
नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नीत UDF की बड़ी जीत के बाद अब पार्टी के अंदर मुख्यमंत्री पद को लेकर हलचल तेज हो गई है। V. D. Satheesan, K. C. Venugopal और Ramesh Chennithala—ये तीन नाम इस दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने नेता को सीएम बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
UDF ने इस चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 में से 102 सीटें जीतकर करीब एक दशक बाद सत्ता में वापसी की है। कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें जीती हैं, जिससे पार्टी का मनोबल काफी ऊंचा है। अब अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान के हाथ में है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
मुख्यमंत्री की रेस इसलिए भी दिलचस्प हो गई है क्योंकि तीनों दावेदार एक ही समुदाय से आते हैं और सभी अनुभवी नेता हैं। Ramesh Chennithala ने जीत का श्रेय Rahul Gandhi के नेतृत्व को दिया और कहा कि पार्टी की एकजुटता ही जीत की सबसे बड़ी वजह रही।
वहीं V. D. Satheesan के समर्थकों का दावा है कि उन्होंने विपक्ष के नेता के तौर पर UDF को मजबूत किया और जनता के बीच उनकी पकड़ सबसे ज्यादा है। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि उनके पास विधायकों का पूरा समर्थन नहीं है।
दूसरी तरफ K. C. Venugopal के खेमे का मानना है कि मुख्यमंत्री चुनने में सिर्फ लोकप्रियता नहीं, बल्कि विधायकों का समर्थन और संगठन में पकड़ ज्यादा मायने रखती है। वेणुगोपाल का संगठन में मजबूत दखल माना जाता है।
तीनों नेताओं के समर्थक सोशल मीडिया कैंपेन चला रहे हैं और जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम करके अपने नेता की ताकत दिखा रहे हैं। इससे साफ है कि पार्टी के अंदर माहौल काफी गर्म हो चुका है।
कुल मिलाकर, केरल में कांग्रेस की जीत के बाद अब असली मुकाबला पार्टी के अंदर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसका फैसला भले ही हाईकमान करेगा, लेकिन फिलहाल राज्य की राजनीति में सस्पेंस और हलचल दोनों चरम पर हैं।



