Trump vs Pope फिर आमने-सामने: वेटिकन यात्रा से पहले बढ़ा तनाव

अमेरिका और वेटिकन के बीच रिश्तों में एक बार फिर खटास देखने को मिल रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पोप लियो के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, ठीक उस वक्त जब अमेरिकी विदेश मंत्री वेटिकन दौरे पर जाने वाले हैं।

Trump vs Pope फिर आमने-सामने... | (OSV News photo/Guglielmo Mangiapane/Evan Vucci, Reuters)
Trump vs Pope फिर आमने-सामने... | (OSV News photo/Guglielmo Mangiapane/Evan Vucci, Reuters)

नई दिल्ली: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और Pope Leo XIV के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में पोप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बातें दुनिया को ज्यादा असुरक्षित बना रही हैं।

ट्रंप का आरोप है कि पोप की टिप्पणियां ईरान जैसे देशों को बढ़ावा देती हैं, खासकर परमाणु हथियारों के मुद्दे पर। हालांकि, हकीकत यह है कि पोप ने कभी भी ईरान के परमाणु हथियारों का समर्थन नहीं किया है। उन्होंने सिर्फ शांति की अपील की है और युद्ध जैसी स्थितियों से बचने की बात कही है।

पोप लियो ने भी ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए साफ किया कि कैथोलिक चर्च हमेशा से परमाणु हथियारों के खिलाफ रहा है। उनका कहना है कि चर्च का मकसद सिर्फ शांति फैलाना है, न कि किसी राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाना।

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio की वेटिकन यात्रा तय है। इस दौरे का मकसद दोनों पक्षों के बीच रिश्तों को बेहतर करना है, लेकिन ट्रंप और पोप के बीच बढ़ती बयानबाजी ने इस मुलाकात को थोड़ा मुश्किल बना दिया है।

रुबियो ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए कहा कि पूरी दुनिया को ईरान के परमाणु हथियार हासिल करने के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। उन्होंने ट्रंप की बात को इसी संदर्भ में देखा, लेकिन साफ तौर पर किसी टकराव को बढ़ाने से बचते नजर आए।

राजनीतिक जानकार मानते हैं कि ट्रंप के ताजा बयान से वेटिकन और अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है। खासकर तब, जब दोनों पक्षों के बीच संवाद को बेहतर बनाने की कोशिश चल रही हो।

अब सबकी नजर रुबियो की वेटिकन यात्रा पर है, जहां यह तय होगा कि इस बढ़ते तनाव को कम किया जा सकेगा या नहीं।

कुल मिलाकर, यह विवाद सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कूटनीति पर भी इसका असर साफ दिख सकता है।