OpenAI GPT-6 Astra लॉन्च: इंसानों की तरह सोचकर खुद करेगा कंप्यूटर पर काम, जानें कीमत और खासियतें

OpenAI ने GPT-6 Astra लॉन्च किया जो AGI युग की शुरुआत बताता है और कंप्यूटर को खुद चला सकता है
OpenAI के अध्यक्ष Greg Brockman ने GPT-6 Astra को "AGI युग का स्वागत" बताया है।

नई दिल्ली

सैन फ्रांसिस्को स्थित AI कंपनी OpenAI ने गुरुवार (3 सितंबर) को अपना सबसे बड़ा दांव GPT-6 Astra रिलीज कर दिया है  वह मॉडल जिसे कंपनी के अध्यक्ष Greg Brockman ने सीधे-सीधे “AGI युग का स्वागत” बताया। AGI यानी Artificial General Intelligence वह दौर है जिसमें AI सिस्टम अधिकतर आर्थिक कामों में इंसानों से बेहतर परफॉर्म करने लगें  और OpenAI का दावा है कि वह दौर अब शुरू हो चुका है।

लेकिन इस लॉन्च की असली कहानी सिर्फ बेंचमार्क नंबरों में नहीं है। GPT-6 Astra के साथ AI और इंसान के रिश्ते में एक बुनियादी बदलाव दर्ज होता दिख रहा है  अब ChatGPT आपके सवालों के जवाब नहीं देगा, बल्कि आपकी तरफ से कंप्यूटर पर बैठकर काम पूरा करेगा।

माउस-कीबोर्ड छोड़िए, बस काम बोलिए

OpenAI ने GPT-6 Astra को दुनिया का सबसे बेहतर “computer use” मॉडल बताया है। आसान भाषा में  यह AI ब्राउज़र, स्प्रेडशीट, वेबसाइट और डेस्कटॉप ऐप्स को उसी तरह इस्तेमाल कर सकता है जैसे कोई इंसान करता है। फॉर्म भरना, CRM रिकॉर्ड अपडेट करना, कैलेंडर संभालना, वेब रिसर्च करके दस्तावेज़ या ईमेल तैयार करना, Python नोटबुक्स में डेटा एनालिसिस, वेबसाइट बनाकर टेस्ट करना  ये सब अब AI खुद कर सकता है, और वो भी एक साथ कई काम संभालते हुए।

कंपनी के एक प्रमोशनल वीडियो में OpenAI के कर्मचारी सिर्फ आवाज़ से आदेश देते दिखे  एक पीले घेरे को पहले रॉकेट और फिर मिनटों में पूरे 3D गेम में बदलवाते हुए, यहां तक कि eBay पर लिस्टिंग बनवाते हुए। Brockman का तर्क है कि अब तक AI की असली दिक्कत यह थी कि हर ऐप के लिए अलग कनेक्टर और API बनानी पड़ती थी  जबकि हर सॉफ्टवेयर में पहले से इंसानों के लिए इंटरफेस मौजूद है। अब AI उसी इंटरफेस से काम निपटा सकता है।

OpenAI रिसर्चर Mia Glaese ने ब्रीफिंग में कहा, “उम्मीद है कि लोग बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्स काम AI को सौंपेंगे, और इंसान बहुत ऊपरी स्तर पर उस काम की दिशा तय करेंगे।” यानी AI को ‘प्रॉम्प्ट’ देने से लेकर AI को ‘सुपरवाइज़’ करने तक का बदलाव।

आंकड़े देखिए, दावे भी

OpenAI के मुताबिक GPT-6 Astra ने FrontierMath Tier 4 v2 पर 97.6%, GPQA Diamond पर 96% और ARC-AGI-3 पर 98.6% स्कोर किया है। कंप्यूटर-यूज़ बेंचमार्क OSWorld 2.0 पर इसने 72.6% अंक पाए , पिछले मॉडल GPT-5.6 Sol के मुकाबले लगभग 47% कम समय में। कंपनी ने इसे अपना सबसे बड़ा ट्रेनिंग रन बताया  Stargate इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1 लाख DBUs से ज्यादा की ट्रेनिंग, जिसमें पिछले मॉडलों ने खुद अगले मॉडल की निगरानी की।

API पर मॉडल का नाम gpt-6-astra है। कीमत है 10 डॉलर प्रति मिलियन इनपुट टोकन और 50 डॉलर प्रति मिलियन आउटपुट टोकन (स्टैंडर्ड मोड)। Brockman का कहना है कि अब टोकन की कीमत नहीं, ‘प्रति टास्क कीमत’ ही असली मापदंड होगी। फिलहाल यह मॉडल एंटरप्राइज़ ग्राहकों के लिए OpenAI के गेटेड प्रोग्राम ‘Daybreak’ से रोल-आउट हो रहा है, और आने वाले दिनों में ChatGPT Plus, Pro, Business और Enterprise यूज़र्स के साथ-साथ AWS Bedrock और Microsoft Azure पर भी मिलेगा।

‘अल्ट्रॉन बना दिया!’  डाउनटाइम से जन्मी वायरल कहानी

लॉन्च के दिन ड्रामा भी ज्यादा कम नहीं था। 3 सितंबर की शाम ChatGPT, Claude और Grok  तीनों बड़े AI प्लेटफॉर्म एक साथ डाउन हो गए। सोशल मीडिया पर तुरंत मज़ाक और साज़िश के थ्योरी फैल गए  कई यूज़र्स ने Marvel के ‘Avengers’ विलेन अल्ट्रॉन का हवाला देते हुए लिखा कि “हमने सच में अल्ट्रॉन बना दिया”। खैर, इस बात का कोई सबूत नहीं है कि आउटेज और लॉन्च का कोई रहस्यमयी कनेक्शन था  मगर AI को लेकर बढ़ती यही बेचैनी इस लॉन्च की सबसे बड़ी सच्चाई भी है।

खतरनाक क्यों? साइबर सिक्योरिटी वाली चिंता

दिलचस्प बात यह है कि OpenAI खुद इस लॉन्च से पहले महीनों तक इस मॉडल से डरता रहा। Astra OpenAI का पहला मॉडल है जिसने कंपनी के Preparedness Framework में ‘Critical’ साइबर सिक्योरिटी थ्रेशोल्ड को पार किया है,  यानी उचित टूल्स और एक्सेस मिलने पर यह बिना इंसानी मदद के अनजान सुरक्षा खामियां (zero-day vulnerabilities) खोज सकता है और एक्सप्लॉइट तैयार कर सकता है। ExploitBench पर इसने 100% स्कोर किया, और टेस्टिंग के दौरान इसने दो बिल्कुल नई वल्नरेबिलिटीज भी खोजीं, जिन्हें OpenAI ने संबंधित कंपनियों को बताया।

यही वजह है कि अगस्त में Hugging Face के सर्वर पर एक अलग OpenAI मॉडल के हमले की घटना के बाद कंपनी ने करीब दो हफ्ते कुछ फ्रंटियर ट्रेनिंग रोक दी थी और सुरक्षा नियंत्रण कसे थे। अब Astra की सबसे खतरनाक साइबर क्षमताओं को शुरुआत में सिर्फ भरोसेमंद डिफेंडर्स को ‘Daybreak Blue’ प्रोग्राम के तहत दिया जा रहा है  खासकर उन संस्थाओं को जो क्रिटिकल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा करती हैं। OpenAI के मुताबिक एक इंटरनल टेस्ट में पुराने मॉडल ने 48.2% बार अपनी अनुमति की सीमा पार की, जबकि Astra ने 0% मामलों में।

AGI असल में क्या है  एक नंबर या एक दौर?

आलोचकों की कसौटी भी है। ARC-AGI-3 पर 98.6% का स्कोर शानदार है, मगर सवाल उठता है कि आखिर मापा किस चीज़ का जा रहा है  मॉडल का, या उसके इर्द-गिर्द बने पूरे सिस्टम (टूल्स, मेमोरी, ब्राउज़र) का? खुद Brockman मानते हैं, “हर किसी की AGI की परिभाषा अलग है… यह कोई एक तय लम्हा नहीं निकला, बल्कि एक धुंधला, धीरे-धीरे बदलता दौर है।” उनका कहना है कि एक साल बाद पीछे मुड़कर देखने पर यह कहना मुश्किल होगा कि कोई ऐसा वक्त नहीं था जब AGI युग शुरू नहीं हुआ था।

गौर करने वाली बात  OpenAI ने लॉन्च में अपना खुद का GDPval बेंचमार्क (जो असली नौकरियों के कामों पर मॉडलों को आंकता है) शामिल नहीं किया। इसी बीच OpenAI के चीफ साइंटिस्ट Jakub Pachocki ने साफ कहा, “इंटेलिजेंस में प्रगति अलाइनमेंट में प्रगति की गारंटी नहीं”  और उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो कंपनी सेफ्टी के भरोसे के बिना स्केलिंग रोकने को तैयार है।

भारत और आपके लिए इसका मतलब

प्रतिस्पर्धा पहले से ज्यादा है।है  Astra से ठीक पहले Anthropic ने Claude Fable 5.1 और Google ने Gemini 3.8 Flash रिलीज किए। एजेंटिक AI का यह दौर ऑफिस के कामकाज से लेकर सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और साइबर सिक्योरिटी तक हर नौकरी को बदलने की क्षमता रखता है। जिस तरफ से देखिए  अगले कुछ साल AI से बात करने वाला यूज़र ‘आदेश देने वाला’ बनेगा और असली काम करने वाला ‘AI वर्कर’। अब बस यह देखना है कि कंपनियां और सरकारें इतनी ताकतमंद टेक्नोलॉजी पर भरोसा करते-करते कहां तक जाने को तैयार हैं।