UGC-NET री-टेस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई, NTA और केंद्र से मांगा जवाब

UGC-NET री-टेस्ट पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई, NTA और केंद्र से जवाब मांगा
दिल्ली हाईकोर्ट ने UGC-NET June 2026 के अंग्रेजी पेपर के री-टेस्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और NTA से जवाब मांगा है।

मोहिनी सेंगर। नई दिल्ली

UGC-NET June 2026: अंग्रेजी पेपर की दोबारा परीक्षा कराने के NTA के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और NTA से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। UGC-NET June 2026 को लेकर विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने अंग्रेजी विषय की परीक्षा दोबारा कराने के National Testing Agency (NTA) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और NTA से जवाब मांगा है। यह याचिका उस अभ्यर्थी ने दायर की है, जिसने जून में आयोजित UGC-NET परीक्षा में अंग्रेजी का पेपर दिया था।

क्या है पूरा मामला?

UGC-NET June 2026 की परीक्षा 22 से 30 जून के बीच आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों में कई तरह की गलतियों को लेकर शिकायतें सामने आईं। इसके बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया। NTA की ओर से गठित समिति ने प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण संबंधी गलतियों की पहचान की थी। रिपोर्ट में कुछ सवालों की भाषा, नामों और किताबों के शीर्षकों में गलतियां तथा अन्य तकनीकी समस्याओं का भी उल्लेख किया गया था। इसके बाद NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर दोबारा कराने की घोषणा की।

कब होगी UGC-NET की दोबारा परीक्षा?

NTA के मौजूदा शेड्यूल के मुताबिक

  • अंग्रेजी: 9 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक
  • कॉमर्स: 9 सितंबर 2026, दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक
  • सोशियोलॉजी: 10 सितंबर 2026, सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक

इन तीन विषयों के प्रभावित उम्मीदवारों से री-टेस्ट के लिए कोई अतिरिक्त परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा।

हाईकोर्ट में याचिका क्यों पहुंची?

अंग्रेजी विषय की अभ्यर्थी पारुल श्योराण ने NTA के 16 अगस्त के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें अंग्रेजी की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया गया था। याचिका में इस फैसले को मनमाना, अनुचित और प्रक्रिया के लिहाज से गलत बताया गया है। याचिकाकर्ता ने मूल परीक्षा के परिणाम घोषित करने या, यदि री-टेस्ट कराया जाता है, तो परीक्षा शुल्क वापस करने की मांग की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने 4 सितंबर को केंद्र और NTA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। इससे पहले 31 अगस्त को अदालत ने संबंधित अधिकारियों से परीक्षा शुल्क वापस करने के मुद्दे पर भी फैसला लेने को कहा था। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को होगी।

उम्मीदवारों के लिए इसका क्या मतलब?

फिलहाल अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के उम्मीदवारों के लिए री-टेस्ट का शेड्यूल लागू है। NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर री-एग्जाम से जुड़ी सिटी इंटिमेशन और अन्य सूचनाएं जारी की जा रही हैं। वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल अदालत ने री-टेस्ट पर कोई अंतिम रोक नहीं लगाई है और केंद्र तथा NTA से जवाब मांगा है।