Biocon की विरासत को मिला नया चेहरा: किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी को चुना अपना उत्तराधिकारी

भारत की दिग्गज बायोटेक कंपनी बायोकॉन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कंपनी की संस्थापक किरण मजूमदार-शॉ ने अपने बाद की जिम्मेदारी किसे सौंपनी है, इसका फैसला कर लिया है।

किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी को चुना अपना उत्तराधिकारी... | Image Source: Bhaskar
किरण मजूमदार-शॉ ने भतीजी को चुना अपना उत्तराधिकारी... | Image Source: Bhaskar

नई दिल्ली: भारत की मशहूर Biotech Entrepreneur Kiran Mazumdar-Shaw ने अपनी कंपनी के भविष्य को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपनी भतीजी Claire Mazumdar को अपना उत्तराधिकारी चुना है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया है कि वह अभी पद छोड़ने वाली नहीं हैं और आने वाले समय में धीरे-धीरे जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

किरण मजूमदार-शॉ ने Social Media पर खुद इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि क्लेयर समय के साथ उनकी भूमिका संभालेंगी, लेकिन फिलहाल वह कंपनी की कमान अपने हाथ में ही रखेंगी। यह फैसला इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि बायोकॉन जैसी बड़ी कंपनी के लिए एक मजबूत उत्तराधिकार योजना जरूरी होती है।

37 साल की क्लेयर मजूमदार पहले से ही बायोटेक क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्होंने 2018 में एक बायोटेक कंपनी शुरू की थी, जो कैंसर के इलाज पर काम करती है। बाद में इस कंपनी को 2024 में नैस्डैक में भी सूचीबद्ध किया गया। इसके अलावा, क्लेयर कई हेल्थकेयर कंपनियों के बोर्ड में भी शामिल हैं, जिससे उनके अनुभव का अंदाजा लगाया जा सकता है।

अगर किरण मजूमदार-शॉ की बात करें, तो उन्होंने 1978 में बेहद छोटे स्तर से बायोकॉन की शुरुआत की थी। महज 10,000 रुपये से शुरू हुई यह कंपनी आज भारत की सबसे बड़ी बायोटेक कंपनियों में गिनी जाती है। चार दशकों में उन्होंने कंपनी को जिस मुकाम तक पहुंचाया, वह किसी प्रेरणा से कम नहीं है।

किरण मजूमदार-शॉ ने कहा कि एकमात्र प्रवर्तक होने के नाते उनकी जिम्मेदारी थी कि कंपनी सही हाथों में जाए। क्लेयर ने अपनी काबिलियत साबित की है, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी जा रही है। यह भी खास बात है कि बायोकॉन की कमान एक महिला से दूसरी महिला को सौंपने की तैयारी हो रही है।

फिलहाल कंपनी में कोई तुरंत बदलाव नहीं होगा, लेकिन आने वाले समय में नेतृत्व का यह बदलाव धीरे-धीरे दिखेगा।

कुल मिलाकर, बायोकॉन के लिए यह एक अहम और सोचा-समझा कदम है, जो कंपनी के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में उठाया गया है।