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स्मृति ईरानी की बेटी फ़र्ज़ी लाइसेंस से चला रहीं बार, कांग्रेस का गंभीर आरोप

मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके तुरन्त इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि स्मृति ईरानी की बेटी के गोवा में चल रहे बार में शराब परोसने के लिए कथित तौर फर्जी लाइसेंस रखा। कांग्रेस ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए पीएम से कहा है कि वो तुरंत स्मृति का इस्तीफा लें।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पत्रकार सम्मलेन में शनिवार को कहा – ‘हम मांग करते हैं कि पीएम तुरंत स्मृति ईरानी का इस्तीफ़ा लें। ईरानी पर ये आरोप नहीं हैं, पूरे दस्तावेज हैं जिन्हें आरटीआई से लिया गया है। स्मृति ईरानी की बेटी के द्वारा गोवा में चल रहे बार पर फर्जी लाइसेंस रखने का आरोप है। ये गैरकानूनी तरीके से हुआ। मृत व्यक्ति के नाम पर लाइसेंस लिया गया। गोवा के कानून के हिसाब से रेस्टोरेंट को एक लाइसेंस मिल सकता है।’

जयराम रमेश ने कहा – ‘स्मृति ईरानी से जवाब चाहते हैं कि जिस आबकारी आयुक्त ने रेस्टोरेंट को नोटिस दिया उसके ट्रांसफर की तैयारी हो गई है। क्या ईरानी जी ये आपकी अनुमति के बिना हो रहा है? ये धांधली कैसे शुरू हुई ? सत्ता बल का प्रभाव फर्जीवाड़े को छुपाने के लिए चल रहा है।’

कांग्रेस नेता ने कि ‘हम संसद में यह मुद्दा उठाएंगे। साथ ही उन्होंने मांग की है कि महिला आरटीआई एक्टिविस्ट को सुरक्षा मिले।’उन्होंने आरटीआई कार्यकर्ता रोड्रिग्ज की जान को खतरा बताया है। भाजपा की तरफ से इन आरोपों पर फिलहाल कोई जवाब नहीं आया है।

जयराम रमेश ने कहा – ‘ये कोई तू तू मैं में का सवाल नहीं है। स्मृति ईरानी हमेशा सोनिया जी राहुल जी के बारे में बोलती रहती हैं, लेकिन वो तो आधारहीन होता है। हम कागजात के आधार पर बोल रहे हैं।’

इस बीच केबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उनकी बेटी सिर्फ 18 साल की है और कहा कि वह अभी एक स्टूडेंट है। ईरानी ने कांग्रेस प्रवक्ताओं पवन खेड़ा और जयराम रमेश को कानूनी नोटिस भी भेजा है जिसमें उनसे बिना शर्त माफी की मांग की गयी है। उधर गोवा कांग्रेस के नेताओं ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया है, जिसमें रेस्त्रां के नाम के नीचे लिखा ‘बार’ शब्द टेप लगाकार छिपाने की कोशिश की गयी है।

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बिना जांचे-परखे ‘कंगारू कोर्ट’ चला रहा: सीजेआई रमना

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एनवी रमना ने शनिवार को इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के नकारात्मक रोल की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया में अभी भी कुछ हद तक जवाबदेही है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जवाबदेही शून्य है। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि वे लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रहे हैं क्योंकि मीडिया बिना जांचे-परखे ‘कंगारू कोर्ट’ चला रहा है।

रांची में एक अकादमिक कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश ने कहा – ‘न्यू मीडिया टूल्स में व्यापक विस्तार करने की क्षमता होती है, लेकिन वे सही और गलत, अच्छे और बुरे और असली और नकली के बीच अंतर करने में असमर्थ होते हैं। मामलों को तय करने में मीडिया ट्रायल एक मार्गदर्शक फैक्टर नहीं हो सकता। हम देख रहे हैं कि मीडिया कंगारू कोर्ट चला रहा है, कभी-कभी अनुभवी न्यायाधीशों को भी मामलों पर फैसला करना मुश्किल हो जाता है।’

प्रधान न्यायाधीश ने यह भी कहा कि गलत जानकारी और एजेंडा से चलने वाली डिबेट लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित होती हैं। उन्होंने कहा – ‘मीडिया के फैलाए जा रहे पक्षपातपूर्ण विचार लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं और सिस्टम को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अपनी जिम्मेदारी से भागकर आप हमारे लोकतंत्र को दो कदम पीछे ले जा रहे हैं।’

न्यायमूर्ति रमना ने कहा – ‘प्रिंट मीडिया में अभी भी कुछ हद तक जवाबदेही है, जबकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जवाबदेही शून्य है। सोशल मीडिया का हाल और बुरा है।’ उन्होंने मीडिया से सेल्फ रेगुलेशन का आग्रह किया और कहा – ‘मीडिया के लिए यह सबसे अच्छा है कि वे सेल्फ रेगुलेशन पर ध्यान दें। मैं इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से जिम्मेदारी के साथ काम करने का आग्रह करता हूं। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को देश के लोगों को शिक्षित करने और ऊर्जावान बनाने के लिए अपनी आवाज़ का इस्तेमाल करे।’

भाषण के दौरान पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा की पैगंबर पर टिप्पणियों पर फैसले के लिए प्रतिक्रिया में सीजेआई ने कहा – ‘न्यायाधीशों के खिलाफ सोशल मीडिया में सक्रियता से अभियान चल रहे हैं। न्यायाधीश तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सकते लिहाजा इसे उनकी कमजोरी या लाचारी समझने की गलती न करें।’

हफ्ते में तीसरी बार देश में कोरोना के 21 हजार से ज्यादा नए मामले

देश में पिछले एक हफ्ते में तीसरी बार एक दिन में कोविड-19 के 21 हजार से ज्यादा मामले सामने आये हैं। इन 24 घंटों में कोरोना से 67 लोगों की मौत हुई है जो हाल के हफ़्तों में सबसे ज्यादा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 21,411नए कोरोना मामले दर्ज हुए हैं। इसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,38,68,476 हो गयी है। इस दौरान 20,726 लोग कोरोना संक्रमण से उबरे हैं, इसके बाद कोरोना से ठीक होने वालों की कुल संख्या बढ़कर 4,31,92,379 हो गई है।

अभी रिकवरी रेट 98.46 फीसदी है। वहीं, सक्रिय मामलों की बात करें तो इनकी कुल संख्या 1,50,100 है। पिछले 24 घंटे में देश भर में कोरोना वायरस से 67 लोगों की मौत हुई है। अब तक भारत में कोरोना से 5,25,997 लोगों की मौत हो चुकी है।

इधर राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 712 नए मामले आए। कोरोना से एक मरीज की मौत भी हुई है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, संक्रमण की दर 4.47 फीसदी है। राजधानी में अब तक संक्रमण के 19,47,025 मामले सामने आ चुके हैं और कोविड-19 से 26,298 मरीजों की मौत हो चुकी है।

धनशोधन मामले में बंगाल के मंत्री चटर्जी को ईडी ने किया गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ शिक्षक भर्ती घोटाले में पैसे की गड़बड़ी के आरोप हैं।

जानकारी के मुताबिक पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को धनशोधन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उनकी गिरफ्तारी उनकी एक सहयोगी अर्पिता मुखर्जी से 20 करोड़ रुपए बरामद होने के एक दिन बाद हुई है।

मुखर्जी के आवास से 20 से ज्यादा फोन भी बरामद हुए थे। जब यह कथित घोटाला हुआ था तब इस समय उद्योग और वाणिज्य मंत्री पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्रालय के मंत्री थे।

जांच एजेंसी ने एक बयान में कहा कि मंत्री के सहयोगी से पकड़ी गयी राशि कथित एसएससी घोटाले से मिला पैसा है। अब पार्थ को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ताज़ा सर्वे में ब्रिटिश पीएम की दौड़ में सुनक प्रतिद्वंदी लिज ट्रस से पीछे

ब्रिटिश सांसदों के वोट में साफ़ बढ़त लेने वाले भारतीय मूल के पूर्व मंत्री ऋषि सुनक देश के प्रधानमंत्री पद दौड़ में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। ब्रिटेन की विदेश मंत्री लिज ट्रस ने एक नवीनतम सर्वे में कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों के समर्थन के मामले में फिलहाल 28 वोट से बढ़त बना ली है।

यह सर्वे डेटा विश्लेषण कंपनी ‘यूगॉव’ ने किया है। इस सर्वे के मुताबिक 46 साल की ट्रस अपने 42 वर्षीय पूर्व चांसलर प्रतिद्वंदी पर करीब 19 अंकों की बढ़त बनाए हुए हैं। यह सर्वे बुधवार और गुरुवार को किया गया जिसमें कंजरवेटिव पार्टी के 730 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

इसमें 62 फीसदी सदस्यों ने कहा कि ट्रस उनकी प्रथम पसंद हैं। हालांकि, 38 फीसदी ने सुनक को अपनी पसंद बताया। सर्वे के नतीजे में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया है जिनका जवाब ‘वोट नहीं देंगे’ या ‘वे नहीं जानते’ में था।

ट्रस ने इस तरह अब सुनक पर 24 फीसदी प्वाइंट की बढ़त बना ली है। दो दिन पहले 20 प्वाइंट अंक थी। ब्रिटेन का मीडिया सुनक की संपत्ति और पृष्ठ-भूमि पर चर्चा कर रहा है जिससे उनकी संभावनाओं तो नुकसान हुआ है।

उत्तर प्रदेश में कांवड़ियों को ट्रक ने कुचला, छह शिव भक्तों की मौत

कांवड़ यात्रा पर निकले सात शिव भक्तों को शनिवार सुबह एक ट्रक ने कुचल दिया जिससे छह की ही मौत हो गई। गंभीर घायल एक भक्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना उत्तर प्रदेश के हाथरस की है।

हादसा तब हुआ जब आज तड़के करीब सवा 2 बजे कांवड़ यात्रा के सात श्रद्धालु एक ट्रक की चपेट में आ गए। पुलिस के मुताबिक इनमें से पांच की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक गंभीर घायल को अस्पताल में भर्ती किया गया था जहाँ उसकी मौत हो गयी।

एक अन्य मामूली घायल हुआ है। यह कांवड़ हरिद्वार से ग्वालियर जा रहे थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे का शिकार हुए कांवड़िए मध्य प्रदेश के ग्वालियर में वहांगीर खुर्द के रहने वाले हैं।

कांवड़ियों के मुताबिक उनके क्षेत्र के 40 से अधिक शिव भक्त कांवड़ लेकर लौट रहे थे तभी सादाबाद के बढार गांव के पास सेंट फ्रांसिस स्कूल के समीप उनसे हादसा हो गया हादसा हो गया। कांवड़ियों के मुताबिक प्रशासन ने उनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किया था।

अजय देवगन, सूर्य श्रेष्ठ अभिनेता; अपर्णा बालमुरली श्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गयी है। अजय देवगन को उनकी फिल्म तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ में श्रेष्ठ अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है। सूर्य को भी श्रेठ अभिनेता का पुरस्कार मिला है। अभिनेत्री अपर्णा बलमुरली को सूराराई पोट्रू के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म का पुरस्कार ‘टूलिडास जूनियर’ को और सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार ‘सोरारई पोटरु’ (तमिल) को दिया गया है।

सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म का पुरस्कार ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ को मिला है। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अजय देवगन को ‘तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर’ के लिए और सूर्या को ‘सोरारई पोटरु’ के लिए मिला है। इसके अलावा फिल्म साइना के लिए मनोज मुंतशिर को बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड दिया गया है।

तमिल फिल्म सूराराई पोट्रू को बेस्ट फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला है। सूराराई पोट्रू के एक्टर सूर्या और अजय देवगन को फिल्म तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड संयुक्त रूप से मिला है। अजय देवगन का ये तीसरा नेशनल अवॉर्ड है। तान्हाजी द अनसंग वॉरियर को बेस्ट फिल्म इन होलसम एंटरटेनमेंट का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा फिल्म साइना के लिए मनोज मुंतशिर को बेस्ट लिरिक्स का अवॉर्ड मिला।

सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का अवॉर्ड तमिल फिल्म सूराराई पोट्रू को मिला है। वहीं, बेस्ट हिंदी फीचर फिल्म का अवॉर्ड मृदुल तुलसीदास की फिल्म तुलसीदास जूनियर को मिला। फिल्म में संजय दत्त लीड रोल में थे। सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का खिताब तान्हाजी द अनसंग वॉरियर के लिए अजय देवगन और सूराराई पोट्रू के एक्टर सूर्या को संयुक्त रूप से मिला है। अभिनेत्री अपर्णा बालामुरली को सूराराई पोट्रू के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला है। इसके अलावा मलायलम फिल्म ए.के.अयप्पन कोशियम के लिए दिवंगत डायरेक्टर सच्चीदानंद के.आर को बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मरणोपरांत दिया गया।

सर्वश्रेष्ठ बंगाली फिल्म अविजात्रिक, सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म तुलसीदास जूनियर, सर्वश्रेष्ठ कन्नड़ फिल्म डोलू, सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म गोष्ठा एका पैठानाची, सर्वश्रेष्ठ तमिल फिल्म शिवरंजनियम इन्नुम सिला पैंगुल्लमट, सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फिल्म कलर फोटो, सर्वश्रेष्ठ असामी फिल्म ब्रिज, सर्वश्रेष्ठ मलायलम फिल्म थिंकड़युवा निश्चियम, सर्वश्रेष्ठ हरियाणवी फिल्म दादा लखमी, सर्वश्रेष्ठ तुलु फिल्म जितिगे, बेस्ट फीचर फिल्म सूराराई पोट्रू (तमिल फिल्म), बेस्ट एक्ट्रेस अपर्णा बालामुरली (सूराराई पोट्रू), बेस्ट एक्‍टर अजय देवगन (तान्हाजी: द अनसंग वॉरियर), सूर्या (सूराराई पोट्रू ), बेस्टर मेल प्लेबैक सिंगर राहुल देशपांडे (मी वसंतराव), बेस्टर फीमेल प्लेबैक सिंगर नचम्मा (एके अयप्पन कोशियम), बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर बिजू मेनन (एके अयप्पन कोशियम), बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस लक्ष्मी प्रिया चंद्रमौली (सिवरंजमनियम इन्नम सिले पेंगल्लम), बेस्ट डायरेक्टर सच्चीदानंद केआर (एके अयप्पन कोशियम), बेस्ट एक्शन एंड डायरेक्शन राजशेखर, माफिया सासी और सुप्रीम सुंदर (एके अयप्पन कोशियम), बेस्ट कोरियोग्राफर संध्या राजू (नाट्यम, तेलुगु), बेस्ट लिरिक्स मनोज मुतंशिर (साइना), बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन थमन एस (अला वेकेंटापुर्रामुल्लू), बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर नचिकेत बर्वे और महेश शेर्ला (तान्हाजी द अनसंग वॉरियर), बेस्ट स्क्रीनप्लो (ऑरिजनल) शालिनी ऊषा नायर और सुधा कोंगारा (सूराराई पोट्रू)।

बता दें अजय देवगन का ये तीसरा नेशनल अवॉर्ड है। बेस्ट क्रिटिक अवार्ड इस साल किसी फिल्म को नहीं मिला है। कोविड महामारी के कारण कोई एंट्री नहीं आई थी। मोस्ट फ्रेंडली फिल्म स्टेट का अवार्ड मध्य प्रदेश को मिला है। इसके अलावा यूपी और उत्तराखंड को संयुक्त रूप से स्पेशल मेंशन अवॉर्ड मिला है। भारतीय सिनेमा की पहली एक्ट्रेस देविका रानी पर आधारित किश्वर देसाई की किताब ‘द लॉन्गेस्ट किस’ को बेस्ट बुक ऑन सिनेमा का अवॉर्ड मिला। डिज्नी प्लस हॉटस्टार की डॉक्यूमेंट्री 1232 किमी के गाने ‘मरेंगे तो वहीं जाकर’ के लिए अवार्ड दिया गया है।

दिनेश गुणवर्धने श्रीलंका के पीएम बने, राष्ट्रपति के रहे हैं सहपाठी

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के सहपाठी रहे महाजन एकसाथ पेरामुना (एमईपी) नेता दिनेश गुणवर्धने को श्रीलंका का नया प्रधानमंत्री बनाया गया है। विक्रमसिंघे ने राष्ट्रपति पद संभालने के एक दिन के भीतर ही उनकी नियुक्ति की है।

गुणवर्धने (73) को विदेश भाग गए तत्कालीन राष्ट्रपति गोतबाए राजपक्षे ने देश में आर्थिक संकट आने के शुरुआती दिनों में अप्रैल में गृह मंत्री नियुक्त किया था। वह देश के विदेश मंत्री और शिक्षा मंत्री भी रहे हैं।

नए प्रधानमंत्री की पार्टी एमईपी सत्तारूढ़ श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) का एक घटक दल है। उनके पिता फिलिप गुणवर्धने भी उनकी पार्टी के अध्यक्ष रहे थे जो देश की आजादी से पहले ब्रिटिश काल में वामपंथी समाजवादी आंदोलन का एक बड़ा चेहरा थे।

उनके पुत्र भी सांसद हैं। गुणवर्धने 1983 में कोलंबो के उपनगर महारागामा से जीत हासिल कर पहली बार सांसद बने थे। साल 1994 तक वे विपक्ष के एक प्रमुख नेता रहे। साल 2000 में गुणवर्धने पहली बार मंत्री बने और 2015 तक मंत्रिमंडल में अलग-अलग मंत्रालयों का जिम्मा उन्हें मिला।

श्रीलंका में सेना ने आंदोलनकारियों के तम्बू हटाए

जनता के विरोध के बाद देश से भागे राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे की पार्टी श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के समर्थन से राष्ट्रपति पद का चुनाव जीते रानिल विक्रमसिंघे ने सत्ता में आते ही हाल में उभरे आंदोलन को ख़त्म करने के लिए शुक्रवार तड़के से सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं ताकि देश में व्यवस्था कायम की जा सके। याद रहे जनता ने राजपक्षे का विरोध करते हुए उनके आवास पर धावा बोलकर उसपर कब्ज़ा कर लिया था जिसके परिणामस्वरूप उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ा।

विक्रमसिंघे ने एक दिन पहले (गुरुवार को) राष्ट्रपति पद की शपथ ली है और अब उनके आदेश से श्रीलंका की सेना और पुलिस ने एंटी-नेशनल गवर्नमेंट कैंप में शुक्रवार तड़के छापेमारी करते हुए आंदोलनकारियों के टेंटों को हटा दिया। यह आंदोलनकारी वहां अप्रैल से डटे थे।

इसके अलावा जवानों ने राष्ट्रपति सचिवालय के मुख्य द्वार पर आंदोलनकारियों की लगाई गयी बैरिकेडिंग हटा दी है। वैसे विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति शपथ लेने के बाद आंदोलनकारियों ने कहा था कि वो शुक्रवार दोपहर तक इलाके को खाली कर देंगे, हालांकि जवानों ने उससे पहले ही वहां से हटा दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने उन कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया जो अभी भी विरोध की बात कर रहे थे। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के किनारे तमाम तंबू हटा दिए गए हैं और उसे साफ़ कर दिया गया है। हालात से जाहिर होता है कि आंदोलनकारियों ने विक्रमसिंघे के राष्ट्रपति बनने का समर्थन किया है और वे अब कोई विरोध नहीं करेंगे।

द्रौपदी मुर्मू 25 को लेंगी शपथ, देश की 15वीं राष्ट्रपति होंगी

नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 जुलाई को शपथ ग्रहण करेंगी। देश के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। राष्ट्रपति पद के चुनाव में एनडीए की उम्मीदवार मुर्मू ने विपक्ष के साझे उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हरा दिया। मुर्मू को 6 लाख 76 हजार 803 जबकि सिन्हा को महज 3 लाख 80 हजार 177 वैल्यू के वोट मिले।

मुर्मू को चुनाव में कुल 2824 जबकि सिन्हा को 1877 प्रथम वरीयता के वोट मिले। चौथे राउंड में सिन्हा को मुर्मू से ज्यादा वोट मिले, हालांकि, मुर्मू की पहले के तीन राउंड की बढ़त इतनी ज्यादा थी कि इससे कोई अंतर नहीं पड़ा।

लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर 776 सांसदों के वोट मान्य थे जिनमें 15 मत रद्द हो गए। कुछ सांसदों ने वोट नहीं डाला। इस तरह कुल 748 सांसदों के 5,23,600 वैल्यू तक के वोट काउंट हुए। मुर्मू को 72 फीसदी सांसदों का समर्थन मिला। मुर्मू विपक्ष के प्रत्याशी सिन्हा से हुए मुकाबले में कुल वोटों में से 64.03 फीसदी वोट हासिल कर विजयी घोषित हुई हैं।

यशवंत सिन्हा को देश के तीन राज्यों में एक भी वोट नहीं मिला जबकि देश का कोई ऐसा राज्य नहीं रहा, जहां मुर्मू को वोट न मिला हो। केरल में बेशक कुल 140 विधायकों में मुर्मू को सिर्फ एक वोट मिला।

आंध्र प्रदेश में जिन 173 विधायकों ने वोट डाला उन सभी ने मुर्मू को वोट दिया। नगालैंड में सभी 59 और सिक्किम के सारे 32 विधायकों ने भी मुर्मू को वोट डाला। सिन्हा को विपक्ष के ही कई वोटों के क्रास होने से नुक्सान उठाना पड़ा।