साक्षात्कार Archives | Tehelka Hindi — Tehelka Hindi
पुलिस तंत्र में आपको पता नहीं चलता कि कब आप मनुष्य से पशु बन गए : वीएन राय

आपकी किताब  ‘हाशिमपुरा 22 मई’  को लेकर कई तरह के विवाद उठ खड़े हुए. पहली बार हाशिमपुरा हत्याकांड के संदर्भ में भारतीय सेना के आचरण पर भी उंगलियां उठाई गई हैं. आपने इस घटना को भारतीय राज्य की विफलता के रूप में देखा है. क्या इस निंदनीय घटना पर कुछ  

जनहित की राजनीति के लिए एक नए दल की जरूरत है : प्रो. आनंद कुमार

वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में स्वयं को कहां फिट पाते हैं और अपनी जगह कहां बनाना चाहते हैं? आज की राजनीतिक परिस्थितियों में किसी भी देशभक्त नागरिक के लिए लोकतांत्रिक राष्ट्र निर्माण के अधूरेपन को दूर करना सबसे बड़ा प्रश्न है. बिना जनतांत्रिक सुधारों के हमारी आजादी काले धन की गिरफ्त  

‘नई पार्टी का गठन रमन सिंह के गांव में इसलिए किया ताकि शेर की मांद में घुसकर उसका शिकार करूं’

तीस साल आपने कांग्रेस में बिताए फिर अचानक से पार्टी से मोहभंग होने का क्या कारण रहा? किसी से कोई मोहभंग नहीं है. दो भावनात्मक कारणों से मैंने नया दल या नई राह पर चलने का फैसला किया. पहला कारण यह कि मुझे लगता है कि एक बेहद गरीब आदिवासी  

जब कुरान तीन तलाक की इजाजत नहीं देता तो पर्सनल लॉ बोर्ड कौन होता है इसकी पैरवी करने वाला : ज़किया सोमन

बीएमएमए द्वारा प्रधानमंत्री को तीन तलाक पर बैन लगाने को लेकर पत्र लिखा गया था? हां, पर उस पत्र में सिर्फ तीन तलाक की बात नहीं है बल्कि मुस्लिम फैमिली लॉ को विधिवत करने की बात है, उसमें सुधार लाने की जरूरत है तो ये सुधार क्या होंगे ये हमने  

आज के समय में बैंडिट क्वीन बन ही नहीं पाती : गोविंद नामदेव

फिल्म  ‘सोलर एक्लिप्स’  से आपने भी हॉलीवुड की ओर कदम बढ़ा दिया है. इन दिनों हॉलीवुड जाने की होड़ मची हुई है. एक भारतीय कलाकार के लिए हॉलीवुड की फिल्म करना बड़ी बात क्यों है? ये बिल्कुल वैसे है जैसे कोई छोटे शहर से बड़े शहर जाना चाहता है. हॉलीवुड  

किसी मुसलमान को यह हक नहीं है कि वह गलत काम करे और मजहब की आड़ में इसे छिपाए : नजमा हेपतुल्ला

अल्पसंख्यक मामलों की मंत्री के रूप में आपके दो साल पूरे हो गए हैं. इस दौरान मंत्रालय की क्या खास उपलब्धियां रहीं? पिछले दो सालों के दरमियान हमारे मंत्रालय को जितना बजट मिला है, हमने उसमें से 99 प्रतिशत पैसों को आवंटित कर दिया है. हमारे यहां अल्पसंख्यकों के छह  

‘दुर्भाग्य से हमारे पास इतनी पावर नहीं है कि हम किसी की गिरफ्तारी की सिफारिश कर सकें या किसी को नोटिस भेजकर यहां आने पर मजबूर कर सकें’

सोशल मीडिया पर प्रतिष्ठित महिलाओं के साथ गाली-गलौज की जाती है, मारने या बलात्कार करने की धमकियां दी जाती हैं. क्या महिला आयोग इस पर संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई कर रहा है? यह महिलाओं की गरिमा का अपमान है. कार्रवाई तो हम कुछ नहीं कर सकते. स्वत: संज्ञान भी हम  

लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू होतीं तो अनुराग ठाकुर कभी बीसीसीआई के अध्यक्ष नहीं बन पाते : आदित्य वर्मा

आदित्य वर्मा के बारे में शायद कम ही लोग जानते हों लेकिन यही वे शख्स हैं जो पिछले लगभग दो साल से भारतीय क्रिकेट में मची हलचल का कारण रहे. सुप्रीम कोर्ट में लगाई इनकी ही याचिका के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से एन. श्रीनिवासन की छुट्टी हुई  

‘गुजराती समाज के सांप्रदायिकीकरण  की लंबी प्रक्रिया चलाई गई थी’

अपनी किताब  ‘गुजरात बिहाइंड द कर्टेन’  के बारे में बताइए? यह किताब 2015 में प्रकाशित हुई थी, लेकिन इसका लोकार्पण नहीं हो सका था. इसके लिए न तो प्रकाशक और न ही किसी और ने हिम्मत दिखाई क्योंकि लोगों को एक तरह का डर है. इस किताब में मूल रूप  

‘नक्सलवाद की लड़ाई खत्म हुई तो पैसे आने बंद हो जाएंगे, फिर नेता का जेब कैसे भरेगा?’

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म करने की लड़ाई की पहली कीमत जनता चुका रही है. नक्सलियों के साथ पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लंबे संघर्ष के बीच जनता का भी अपना संघर्ष है, जिसे सबसे कम महत्व मिलता है. जो लोग इसे कहने की कोशिश करते हैं, उन पर न सिर्फ