वाराणसीः बनारस की मेहनतकश आबादी खासकर बुनकरों को संगठित-जागृत और गोलबंद करने के क्रम में फ़ातिमा-सावित्री जनसमिति की ओर से स्वयंवर वाटिका में आयोजित कार्यक्रम में स्वयं बुनकरों ने उपस्थित होकर अपनी बदहाल जिंदगी की करुण दास्तान पेश की।
पूंजीपतियों के लिए सरकार खोल रही है दरवाजे, पावर लूम वर्करों को 400 रू भी नहीं मिलती मजदूरी
देश भर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आज दिल्ली में जुटेंगे, पीएम भी उपस्थित रहेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज दिल्ली में होने वाली उच्च स्तरीय तीन दिवसीय बैठक में से देश की आंतरिक सुरक्षा पर सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक और पुलिस महानिरीक्षक मंथन करेंगे। गृह मंत्री अमित शाह समेत वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहेंगे।
यह बैठक सेंट्रल दिल्ली स्थित पूसा में होगी और 22 जनवरी तक जारी रहेगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी हिस्सा लेंगे। सभी खुफिया एजेंसियों के आला अधिकारी भी इसमें मौजूद रहेंगे। बैठक में गैंगस्टर्स और आतंकवादी गठजोड़ पर नकेल कसने पर भी बड़ी कार्ययोजना बनेगी।
बैठक में सीमा पर ड्रोन के बढ़ते खतरों, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद, नक्सल समस्या सहित साइबर सुरक्षा पर नए ब्लू प्रिंट जैसे विषयों पर चर्चा होगी। कांफ्रेंस के एजेंडे में कट्टरता, क्रिप्टो करेंसी के दुरुपयोग, डार्क वेब के जरिए हो रही स्मगलिंग और आतंकी कार्रवाई, नार्थ ईस्ट में उग्रवादी समस्या, बॉर्डर मैनेजमेंट सहित कई अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी और भविष्य की रणनीति पर मंथन किया जाएगा।
इसके अलावा देश में नशीली दवाओं का कारोबार रोकने और नार्को टेरर पर नकेल कसने के लिए भी योजना की रूपरेखा तैयार होगी। समुद्र के तटीय सुरक्षा पर भी गंभीर मंथन होगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बैठक में अपने विचार और भविष्य की योजनाएं साझा करेंगे
यौन उत्पीड़न के मामले में पहलवानों का धरना जारी, बृजभूषण आज देंगे सफाई
महिला पहलवानों के शोषण के खिलाफ शीर्ष पहलवानों का दिल्ली में चल रहा धरना देश भर में चर्चा के केंद्र में है। पहलवानों ने सरकार के साथ बैठक के बाद साफ़ कर दिया है कि जब तक भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह का इस्तीफा नहीं होता धरना ख़त्म नहीं होगा।
इस बीच धरने पर बैठे पहलवानों को देश भर से समर्थन मिल रहा है। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने भी कहा है कि वह देश के चोटी के पहलवानों के महासंघ अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों से बेहद चिंतित और परेशान हैं। उधर बृजभूषण आज प्रेस कांफ्रेंस करके आज आरोपों पर सफाई देंगे।
उधर सरकार के साथ आंदोलन कर रहे पहलवानों की बैठक गुरुवार रात करीब 4 घंटे तक चली। बैठक में अनुराग ठाकुर ने पहलवानों को कार्रवाई का आश्वासन दिया लेकिन पहलवान बृजभूषण के इस्तीफे पर अड़े रहे। इस कारण बैठक में कोई नतीजा नहीं निकल सका और पहलवान मीडिया से बात किए बिना चले गए। आज एक बार फिर खेल मंत्री और पहलवानों के बीच बात हो सकती है।
इस बीच भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा ने कहा पूरे घटनाक्रम और आरोपों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च खेल संस्था महिला खिलाड़ियों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह आज इस मामले में दोपहर 12 बजे गोंडा में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। धरने पर बैठे विनेश फोगट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक सहित देश के कुछ शीर्ष पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कोचों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप की पदक विजेता और ओलिंपियन विनेश ने दावा किया कि कई कोच ने भी महिला पहलवानों का शोषण किया है।
इन पहलवानों का आरोप है कि मामले में उन्हें अब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। केवल आश्वासन मिले हैं। कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने साफ़ किया है कि वे इस मामले को तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक कि संघ के प्रमुख को हटा नहीं दिया जाता है और वो जेल नहीं जाते हैं। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो वे पुलिस के पास जाएंगे। याद रहे खेल मंत्रालय ने तीन दिन पहले बृजभूषण शरण को जवाब देने के लिए 72 घंटे का समय दिया था।
कश्मीर में राहुल गांधी के साथ जुड़े फारूक, बोले शंकराचार्य के बाद आप ही आए ऐसे
राहुल गांधी के नेतृत्व में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के कठुआ से बारिश के बीच शुरू हुई। पूरी यात्रा के दौरान आज पहली बार राहुल टी-शर्ट के ऊपर जैकेट पहने हुए दिखे। राहुल गांधी जिनके नाना जवाहर लाल नेहरू कश्मीरी पंडित थे, ने जम्मू कश्मीर में प्रवेश के बाद कहा कि यह उनके लिए घर वापसी है। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की पीड़ा जानते हैं। आज राहुल गांधी जम्मू के कठुआ के हठली मोड से चड़वाल तक का करीब 23 किलोमीटर का सफर तय करेंगे।
यात्रा की शुरुआत आज कठुआ से बारिश के बीच हुई। बारिश से बचने के लिए राहुल गांधी ने काले रंग की जैकेट पहनी हुई थी। यह यात्रा 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रीनगर में यात्रा के भव्य समापन समारोह के साथ संपूर्ण होगी। नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला भी यात्रा में शामिल हुए हैं।
बता दें कांग्रेस ने 21 विपक्षी दलों को 30 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। जम्मू और कश्मीर यात्रा का अंतिम चरण है, जो 125 दिन पहले सितंबर में कन्याकुमारी से शुरू हुआ था।

इस बीच भारत जोड़ो यात्रा और 8वीं शताब्दी में वैदिक विद्वान शंकराचार्य की गई यात्रा के बीच तुलना करते हुए, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा – ‘यह शंकराचार्य थे, जो कन्याकुमारी से कश्मीर तक जंगलों के रास्ते पैदल चले थे। कोई सड़क नहीं थी। आप कन्याकुमारी से कश्मीर तक ऐसी यात्रा करने वाले दूसरे व्यक्ति हैं।’
राहुल गांधी की अगवानी करने के लिए 85 साल के फारूक अब्दुल्ला गुरुवार को मौके पर उपस्थित थे। अब्दुल्ला ने भावुक होते हुए कहा – ‘आंखें बंद करने से पहले, मैं अपने सेक्युलर हिंदुस्तान को फिर से देखना चाहता हूं, जहां सभी का सम्मान हो।’ इस दौरान फारूक अब्दुल्ला के अलावा, कांग्रेस के जयराम रमेश, अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह भी उपस्थित थे।
जम्मू कश्मीर पहुँचाने के बाद अब कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा 26 जनवरी तक जम्मू के अलग-अलग जिलों में रहेगी। यात्रा को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। आतंकी खतरे की आशंका को देखते हुए राहुल की इस यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था कई चरणों में की गई है।
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने इस्तीफा दिया, 7 फरवरी से होगा प्रभावी
न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने घोषणा की है कि वह 7 फरवरी से अपने पद पर नहीं रहेंगी और उससे पहले इस्तीफा दे देंगी। लेबर पार्टी के कॉकस रिट्रीट की बैठक में उन्होंने यह ऐलान किया और कहा कि उनके जाने का वक्त आ गया है क्योंकि वे और चार साल तक काम करने की क्षमता की कमी महसूस कर रही हैं।
याद रहे जैसिंडा 2017 में गठबंधन सरकार की नेता बनी थीं। तीन साल बाद चुनाव में बड़ी जीत के लिए उन्होंने सेंटर-लेफ्ट लेबर पार्टी का नेतृत्व किया, हालांकि हाल के चुनाव में उनकी पार्टी ही नहीं बल्कि उनकी अपनी लोकप्रियता का ग्राफ नीचे गिरता दिखाई दिया है।
अर्डर्न ने कहा – ‘अगला आम चुनाव 14 अक्टूबर को होगा और तब तक मैं एक निर्वाचक सांसद के रूप में बनी रहूंगी। मैं इसलिए नहीं जा रही हूं, क्योंकि मेरा मानना है कि हम अगला चुनाव नहीं जीत सकते, बल्कि इसलिए कि मुझे विश्वास है कि हम जीत सकते हैं और जीतेंगे। ब्रेक के दौरान मुझे लगा था कि नेता के रूप में खुद को जारी रखने के लिए ऊर्जा मिल जाएगी, लेकिन मैं ऐसा करने में सक्षम नहीं हूं।’
उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा 7 फरवरी से पहले प्रभावी होगा। लेबर कॉकस 22 जनवरी को एक नए नेता को चुनने के लिए वोट करेगा। उप प्रधान मंत्री ग्रांट रॉबर्टसन ने कहा कि वह अपना नाम आगे नहीं रखेंगे। अर्डर्न ने कहा कि उनके इस्तीफे के पीछे कोई रहस्यमयी कारक नहीं है।
जैसिंडा ने बैठक में कहा – ‘मैं इंसान हूं। हम जितना दे सकते हैं उतना देते हैं और फिर मेरे लिए समय आ चुका है। मैं जा रही हूं क्योंकि इस तरह के एक विशेषाधिकार प्राप्त नौकरी के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी आती है। यह जानने की जिम्मेदारी कि आप कब नेतृत्व करने के लिए सही व्यक्ति हैं और यह भी कि आप कब नहीं हैं।’
महिला पहलवानों के ‘यौन उत्पीड़न’ को लेकर जंतर मंतर पर आज भी धरना
देश के जाने माने पहलवानों का दिल्ली के जंतर मंतर पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन धरना जारी है। उनका आरोप है कि महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न किया जाता है। यह पहलवान भारतीय कुश्ती संघ के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं।
जो नाम पहलवान धरने पर बैठे हैं उनमें बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट जैसे बड़े नाम शामिल हैं जिन्होंने ओलंपिक सहित दुनिया के कई टूर्नामेंट में देश का प्रतिनितिधिव किया है। उनके अलावा अन्य पहलवान वहां प्रदर्शन कर रहे हैं।
इन पहलवानों का आरोप है कि, भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष और कोच महिला पहलवानों का यौन उत्पीड़न करते हैं। कुछ कोच तो सालों से यौन उत्पीड़न करते आ रहे हैं।
उधर कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने इन आरोपों को ग़लत बताया है। हालांकि, पहलवानों के धरने के बाद भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर सरकार सक्रिय हुई है और खेल मंत्रालय ने कुश्ती संघ से 72 घंटे में जवाब मांगा है। जवाब नहीं मिलने पर भारतीय कुश्ती संघ पर तलवार लटक सकती है।
बता दें ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली एथलीट विनेश फोगाट ने आरोप लगाया है कि सालों से राष्ट्रीय कोचों ने महिला पहलवानों से छेड़छाड़ और उनका यौन शोषण किया है। विनेश के आरोप के मुताबिक उन्हें धमकी दी गई थी कि अगर हम बोलेंगे तो हमारा करियर खत्म हो जाएगा।
उनका आरोप है कि फेडरेशन के सदस्य महिला पहलवानों के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। फोगाट ने कहा – ‘हमने प्रधानमंत्री से भी संपर्क किया है। कुछ कोच राष्ट्रीय महासंघों के करीबी हैं। उन कोच ने युवा लड़कियों का शोषण किया है और न जाने कितनी युवा लड़कियों ने उनकी वजह से दर्द सहा है।’
ऐसे ही आरोप ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान बजरंग पुनिया ने लगाए हैं। उन्होंने कहा – ‘डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को हटाए जाने तक हम किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे।’
इस बीच भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि क्या कोई ऑन रिकॉर्ड है जो कह सकता है कि फेडरेशन के लोगों ने उनके साथ छेड़छाड़ की है? अगर आपके पास महासंघ के साथ इस तरह के मुद्दे थे, तो उन्हें 10 साल तक किसी ने क्यों नहीं उठाए? जब भी नियम बनते हैं तो मुद्दे सामने आते हैं।
फर्जी ख़बरों के निर्धारण का जिम्मा केवल सरकार नहीं कर सकती : एडिटर्स गिल्ड
एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने केंद्र से सोशल मीडिया कंपनियों को पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के फर्जी माने जाने वाले समाचारों को हटाने के लिए निर्देश देने वाले आईटी नियमों में संशोधन के मसौदे को हटाने का आग्रह किया है। एडिटर्स गिल्ड का यह आग्रह केंद्र सरकार के फर्जी पर लगाम लगाने के लिए कुछ आईटी नियमों में संशोधन करने की ख़बरों के बाद आया है।
एक बयान में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कहा – ‘हम मंत्रालय से इस नए संशोधन को हटाने और डिजिटल मीडिया के लिए नियामक ढांचे पर प्रेस निकायों, मीडिया संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ सार्थक परामर्श शुरू करने का आग्रह करते हैं। हम चाहते हैं कि प्रेस की स्वतंत्रता को कोई नुकसान न हो।’
गिल्ड ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम के मसौदा संशोधन पर वह गहरी चिंता जताता है क्योंकि हम मानते हैं कि फर्जी समाचारों के निर्धारण का जिम्मा केवल सरकार के हाथों में नहीं हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो यह प्रेस की सेंसरशिप होगी।
अपने बयान में गिल्ड ने आगे कहा – ‘तथ्यात्मक रूप से गलत पाए जाने वाली सामग्री से निपटने के लिए पहले से ही कई कानून मौजूद हैं। यह नयी प्रक्रिया मूल रूप से स्वतंत्र प्रेस को दबाने में इस्तेमाल हो सकती है और पीआईबी या तथ्यों की जांच के लिए केंद्र सरकार के अधिकृत किसी अन्य एजेंसी को उन ऑनलाइन मध्यस्थों को सामग्री को हटाने के लिए मजबूर कर सकती है जिससे सरकार को समस्या हो सकती है।’
मुंबई-गोवा हाईवे पर सड़क हादसे में नौ लोगों की मौत, इनमें तीन महिलाएं भी
मुंबई : गोवा हाईवे पर गुरुवार को एक सड़क हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई। हादसे में कुछ लोग घायल भी हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक यह हादसा आज तड़के पौने पांच बजे हुआ जब मुंबई-गोवा हाईवे पर मानगांव के पास एक ट्रक एयर कार में आमने-सामने टक्कर हो गयी। इस हादसे में 9 लोगों की जान चली गयी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक गोरेगांव थाना पुलिस ने बताया कि रेपोली के पास लोटे एमआईडीसी से मुंबई जा रहा ट्रक और मुंबई से गुहागर जाने वाली एक इको कार की अल सुबह आमने-सामने टक्कर हो गयी। टक्कर इतनी तेज थी कि इको कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे यात्रियों की मौत हो गई।
रायगढ़ पुलिस के मुताबिक हादसे में 5 पुरुष, 3 महिला और एक बच्ची समेत 9 लोगों की मौत हुई है। कुछ हलके घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
इनमें छोटा बच्चा शामिल है जिसे उप जिला अस्पताल मानगांव भर्ती किया गया है।घटना की जांच की जा रही है।
त्रिपुरा में 16, मेघालय और नागालैंड में पड़ेंगे 27 फरवरी को वोट; 2 मार्च को मतगणना
चुनाव आयोग ने बुधवार को पूर्वोत्तर के तीन राज्यों त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय के लिए चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया। आयोग के मुताबिक त्रिपुरा में 16 फरवरी जबकि मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को मतदान होगा। तीनों के नतीजे 2 मार्च को निकलेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने आज एक मीडिया कांफ्रेंस में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। कुमार ने कहा – ‘इन राज्यों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से ज़्यादा रही है। महिला वोटरों की संख्या भी ज्यादा है। हम 11 से 14 जनवरी तक तीनों राज्यों के दौरे पर थे। हमने उन लोगों के लिए एडवांस नोटिस का प्रावधान बनाया है, जो 17 के हो गए हैं, लेकिन 18 साल के नहीं हुए हैं, ताकि 18 साल का होते ही उन्हें वोटर कार्ड मिल जाए और उनका नाम जुड़ जाए।’
इन तीनों राज्यों में ऐसे 10 हज़ार लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। तीनों राज्यों में 9000 से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे। इनमें 376 ऐसे होंगे जो पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित होंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा – ‘इस बार 2.28 लाख नए वोटर जुड़े हैं और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। कुछ ही राज्य ऐसे हैं, जहां चुनाव के बाद और पहले हिंसा की घटनाएं देखने को मिलती हैं। हाल ही में दो राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां ऐसी कोई हिंसा चुनाव के दौरान नहीं हुई है।
चुनाव के तारीखों की घोषणा के साथ ही तीनों राज्यों में आदर्श चुनाव आचार संहिता भी लागू हो गई. नागालैंड विधानसभा का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त हो रहा है, वहीं मेघालय और त्रिपुरा की विधानसभाओं का कार्यकाल क्रमश: 15 और 22 मार्च को समाप्त हो रहा है। तीनों राज्यों की विधानसभाओं में 60-60 सीटें हैं।
पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में इस साल सबसे पहले विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। त्रिपुरा में भाजपा की सरकार है, वहीं नागालैंड में नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी सत्ता में है जबकि मेघालय में नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) की सरकार है। एनपीपी पूर्वोत्तर की एकमात्र पार्टी है, जिसे राष्ट्रीय दल के तौर पर मान्यता हासिल है।
पंजाब में कांग्रेस को झटका, पूर्व मंत्री मनप्रीत बादल भाजपा में शामिल हुए
पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। पार्टी की अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत बादल ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। यह प्रतीत होता है कि भाजपा पंजाब में कद्दावर नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है ताकि लोकसभा के अगले चुनाव में पंजाब में अधिक सीटें जीती जा सकें।
एक ट्वीट में मनप्रीत बादल, जो पूर्व उपमुख्यमंत्री और अकाली नेता सुखबीर सिंह बादल के चचेरे भाई हैं, कांग्रेस में शामिल होने से पहले अकाली दल से अलग होकर अपनी पार्टी पीपल्स पार्टी ऑफ पंजाब चला रहे थे। कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में शामिल होते ही अपनी सरकार में वित्त मंत्री बनाया था।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के पार्टी छोड़ने बाद मनप्रीत बादल ऐसे पहले बड़े नेता हैं जो भाजपा में गए हैं। दिल्ली में भाजपा नेताओं केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह पहले ही अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर चुके हैं, हालांकि, उनकी पत्नी परनीत कौर अभी कांग्रेस की ही सांसद हैं।
मनप्रीत बादल ने राहुल गांधी को लिखे सन्देश में पार्टी छोड़ने की बात कही है। इसे उन्हें ट्वीट करके सार्वजनिक किया है। मनप्रीत बादल आज ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। मनप्रीत पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के भतीजे हैं, हालांकि मतभेदों के चलते 2011 में उन्होंने बादलों की पार्टी शिरोमणि अकाली दल से इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद 2011 में मनप्रीत ने अपनी पार्टी पंजाब पीपुल्स पार्टी बनाई और 2016 में पार्टी का कांग्रेस में विलय करके वे उसमें शामिल हो गए। मनप्रीत लंदन से कानून के ग्रैजुएट हैं। वे 1995, 1997, 2002 और 2007 में गिद्दड़बाहा से विधायक और 2010 तक बादल सरकार में वित्त मंत्री रहे। मनप्रीत 2012 के विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हार गए, हालांकि, कांग्रेस की टिकट पर वे 2017 में जीत गए थे। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में भी बठिंडा शहरी सीट से उन्हें हार झेलनी पड़ी।










