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अमेरिकी संघीय अदालत ने विकीलीक्स संस्थापक जूलियन असांजे को रिहा किया

WikiLeaks founder Julian Assange arrives at a United States District Court in Saipan, Northern Mariana Islands, U.S., June 26, 2024. REUTERS/Kim Hong-Ji

वाशिंगटन : उत्तरी मारियाना द्वीप समूह की राजधानी साइपन स्थित एक अमेरिकी संघीय अदालत ने बुधवार को विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। उन्होंने जासूसी अधिनियम के उल्लंघन के एक मामले में अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

न्यायाधीश रमोना मंगलोना ने कहा कि वह एक ‘स्वतंत्र व्यक्ति’ के रूप में अदालत से बाहर निकलेंगे।

न्यायाधीश ने कहा कि पहले ही ब्रिटेन की एक जेल में उनके द्वारा बिताए गये 62 महीने को उनकी सजा के रूप में स्वीकार करना उचित है। न्यायाधीश मंगलोना ने कहा, “आप इस न्यायालय से एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में बाहर निकल सकेंगे।”

इससे पहले, असांजे ने अमेरिकी न्याय विभाग के साथ एक समझौते के तहत अदालत में दोष स्वीकार कर लिया, ताकि आगे की सजा से बचा जा सके और वर्षों से चली आ रही कानूनी लड़ाई समाप्त हो सके।

विकीलीक्स के संस्थापक ब्रिटेन की जेल से रिहा होने के बाद बुधवार सुबह प्रशांत महासागर में स्थित अमेरिकी क्षेत्र के उत्तरी मारियाना द्वीप पर पहुंचे, जहां उन्होंने पांच साल से अधिक समय बिताया था।

अमेरिका में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत और पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड, और ब्रिटेन में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त स्टीफन स्मिथ भी न्यायालय में उपस्थित थे। असांजे अब ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा के लिए उड़ान भरेंगे।

स्पीकर ओम बिरला ने इमरजेंसी की बरसी पर लोकसभा में रखवाया मौन

नई दिल्ली: लोकसभा में आज ओम बिरला स्पीकर बन गए और अपनी पहली ही स्पीच में बिरला ने इंंदिरा सरकार द्वारा लगाई गई इमरजेंसी की बरसी पर जमकर सदन में सुनाया। उन्होंने इमरजेंसी को लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय बताया, कांग्रेस को उसके लिए घेरा और सदन में दो मिनट का मौन भी रखवा दिया। सत्ता पक्ष के सांसदों ने मौन रखा, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष के सांसद हंगामा करते रहे। कांग्रेस सांसदों का आरोप था कि स्पीकर भाजपा का एजेंडा चला रहे हैं।

मौन के बाद स्पीकर ने गुरुवार तक के लिए संसद को स्थगित कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी और सदन के सभी सदस्यों को मुझे फिर से सदन के अध्यक्ष के रूप में दायित्व निर्वाहन करने का अवसर देने के लिए सबका आभार व्यक्त करता हूं। मुझ पर भरोसा दिखाने के लिए भी मैं सभी का आभारी हूं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह 18वीं लोकसभा लोकतंत्र का विश्व का सबसे बड़ा उत्सव है। अन्य चुनौतियों के बावजूद 64 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ चुनाव में भाग लिया। मैं सदन की ओर से उनका और देश की जनता का आभार व्यक्त करता हूं। निष्पक्ष, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव प्रक्रिया संचालित करने के लिए और दूर-दराज के क्षेत्रों में भी एक भी वोट पड़े, यह सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए प्रयासों के लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।’

केंद्र सरकार ने शुरू की 96,238 करोड़ रुपये के टेलीकॉम स्पेक्ट्रम की नीलामी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने मंगलवार को ऐलान किया कि टेलीकॉम सर्विसेज के लिए 96,238.45 करोड़ रुपये के स्पेक्ट्रम की नीलामी शुरू कर दी गई है।

संचार मंत्रालय द्वारा कहा गया कि इसमें अलग-अलग बैंड के 10,522.35 मेगाहर्ट्ज के स्पेक्ट्रम की नीलामी की जाएगी। इसका रिजर्व प्राइस 96,238.45 करोड़ रुपये रखा गया है।

इस नीलामी में 800 मेगाहर्ट्ज, 900 मेगाहर्ट्ज, 1800 मेगाहर्ट्ज, 2100 मेगाहर्ट्ज, 2300 मेगाहर्ट्ज, 2500 मेगाहर्ट्ज, 3300 मेगाहर्ट्ज और 26 गीगाहर्ट्ज बैंड के लिए बोलियां लगाई जाएंगी। ये नीलामी प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है।

इस नीलामी प्रक्रिया में भारती एयरटेल, वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो इन्फोकॉम भाग लेंगी।

1800 मेगाहर्ट्ज वाले बैंड का रिजर्व प्राइस 21,752.40 करोड़ रुपये रखा गया है। वहीं, 800 मेगाहर्ट्ज वाले बैंड का रिजर्व प्राइस 21,341.25 करोड़ रुपये रखा गया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह सरकार की ओर से सभी नागरिकों को किफायती दर पर अच्छी गुणवत्ता की टेलीकॉम सर्विसेज उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

दूरसंचार विभाग की ओर से स्पेक्ट्रम की प्रक्रिया 8 मार्च को शुरू की गई थी।

स्पेक्ट्रम 20 वर्ष की अवधि के लिए दिया जाएगा। बोली जीतने वाली कंपनियों को अगले 20 वर्षों में 20 किस्तों में इसका भुगतान करना होगा। हालांकि, इस दौरान कंपनियों को एनपीवी पर 8.65 प्रतिशत का ब्याज देना होगा।

मंत्रालय ने कहा कि इस नीलामी में खरीदे गए स्पेक्ट्रम को कंपनी न्यूनतम 10 वर्ष बाद सरेंडर कर सकती है। साथ ही कोई स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (एसयूसी) कंपनियों से नहीं लिया जाएगा।

रेलवे ने सफर के दौरान अब यात्रियों को आसानी से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया

नई दिल्ली :  भारतीय रेलवे ने सफर के दौरान यात्रियों को आसानी से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के लिए 61 स्टेशनों पर प्रधानमंत्री जन भारतीय औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इसका मकसद ‘करोड़ों यात्रियों को इमरजेंसी के दौरान रेलवे स्टेशन पर सस्ती कीमत पर दवाएं मिल सके’ है।

पिछले कुछ महीनों में 50 स्थानों पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र सफलतापूर्वक कार्य शुरू कर चुके हैं। इन 50 केंद्रों में पूर्व मध्य रेलवे में पटना जंक्शन, दरभंगा और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर प्रधानमंत्री जन भारतीय औषधि केंद्र कार्य कर रहे हैं। अब इस पहल की सफलता और लोगों के उत्साह को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 61 अन्य स्थानों पर प्रधानमंत्री जन भारतीय औषधि केंद्र के स्टॉल खोलने का निर्णय लिया है। इनमें बिहार के आरा, हाजीपुर, समस्तीपुर, छपरा एवं भागलपुर स्टेशन शामिल हैं। जहां प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे।

इन स्टेशनों पर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के स्टॉल खोलने के इच्छुक लोगों से निविदा आमंत्रित किए जा चुके हैं। चयनित निविदाकर्ता को अगस्त के पहले सप्ताह तक आउटलेट का निर्माण पूरा करते हुए सौंप दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय से न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि लोगों को सस्ती कीमतों पर दवाइयां भी मिलेगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य सभी लोगों, विशेषकर गरीबों और वंचितों के लिए किफायती मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है। जिससे स्वास्थ्य देखभाल में जेब से होने वाले खर्चे को कम किया जा सके। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के तहत विभिन्न उत्पादों में 1963 दवाइयां और 293 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं, जो सभी प्रमुख चिकित्सीय समूहों जैसे कार्डियोवैस्कुलर, एंटी-कैंसर, एंटी-डायबिटिक्स, एंटी-इंफेक्टिव्स, एंटी-एलर्जिक, गैस्ट्रो-आंत्र संबंधी दवाइयां, न्यूट्रास्युटिकल्स आदि को कवर करते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र में कई आयुर्वेदिक उत्पादों को भी शामिल किया गया है और यह लोगों के लिए सस्ती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध हैं। 

मैटरनिटी लीव पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला

*अब इन महिलाओं को भी मिलेगी 6 महीने की छुट्टी

नई दिल्ली  : सरकारी महिला कर्मी सरोगेसी (किराये की कोख) के जरिए बच्चा होने की सूरत में 180 दिन का मातृत्व अवकाश ले सकती हैं। केंद्र सरकार ने इस संबंध में 50 साल पुराने नियम में संशोधन की घोषणा की है। केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियमावली, 1972 में किए बदलावों के अनुसार, ‘अधिष्ठाता मां’ (सरोगेसी के जरिए जन्मे बच्चे को पालने वाली मां) बच्चे की देखभाल के लिए अवकाश ले सकती है और साथ ही ‘अधिष्ठाता पिता’ 15 दिन का पितृत्व अवकाश ले सकता है।

कार्मिक मंत्रालय द्वारा अधिसूचित संशोधित नियमों में कहा गया है, सरोगेसी की दशा में, सरोगेट के साथ ही अधिष्ठाता मां को, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, एक अथवा दोनों के सरकारी सेवक होने की स्थिति में 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जा सकता है। अभी तक सरोगेसी के जरिए बच्चे के जन्म की सूरत में सरकारी महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश देने के लिए कोई नियम नहीं था।

नए नियमों में कहा गया है, सरोगेसी के माध्यम से बच्चा होने के मामले में अधिष्ठाता पिता, जो सरकारी सेवक है, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, उसे बच्चे के जन्म की तारीख से छह माह के भीतर 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जा सकता है।

इन नियमों को 18 जून को अधिसूचित किया गया। इसमें कहा गया है कि सरोगेसी की दशा में, अधिष्ठाता मां, जिसके दो से कम जीवित बच्चे हैं, उसे शिशु देखभाल अवकाश दिया जा सकता है। मौजूदा नियमों से ‘‘किसी महिला सरकारी सेवक और एकल पुरुष सरकारी सेवक’’ को दो सबसे बड़े जीवित बच्चों की देखभाल के लिए जैसे कि शिक्षा, बीमारी और इसी तरह की जरूरत होने पर पूरे सेवाकाल के दौरान अधिकतम 730 दिन का शिशु देखभाल अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) दिया जा सकता है।

लोकसभा स्पीकर के लिए NDA आज करेगा उम्मीदवार का ऐलान

नई दिल्ली : 18वीं लोकसभा के पहले सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन है। पीएम मोदी आज लोकसभा स्पीकर के उम्मीदवार का प्रस्ताव रखेंगे। इसके लिए मंगलवार दिन में 12 बजे तक नाम देना है। अकेले दम पर बहुमत से दूर भाजपा एनडीए के सहयोगी दलों से विचार-विमर्श कर रही है। सदन में ताकत बढ़ने से उत्साहित विपक्षी गठबंधन इंडिया भी सभी विकल्पों पर विचार करते हुए सियासी संदेश देने के लिए चुनावी मुकाबले की स्थिति बना सकता है। ऐसा हुआ तो यह देश के संसदीय इतिहास में पहली बार हाेगा, जब स्पीकर पद का चुनाव हो। आजादी के बाद से अब तक लोकसभा स्पीकर का चयन सर्वसम्मति से होता रहा है।

दरअसल, गठबंधन सरकार में स्पीकर की भूमिका अहम होती है। ऐसे में विपक्ष ही नहीं, एनडीए के बड़े सहयोगी दल भी सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। सोमवार देर रात तक इसे लेकर असमंजस बनी रही थी। केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा, ‘अंतिम फैसला आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू और गठबंधन के नेता करेंगे। एनडीए के एक अन्य सहयोगी दल भाजपा से विचार-विमर्श होने की बात कही है। सूत्रों के अनुसार इस पद के लिए ओम बिरला फ्रंट रनर हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद राधामोहन सिंह, आंध्र से भाजपा सांसद डी. पुरंदेश्वरी और प्रोटेम स्पीकर बने भर्तृहरि महताब का नाम भी चर्चा में है।

1 जुलाई से बदल जाएगा क्रेडिट कार्ड से बिल पेमेंट का तरीका

नई दिल्ली :जुलाई महीना शुरू होते ही क्रेडिट कार्ड से बिल पेमेंट करने वाले लोगों के लिए बड़े अपडेट आ रहे हैं। 1 जुलाई से क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट को लेकर RBI के कुछ नियम लागू होने वाले हैं जिनका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो क्रेडिट कार्ड के जरिए बिल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं। इसका मकसद पेमेंट के प्रोसेस को सुव्यवस्थित करना और इसकी सुरक्षा बढ़ाना है। कुछ प्लेटफॉर्म के जरिये क्रेडिट कार्ड बिल पेमेंट में मुश्किल हो सकती है। इनमें क्रेड, फोनपे, बिलडेस्क जैसे कुछ प्रमुख फिनटेक शामिल हैं।

पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आए तो होगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली : पेट्रोल-डीजल को लंबे समय से जीएसटी के तहत लाने की मांग की जा रही है। अगर ऐसा होता है तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कमी आ सकती है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हुई जीएसटी परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पेट्रोल-डीजल को जीएसटी (गुड्स एंड सर्विसेज) के तहत लाने के सवाल पर कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है। अब राज्यों को इसके बारे में फैसला लेना है और वे साथ आकर दरें तय करें।

दरअसल, पेट्रोल और डीजल पर केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी लगाई जाती है। वहीं, राज्य सरकार द्वारा वैट वसूला जाता है। इसके अलावा ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन मिलाकर अंतिम कीमत आती है। उदाहरण के लिए मौजूदा समय में दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस 55.46 रुपये है। इस पर 19.90 रुपये की एक्साइज ड्यूटी, 15.39 रुपये का वैट लगता है। इसके बाद ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन क्रमश: 20 पैसे और 3.77 रुपये लगता है। ऐसे में अंतिम कीमत 94.72 रुपये निकलकर आती है।

वहीं, दिल्ली में डीजल का बेस प्राइस 56.20 रुपये है। इस पर 15.80 रुपये की एक्साइज ड्यूटी, 12.82 रुपये का वैट लगता है। इसके बाद ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन क्रमश: 22 पैसे और 2.58 रुपये लगता है। ऐसे में अंतिम कीमत 87.62 रुपये होती है। अगर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाता है तो काफी फायदा होगा, क्योंकि जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत है।

दिल्ली में पेट्रोल का बेस प्राइस 55.46 रुपये है। इस पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगा दी जाए तो टैक्स 15.58 रुपये बनता है। अगर ट्रांसपोर्टेशन लागत और डीलर कमीशन क्रमश: 20 पैसे और 3.77 रुपये जोड़ दिए जाए तो अंतिम कीमत 75.01 रुपये बनती है। ऐसे में पेट्रोल 19.7 रुपये प्रति लीटर सस्ता हो सकता है।

अफगानिस्तान में भारी भूस्खलन, 7 लोगों की मौत

काबूल :  पूर्वी अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत के एक गांव में भूस्खलन से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है। सरकारी समाचार एजेंसी बख्तार ने सोमवार को यह जानकारी दी।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, प्रांत के जनिखैल जिले के जकोरगोर गांव में रविवार रात आई प्राकृतिक आपदा में एक घर बह गया।
अफगानिस्तान के सुदूर इलाकों में आज भी ज्यादातर लोग मिट्टी के घरों में रहते हैं। इस कारण भारी बारिश, हिमपात और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय उन्हें नुकसान की आशंका बनी रहती है।

योग दिवस कार्यक्रम के बाद लोगों के बीच पहुंच गए PM मोदी

PM Modi Yoga - 1

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर शहर में 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लोगों के बीच पहुंच गए और उनसे बातचीत की।

बारिश के चलते योग का कार्यक्रम शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) में कराया गया। योग कार्यक्रम की अगुवाई खुद पीएम मोदी ने की। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कन्वेंशन सेंटर के लॉन में पीएम मोदी पहुंच गए जहां करीब 40 मिनट तक उन्होंने लोगों से बात की।

प्रधानमंत्री जब लोगों से बातचीत करने के लिए बाहर आए तो बारिश भी रुक गई।

जब वे लोगों के बीच से गुजरे तो लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। पंक्तियों के बीच से चलते हुए वो कई बार रुके और लोगों के अभिवादन का मुस्कुरा कर जवाब दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान कुछ युवाओं के साथ सेल्फी भी ली।

श्रीनगर में सुबह हुई बारिश के बावजूद योग दिवस समारोह शानदार तरीके से मनाया गया।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार के ऐतिहासिक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर से 50,000 से 60,000 लोगों की भागीदारी पर खुशी जताई।