तहलका ब्यूरो।
लखनऊ/नई दिल्ली।
भारत इस समय भीषण लू की ऐसी लहर का सामना कर रहा है, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यानी अप्रैल के महीने में ही देश के कई हिस्से भीषण लू की चपेट में हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों ने आने वाले समय के लिए और भी डराने वाली तस्वीर पेश की है। इसी गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों ने अपनी कमर कस ली है। Health Ministry ने सभी राज्यों को Alert Mode पर रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि लू से होने वाली मौतों और बीमारियों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएं। केंद्र ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष लू प्रबंधन इकाइयां स्थापित करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके।
उत्तर प्रदेश में गर्मी का प्रकोप सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। राज्य का बांदा जिला इस समय देश का सबसे गर्म स्थान बन गया है। यहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। यह तापमान अप्रैल के महीने में अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। झांसी, आगरा और प्रयागराज जैसे शहरों में भी पारा 44 डिग्री के पार जा चुका है। बुंदेलखंड के इलाकों में लू के थपेड़ों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थिति को देखते हुए स्कूलों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अस्पतालों में ओआरएस, ग्लूकोज और जरूरी दवाओं की कोई कमी न रहे। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
राजधानी Delhi में भी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिल्ली सरकार ने इस बार हीटवेव से निपटने के लिए एक नई और प्रभावी योजना तैयार की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तीन दिन पहले ही दिल्ली के अस्पतालों में ‘कोल्ड रूम’ की सुविधा का विशेष जिक्र किया था। यह दिल्ली सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इन Cold Rooms में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के शरीर के तापमान को तेजी से कम करने के लिए बर्फ के स्नान और विशेष ठंडे बेड की व्यवस्था की गई है। दिल्ली के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में ऐसे बेड आरक्षित किए गए हैं जहां चौबीसों घंटे कूलर और एसी की सुविधा रहेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य लू के कारण होने वाली जनहानि को शून्य पर लाना है।
पूरे देश के स्तर पर देखें तो केंद्र सरकार अब Integrated Health Information Platform (IHIP) के जरिए लू के मामलों की Real-time Monitoring कर रही है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में धूल भरी आंधी और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई है। हालांकि यह राहत मामूली होगी क्योंकि मुख्य समस्या बढ़ता हुआ पारा है। सरकार ने आम जनता से भी अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें। प्यास न लगने पर भी समय-समय पर पानी पीते रहें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की यह सक्रियता बताती है कि इस बार गर्मी की चुनौती से लड़ने के लिए तंत्र पूरी तरह तैयार है। यह समन्वित प्रयास ही आने वाले महीनों में अत्यधिक गर्मी के स्वास्थ्य प्रभावों को कम करने में मददगार साबित होगा।
गर्मी का Red Alert : केंद्र की राष्ट्रव्यापी एडवाइजरी और UP-Delhi में पुख्ता इंतजाम
लू से निपटने के लिए सभी हेल्थ सेंटर्स पर 'Heat Management Units' स्थापित करें: केंद्र ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष लू प्रबंधन इकाइयां स्थापित करने का आदेश दिया है। साथ ही, एम्बुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके….




