सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली

छात्रों के प्रदर्शन की वजह से बीते हफ्ते ठप्प रहने के बाद सोमवार से संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलने के आसार हैं। हालांकि शुरुआती घंटे में कुछ व्यवधान उत्पन्न होने की आशंका है लेकिन उसके बाद संसद सुचारु रूप से चलने की पूरी संभावना है। सरकार पूरी कोशिश करेगी कि वह उन सभी विधेयकों को इसी सप्ताह संसद में पेश कर चर्चा कराये जो बीते हफ्ते के लिए तय किया गया था। इनमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम से संबंधित विधेयक के अलावा एफसीआरए विधेयक काफी अहम है सरकार सोमवार को ही यह कोशिश करेगी की पेपर लीक को लेकर संशोधित विधेयक पेश किया जा सके। इस पर लंबी चर्चा होने की संभावना है क्योंकि बीते हफ्ते इसी को लेकर के सबसे ज्यादा चर्चा रही। विपक्षी दल इस पर लंबी चर्चा चाहते रहे हैं। सरकार भी इस पर चर्चा करने को तैयार है और अब जब की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो चुका है तो फिर सरकार सामने विपक्ष पर हमलावर होने का उचित मौका होगा। भाजपा इसे खोना नहीं चाहेगी।
सूत्रों का कहना है की पेपर लीक से संबंधित विधेयक में स्पष्ट रूप से सजा की अवधि 10 साल करने, जुर्माना 5 से 10 करोड़ करने, इस जुर्म को संगठित अपराध की श्रेणी में रखने जैसे प्रावधान हो सकते है। फास्ट्रेक अदालत से तय समय मैं दोषियों को सजा और समयबद्ध तरीके से प्रकरण की जांच करना करना भी विधेयक में हो सकता है। माना जा रहा है की सरकार संसोधित विधेयक में कुछ उन सुझावों को भी शामिल कर सकती है जो विभिन्न संसदीय समिति द्वारा समय-समय पर दी गई है। इसमें एनटीए के पुनर्गठन से लेकर यूपीएससी की तर्ज पर नीट परीक्षा करने की सिफारिश है।
