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देश में एक दिन में नए मामलों में 16.5 फीसदी की कमी, 235 लोगों की मौत

देश में मंगलवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 13,405 नए मामले आये हैं, जबकि एक दिन पहले के मुकाबले नए मामलों में 16.5 फीसदी की कमी आई है। इस दौरान (24 घंटे में) 235 लोगों की जान भी महामारी से गयी है, जिनमें केरल का (41 मौत) का बैकलॉग भी जुड़ा है।

अब देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 42,851,929 हो गई है जबकि   कुल एक्टिव मामलों की संख्या 1,81,075 है। यह एक्टिव केस संक्रमण के कुल मामलों का 0.42 फीसदी है।

ताजा अपडेट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 35,50,868 वैक्सीन डोज दिए गए और अब तक देश में कुल 1,75,83,27,441 डोज़ दिए जा चुके हैं। उधर राजधानी दिल्‍ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 360 नए मामले आये हैं। यहाँ पॉजिटिविटी रेट एक फीसदी से नीचे चला गया है।

अब तक देश भर में कोविड से कुल 42,158,510 लोग ठीक हो चुके हैं। पिछले एक दिन में 34,226 लोग कोविड से रिकवर हुए हैं। रिकवरी रेट 98.38 फीसदी है जबकि 235 मौतों के साथ अब अब तक भारत में कोविड से मरने वालों की संख्या 5,12,344 हो चुकी है।

देश में नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें 15 मार्च से फिर हो सकती हैं शुरू

सरकार मार्च के मध्य में नियमित नियमित अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर लगा प्रतिबन्ध ख़त्म कर सकती है। कोविड-19 मामलों में लगातार गिरावट के बाद सरकार महसूस कर रही है कि देश में बड़े पैमाने पर हो चुके टीकाकरण के बाद जिस तरह कोरोना की तीसरी लहर असर नहीं डाल पाई उसे देखते हुए लोगों में विश्वास जगा है। देश में 23 मार्च, 2020 से यह प्रतिबन्ध लागू है।

जानकारी के मुताबिक सरकार नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 15 मार्च से दोबारा शुरू करने पर गंभीरता से सोच रही है। हाँ, सरकार यह उड़ानें नियमित करने की स्थिति में देश के सभी हवाई अड्डों पर प्रभावी मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित  करेगी।

जानकारी के मुताबिक हाल में कोविड-19 के मामलों में गिरावट को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय से नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने परामर्श माँगा था जिसके बाद ही निर्धारित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर शुरू करने के निर्णय कमोवेश कर लिया है।

संभावना है कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय फरवरी के आखिर में घोषणा कर सकता है। यदि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 15 मार्च से फिर से शुरू करने का फैसला होता है तो इंटरनेशनल लैंडिंग के लिए 14 फरवरी से प्रभावी दिशानिर्देशों का पालन यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर किया जाएगा।

फिलहाल भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों पर 28 फरवरी तक प्रतिबंध है। हालांकि, कोविड-19 के लॉकडाउन के दौरान भी ‘एयर बबल’ के तहत जुलाई, 2020 से लगभग 40 देशों के बीच विशेष यात्री उड़ानें संचालित होती रही हैं।

यूक्रेन और रूस के तनाव के चलते व्यापारियों में खलबली

यूक्रेन और रूस को लेकर जो विवाद चल रहा है उससे उपजे तनाव को लेकर भारत देश में व्यापारियों के बीच खलबली का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि जैसे -तैसे कोरोना जैसी बीमारी से ऊभरे ही थे कि अब अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जो तनाव बन रहा है। उससे भारत भी अछूता नहीं है।

यूक्रेन और रूस के बीच अगर ऐसा ही मामला चला तो आने वाले दिनों में आयात-निर्यात पर प्रतिबंध भी लग सकता है। या फिर बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है। दिल्ली सदर बाजार के व्यापारि राजकुमार का कहना है कि अजीब तनाव वाला माहौल बन रहा है। उनका कहना है कि एक तो युद्ध जैसा माहौल बना है।

युद्ध भी अगर नहीं होता है। तो भी नुकसान तो हो रहा है। विदेश मामलों के जानकार डाँ हरीश कुमार का कहना है कि सारी दुनिया में अब बाजार बड़ी आसानी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में अगर कोई भी घटना देश-दुनिया में होती है। उससे सबसे पहले बाजार पर असर पड़ता है। ऐसे में दोनों देशों के बीच युद्द से हटकर मामला शांति की ओर  होना चाहिये  अन्य़था दुनिया में संकट बढ़ जायेगा।

उनका कहना है कि कोरोना काल में वैसे ही बाजार टूटा है और रोजगार घटे है। अब अगर दोनों देशों के बीच युद्द होता है। तो दुनिया के लिये खतरे की घंटी होगी।उनका का कहना है कि पूरी विश्व विरादरी को दोनों देशो के  बीच शांति स्थापित करने के लिये प्रयास करना चाहिये।

 

दिल्ली नगर निगम के चुनाव को लेकर सियासत तेज

दिल्ली नगर निगम के चुनाव को लेकर दिल्ली में सियासी हलचल तेज होती जा रही है। आप पार्टी को दिल्ली नगर निगम में रोकने के लिये भाजपा और कांग्रेस एक सुर में आप पार्टी पर प्रतिदिन सियासी हमले कर रहे है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों दल इस होड़ में लगे है। कि कैसे आप पार्टी के बढ़ते प्रभाव को रोका जाये। क्योंकि दिल्ली में आप पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार होने से दोनों दलों भाजपा और कांग्रेस की राजनीति दिल्ली में न के बराबर चल रही है। ऐसे में भाजपा चाहती है कि दिल्ली में अगर जमीनी स्तर पर राजनीति करनी है। तो दिल्ली नगर निगम में भाजपा का होना जरूरी है। क्योंकि दिल्ली नगर निगम में भाजपा का पिछले 15 सालों से दबदबा है।
वहीं कांग्रेस आला कमान इस बार दिल्ली नगर निगम के चुनाव में हर हाल में जीत चाहती है। सो दिल्ली में अपने खोये हुये जनाधार को पाने के लिये जनसंपर्क अभियान तेज किये हुये है। दिल्ली की राजनीति के जानकार संजय गुप्ता का कहना है कि दिल्ली की राजनीति में अगर किसी को अपनी राजनीति चमकानी है। तो उसे दिल्ली नगर निगम के चुनाव में जीत जरूरी है। इसलिये कांग्रेस आलाकमान इस बार 2022 के दिल्ली नगर निगम के चुनाव में दिल्ली प्रेदश कांग्रेस के नेताओं और ब्लॉक स्तर के नेताओं से कह रही है। कि इस बार का 2022 का चुनाव कांग्रेस के लिये आर-पार का चुनाव है।
सो कांग्रेस के नेता एक साथ भाजपा और आप पार्टी पर जमकर हमला कर रहे है। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव में दिल्ली नगर निगम में भाजपा पर हमला करने के लिये अच्छा मौका है। वहीं आप पार्टी पर भी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब दिल्ली नगर निगम से लेकर दिल्ली सरकार और केन्द्र सरकार में कांग्रेस की सरकार थी। तब दिल्ली में विकास हुआ था। जबसे कांग्रेस गयी है। तब से दिल्ली में विकास कार्य ठप्प है।

कर्नाटक के शिवमोगा में बजरंग दल कार्यकर्ता की हत्या से तनाव और आगजनी, स्कूल-कालेज बंद

कर्नाटक के शिवमोगा में बजरंग दल के एक कार्यकर्ता की हत्या के बाद तनाव फ़ैल  गया है। हिजाब पहनने के मसले पर पहले ही गरमाई हुई कर्नाटक की राजनीति में इस घटना के बाद उफान आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वहां उपद्रव कर रहे लोगों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया है तो कई जगह तोड़फोड़ हुई है। शहर में बड़े पैमाने पर पुलिस की तैनाती की गयी है। राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा है कि अब तक की जांच में हत्या और हिजाब विवाद के बीच कोई संबंध सामने नहीं आया है।

जानकारी के मुताबिक शोवमोगा शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है और पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस छोड़ी है। बजरंग दल के इस कार्यकर्ता की हत्या रविवार की रात हुई जब कुछ अज्ञात लोगों ने उसे चाकू मार दिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां उसकी मौत हो गयी। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा है कि पुलिस को जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और वह उन पर काम कर रही है।

उसकी मौत की जानकारी सामने आते ही गुस्साए लोगों ने इलाके में कई वाहन आग के हवाले कर दिए। शहर में पुलिस ने इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गयी है। प्रशासन ने सार्वजनिक समारोहों पर पाबंदी लगा दी है और अगले आदेश तक स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। कर्नाटक में विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने आरोप लगाया है कि राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र राज्य में कानून और व्यवस्था को संभालने में “विफल” रहे हैं, इसलिए उन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।

उधर गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कहा – ‘अब तक की जांच में हत्या और हिजाब विवाद में कोई संबंध सामने नहीं आया है। हिजाब मुद्दे का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। यह अलग-अलग कारणों से हुआ है। शिवमोगा एक संवेदनशील शहर है।’ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज एस बोम्मई ने कहा है कि पुलिस को जांच के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और वह उन पर काम कर रही है।

चारा घोटाले के 5वें मामले में लालू यादव को पांच साल जेल, 60 लाख का जुर्माना

बहुचर्चित चारा घोटाले के डोरडा कोषागार गबन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को आरजेडी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव को पांच साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा उन्हें 60 लाख जुर्माना भी भरना होगा।

याद रहे रांची के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ के गबन के मामले में सीबीआई अदालत ने कुछ दिन पहले लालू प्रसाद यादव समेत 38 आरोपियों को दोषी करार दिया था। अदालत ने 15 फरवरी को इन सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। विशेष सीबीआई अदालत वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आज सजा सुनाई।

लालू यादव पर यह चारा घोटाले का 5वां मामला है। याद रहे अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े इस पांचवें मामले में लालू यादव दोषी करार दिया था जबकि 24 लोग बरी कर दिए गए थे। विशेष अदालत ने शनिवार को निर्देश दिया था कि दोषी करार लोगों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सजा सुनायी जायेगी।

उत्तर प्रदेश: बुन्देलखंड में हुआ चुनाव धर्म और जाति के नाम पर

उत्तर प्रदेश के तीसरे चरण में बुन्देलखंड की 19 विधानसभा सीटों पर पिछले चुनावों की तुलना में इस बार पूरी तरह चुनाव धर्म और जाति आधार पर हुआ है। हालांकि विकास के नाम पर जरूर चुनाव हुये है। लेकिन मतदान पूरी तरह से धर्म और जाति के आधार पर हुआ है।
बताते चलें, वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बुन्देलखंड की सभी 19 सीटों पर अपनी जीत का परचम लहराया था। इस बार समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस ऐन-केन-प्रकारेण भाजपा के किले में सेंध लगाने के लिये काफी मेहनत करती दिखी है।
कई विधानसभा सीटों पर तो ये भी देखने को मिला जहां पर भाजपा कमजोर होते दिखी वहीं पर गैर भाजपा प्रत्याशियों ने भाजपा को हराने के लिये आपस में मेल-जोल कर लिया है। खैर चुनाव-मतदान के दौरान समीकरण बनते बिगड़ते रहते है। इस लिहाज से कुछ कहा नहीं जा सकता है। लेकिन इतना जरूर हुआ है कि चुनाव में जाति और धर्म के नाम पर वोट पड़े है।
बुन्देलखंड वासियों का कहना है कि हम जरूर लोकतंत्र के उत्सव के नाम पर चुनाव का माहौल बनाते है। लेकिन दिखता हकीकत में कुछ और ही है। उनका कहना है कि चुनाव में इस बार उम्मीद थी कि चुनाव बदलाव और विकास के नाम पर होगा। उनका कहना है कि चुनाव में बुन्देलखंड में सूखा से समाधान के नाम पर किसी पार्टी ने कोई विशेष आश्वासन नहीं दिया था। इस लिहाज से यहां के लोगों ने ये मान लिया है कि चुनाव में विकास आदि के मुद्दे केवल सुनने-सुनाने के लिये होते है। असल में तो चुनाव धर्म और जाति के नाम पर होता है।  

ये पब्लिक है कि सब जानती है

एक ओर तो भाजपा आम आदमी पार्टी के विरोध में गली-गली खुली शराब की दुकानों के खिलाफ सड़कों पर है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नेता आप पार्टी पर देश विरोधी आरोप लगाकर राजनीति चमकाने में लगे है।
लेकिन आप पार्टी का कहना है कि जो भी आरोप आप पार्टी पर लगाये जा रहे है। वो पांच साल पहले भी लगाये जा चुके है। ऐसे में अब दिल्ली की सियासत में भाजपा और आप पार्टी आमने-सामने आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति खेल रही है। लेकिन ये पब्लिक है कि सब जानती है।
दिल्ली के लोगों का कहना है कि पहले कांग्रेस ने फिर भाजपा और अब आप पार्टी के नेता जनता को ठगने में लगे है। इससे जनता पर कोई खास असर नहीं पड़ता है। जनता का कहना है कि दिल्ली में शराब की दुकानों में जो छूट दी जा रही है। इससे युवा-पढ़ी पर विपरीत असर पड़ रहा है।
दिल्ली के निवासियों का कहना है कि दिल्ली में अगर नगर निगम के चुनाव नहीं होते तो, शायद ये शराब की दुकानों का मामला सामने न आता और न ही भाजपा सड़कों पर होती। चुनाव के बाद न शराब की दुकानों का विरोध होगा और ना ही नेता सड़कों पर होगा।
दिल्ली की राजनीति के जानकार के. डी पाठक का कहना है कि दिल्ली में नगर निगम के चुनाव को लेकर माहौल को राजनीतिक बनाया जा रहा है। जबकि हकीकत तो ये है कि शराब की दुकाने तो पहले ही थी वहीं अभी भी है। हां इतना जरूर है कि शराब की दुकानें कुछ ज्यादा ही खुली है।
दिल्ली के लोगों का कहना है कि ये राजनीतिक जो भी करें लेकिन जनता के हित को देखकर करें  क्योंकि दिल्ली में फ्री की राजनीति के चलते तामाम स्थानों पर विकास कार्य रूका हुआ है। सड़को की हालत जर्जर है।व्यापारियों का कहना है कि केन्द्र की भाजपा और दिल्ली की आप पार्टी की सरकार व्यापारियों की मांगों को नजरअंदाज करने में लगी है। क्योंकि कोरोना काल में जो व्यापार टूटा था ।तब से अभी तक नहीं उठा है। इसलिये व्यापारियों की मांगों का समाधान होना चाहिये।   

हिमाचल के पुलिस अधिकारी की आतंकी मामले में गिरफ्तारी से मचा हड़कंप

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) सहित आतंकवादियों के खिलाफ बड़े ऑपरेशंस में काम कर चुके और वीरता पदक से सम्मानित हिमाचल प्रदेश के एक आईपीएस अधिकारी एडी नेगी की आतंकवादियों को संवेदनशील जानकारियां लीक करने के आरोप में गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है। साथ ही इसे कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। उन्हें एनआईए ने गिरफ्तार किया जिसमें कभी वो काम कर चुके हैं। वर्तमान में नेगी एसपी एसडीआरएफ, जुनगा में कमांडेंट थे।

 

हाल के सालों में आतंकियों को संवेदनशील जानकारियां लीक करने के आरोप में पकड़े जाने वाले नेगी संभवता पहले अधिकारी हैं। उनपर लगे आरोपों से निश्चित ही सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस विभाग में चिंता पसरी है क्योंकि कहा जा रहा है कि बाड़ ही खेत को खाने लगे तो खेत का क्या होगा !

गिरफ्तार किये गए एसपी नेगी हिमाचल प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। हैरानी यह है कि 11 साल तक एनआईए में काम कर चुके हैं। वे  2011 में एचपीएस से आईपीएस बने थे। नेगी को एनआईए में सबसे प्रतिष्ठित अधिकारियों में से एक गिना जाता था। कई प्रमुख मामलों की जांच में वे शामिल रहे।

उन्हें कश्मीर की हुर्रियत कांफ्रेंस के टेरर फंडिंग मामले की जांच के लिए वीरता पदक मिला था जबकि पूर्व डीएसपी दविंदर सिंह के आतंकवादियों के रिश्तों के आरोपों की जांच भी उनके पास रही थी। नेगी पर पहले से नजर रखी जा रही थी।

कश्मीर में आतंकियों से मुठभेड़ में 2 जवान शहीद, एक आतंकी भी ढेर

जम्मू कश्मीर में शनिवार को एक मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों के दो जवान शहीद हो गए जबकि एक आतंकी भी मारा गया। यह मुठभेड़ कश्मीर के शोपियां में हुई।

जानकारी के मुताबिक घटना कश्मीर में शोपियां के जैनापुरा इलाके में चेरमार्ग की है  सुरक्षा बलों को इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिली  थी, जिसके बाद उन्होंने इलाके की घेराबंदी करके वहां तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

तलाशी के दौरान ही वहां छिपे बैठे आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। आतंकवादियों की गोलीबारी का जवाब सुरक्षा बलों ने भी ताबड़तोड़ गोलीबारी से दिया जिसमें एक आतंकवादी मारा गया।

हालांकि, इस दौरान आतंकियों की गोली से दो जवान भी शहीद हो गए। याद रहे पिछले महीने में सुरक्षा बलों ने कश्मीर में मुठभेड़ों में जैश-ए-मोहम्मद और लश्‍कर-ए- तैयबा के पांच आतंकियों को मार गिराया था।