स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में: सीजेपी प्रदर्शन के बाद पोक्सो समेत कई धाराएं

स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया, पोक्सो और SC/ST धाराएं जोड़ीं
स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर के नैथला गांव के पास से हिरासत में लिया गया। यह प्रतिनिधि तस्वीर है।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार शाम बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को पकड़ा, जो खुद को हिंदुत्ववादी कंटेंट क्रिएटर बताते हैं। यह कदम उस प्रदर्शन के तुरंत बाद आया, जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और युवा कांग्रेस ने संसद मार्ग थाने के बाहर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।

जुलाई की घटना और वायरल दावा

मामला जुलाई में जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। सीजेपी कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के बाद एक इंटरव्यू सामने आया, जिसमें भारद्वाज ने कहा कि उसने संजय के सिर पर कड़ा मारा और उनकी खोपड़ी फट गई, जिसके बाद 60 टांके लगे। इस बयान के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया, लेकिन शुरू में केवल मारपीट की धाराएं शामिल थीं।

SC/ST और POCSO धाराएं जोड़ीं

सीजेपी के दबाव और थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के बाद पुलिस ने एफआईआर में SC/ST एक्ट की कड़ी धाराएं जोड़ीं, क्योंकि पीड़ित दलित समुदाय से हैं। देर रात एक और विकास में, नाबालिग निशु को भारद्वाज के समर्थकों से रेप की धमकी मिलने की शिकायत पर POCSO एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराओं के तहत ताजा एफआईआर दर्ज की गई। पीड़िता का नाम कानूनी कारणों से गोपनीय रखा गया है।

पकड़े जाने का तरीका और आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, भारद्वाज को बुलंदशहर के नैथला गांव के पास से हिरासत में लिया गया, जहां से वह बुलेट मोटरसाइकिल पर खुरजा की ओर भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसके फोन लोकेशन के जरिए उसे ट्रैस किया। अभी ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करना बाकी है, और जांच टीम यह भी देख रही है कि क्या हत्या का प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की धारा जोड़ी जा सकती है।

इस बीच, चिराग पासवान की एलजेपी ने भी शिकायत दर्ज कराई है, क्योंकि भारद्वाज ने इंटरव्यू में राजनेताओं के नाम लेकर अपने राजनीतिक कनेक्शन का दावा किया था। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उसका उससे कोई लेना-देना नहीं है।