देशभर में मनाया गया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, 1947 के पीड़ितों को किया गया याद

नई दिल्ली: देशभर में आज, 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर 1947 में देश के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन तथा असहनीय पीड़ा झेलने वाले परिवारों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विभाजन के दौरान प्रभावित लोगों के संघर्ष, बलिदान और साहस को याद किया जा रहा है। राष्ट्रीय राजधानी सहित कई स्थानों पर स्मरण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर विभाजन से प्रभावित लोगों के साहस और धैर्य को याद किया। उन्होंने कहा कि विभाजन ने अनेक लोगों के जीवन को प्रभावित किया, परिवारों को उजाड़ दिया और लोगों को अपार पीड़ा झेलनी पड़ी। इसके बावजूद अनेक लोगों ने कठिन परिस्थितियों से उबरकर अपने जीवन को फिर से बनाया और देश की प्रगति में योगदान दिया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी विभाजन में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अमित शाह ने 14 अगस्त 1947 को इतिहास के सबसे क्रूर अध्यायों में से एक बताया और विभाजन के दौरान हुई मानवीय पीड़ा को याद किया।

भारत सरकार ने वर्ष 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था। इसका उद्देश्य विभाजन के दौरान हुए व्यापक विस्थापन, हिंसा और पीड़ा को याद करना तथा आने वाली पीढ़ियों को उस दौर की त्रासदी से अवगत कराना है।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस देश के इतिहास के उस दर्दनाक दौर को याद करने और उन लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी का सामना किया।