
तहलका ब्यूरो।
नई दिल्ली/कोलकाता। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आज जब पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार का राजतिलक हुआ, तो सत्ता के इस परिवर्तन के बीच एक बेहद भावुक दृश्य ने सभी का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नवनिर्वाचित शुभेंदु अधिकारी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी के वयोवृद्ध स्तम्भ, 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

98 वर्षीय माखनलाल का मोदी ने लिया आशीर्वाद Pic Credit : narendramodi /Facebook
माखनलाल सरकार केवल एक नेता नहीं, बल्कि भाजपा के वैचारिक सफर का वह जीवित इतिहास हैं, जिन्होंने 1952 में कश्मीर में तिरंगा फहराने के संकल्प के दौरान जनसंघ के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जेल की सलाखें देखी थीं। राष्ट्रवाद की इसी लौ को जलाए रखने वाले इस जमीनी सिपाही को सम्मानित कर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह जीत दशकों के संघर्ष और कार्यकर्ताओं के समर्पण का प्रतिफल है।

मोदी, माखनलाल और सत्ता का ‘संस्कार’…Pic Credit : narendramodi /Facebook
अस्सी के दशक में जब बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर वामपंथ का वर्चस्व था, तब माखनलाल जी ने दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में संगठन को सींचा था। उनकी संगठन के प्रति निष्ठा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस दौर में उन्होंने सात वर्षों तक लगातार जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली, जो पार्टी के सांगठनिक अनुशासन में एक दुर्लभ मिसाल है।
मंच पर उन्हें गले लगाकर हाल-चाल पूछते प्रधानमंत्री की यह तस्वीर आज बंगाल की नई राजनीतिक पारी की सबसे गौरवशाली छवि बन गई है।



