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उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने अतीक अहमद दोषी करार, 7 बरी

एमपी-एमएलए कोर्ट ने अतीक अहमद को उमेश पाल अपहरण मामले में दोषी करार दिया है। अपहरण मामले में 3 आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। अतीक समेत तीनों दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनार्इ गर्इ है। इस मामले में अतीक का भार्इ अशरफ भी आरोपी था। उसे बरी कर दिया गया है।

सजा का ऐलान जज दिनेश कुमार शुक्ल ने सुनाया है। इस मामले में अतीक अहमद, दिनेश पासी खान और शौलत हनीफ को 364a, 34, 120, 341, 342, 504, 506 धाराओं में दोषी करार पाया गया है।

एमएलए और एमपी कोर्ट ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

आपको बता दें, इस मामले में कोर्ट का फैसला 17 साल बाद आया है। अतीक अहमद पिछले चार साल से गुजरात के साबरमती जेल में बंद था। और सुनवार्इ के लिए कोर्ट ने पुलिस को उसे प्रयागराज लाने को कहा था। अतीक अहमद पर 100 से अधिक मुकदमे दर्ज है। अतीक पांच बार विधायक और फूलपुर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुका है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर डिनर मीटिंग में अनुपस्थित रहे उद्धव ठाकरे

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर सोमवार को डिनर मीटिंग में कांग्रेस समेत 18 राजनीतिक दलों ने शिरकत की। उद्धव ठाकरे की गैर-मौजूदगी में हुई इस मीटिंग में तय किया गया कि विपक्षी दल वीडी सावरकर जैसे संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी करने से दूरी बनाएगें।

रात्रि भोजन की बैठक में कांग्रेस के अलावा समान विचारधारा वाले दलों – डीएमके, एनसीपी, जेडीयू, बीआरएस, आरएस, सीपीएम, सीपीआई, आप, एमडीएमके, केसी, टीएमसी, आरएसपी, आरजेडी, एनसी, आईयूएमएल, वीसीके, एसपी, झामुमो के नेता ने भाग लिया।

वहीं विपक्षी नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मीटिंग का मकसद कांग्रेस के लिए एक मुद्दा-आधारित समर्थन था और इसे 2024 में होने वाले आम चुनावों के संदर्भ में पढ़ा जाने वाला इशारा न समझा जाए। टीएमसी के जवाहर सरकार ने कहा कि, “यह सभी दलों और नेताओं पर समन्वित और लोकतांत्रिक हमलों के खिलाफ विपक्ष की एकता थी।“

राहुल गांधी द्वारा वीडी सावरकर पर की गर्इ टिप्पणी से उद्धव ठाकरे नाराज थे और इसी नाराजगी के चलते वे बैठक से अनुपस्थित रहे। उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन में दरारा की चेतावनी देते हुए कहा कि, “सावरकर हमारे आदर्श, अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे…मैं राहुल गांधी को बताना चाहता हूं कि हम एक साथ आए हैं,यह सही हैं, हम इस देश में लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए एक साथ आए हैं, लेकिन ऐसा कोर्इ बयान न दें, जो दरार पैदा करें। ”

कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा कि, “आज रात 18 विपक्षी दलों के नेताओं ने मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास पर मुलाकात की और एक स्वर से मोदी शासन के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखने का फैसला किया, जो लोकतंत्र को नष्ट कर रही है और जिसने सभी संस्थनों पर कब्जा कर लिया है। विपक्षी दलों ने मोदी की डर और धमकी की राजनीति का मुकाबला करने के लिए सामूहिक संकल्प व्यक्त किया। यह संकल्प अब संसद के बाहर संयुक्त कार्रवाइयों में दिखार्इ देगा। ”

नेपाल ने भारत के अनुरोध पर अमृतपाल सिंह को निगरानी सूची में डाला, भारत-नेपाल सीमा पर भी हाई अलर्ट

भगौड़े कट्टरपंथी उपदेशक अमृतपाल सिंह को नेपाल ने सोमवार को अपनी निगरानी सूची में डाल दिया है। यह माना जा रहा है कि अमृतपाल नेपाल में छिपा हो सकता है। भारत ने नेपाल से अनुरोध किया है कि भारतीय पासपोर्ट या फिर किसी अन्य पासपोर्ट के सहारे अमृतपाल सिंह को तीसरे देश में भागने की अनुमति नहीं किया जाए और भागने का प्रयास करे तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाए।

नेपाल के अधिकारियों ने बताया है कि भारतीय दूतावास के अनुरोध के बाद आव्रजन विभाग ने अमृतपाल को अपनी निगरानी सूची में डाल दिया है। इससे पहले काठमांडू पोस्ट अखबार ने खबर दी थी कि काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को कांसुलर सर्विसेज विभाग को भेजे पत्र में सरकारी एजेंसियों से अनुरोध किया है कि यदि अमृतपाल भागने की कोशिश करता है तो उसे गिरफ्तार किया जाए।

वहीं अखबार ने कई स्त्रोतो का हवाला देते हुए कहा कि, पत्र और अमृतपाल सिंह के व्यक्तिगत विवरण को होटल से लेकर एयरलाइंस तक सभी संबंधित एजेंसियों को भेज दिया गया है। कहा जाता है कि अमृतपाल के पास अलग-अलग पहचान वाले पासपोर्ट है। और वह 18 मार्च से फरार है।

गृह मंत्रालय ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को नेपाल-भारत सीमा क्षेत्र में हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए है। सूत्रों के अनुसार यह निर्देश भारतीय सुरक्षा अधिकारियों के अनुरोध पर दिया गया है।

राज्यसभा में हंगामे के चलते जम्मू कश्मीर के बजट और वित्त विधेयक को बिना चर्चा के लोकसभा को लौटाया गया

संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण की शुरुआत से ही गतिरोध लगातार जारी है। और इसी हंगामे के बीच ही जम्मू कश्मीर के बजट और वित्त विधेयक 2023 को बिना चर्चा के ध्वनिमत से लोकसभा को लौटा दिया गया।

हालांकि लोकसभा इन्हें पहले ही मंजूरी दे चुकी है। सभापति जगदीप धनखड़ ने हंगामा के कारण वित्त विधेयक पर चर्चा नहीं हो पाने को दुर्भाग्यपूर्ण कहा। उन्होंने कहा कि, सदन में वित्त विधेयक पर चर्चा के लिए 10 घंटे तय किये गए थे लेकिन सदस्यों ने इस अवसर का लाभ नहीं उठाया। यह मंच विचार विमर्श करने और अपने सुझाव सामने रखने का है।

सोमवार को सुबह 11 बजे उच्च सदन की बैठक शुरू होते ही सदन में अडाणी मुद्दे से जुड़े पहलुओं पर चर्चा कराने की मांग को लेकर नारेबाजी हुई और उस हंगामे के चलते आवश्यक दस्तावेज भी सदन के पटल पर नहीं रखवाए जा सके।

संसद में कांग्रेस और विपक्षी दलों के सदस्यों ने काले कपड़े पहने हुए अडाणी समूह के बारे में हिंडनबर्ग रिपोर्ट को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित करने की मांग कर रहे थे। धनखड़ ने सदस्यों से शांत रहने और कार्यवाही चलते देने की अपील की किंतु सदन में व्यवस्था बनते न देख उन्होंने मात्र एक मिनट के अंदर ही बैठक को दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

दोपहर में बैठक के शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने दोबारा हंगामा और नारेबाजी शुरू की। और हंगामे के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा पेश किए गए जम्मू कश्मीर के बजट को सदन ने बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से लोकसभा को लौटा दिया। इसके उपरांत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त विधेयक 2023 को सदन में पेश किया। और इसे भी सदन ने बिना चर्चा के लोकसभा को लौटा दिया।

आपको बता दें, दो बजे बैठक शुरू होने के 15 मिनट बाद ही बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे की वजह से उच्च सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल एवं शून्यकाल नहीं हो सका है।

बंजारा समुदाय ने कर्नाटक के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा के आवास पर किया पथराव

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता बी एस येदियुरप्पा के शिवमोग्गा स्थित आवास पर आरक्षण से संबंधित मुद्दे का विरोध कर रहे बंजारा समुदाय के सदस्यों ने सोमवार को पथराव किया है।

हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए उन पर लाठीचार्ज भी किया। बंजारा समाज अनुसूचित जनजाति समुदाय में आंतरिक आरक्षण की मांग करता रहा है।

बंजारा समुदाय अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय को दिए गए आरक्षण में इंटरनल रिजर्वेशन को लेकर आपत्ति कर रहा है। और शुक्रवार को कर्नाटक भाजपा ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदाय के लिए इंटरनल रिजर्वेशन का ऐलान किया था।

भाजपा द्वारा किए गए ऐलान में अनुसूचित जाति समुदाय को 17 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया, उसे आंतरिक रूप से बांटा गया। इस फैसले के तहत एससी लेफ्ट को 6 फीसदी, एससी राइट को साढ़े 5 फीसदी, टच बेल्स को साढ़े चार फीसदी और अन्य को एक फीसदी देने का फैसला किया गया है।

आपको बता दें, बंजारा समुदाय के मुखियाओं का कहना है कि सदाशिव आयोग की सिफारिश से उनके समुदाय को नुकसान होगा और राज्य सरकार ने इस फैसले को लागू करने की जो सिफारिश केंद्र को भेजी है उसे तुरंत वापस लेना चाहिए। जबकि राज्य सरकार ने ये फैसला सदाशिव आयोग की सिफारिश के आधार पर किया है

पहली बार संसद में विपक्षी दलों की बैठक में टीएमसी हुई शामिल, काले कपड़ो में सांसदों का विरोध प्रदर्शन

विपक्षी दलों ने दिन की रणनीति बनाने के लिए सोमवार को कांग्रेस प्रमुख और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में 17 विपक्षी दलों ने भाग लिया।

बैठक में 17 विपक्षी दलों – आईएनसी, डीएमके, एसपी, जेडीयू, बीआरएस, सीपीएस, सीपीएम, आरजेडी, एनसीपी, सीपीआई, आईयूएमएल, एमडीएमके, केसी, टीएमसी, आप, जम्मू-कश्मीर एनसी और शिवसेना (यूबीटी) ने भाग लिया।

राहुल गांधी के लोक सभा से सांसद के रूप में निलंबन के बाद हुई इस बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो सांसदों ने भी भाग लिया है। सूत्रों के अनुसार तृणमूल कांग्रेस के प्रसून बनर्जी और जवाहर सरकार ने पार्टी का प्रतिनिधित्व किया।

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने टीएमसी के इस बैठक में भाग लेने वाले कदम का स्वागत करते हुए कहा कि जो कोई भी लोकतंत्र की रक्षा के लिए आगे आता है उसका स्वागत है।

अडानी मुद्दे और राहुल गांधी के लोक सभा से निलंबन के मुद्दे पर इस बैठक के दौरान सभी विपक्षी दलों के सांसदों को काले कपड़ों में देखा गया। और विपक्षी दलों ने संसद में गांधी प्रतिमा के सामने विरोध प्रदर्शन भी किया।

अरुणाचल की जेल से दो कैदी उग्रवादी कांस्टेबल की हत्या करने के बाद फरार

एक बड़ी घटना में अरुणाचल प्रदेश में दो उग्रवादी सुरक्षाकर्मी की हत्या कर फरार हो गए हैं। जेल के विशेष प्रकोष्ठ में कैद दो उग्रवादियों ने कांस्टेबल से सर्विस राइफल छीन ली और उसे  फरार हो गए।

जानकारी के मुताबिक यह घटना रविवार शाम करीब पांच बजे की है जब अरुणाचल प्रदेश के तिरप जिले की खोंसा जेल से दो उग्रवादी सुरक्षाकर्मी की हत्या कर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक आतंकी निकी सुमी के नेतृत्व वाले एनएससीएन (के) गुट के हैं। दोनों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी की हत्या कर दी।

अरुणाचल प्रदेश पुलिस के मुताबिक जेल के विशेष प्रकोष्ठ में कैद दो उग्रवादी रोक्सेन होमचा लोवांग और तिप्तु कितनिया ने कांस्टेबल वांगन्याम बोसई से सर्विस राइफल छीन ली। उन्होंने बोसई पर गोली चलाई और जेल से भाग गए।

रिपोर्ट्स के मुताबिक गोली कांस्टेबल के पेट में लगी थी और उसे असम के डिब्रूगढ़ जिले में अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। कितनिया चांगलांग जिले में खारसांग का निवासी है जो कि विचाराधीन कैदी था। तिरप जिले में बोरदुरिया का निवासी लोवांग हत्या के मामले में सजा काट रहा था।

पुलिस के मुताबिक फरार उग्रवादियों की धर पकड़ के लिए अभियान जारी है। इस बीच ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा रही है। फिलहाल फरार उग्रवादियों का कोई पता नहीं चल पाया है।

अडानी की शेल कंपनी में 20 हजार करोड़ रूपये का जो निवेश है वह किसका है? राहुल का सवाल

संसद की सदस्यता से हटाए जाने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज मोदी सरकार पर बड़ा हमला करते हुए सवाल किया है कि अडानी की शेल कंपनी में जो 20 हजार करोड़ रुपये किसी ने निवेश किया गया है वह किसके पैसे हैं ? कांग्रेस नेता ने कहा कि यह पैसा अडानी का नहीं है , पैसा किसी और का है, सवाल ये है कि ये 20 हजार करोड़ रुपये किसके हैं ?

मुख्यालय पर एक प्रेस कांफ्रेंस में काफी आक्रमक अंदाज में दिख रहे राहुल गांधी ने कहा – ‘मैंने संसद में प्रूफ लेकर, मीडिया रिपोर्ट्स निकालीं। अडानी और मोदी जी के रिश्ते के बारे में डिटेल में बोला। ये रिश्ता नया नहीं है, रिश्ता पुराना है। मैंने इसको लेकर सवाल पूछा।’

कांग्रेस नेता ने कहा – ‘मैं किसी चीज से नहीं डरता हूं, आप मुझे जेल में डालकर नहीं डरा सकते, ये मेरा इतिहास नहीं है। मैं हिंदुस्तान के लिए लड़ता रहूंगा। संसद में मुझे बोलने नहीं दिया गया, मैंने संसद के स्पीकर को चिट्ठी भी लिखी, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। संसद से मेरे भाषण हटाया गया, लेकिन मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा।’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा – ‘मोदी मेरे अगले भाषण से डरे हुए हैं। आखिर कोई अडानी को मिले पैसों पर जवाब क्यों नहीं दे रहा है। रक्षा मंत्रालय को भी इस पर सवाल करना चाहिए। यह 20,000 करोड़ रूपये किसके हैं ये पता चलना बहुत जरूरी है।’

कांग्रेस नेता कहा कि ‘जनता समझ चुकी है कि अडानी भ्रष्टाचारी आदमी है, और अब लोगों के मन में ये सवाल आया है कि इस भ्रष्ट आदमी को हिंदुस्तान का प्रधानमंत्री क्यों बचा रहा है ? भाजपा के लोगों ने कहा कि अडानी पर आक्रमण देश पर आक्रमण है, इनके दिमाग में देश अडानी है और अडानी देश है।’  

राहुल गांधी ने कहा कि हिंदुस्तान के लोकतंत्र पर आक्रमण हो रहा है, इसके रोज नए-नए उदाहरण मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘मुझे मारो-पीटो, जेल में डालो, फर्क नहीं पड़ता, मैं सवाल पूछना बंद नहीं करूंगा।’

यह पूछने पर कि भाजपा कह रही है कि ‘क्यों सभी चोरों का समान उपनाम (सरनेम) मोदी ही होता है’ कहकर आपने समुदाय का अपमान किया है, राहुल गांधी ने कहा – ‘मैंने पहले भी कहा है सब समाज एक है, सबको एक होकर चलना है, भाईचारा होना चाहिए, सबमें प्यारा होना चाहिए, नफरत नहीं होनी चाहिए, हिंसा नहीं होनी चाहिए। ये ओबीसी का मामला नहीं है, ये मोदी जी और अडानी जी के रिश्ते का मामला है, मुझे तो इस बात का जवाब चाहिए कि अडानी जी को 20 हजार करोड़ कहां से मिले ?’

राहुल गांधी की सदस्यता ख़त्म करना गांधीवादी विचारधारा से विश्वासघात : अमेरिकी सांसद

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म किये जाने से भारत में ही नहीं विदेशों में भी इसकी गूँज पहुँचने लगी है। ममता बनर्जी से लेकर अरविंद केजरीवाल तक ने जहाँ राहुल गांधी की  किये जाने को लोकतंत्र और विपक्ष को नुक्सान पहुंचाने वाला बताया है वहीं अब एक अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने राहुल गांधी को सदस्यता से अयोग्य घोषित किये जाने को गांधीवादी विचारधारा से ‘गहरा विश्वासघात’ करार देते हुए पीएम मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उधर इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के उपाध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने इसे भारत के लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन बताया है।

रो खन्ना, अमेरिका में भारतीय मूल के प्रभावशाली सांसद है। याद रहे राहुल गांधी को सूरत (गुजरात) की एक अदालत ने 2019 के आपराधिक मानहानि मामले में दोषी करार देते हुए उन्हें दो साल के कारावास की सजा सुनाई थी जिसके बाद राहुल की लोकसभा सदस्यता ख़त्म कर दी गयी। रो खन्ना ने एक ट्वीट में कहा – ‘राहुल गांधी को संसद की सदस्यता से अयोग्य ठहराया जाना गांधीवादी दर्शन और भारत के गहरे मूल्यों के साथ गहरा विश्वासघात है।’

अमेरिकी सांसद ने कहा कि ‘यह वह नहीं है, जिसके लिए मेरे दादाजी ने अपनी जिंदगी के कई साल जेल में कुर्बान कर दिए थे। रो खन्ना अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में सिलिकॉन वैली का प्रतिनिधित्व करते हैं और वह भारत और भारतीय-अमेरिकियों पर अमेरिकी संसद के कॉकस के सह-अध्यक्ष हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है।

रो खन्ना ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “भारतीय लोकतंत्र के हित के लिए आपके पास इस फैसले को पलटने की शक्ति है। वहीं, अमेरिका में इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के उपाध्यक्ष जॉर्ज अब्राहम ने राहुल की सदस्यता ख़त्म करने को भारत में लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन करार दिया।

अब्राहम ने कहा कि यह भारत में लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन है। उन्होंने कहा ‘राहुल गांधी को अयोग्य ठहराकर, मोदी सरकार हर जगह अभिव्यक्ति की आज़ादी और भारतीयों की आज़ादी के लिए मौत की घंटी बजा रही है’।

इस बीच भारत में राहुल गांधी की सदस्यता ख़त्म करने की विपक्षी दलों में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। अभी तक कांग्रेस के खिलाफ दिख रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र को ख़त्म करने और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बताया है

राहुल की सदस्यता ख़त्म होने के बीच कांग्रेस की कर्नाटक में 124 प्रत्याशियों की सूची जारी  

अन्य दलों के मुकाबले पहल करते हुए और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म किये जाने के कुछ ही घंटों के भीतर कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए आज 124 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। पार्टी ने मुख्यमंत्री रहे सिद्धरमैया को वरुणा सीट से मैदान में उतारा है जबकि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार परम्परागत कनकपुरा सीट से लड़ेंगे। कांग्रेस कर्नाटक में अपनी सरकार बनाने की उम्मीद रख रही है। प्रमुख उम्मीदवारों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे भी शामिल हैं।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव किए लिए अभी समय है, लेकिन कांग्रेस ने तेजी दिखाते  हुए पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री जी परमेश्वर को कोराटागेरे आरक्षित (एससी) सीट से उतारा है जबकि मंत्री रहे केएच मुनियप्पा और प्रियांक खरगे क्रमशः देवनहल्ली और चितापुर (एससी) से चुनाव लड़ेंगे। प्रियांक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे हैं।

इन टिकटों का फैसला पार्टी ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की 17 मार्च को दिल्ली में अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई बैठक में किया था। चर्चा के बाद अब उम्मीदवारों की पहली सूची को मंजूरी दे दी गयी है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करने वाली कांग्रेस पहली पार्टी है।

राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद कांग्रेस को लग रहा है कि जनता भाजपा से नाराज है और कांग्रेस के लिए बेहतर माहौल है। अब राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता ख़त्म करने के बाद जनता में राहुल गांधी के प्रति सहानुभूति महसूस कर कांग्रेस को लगता है कि कर्नाटक में भाजपा को हराया जा सकता है। वैसे चुनाव आयोग के इस दक्षिणी राज्य दो महीने में चुनाव तारीखें घोषित करने की संभावना है।