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सरकार बेचेगी 358 के भाव से कोल इंडिया के शेयर
भारत सरकार अपने उपक्रम कोल इंडिया (सीआईएल) में 10 फीसदी हिस्सेदारी 358 रुपये प्रति शेयर के भाव से बेचने का फैसला किया है. यह इसके आज के बंद भाव से पांच फीसदी कम है. इस बिक्री में 20 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए सुरक्षित...
‘धर्मनिरपेक्षता’ को प्रस्तावना से हटाने की मांग गलत नहीं: रविशंकर प्रसाद
पहले गणतंत्र दिवस के भव्य आयोजन की तैयारी की गई, फिर इश्तहार निकाला गया. लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के...
वर्ष 2014: साहित्यिक उपलब्धियों का इंद्रधनुष
हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में वर्ष 2014 में प्रकाशित 100-150 पुस्तकों के बीच से साहित्यिक गुणवत्ता की दृष्टि...


टेस्ट को टाटा

महेंद्र सिंह धोनी छोटे शहरों और मध्यवर्गीय समाज की कुलांचे मारती महत्वाकांक्षा के प्रतिबिंब हैं. पारस पत्थर सरीखी छवि वाले धोनी ने क्रिकेट के तीनों संस्करणों में स्वप्निल सफलता हासिल की, टेस्ट क्रिकेट से उनके संन्यास के मायने  

‘मेरी अच्छी किताब को साहित्य अकादमी मिला ही नहीं’

मुनव्वर राना को हाल ही में उनके कविता संग्रह ‘शहदाबा’ के लिए उर्दू के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. वाली ‘आसी’ के शागिर्द मुनव्वर राना निम्न एवं मध्यम वर्ग के जनजीवन को शेरगोई का मौज़ू बनाने के लिए, ख़ासकर मां पर शेर कहने के लिए जाने जाते  

कद से बड़ी कोशिश

‘अप्पन समाचार’, नाम के जैसा ही अनूठा काम कर रही बिहार के मुजफ्फरपुर की युवा लड़कियों की कहानी  

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  • बिहार: दमित दलित
    बिहार: दमित दलित

    बिहार में इन दिनों दो बातों की चर्चा बेहद आम हो गई है. पहली, मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के दलितों के पक्ष में आनेवाले अटपटे बयान और दूसरा, दलितों के साथ दिन-ब-दिन बढ़ रही हिंसा. क्या इन दोनों चीजों का आपस में कोई संबंध है?  

  • जेट के जमाई
    जेट के जमाई

    एक जोड़े को हवाई जहाज के इकॉनोमी क्लास में दिल्ली से लंदन आने जाने के लिए करीब एक लाख रुपए तक खर्च करना पड़ता है. लेकिन मनोज मालवीय इतने ही खर्च में पिछले कुछ सालों के दौरान दुनिया भर की 28 खूबसूरत जगहों की सैर कर चुके हैं. पश्चिम बंगाल  

  • असरदार जोड़ीदार
    असरदार जोड़ीदार

    राजनीति की ऐसी ताकतवर जोड़ियां जो कभी अपनी पार्टी की धुरी बनी रहीं तो कभी पूरी भारतीय राजनीति की.  

  • अभियानों के अभियान पर
    अभियानों के अभियान पर

    प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी का पिछले पांच महीने का कार्यकाल भारतीय इतिहास के किसी भी दूसरे प्रधानमंत्री से ज्यादा सक्रिय और जीवंत रहा है. इन चंद महीनों में मोदी ने एक ऐसे व्यक्तित्व से देश का साक्षात्कार करवाया है जो अपनी से आधी उम्र के लोगों से भी  

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  • बिहार
    ‘लालू ऊपरी वार करते हैं, जबकि नीतीश…’
    ‘लालू ऊपरी वार करते हैं, जबकि नीतीश…’

    बिहार की राजनीति में समाजवादी धारा के एक प्रमुख नेता शिवानंद तिवारी ने चुनावी राजनीति से संन्यास ले लया है. वे रिटायर भले हो गए हैं, लेकिन सियासी सरगर्मी उनके यहां अभी भी कायम है. फिलहाल वे अपनी आत्मकथा लिखने में लगे व्यस्त हैं. इसे लेकर अभी से बिहार में उत्सुकता है क्योंकि तिवारी लालू और नीतीश के समान रूप से नजदीकी रह चुके हैं. उनके अपने राजनीतिक अनुभव, जदयू और राजद के विलय की अटकलों और बिहार की...  

  • झारखंड
    ‘मेरी लड़ाई किसी मजहब या मर्द जाति से नहीं, एक व्यक्ति से है’
    ‘मेरी लड़ाई किसी मजहब या मर्द जाति से नहीं, एक व्यक्ति से है’

    दो माह पहले तक आप इतने किस्म के लोगों से दिन-रात घिरी रहती थीं, अब अकेली हैं. पता नहीं कहां से इतने लोग इकट्ठा हो गए थे. संगठन वाले, मीडियावाले, राजनीतिवाले. लेकिन मैं जानती थी कि यह कुछ दिनों की ही बात है. फिर कोई नहीं आएगा. यानी आपको पहले  

  • छत्तीसगढ़
    नक्सलवाद पर मतभेद
    नक्सलवाद पर मतभेद

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्थित सचिवालय में 19 नवंबर को आम दिनों के मुकाबले चहल-पहल कुछ बढ़ गई थी. माहौल में कुछ तनाव भी महसूस हो रहा था. पहले तो लोगों को यह समझ नहीं आया कि साहब लोगों का मूड उखड़ा हुआ क्यों है, लेकिन धीरे-धीरे कारण स्पष्ट  

  • उत्तर प्रदेश
    उत्तर प्रदेश: स्टांप ड्यूटी घोटाला
    उत्तर प्रदेश: स्टांप ड्यूटी घोटाला

      उत्तर प्रदेश में रियल इस्टेट कंपनियों, प्रशासनिक अधिकारियों और राजस्व विभाग के कर्मचारियों का एक गठजोड़ संगठित तरीके से कानूनी पेचीदगियों का फायदा उठाते हुए मोटा पैसा बना रहा है और राजकोष को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहा है. यह मामला संपत्ति कर विभाग से जुड़ा है. राज्य  

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  • सितारा देवी: ओझल सितारा…
    सितारा देवी: ओझल सितारा…

    94 की उम्र में अपने निधन से पहले वह लंबे समय से बीमारियों से जूझ रही थीं. सितारा देवी ने हिंदी सिने जगत में कथक का न केवल प्रवेश कराया बल्कि उसे एक अलग पहचान भी दिलाई. उनको याद करने के कई बहाने हैं. दिलों पर राज करना एक ऐसा  

  • हम फिदा-ए-लखनऊ
    हम फिदा-ए-लखनऊ

    ‘किसी शहर का चरित्र खोजना है तो उसके जन में बसे किस्से-कहानियों में खोजा जाए.’ लखनऊ के संदर्भ में कही गई अमृतलाल नागर की ये पंक्ति इस शहर के मूल चरित्र की पहचान करने में बेहद सहायक है. खुद नागर जी का सम्पूर्ण साहित्य लखनऊ के ऐसे ही बेशुमार किस्से-कहानियां  

  • ‘अस्मिता के प्रश्न, जीवन के मूलभूत प्रश्नों के लिए रोड़ा बनते हैं’
    ‘अस्मिता के प्रश्न, जीवन के मूलभूत प्रश्नों के लिए रोड़ा बनते हैं’

    आप की मूल पहचान कवियत्री के रूप में है. लेकिन आपने अन्य विधाओं में भी रचना की है. विभिन्न विधाओं के रचनाकर्म में क्या फर्क देखती हैं? यूं तो सारी विधाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं. हर विधा का अपना मूल स्वभाव होता है. लेकिन सबके भीतर कहीं न कहीं  

  • इंटरनेट बिन सून
    इंटरनेट बिन सून

    30 साल के रितेश दिल्ली में रहते हैं और एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट हैं. इनके पास स्मार्ट फोन है जो कि हाई स्पीड इंटरनेट से जुड़ा हुआ है. रितेश के दिन की शुरुआत स्मार्ट फोन पर मैसेज पढ़ने से होती है फिर वह फेसबुक पर नए अपडेट देखते हैं.