यह काम करने और फिर सुबह की दूसरी कवायदों से फारिग होने के बाद वे दफ्तर रवाना होते हैं. इसके बाद  

  • पार्टी, परिवार, अखबार और भ्रष्टाचार
    पार्टी, परिवार, अखबार और भ्रष्टाचार

    नेशनल हेरल्ड विवाद गांधी परिवार के गले की हड्डी बन सकता है.  

  • विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन
    विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन

    में ऐसा क्या है कि यह सरकार के लिए संघ के बाद सबसे महत्वपूर्ण गैर-सरकारी संस्थान बन गया है?  

  • क्यों छोड़े कोई आतंकवाद?
    क्यों छोड़े कोई आतंकवाद?

    पाकिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लेने गए घाटी के नौजवानों के साथ यह एक बड़ा धोखा था. यह बात समझने के बाद जब वे पुनर्वास के वादे पर कश्मीर आए तो यहां उससे बड़े धोखे का शिकार हो गए.  

  • हक की जंग
    हक की जंग

    अपनी गरीबी, फैक्टरी मालिकों की सीनाजोरी और श्रम विभाग के ढुलमुल रवैये की वजह से दिल्ली के वजीरपुर इलाके में सैकड़ों मजदूर शोषण और अन्याय सहने को मजबूर हैं.  

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  • उत्तर प्रदेश
    न्याय की रक्षक को न्याय की तलाश
    न्याय की रक्षक को न्याय की तलाश

    एक महिला सब इंस्पेक्टर के यौन उत्पीड़न पर उत्तर प्रदेश पुलिस की टालमटोल सवालों के घेरे में है  

  • छत्तीसगढ़
    क्षतिपूर्ति से हितपूर्ति
    क्षतिपूर्ति  से हितपूर्ति

    हजारों करोड़ रु के जिस कैंपा फंड का मकसद उद्योगों के चलते जंगलों को हुए नुकसान की भरपाई करना है वह छत्तीसगढ़ में जेबें भरने का जरिया बन गया है  

  • बिहार
    दो का मेल, दो की लड़ाई और तीसरा कोण
    दो का मेल, दो की लड़ाई और तीसरा कोण

    बिहार में जो नए राजनीतिक हालात बने हैं उनमें आगे के सारे समीकरण नीतीश कुमार-लालू प्रसाद यादव के मेल और उनके सामने खड़ी भाजपा के संदर्भ में ही देखे जा रहे हैं. लेकिन भविष्य के इन राजनीतिक समीकरणों में एक तीसरा कोण भी है-वर्तमान मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का  

  • पंजाब-हरियाणा
    भूपेंद्र सिंह हुड्डा: हाईकमान मेहरबान तो…
    भूपेंद्र सिंह हुड्डा: हाईकमान मेहरबान तो…

    पार्टी की लगातार होती दुर्गति के बावजूद आलाकमान के आशीर्वाद के चलते मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा की राजनीति में सबसे ताकतवर बने हुए हैं  

  • उत्तराखंड
    उत्तराखंड राजनीति: कठिन डगर, मुश्किल सफर
    उत्तराखंड राजनीति: कठिन डगर,  मुश्किल सफर

    विधानसभा उपचुनावों में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भले ही विरोधी पक्ष भाजपा को पटखनी दे दी हो, लेकिन अपने ही दल में बैठे विरोधी पक्ष से वे कैसे निपटेंगे?  

  • छत्तीसगढ़
    एक डॉक्टर की आत्म ’हत्या’
    एक डॉक्टर की आत्म ’हत्या’

    जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के प्रभारी डीन डॉ डीके साकल्ये फर्जी तरीके से कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जांच कर रहे थे. ऐसे में उनकी कथित आत्महत्या पर कई सवाल उठ रहे हैं?  

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  • हमारे गांधी को जिसने सबका बनाया
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    रिचर्ड एटनबरो ऐसे निर्देशक के तौर पर याद किए जाएंगे जिसने गांधी जी को महात्मा से आगे ले जाकर दुनिया-भर का महानायक बना दिया  

  • कट्टी न हुए जो दोस्त कभी…
    कट्टी न हुए जो दोस्त कभी…

    प्राण (शर्मा) के रचे और हम सब में गहरे बसे चाचा चौधरी, साबू, पिंकी, बिल्लू, बिन्नी चाची, राका, श्रीमतीजी, रमन और चन्नी चाची से हमारी दोस्ती यूं ही नहीं है  

  • ‘महाभारत से बेहतर संभवत: दुनिया में कुछ नहीं लिखा गया’
    ‘महाभारत से बेहतर संभवत: दुनिया में कुछ नहीं लिखा गया’

    युवा कविता के क्षेत्र में देश का सबसे प्रतिष्ठित भारत भूषण अग्रवाल पुरस्कार इस वर्ष भोपाल के युवा कवि आस्तीक वाजपेयी को देने की घोषणा की गई है. उन्हें यह पुरस्कार उनकी कविता ‘विध्वंस की शताब्दी’ के लिए दिया जा रहा है. पूजा सिंह की उनसे बातचीत  

  • दौड़ी कबड्डी की गड्डी
    दौड़ी कबड्डी की गड्डी

    भारत के विश्व चैंपियन होने के बावजूद बड़ी हद तक उपेक्षा का शिकार रही कबड्डी को लोकप्रियता की एक नई जमीन मिलती दिख रही है  

  • एलबमः फाइंडिंग फैनी
  • हंस अकेला
    हंस अकेला

    राजेंद्र यादव के निधन के बाद भी हंस का निकलना बदस्तूर जारी है लेकिन क्या वह अपनी चिरपरिचित धार बरकरार रख सकी है?