' नए निर्देशकों में आग है लेकिन वे कितने जिम्मेदार हैं, कहना मुश्किल है '
उम्र की 66वीं दहलीज पर खड़े हिंदुस्तान के मशहूर फिल्मकार राजा सईद मुजफ्फर अली आज भी उत्साह, ऊर्जा और नए विचारों से लबरेज 'जूनी' जैसे ...बिना आंच की जांच
उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के मामले सामने आने पर जांच तो होती है पर दोषियों के खिलाफ अक्सर कोई कार्रवाई नहीं होती. ऐसे में भ्रष्टाचार क्यों न बढ़े? देहरादून से मनोज रावत की रिपोर्ट...सहज मौत का नया साधन
बुंदेलखंड में आत्महत्याएं रोकने के तमाम उपायों पर आत्महत्या करने का एक नया तरीका भारी पड़ रहा है. हृदयेश तिवारी की रिपोर्ट...जिन पाया तिन मारयां
सोनभद्र में एक पुलिस 'मुठभेड़' में चार लोग मारे जाते हैं. इनमें से एक जीवित है, दूसरा पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज राजकुमार नहीं बल्कि बद्रीनाथ है और बाकी दो के बारे में कुछ पक्का नहीं है. अतुल चौरसिया की पड़ताल...नटराज के नए भक्त
निशिता झा बता रही हैं कि शास्त्रीय नृत्य जगत में महिलाओं के वर्चस्व के बावजूद पुरुष नर्तक भी इस क्षेत्र में पहचान बनाने की कोशिश में हैं...' दोनों तरफ के कश्मीर का एकीकरण किया सकता है '
कश्मीर समस्या का समाधान क्या हो इसपर मेहबूबा मुफ्ती के विचार...-
'आत्मकथा लिखने के लिए किसी विभूति के कमेंट सुनने का साहस चाहिए'
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?उपन्यास. उपन्यासों में मुझे मैला आंचल, नटरंग, स्पार्टाकस, संस्कार, ओल्ड मैन एंड द सी, पद्मा नदीर मांझी और मछुआरे बहुत -
' निराला ब्राह्मणवाद से ग्रसित लेखक हैं '
आपकी पसंदीदा लेखन शैली क्या है?फिक्शन. मैं कहानी लिखता रहा हूं. अभी एक उपन्यास पर काम चल रहा है, शायद इस साल पूरा हो जाए.
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कर्मन की गति न्यारी
कर्ज की हमको दवा बताई कर्ज ही थी बीमारी, साधो!कर्मन की गति न्यारी.गेहूं उगे शेयर नगरी में खेतों में बस भूख उग रही मूल्य सूचकांक -
खुशी प्रायोजित की जाएगी
खुशी प्रायोजित की जाएगी ठंडे चूल्हे के पास बैठी हुई एक बीमार औरत मुस्कराएगी लंबी गाड़ी से उतरेगी एक गदराई हुई औरत और बनावटी फूल
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केएम नानावटी मुकदमा
साठ के दशक का ऐसा मामला जिसमें आरोपित के पक्ष में सहानुभूति जुटाने में मीडिया ने अहम भूमिका निभाई थी -
रविंद्र म्हात्रे हत्याकांड
आतंकवाद की पहली घटना जिसमें भारत के किसी राजनयिक को निशाना बनाया गया था
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' स्पर्श करने से गंगा न निर्मल बन सकती है न अविरल '
गंगा की अविरलता और निर्मलता दोनों एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं. उत्तराखंड सरकार हेमा मालिनी और दूसरे सितारों को लेकर गंगा स्पर्श करने की -
' राजनीति गंदली है तो आचमन करो '
मित्रों के बीच देश की मौजूदा गंदली राजनीति पर बातचीत हो रही थी. मेरे भीतर मुख्यमंत्री मायावती द्वारा कटौती प्रस्ताव के मुद्दे पर कांग्रेस का
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बरसात की उलझन
ज़मीन पर आवाज़ गूंजी ' यार, ये बारिश क्यों होती है? उफ़्फ, बरसात इस शहर के लायक है ही नहीं....' ये चुभती हुई आवाजें बरसात -
झूठ पर सच का कब्जा
पिछले 60 साल से गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है. गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम कभी भी कुछ ऐसा कहता-सुनता-समझता नजर नहीं आता जो पहले न
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मातृभाषा
जैसे चींटियां लौटती हैं बिलों में कठफोड़वा लौटता है काठ के पास वायुयान लौटते हैं एक के बाद एक लाल आसमान में डैने पसारे हुए हवाई अड्डे की ओर ओ मेरी भाषा मैं -
मैं बहुत खुश थी अम्मा ! - अंशु मालवीय
ये कविता, तहलका के एक पाठक कुमार मुकेश ने गुजरात पर तहलका के विशेष अंक में लिखे तरुण जी के संपादकीय पर टिप्पणी करते हुए
-  यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
-  ख़ूबसूरत लड़कियां
-  कब जागेंगे हम?
-  आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
-  यहां सेक्स टैबू है, स्त्री के लिए
-  आतंक के मोहरे या बलि के बकरे ?
-  कब जागेंगे हम?
-  कितनी लंबी यात्रा
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wah jp bhaiya wah, naxal aur adiwasi ki aad ka khel hai.
sonbhadra me jab ham the tabhi ham is baat ko lekar chintit rahe lekin ...
bahut achha sujhav haun,ise dono desh ko man lena chahiye isi me kashmiriyat ki jeet hain har kisi ki nahi na bharat ki har hain ...
Apne jo likha hai wo sahi hai per female ko jyda khulapan dena bhi pariwar ke liye hanikarak sabit hota hai.mahilaye jyada emotional hone ke ...
well said Vijay!!!im agree with u






