
सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा 2026 पूरे जोश और शिवभक्ति के साथ जारी है। 30 जुलाई से शुरू हुई इस यात्रा में हर तरफ ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंज रहे हैं। शिवभक्तों के स्वागत और सम्मान के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। कल यानी 8 अगस्त 2026 से सीएम योगी हेलीकॉप्टर के जरिए कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा करेंगे।
8 से 10 अगस्त तक चलेगा विशेष पुष्पवर्षा अभियान
उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रियों के सम्मान में आसमान से फूल बरसाने का एक विशेष प्लान तैयार किया है:
8 अगस्त (शनिवार): सीएम योगी गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस से होते हुए मेरठ तक हवाई सर्वेक्षण करेंगे और मेरठ में कांवड़ियों पर फूल बरसाएंगे। 9 और 10 अगस्त: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख कांवड़ मार्गों और गाजियाबाद के ऐतिहासिक श्री दूधेश्वरनाथ मठ मंदिर पर भी पुष्पवर्षा की योजना है।
सरकार ने इसके लिए 10 घंटे का एक विशाल हेलीकॉप्टर अभियान निर्धारित किया है। सीएम योगी का मानना है कि कांवड़िए केवल श्रद्धालु नहीं हैं, बल्कि वे स्वयं भगवान शिव का स्वरूप हैं।
40 हजार जवानों की तैनाती और कड़ी सुरक्षा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती इस समय केसरिया सैलाब में तब्दील हो चुकी है। 11 अगस्त को होने वाली ‘सावन शिवरात्रि’ पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं:
सुरक्षा बल: गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर से लेकर उत्तराखंड की सीमा तक 40 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी: पूरी यात्रा के दौरान संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। 24×7 कंट्रोल रूम: श्रद्धालुओं की मदद के लिए कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और राज्य परिवहन निगम ने अतिरिक्त बसें भी चलाई हैं।
यातायात और रूट डायवर्जन (Traffic Advisory)
कांवड़ियों की सुरक्षित और निर्बाध यात्रा के लिए दिल्ली और यूपी पुलिस ने विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी लागू कर दी है:
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे-58 (NH-58) पर भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। 4 अगस्त से 12 अगस्त तक मुजफ्फरनगर और हरिद्वार जाने वाले प्रमुख मार्गों पर केवल कांवड़ियों के चलने की अनुमति दी गई है।
कल से शुरू हो रहे मुख्यमंत्री के इस भव्य स्वागत कार्यक्रम ने कांवड़ियों का उत्साह दोगुना कर दिया है। यूपी सरकार की ये तैयारियां बता रही हैं कि आस्था और प्रशासन का बेहतरीन तालमेल कैसे स्थापित किया जाता है।
