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सुनक का दांव, 2029 तक टैक्स की दर 20 फीसदी कम करने का वादा

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद की दौड़ में प्रतिद्वंदी लिज ट्रस से कड़ी टक्कर झेल रहे भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने बड़ा दांव चलते हुए साल 2029 तक टैक्स की मूल दर को 20 तक कम करने का वादा करते हुए ब्रिटेन के लोगों को टैक्स में बड़ी राहत देने का मास्टर स्ट्रोक खेला है।

टैक्स को लेकर सुनक ने अपनी नीति में यह बड़ा बदलाव किया है, क्योंकि प्रचार की शुरुआत में सुनक का जोर ‘अनावश्यक राहत की नीति’ के खिलाफ था। सुनक का नया स्टैंड इस मायने में महत्वपूर्ण है कि टैक्स के दबाव से ब्रिटेन की जनता परेशान है। सुनक का नया दांव उन्हें पीएम पद के मुकाबले में फिर मजबूत कर सकता है।

सुनक ने यह दांव तब चला है जब प्रधानमंत्री जॉनसन के कट्टर समर्थक माने जाने वाले ब्रिटेन के वित्त मंत्री नादिम ज़हावी ने पीएम पद की उम्मीदवार सुनक की प्रतिद्वंदी लिज़ ट्रस का समर्थन किया है। यही नहीं बोरिस जॉनसन के एक समर्थक ने सुनक की ‘खतरनाक’ छवि दिखाने के लिए उनका हाथ में चाकू लिए एक फोटो रिट्वीट किया है।

हालांकि, कुछ मीडिया मीडिया रिपोर्ट्स सुनक की आर्थिक प्रबंधन की तारीफ़ कर रही हैं। यह भी कहा गया है कि यह सुनक ही थे जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था संभालने में देश और बोरिस जॉनसन सरकार की बड़ी मदद की थी।

अब सुनक ने कहा है कि वह मुद्रास्फीति से निपटने पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे, लेकिन एक बार यह हासिल हो जाने के बाद वह 2024 में आयकर से एक पेंस की छूट लेने के लिए पहले से घोषित योजना का पालन करेंगे, और फिर अगली संसद के अंत तक 3 पेंस की और छूट लेंगे,जो 2029 के आसपास होने की संभावना है।

प्रिंस चार्ल्स के ट्रस्ट ने आतंकी लादेन के परिवार से लिया था दान, ‘द संडे टाइम्स’ का दावा

क्या ब्रिटेन के शाही परिवार के उत्तराधिकारी प्रिंस चार्ल्स ने अपने ट्रस्ट (पीडब्ल्यूसीएफ) के लिए खूंखार आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के परिवार से एक मिलियन पाउंड का दान स्वीकार किया था ? मशहूर अखबार ‘द संडे टाइम्स’ ने यह दावा किया है।

‘द संडे टाइम्स’ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अब ट्रस्ट को मिले इस दान की जांच शुरू हो गई है। प्रिंस चार्ल्स के कई सलाहकारों ने उनसे आग्रह किया कि वे परिवार के मुखिया बकर बिन लादेन और उनके भाई शफीक, जो ओसामा के सौतेले भाई हैं, से ऐसा कोई चंदा न लें। दान को लेकर पीडब्ल्यूसीएफ के अध्यक्ष इयान चेशायर ने कहा कि उस समय पांच ट्रस्टियों की तरफ से दान पर सहमति जताई गई थी।

खबर में कहा कहा गया है कि, हालांकि, सऊदी परिवार के सदस्यों के किसी गलत काम में शामिल होने की बात सामने नहीं आई है। ब्रिटिश पुलिस ने फरवरी में एक सऊदी व्यवसायी से जुड़े कैश-फॉर-ऑनर्स घोटाले के दावों पर चार्ल्स की चैरिटेबल फाउंडेशन में से एक की जांच शुरू की थी।

द प्रिंस फाउंडेशन के प्रमुख ने पिछले साल आरोपों की आंतरिक जांच के बाद इस्तीफा दे दिया था। फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी माइकल फॉसेट, एक सऊदी नागरिक के साथ अपने संबंधों के बारे में अखबारों के खुलासे के बाद शुरू में अपनी ड्यूटी को सस्पेंड करने को सहमत हो गए थे।

बता दें टाइकून महफौज मारेई मुबारक बिन महफौज ने चार्ल्स को विशेष रुचि की बहाली परियोजनाओं के लिए बड़ी रकम दान की थी। फॉसेट, प्रिंस ऑफ वेल्स के एक पूर्व कर्मचारी, जो दशकों से महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के उत्तराधिकारी के करीब रहे हैं, पर आरोप है कि उन्होंने महफूज को शाही सम्मान और यहां तक कि यूके की नागरिकता देने के लिए प्रयास किया।

ज्ञानवापी मामले में मस्जिद कमेटी के वकील यादव का दिल के दौरे से निधन

ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील अभय नाथ यादव का रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। ख़बरों के मुताबिक पिछली रात करीब साढ़े 10 बजे उन्हें बेचैनी और सीने में दर्द होने पर परिजन अस्पताल ले गए, हालांकि वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

यादव श्रृंगार गौरी मामले में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी के प्रमुख वकील थे। परिजनों ने बताया कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। उनके तकलीफ महसूस करने पर परिजन और साथी वकील उन्हें खजूरी स्थित शुभम अस्पताल ले गए। हालांकि, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

ज्ञानवापी मस्जिद के पक्ष में अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से अभयनाथ यादव अभी तक प्रमुख वकील के तौर पर अदालत पेश होते और जिरह करते नजर आते रहे हैं। उनके निधन से मस्जिद पक्ष को झटका लगा है।

यादव के निधन की जानकारी के बाद उनके घर और अस्पताल में अधिवक्ताओं की भीड़ लगी रही। बता दें ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में अगली सुनवाई 4 अगस्त को होनी है। अदालत में वादी पक्ष की बातें पूरी होने के बाद मुस्लिम पक्ष की ओर से यादव इन दिनों मस्जिद पक्ष की ओर से आपत्ति दाखिल करने की तैयारी कर रहे थे। हाल ही में उनकी बेटी का विवाह हुआ था।

बहुत कम पहुंचते हैं अदालत, बाकी पीड़ा सहने को मजबूर : सीजेआई

सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना ने शनिवार को जनसंख्या का बहुत कम हिस्सा ही अदालत तक पहुंच सकता है। अखिल भारतीय जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों की पहली बैठक में उन्होंने कहा कि अधिकांश लोग जागरूकता और जरूरी जरियों के अभाव में मौन रहकर पीड़ा सहते को मजबूर रहते हैं। इसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यायपालिका से आग्रह किया कि वह विभिन्न कारागारों में बंद और कानूनी मदद का इंतजार कर रहे विचाराधीन कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया में तेजी लाए।

बैठक में सीजेआई रमना ने न्याय तक पहुंच को सामाजिक उद्धार का उपकरण बताया। उन्होंने कहा – ‘सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय की इसी सोच का वादा हमारी (संविधान की) प्रस्तावना प्रत्येक भारतीय से करती है। वास्तविकता यह है कि आज हमारी आबादी का केवल एक छोटा प्रतिशत ही न्याय देने वाली प्रणाली से जरूरत पड़ने पर संपर्क कर सकता है। जागरूकता और आवश्यक साधनों की कमी के कारण अधिकतर लोग मौन रहकर पीड़ा सहते रहते हैं।’

उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत का निर्माण समाज में असमानताओं को दूर करने के लक्ष्य के साथ किया गया था। लोकतंत्र का मतलब सभी की भागीदारी के लिए स्थान मुहैया कराना है। सामाजिक उद्धार के बिना यह भागीदारी संभव नहीं होगी। न्याय तक पहुंच सामाजिक उद्धार का एक साधन है।

रमना ने कहा – ‘प्रधानमंत्री और अटॉर्नी जनरल ने मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों के हाल में आयोजित सम्मेलन में भी इस मुद्दे को उठाकर उचित किया। मुझे यह जानकर खुशी हो रही है कि राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण विचाराधीन कैदियों को अत्यावश्यक राहत देने के लिए सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। न्यायपालिका से वह न्याय देने की गति बढ़ाने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी उपकरण अपनाए।’

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि व्यवसाय की सुगमता और जीवन की सुगमता जितनी महत्वपूर्ण है, न्याय की सुगमता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मोदी ने कहा कि कारागारों में कई विचाराधीन कैदी कानूनी मदद मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हमारे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विचाराधीन कैदियों को कानूनी सहायता मुहैया कराने की जिम्मेदारी ले सकते हैं।

पीएम ने सम्मेलन में भाग लेने वाले जिला न्यायाधीशों से आग्रह किया कि वे विचाराधीन मामलों की समीक्षा संबंधी जिला-स्तरीय समितियों के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यालयों का उपयोग करके विचाराधीन कैदियों की रिहाई में तेजी लाएं।

मोदी ने उल्लेख किया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस मामले में एक अभियान शुरू किया है। उन्होंने बार काउंसिल ऑफ इंडिया से इस प्रयास में और अधिक वकीलों को जोड़ने का आग्रह किया।

महाराष्ट्र के गवर्नर कोश्यारी ने बता दिया महाराष्ट्र को ‘गरीब’, मचा बवाल

महाराष्ट्र को गुजराती और राजस्थानी के बिना पैसे के मामले में शून्य बताने वाले महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के बयान से बवाल पैदा हो गया है। उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा कि ‘गुजराती और राजस्थानी को निकाल दो यहां मुंबई और ठाणे में पैसा बचेगा ही नहीं।

राज्यपाल ने यह तक कहा कि गुजराती और राजस्थानी को निकाल दें तो मुम्बई, जो आर्थिक राजधानी कहलाती है, वो नहीं कहलाएगी। कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने राज्यपाल के भाषण का वीडियो ट्वीट करते हुए कहा – “महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा मराठी लोगों का अपमान दुखी करने वाला है।’

उनके ब्यान को शिव सेना नेता संजय राऊत ने भी महाराष्ट्र का अपमान बताया है। राऊत ने कहा – ‘राज्यपाल ने जिस तरह की बात कही वह निंदनीय है। महाराष्ट्र की जनता ने मुंबई के लिए खून पसीना दिया है और हर चीज़ पैसों से नहीं तौली जाती है।’ राउत ने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री इस तरह के वक्तव्य के लिए उनकी निंदा करें और केंद्र सरकार को राज्यपाल को तुरंत वापस बुलाना चाहिए क्योंकि वे लगातार विवादित बयान देते हैं।

एक समारोह में राज्यपाल कोश्यारी ने कहा – ‘कभी-कभी मैं यहां लोगों से कहता हूं कि महाराष्ट्र में, विशेषकर मुंबई, ठाणे, यहां से गुजरातियों को निकाल दो और राजस्थानियों को निकाल दो तो तुम्हारे यहां कोई पैसा बचेगा ही नहीं। यह राजस्थानी, जो कहलाती है आर्थिक राजस्थानी, तब यह आर्थिक राजधानी कहलाएगी ही नहीं।’

पाकिस्तान कर्ज के लिए अमेरिका की शरण में, सेना प्रमुख बाजवा सक्रिय

पाकिस्तान अपने आर्थिक संकट से बचने के लिए एक बार फिर अमेरिका की शरण में पहुँच गया है। इस बार जिम्मा पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने संभाला है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 1.2 बिलियन अमरीकी डालर का क़र्ज़ देने की गुहार लगाई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बाजवा ने इसे लेकर कुछ दिन पहले अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन को फोन कर व्हाइट हाउस और अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से अपील की थी कि वे आईएमएफ को करीब 1.2 बिलियन अमरीकी डालर का क़र्ज़ पाकिस्तान को देने के लिए प्रोसेस में तेजी लाने को कहें।

इस्लामाबाद में विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार अहमद ने भी एक दिन पहले इस बात की पुष्टि की थी कि कर्ज को लेकर बातचीत हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी से इनकार किया था।

याद रहे आईएमएफ इसी महीने 13 तारीख को पाकिस्तान को 1.17 डॉलर के ऋण के लिए कर्मचारी स्तर की क्लीयरेंस दे चुका है। हालांकि, उसने पाकिस्तान को कर्ज मंजूरी की घोषणा की तारीख तय नहीं की है, क्योंकि इस कर्ज को अभी बोर्ड की मंजूरी मिलनी बाकी है।

एलन मस्क ने ट्विटर के खिलाफ तेज की लड़ाई, मुकदमा दायर किया

एलन मस्क ने ट्विटर के खिलाफ अपनी कानूनी लड़ाई तेज करते हुए मुकदमा दायर कर दिया गया है। यह मुक़दमा उन्होंने शुक्रवार को दायर किया। याद रहे मस्क के ट्विटर को खरीदने के 44 बिलियन डॉलर का सौदा तोड़ने के खिलाफ ट्विटर ने उनके खिलाफ पहले ही कोर्ट की शरण ली हुई है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस लॉ सूट के 164 पन्ने का दस्तावेज़ सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, हालांकि, कोर्ट के नियमों के तहत इसका एक संशोधित संस्करण जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता था।

डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी के चांसलर कैथलीन मैककॉर्मिक ने 17 अक्टूबर से शुरू होने वाले पांच दिन के ट्रायल का आदेश देने के कुछ घंटों बाद मस्क की ओर से यह मुकदमा दायर किया।

एलन मस्क को अपने प्लेटफॉर्म पर फेक एकाउंट की संख्या गलत तरीके से पेश करके समझौते का उल्लंघन करने के लिए दोषी ठहराया था। इसके कुछ दिनों बाद ट्विटर ने मुकदमा दायर किया।

अब डेलावेयर कोर्ट ऑफ चांसरी यह तय करेगी कि मस्क यह सौदा तोड़ सकते हैं या नहीं। दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति और टेस्ला इंक के सीईओ एलन मस्क ने कहा था कि वे टेकओवर को छोड़ रहे हैं।

उत्तराखंड भाजपा में महेंद्र भट्ट नए प्रदेश अध्यक्ष, कौशिक की छुट्टी

भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड में दोबारा अपनी सरकार बनने के कुछ महीने बाद प्रदेश पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक की छुट्टी कर दी है। उनके स्थान पर आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले महेंद्र भट्ट को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कौशिक को सरकार में शामिल करने की अटकलें भाजपा खेमे में हैं।

जानकारी के मुताबिक भट्ट बद्रीनाथ विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे, लेकिन भाजपा आलाकमान ने उन्हें पुरस्कृत करते हुए प्रदेश की बागडोर सौंप दी है। वैसे भट्ट पहले नंदप्रयाग हलके से विधायक रह चुके हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुमाऊं क्षेत्र के राजपूत नेता हैं लिहाजा पार्टी ने संतुलन साधने की दृष्टि से गढ़वाल क्षेत्र के ब्राह्मण नेता महेंद्र भट्ट को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। जाति और क्षेत्रीय संतुलन साधने की मांग पार्टी के बीच चल रही थी।

जहाँ तक भट्ट की बात है वो एबीवीपी और बीजेवाईएम में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। सरकार और संगठन के बीच संतुलन बनाने की उनपर जिम्मेदारी रहेगी।

देश में फिर बढ़े कोविड-19 के मामले, एक दिन में 20 हजार से ज्यादा केस

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 20,408 नए मामले सामने आए हैं। बढ़ते मरीजों के कारण केंद्र और राज्य सरकारें अब सतर्क हो रही हैं।

भारत में अब कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 1,43,384 पर पहुंच गया है। फिलहाल रिकवरी रेट 98.48 प्रतिशत है। वायरस की सक्रियता 0.33 प्रतिशत है। आंकड़ों को देखें तो देश में बीते 24 घंटे में कुल 20,958 लोगों ने कोरोना को मात दी है, जिससे इन लोगों की संख्या 4,33,30,442 हो गई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय क मुताबिक कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए बीते 24 घंटे में कोरोना वैक्सीन के 33,87,173 डोज दिए गए हैं, जिससे देश में कोरोना टीका देने का आंकड़ा 203.94 करोड़ हो गया है।

देश में वर्तमान में रोजाना पॉजिटिविटी रेट 5.05 प्रतिशत है जबकि साप्ताहिक पॉजिटिविटी रेट 4.92 प्रतिशत है। कोरोना के नए मामलों को चिन्हित करने के लिए बीते 24 घंटे में 4,04,399 टेस्ट किए गए हैं।

दिल्ली हाईकोर्ट का खेड़ा को ईरानी मानहानि मामले में अपना ट्वीट हटाने का निर्देश

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की तरफ से दायर मानहानि मामले में सुनवाई करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को एक ट्वीट हटाने को कहा है। कोर्ट ने बार लाइसेंस को लेकर कांग्रेस नेता के आरोपों के मामले में सुनवाई करते हुए इससे जुड़ा ट्वीट तुरंत हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने साथ ही कांग्रेस नेताओं पवन खेड़ा, जयराम रमेश और नेटा डिसूजा को समन जारी किया है।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि यदि 24 घंटे के भीतर ट्वीट नहीं हटाया गया तो सोशल मीडिया कंपनी अपनी ओर से ट्वीट हटाए। याद रहे ईरानी ने दो करोड़ रुपये की मानहानि के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में सिविल सूट दाखिल किया है। इस मामले में अब 18 अगस्त को अगली सुनवाई होगी।

याद रहे जयराम रमेश और पवन खेड़ा ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी जोइश ईरानी पर गोवा में अवैध रूप से बार चलाने का आरोप लगाया था। उन्होंने साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग भी की थी।

इसके बाद ईरानी ने दोनों कांग्रेस नेताओं को कानूनी नोटिस भेजकर उन और बेटी पर लगाए गए आरोपों को निराधार और झूठे बताते हुए माफी मांगने को कहा था। नोटिस में कहा गया है कि जोइश ईरानी ने कभी भी कोई बार या कोई व्यावसायिक उद्यम चलाने के लिए किसी लाइसेंस के वास्ते आवेदन नहीं किया है।