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दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे

नई दिल्ली : किसान आंदोलन 2.0 में दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे हैं, जिसके बाद भगदड़ मच गई है। शंभू बॉर्डर पर यह घटना हुई है, जहां हरियाणा पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों को पीछे धकेल दिया है। सुरक्षाबलों की भारी तैनाती के बीच सड़कें कंक्रीट की दीवारों से बंद कर दी गई हैं।

किसान नेताओं ने आर-पार की जंग का ऐलान करते हुए कह दिया कि, दिल्ली कूच होकर रहेगा… गाजीपुर, सिंघु, संभू, टिकरी समेत सभी बॉर्डर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। वहीं, पुलिस ने भी साफ कर दिया है कि, किसानों की आड़ में उपद्रवियों ने अगर कानून व्यवस्था में खलल डालने की कोशिश की तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर किसान दिल्ली कूच के लिए अड़े हुए हैं। किसानों की जिद को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से लाल किला को बंद करने का फैसला लिया है। लाल किले के मेन गेट पर कई लेयर की बैरिकेडिंग की गई है। गेट पर बस, ट्रक खड़ी कर दी गई जिससे कोई गाड़ी से अंदर आसानी से दाखिल न हो पाए।

किसानों का अंबाला हाईवे पर पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा की ओर ‘दिल्ली चलो’ मार्च जारी है। अपनी मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए पंजाब-हरियाणा शंभू सीमा पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली की ओर बढ़ रहे हैं। शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। शंभू बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े हैं।

तेजस्वी यादव को सुप्रीम कोर्ट से गुजरात निवासियों को ‘ठग’ कहने पर राहत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेजस्वी यादव के गुजराती ठग बयान पर माफीनामा स्वीकार करते हुए आपराधिक मानहानि शिकायत भी रद्द कर दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब अहमदाबाद में तेजस्वी यादव का ट्रायल नहीं चलेगा। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने तेजस्वी यादव को राहत देते हुए यह निर्णय लिया। इसके पहले, गुजरात निवासी हरेश मेहता ने तेजस्वी यादव के बयान पर आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। तेजस्वी यादव ने बीते साल मार्च में दिया था बयान कि ‘अब की परिस्थितियों में सिर्फ ‘गुजराती ही ठग’ हो सकते।

दिल्ली की जनता ने सभी 7 सीटों पर AAP को समर्थन देने का फैसला किया : केजरीवाल

नई दिल्ली:दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर हो रहे AAP और कांग्रेस के बीच गठबंधन के मुद्दे पर AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक रैली में बड़ा बयान दिया है। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की जनता ने इस बार सभी 7 सीटें AAP को देने का मन बना लिया है और उन्होंने भाजपा को डर का सामना करने का आरोप लगाया।

उन्होंने बताया कि AAP ने 10 साल में पंजाब और दिल्ली में सरकार बनाई है और उनके काम से BJP को डर लगता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सिर्फ AAP को कुचलना, खत्म करना, गिरफ्तार करना और बदनाम करना चाहती है, लेकिन जनता AAP के साथ है और उसे डरने की कोई बात नहीं है।

हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी: हाईकोर्ट ने अमेंडमेंट पिटीशन को स्वीकृति दी, अगली सुनवाई 27 फरवरी

झारखंड:पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी द्वारा गिरफ्तारी के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में, प्रार्थी की ओर से दाखिल की गई अमेंडमेंट पिटीशन को स्वीकृति मिली। प्रार्थी के अधिवक्ता ने बताया कि ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी असंवैधानिक है, जवाब में ईडी के अधिवक्ता ने इसका विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत प्रार्थी की ओर से दाखिल की गई अमेंडमेंट पिटीशन को स्वीकृति दी और अगली सुनवाई की तारीख को तय किया, जिसमें ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी की मेरिट पर जवाब देने को कहा गया है। सुनवाई की अगली तारीख 27 फरवरी है।

कतर ने भारत के 8 पूर्व नौसैनिकों को किया रिहा, मिली थी मौत की सजा

नई दिल्ली: कतर की जेल से रिहा हुए भारतीय नौसेना के पूर्व जवानों का भारत में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। 7 जवान 10 फरवरी को भारत पहुंचे, जबकि एक जवान 11 फरवरी को सुबह लौटा। वतन वापसी पर भावुक होकर जवानों ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार के प्रयासों की सराहना की। बताया जा रहा है कि कतर से लौट पूर्व नौसैनिकों ने अपनी सरजमीं पर वापसी करते ही भारत माता की जय के नारे लगाए। भारत लौटे नौसेना के अधिकारी ने अपनी वापसी पर कहा कि पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बिना हमारा फिर से वापस लौटना संभव नहीं था।भारत सरकार ने लगातार हमारी रिहाई के लिए लगातार प्रयास किए थे।
विदेश मंत्रालय का बयान:
भारतीय नागरिकों के कतर से रिहा होकर भारत आने पर स्वागत किया गया। भारत कतर के फैसले का प्रशंसक है कि वहां की सरकार ने भारत सरकार का आग्रह स्वीकार किया। यह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है।

फ्लोर टेस्ट में नीतीश सरकार को बहुमत हासिल

पटना: बिहार में नीतीश कुमार की एनडीए सरकार ने विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है।हालांकि वोटिंग प्रक्रिया से पहले विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया और विश्वास मत के दौरान वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।वोटिंग के अनुसार सरकार के पक्ष में डिप्टी स्पीकर को मिला कर कुल 129 वोट पड़े।वहीं विपक्ष में शून्य वोट पड़े।
विश्वास मत से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि खरीदारी करने की कोशिश हुई पर यह कोशिश सफल नहीं हो पाई। नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि हमसे पहले इनके माता-पिता को 15 साल तक काम करने का मिला।इन्होंने क्या किया। इनके सरकार में कोई सड़क था? ये कहते हैं कि इन्हे मुस्लिम का वोट मिला।जब हम सरकार में आए तो हमने हिंदू-मुस्लिम का झगड़ा बंद कराया।इनके वक्त में शाम होते ही लोग घर से निकालने से डरते थे।वहीं विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के वक्त जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार संबोधन देने के लिए खड़े हुए तो राजद विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुस्सा गए और उन्होंने कहा यह लोग मुझे बोलने देना नहीं चाहते हैं आप वोट करवाइए।इसके बाद तेजस्वी यादव अपने विधायकों के साथ सदन से वॉक आउट कर गए।

महाराष्ट्र में अशोक चव्हाण का कांग्रेस से इस्तीफा

मुंबई:महाराष्ट्र में कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है।पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।पिछले कुछ दिनों में यह तीसरा बड़ा नाम है जिसने पार्टी से इस्तीफा दिया।इससे पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता- बाबा सिद्दीकी और मिलिंद देवड़ा भी पार्टी छोड़ चुके हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को चव्हाण ने महाराष्ट्र के एआईसीसी प्रभारी रमेश चेन्निथला से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनकी पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जा रहे थे।

 

कांग्रेस पार्टी ने अपनी विचारधारा को बहुत पहले छोड़ दिया

खालिद सलीम

मुसलमान कांग्रेस पार्टी से दूर होते चले गए, इसके बावजूद के हिंदुस्तान का विभाजन मजहब की बुनियाद पर हुआ था और मिस्टर मोहम्मद अली जिन्ना ने पाकिस्तान को मजहब की बुनियाद पर हासिल किया था फिर भी हिंदुस्तान में डॉ भीमराव अंबेडकर ने जो कानून बनाया वह मजहब के नाम पर नहीं बना बल्कि उसकी बुनियाद सेकुलरिज्म पर रखी और हिंदुस्तान के हर नागरिक को बराबरी का दर्जा दिया आजादी के बाद कई दहाईयों तक कांग्रेस ही हिंदुस्तान के सत्ता पर काबिज रही नेहरू पटेल मौलाना अबुल कलाम आजाद रफी अहमद किदवई शास्त्री जी जैसे महान लीडरों की वे कांग्रेस जिसने हिंदुस्तान को आजाद कराया था आहिस्ता आहिस्ता सेकुलरिज्म के अपने विचारों से दूर होती चली गई वह अपने उन उसूलों पर क्राइम नहीं रह सकी जिन उसूलों को उसके महान लीडरों ने इसकी बुनियाद का पत्थर बना दिया था ,
मुसलमान का मानना है कि बाबरी मस्जिद का विवाद कांग्रेस की देन है 1949 में बाबरी मस्जिद के अंदर जो मूर्तियां रखी गई थी वहीं से कांग्रेस के सेकुलरिज्म पर सवालिया निशान लग गया था फिर आहिस्ता आहिस्ता वे ताकते जो हिंदुस्तान में मुसलमान को बर्दाश्त करने के लिए किसी भी तरह तैयार नहीं थी और जो पाकिस्तान के बनने में हिंदतानी मुसलमान पर इल्जाम लगाती आ रही है उनको ताकत मिलती चली गई मुसलमान यह समझते हैं कि हिंदुत्व को बढ़ाने में कांग्रेस का सबसे बड़ा हाथ है इसके सबूत में मुसलमानो का दावा है की 6 दिसंबर 1992 में बाबरी मस्जिद को ताकत के जोर पर ढा दिया गया और नरसिम्हा राव की कांग्रेस हुकूमत ने बाबरी मस्जिद को ढाई जाने मेंआ हम रूल अदा किया है मुसलमानौ का यह इल्जाम गलत भी नहीं है एक तरह से देखा जाए तो कांग्रेस पार्टी ने अपनी उस विचारधारा को जो नेहरू पटेल मौलाना अब्ल कलाम आजाद रफी अहमद और शास्त्री जी जैसे महान लीडरों ने बहुत मेहनत से बनाई थी और जिस पर यह सब लोग डटे हुए थे कांग्रेस पार्टी ने आहिस्ता आहिस्ता अपनी उस विचारधारा से पीछा छुड़ा लिया और कांग्रेस पार्टी को यह लगने लगा कि अगर वह उन्ही उसूलों पर और उन्ही विचारों पर चलती रही तो वह हिंदुओं की हिमायत से महरूम हो जाएगी हालांकि यह बात बिल्कुल गलत है आज भी हिंदुस्तान में हिंदुओं की 80% आबादी सेकुलरिज्म पर यकीन रखती है हिंदुओं और मुसलमान और यहां की दूसरी अल्पसंख्यकों के साथ हिंदुओं के अपने जो तालुकात हौ वह बहुत ही बिरादराना और भाईचारे के ताल्लुकात हैं हिंदुस्तान का जो कानून है हिंदुओं की बहु संख्यक इस कानून पर अमल कर रही है और इस पर यकीन भी रखती है लेकिन कांग्रेस के लीडरों को न जाने किस तरह और कब यह पता लगा कि अगर वह नरम हिंदुत्व की पॉलिसी पर नहीं चलेगे तो सत्ता से दूर हो जाएगै सेक्युलरिज्म से दूरी इंदिरा गांधी ने शुरू की थी उनके बाद राजीव गांधी सेकुलरिज्म से दूर होते चले गए उन्होंने कितने ही ऐसे काम किय जो मुसलमानो और सेकुलरिज्म के खिलाफ थे उसके बाद नरसिंह राऊ आए और उन्होंने बहुत सारी ऐसी नीतियो को अपनाया जिनकी वजह से अंदाजा होने लगा कि अब वह कांग्रेस अपनी उस विचारधारा से बहुत पीछे हटती चली जा रही है जिसकी बुनियाद गांधी जी ने नेहरू जी ने पटेल जी ने मौलाना अब्ल कलाम आजाद ने और ऐसे ही दूसरे महान लीडरों ने रखी थी और जिनका मानना था कि हिंदुस्तान एक ऐसा गुलदस्ता है जहां पर तरह-तरह के फूल है और यह फूल सब खिलकर अपनी अपनी खुशबू बखैर रहे हैं और हिंदुस्तान को महका रहे हैं
कांग्रेस पार्टी का अलमिया यह है कि वह अपने दोनों हाथों में लड्डू रखना चाहती है लेकिन उसके दोनों हाथ खाली है जैसा की शायर ने कहा था की ना खुद ही मिला ना विसाल ए सनम ना इधर के रहे ना उधर के रहे ,बाबरी मस्जिद के ढाई जाने के बाद मुसलमान उससे बहुत दूर होते चले गए और यूपी में जहां वह हमेशा सत्ता में रहती थी बाबरी मस्जिद के बाद सता उसके हाथ से ऐसा छिनि के उसकी यूपी में वापसी नहीं हो पाई है और ऐसे ही दूसरी स्टेट से उसको बेदखल होना पड़ा है कांग्रेस के ब्रांड लीडर राहुल गांधी पूरी कोशिश में है कि कांग्रेस के उसी दोर को वापस लाएं जब वह पूरे हिंदुस्तान पर हुकूमत करती थी इस काम के लिए राहुल गांधी बड़ी मेहनत कर रहे हैं मगर उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही है हालांकि वही,कांग्रेस में ऐसे मात्र ऐसे लीडर है जो मोदी जी और आर ऐसे ऐस के विचारों के खिलाफ डटकर बोलते हैं इनके अलावा कांग्रेस में कोई भी ऐसा लीडर नहीं है जो की बीजेपी के हिंदुत्व का मुकाबला करने की पोजीशन में हो अब सवाल यह पैदा होता है की क्या सिर्फ राहुल गांधी कांग्रेस की नैया को पर लगा सकते हैं और क्या वह मौजूदा हिंदुस्तान के हालात में जो फिर का प्रस्तुति और हिंदुत्व की सख्त विचारधारा आगे बढ़ रही है क्या राहुल गांधी उस विचारधारा का और बीजेपी की ताकत का मुकाबला करने के लिए अकेले काफी है और क्या वह हिंदुस्तान की अल्पसंख्यकों को यह यकीन दिला सकते हैं कि कांग्रेस पार्टी उनके हितों का उनकी मान्यताओं का उनके मजहब का और उनके उन तमाम अधिकारों का पालन कर सकते हैं जो उनको हिंदुस्तान का कानून आता करता है हमें लगता है कि अकेले राहुल गांधी के यह बस की बात नहीं है क्योंकि हिंदुस्तान के जो मौजूदा हालात हैं और जिस तरह से यहां अल्पसंख्यकों को खासतौर से मुसलमान को टारगेट बनाया जा रहा है उसमें राहुल गांधी अकेले कुछ नहीं कर पाएंगे चाहे वह कितनी ही भारत जोड़ो यात्राएं कर लें कितने ही वह न्याय यात्राएं निकाल़ले जब तक पूरी कांग्रेस पार्टी अपनी उस विचारधारा को वापस नहीं लाती और खुलकर उन ताकतों का मुकाबला नहीं करती जो हिंदुस्तान में अल्पसंख्यकों के खिलाफ मोर्चा बंद है तब तक मुसलमान या दूसरे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग कांग्रेस पार्टी के साथ नहीं आएंगे इसलिए कांग्रेस पार्टी को हमारा मशवरा है कि वह खुलकर सेक्युलरिज्म का दामन थाम ले और फिर अपनी उन विचार धाराओं को अपना ले जो उसकी बुनियाद में रखे गए थे दोनों हाथों में लड्डू रखने की पॉलिसी को खत्म कर दे ताकि हिंदुस्तान में फिर से सेकुलरिज्म और भाई चेहरे को बढ़ावा मिल सके

पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का हुआ घोषणा

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पीवी नरसिम्हा राव और कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन भारत रत्न दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर इस बाबत जानकारी देते हुए कहा कि इन तीनों लोगों को भारत रत्न दिया जाएगा। चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “हमारी सरकार का यह सौभाग्य है कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जा रहा है। यह सम्मान देश के लिए उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित है।
पीएम मोदी ने लिखा कि उन्होंने किसानों के अधिकार और उनके कल्याण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हों या देश के गृहमंत्री और यहां तक कि एक विधायक के रूप में भी, उन्होंने हमेशा राष्ट्र निर्माण को गति प्रदान की। वे आपातकाल के विरोध में भी डटकर खड़े रहे। हमारे किसान भाई-बहनों के लिए उनका समर्पण भाव और इमरजेंसी के दौरान लोकतंत्र के लिए उनकी प्रतिबद्धता पूरे देश को प्रेरित करने वाली है।
वहीं पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव को भारत रत्न देने का ऐलान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “एक प्रतिष्ठित विद्वान और राजनेता के रूप में, नरसिम्हा राव ने विभिन्न क्षमताओं में भारत की बड़े पैमाने पर सेवा की। उन्हें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और कई वर्षों तक संसद और विधानसभा सदस्य के रूप में किए गए कार्यों के लिए समान रूप से याद किया जाता है। उनका दूरदर्शी नेतृत्व भारत को आर्थिक रूप से उन्नत बनाने, देश की समृद्धि और विकास के लिए एक ठोस नींव रखने में सहायक था।
पीएम मोदी ने कहा कि प्रधान मंत्री के रूप में नरसिम्हा राव गारू का कार्यकाल महत्वपूर्ण उपायों द्वारा चिह्नित किया गया था जिसने भारत को वैश्विक बाजारों के लिए खोल दिया, जिससे आर्थिक विकास के एक नए युग को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, भारत की विदेश नीति, भाषा और शिक्षा क्षेत्रों में उनका योगदान एक ऐसे नेता के रूप में उनकी बहुमुखी विरासत को रेखांकित करता है, जिन्होंने न केवल महत्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाया बल्कि इसकी सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत को भी समृद्ध किया।
वहीं डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का एलन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, “यह बेहद खुशी की बात है कि भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित कर रही है। उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए।
पीएम मोदी ने कहा, “हम एक अन्वेषक और संरक्षक के रूप में और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाले उनके अमूल्य काम को भी पहचानते हैं। डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को बदल दिया है बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है। वह ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैं हमेशा उनकी अंतर्दृष्टि और इनपुट को महत्व देता था।

हल्द्वानी के वनभूलपुरा में तनावपूर्ण माहौल, 4 की मौत, 100 से अधिक घायल

उत्तराखंड: हल्द्वानी के वनभूलपुरा में अवैध मस्जिद और मदरसे के निर्माण ढाहने के खिलाफ प्रशासन और पुलिस के साथ हुए झड़प के बाद, वहां एक समुदाय के लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों और मीडियाकर्मियों पर हमला करके तनावपूर्ण माहौल बना दिया है। इस दौरान हिंसा भड़कने से चार लोगों की मौत हो गई है और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं। प्रशासन ने इंटरनेट सेवाएं रोक दी है और कर्फ्यू लगाया गया है। उपद्रोंकारियों को देखते ही गोली मारने का निर्देश जारी किया है।

उत्तराखंड एडीजी कानून एवं व्यवस्था एसपी अंशुमान ने बताया कि हलद्वानी हिंसा प्रभावित बनभूलपुरा में चार लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हैं। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आदेश दिया है और हाई अलर्ट जारी किया गया है।

हलद्वानी के वनभूलपुरा में अवैध मस्जिद और मदरसे को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप एक समुदाय के लोगों ने हमला किया। हुई घटना में चार लोगों की मौत हो गई है और अब प्रशासन ने स्थानीयता को सुरक्षित रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

उत्तराखंड सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा उपायों को मजबूत करने का आदेश दिया है। घटना के बाद पुलिस ने अलर्ट मोड पर होने वाले किसी भी संघर्ष को रोकने के लिए सख्ती से कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

वनभूलपुरा में हिंसा प्रभावित इलाके में स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था में सुधार करने के लिए कड़ी नजर रखी है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने बचावी के लिए हर संभावना का ध्यान रखते हुए बचाव कार्रवाई की जा रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए सभी समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है और सुरक्षित राह पर चलने के लिए समर्थन मांगा है।
**जिला मगिस्ट्रेट का बयान:**

जिला मगिस्ट्रेट ने बताया कि एक समुदाय के बीच टेंशन को शांति के साथ सुलझाने के लिए सक्रिय पहलू अड़चनें हो रहीं हैं। सभी प्रशासनिक उपायों के साथ हम कोई भी दुर्घटना नहीं होने देंगे और सुरक्षितता सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जा रही है। लोगों से आग्रह है कि वे शांति बनाए रखें और प्रशासन के साथ मिलकर समस्या का समाधान करें। उन्होंने बताया कि उपद्रोंकारियों ने पुलिस कर्मियों को जलाने का प्रयास किया है।अब उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।